ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता का बयान
ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने भारत-चीन सीमा पर विवाद के बीच बयान दिया है कि दोनों देशों को बातचीत करनी चाहिए क्योंकि सीमा पर हिंसा किसी के हित में नहीं है.
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भारतीय सेना ने स्वीकार किया है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुए हिंसक संघर्ष में 20 भारतीय सैनिकों की मौत हुई है.
ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने भारत-चीन सीमा पर विवाद के बीच बयान दिया है कि दोनों देशों को बातचीत करनी चाहिए क्योंकि सीमा पर हिंसा किसी के हित में नहीं है.
शिव सेना के सांसद संजय राउत ने कहा है कि सीमा पर जो कुछ हुआ है उसके लिए आप जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी या फिर राहुल गांधी को ज़िम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं. हम सब 20 सैनिकों की मौत के ज़िम्मेदार हैं. प्रधानमंत्री जो भी फ़ैसला लेंगे सभी पार्टियों को उनका साथ देना चाहिए लेकिन उससे पहले उन्हें यह तो बताना चाहिए कि क्या ग़लत हुआ है.
राहुल गांधी ने चीन सीमा पर भारतीय सैनिकों की मौत पर शोक जताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, “सेना के जिन अधिकारी और जवानों ने हमारे देश के लिए अपनी जानें गवां दी हैं, उनके लिए मैं कितना दुखी हूं, ये शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. उनके सभी प्रियजनों के प्रति मैं अपनी संवेदना ज़ाहिर करता हूं. इस मुश्किल वक़्त में हम आपके साथ हैं.”
भारतीय सेना ने स्वीकार किया है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुए हिंसक संघर्ष में 20 भारतीय सैनिकों की मौत हुई है.
सेना ने बताया कि इस संघर्ष में 17 सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए थे और शून्य से कम तापमान वाले ऊंचाई पर स्थित गलवान इलाके में उनकी मौत हो गई. इससे पहले भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवानों की मौत हो गई थी.
सेना ने मंगलवार रात अपने आधिकारिक बयान में कहा कि गलवान इलाके में अब भारत और चीन दोनों ही देशों के सैनिकों के बीच संघर्ष बंद होगया है. इससे पहले 15 और 16 जून की रात दोनों पक्षों में हिंसक संघर्ष हुआ था.
बयान में कहा गया है कि भारतीय सेना देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए तत्पर है.
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (एनएसएबी) के सदस्य, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) एस एल नरसिम्हन ने बीबीसी संवाददाता जुगल पुरोहित के साथ बातचीत में कहा है कि भारत-चीन सीमा पर ताज़ा झिंसक झड़प की वजह से तनाव घटाने की प्रक्रिया में देरी हो सकती है, लेकिन उसकी वजह से प्रक्रिया पटरी से नहीं उतरेगी.
उन्होंने ये भी कहा कि इस घटना की वजह से लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर अस्थिरता पैदा करने वाली कोई और घटना नहीं होगी.
उन्होंने कहा, ''जब तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं होता है तो ऐसी घटनाएँ होती हैं."
लेफ़्टिनेंट जनरल (रिटा.) नरसिम्हन ने कहा कि चीनी बयानों से लगता है कि वे भी मामले को सुलझाना चाहते हैं.
जब उनसे पूछा गया कि आगे क्या होगा तो उन्होंने कहा, ''किसी नई सहमति की ज़रूरत नहीं है, पुरानी सहमति का ही ठीक से पालन होना चाहिए.''
भारत-चीन सीमा पर हुई हिंसक झड़प पर भारत का कहना है कि चीनी पक्ष की वजह से हिंसा हुई है जिसे टाला जा सकता था.
इस हिंसा में भारत के एक कर्नल और दो सिपाही मारे गए हैं.
भारत का दावा है कि इसमें चीनी सैनिक भी मारे गए हैं लेकिन चीन की तरफ़ से इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
इस घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा, "छह जून को सीनियर कमांडरों की बैठक काफ़ी अच्छी रही थी और उसमें तनाव कम करने की प्रक्रिया पर सहमित बनी थी. इसके बाद मौक़े पर मौजूद कमांडरों की बैठकों का भी सिलसिला चला था ताकि उस सहमति को ग्राउंड लेवल पर लागू किया जा सके जो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बनी थी."
अनुराग श्रीवास्तव ने आगे कहा, "हमें उम्मीद थी कि सब कुछ आसानी से हो जाएगा लेकिन चीनी पक्ष इस सहमति से हट गया कि गलवान घाटी में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) का सम्मान किया जाएगा.15 जून की देर शाम और रात को एक हिंसक झड़प हुई, इसकी वजह ये थी कि चीनी पक्ष ने एकतरफ़ा तरीक़े से मौजूदा स्थिति को बदलने की कोशिश की. दोनों तरफ़ से लोग हताहत हुए, जिसे टाला जा सकता था अगर चीनी पक्ष ने उच्च स्तर पर बनी सहमति ठीक तरह से पालन किया होता.''
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा है कि किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए अब हमारे पास राजनीतिक इच्छा शक्ति भी है और हमारी सेना भी पूरी तरह तैयार है.
भारत-चीन सीमा पर हुई हिंसक झड़प में भारत के एक कर्नल और दो जवानों के मारे जाने के बाद बीजेपी अध्यक्ष ने ये कहा.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए मोहनलाल शर्मा से
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भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प में भारतीय सैनिकों के मारे जाने की ख़बर आने के बाद विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.
कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, ''डियर पीएम, ख़ामोशी अब और स्वीकार्य नहीं, आपको बोलना ही होगा.''
कांग्रेस ने आगे पूछा कि अगर चीनी सैनिक पीछे हट रहे थे तो हमारे (भारतीय ) सैनिक कैसे मारे गए.
किन हालात में भारतीय सैनिक मारे गए?
मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचूरी ने भारत चीन सीमा पर एक अधिकारी और दो जवानों की मौत पर दुख जताते हुए मांग कि है कि सरकार को यह बताना चाहिए कि आख़िर सीमा पर क्या हुआ? उन्होंने यह भी कहा है कि दोनों देशों को आपसी सहमति से शांति स्थापित करने की कोशिश करनी चाहिए.
चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक चीनी विदेश मंत्री ने कहा है कि मौजूदा विवाद का हल बातचीत के ज़रिए होगा और इसके लिए दोनों देश तैयार हो गए हैं. चीनी विदेश मंत्री के मुताबिक दोनों देश सीमा पर शांतिपूर्ण स्थिति कायम रखने के लिए तैयार हो गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन बजे से विभिन्न मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए मीटिंग कर रहे हैं. इस मीटिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे.