अमरीका के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एंथनी फाउची ने चेतावनी दी है कि देश में
कोरोनो वायरस संक्रमण फैलना रुक नहीं रहा है और ऐसे में विदेश यात्रा पर लगी पाबंदी
हटाने में महीनों का वक्त लग सकता है.
जानकारों का मानना है कि यहां लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद कोरोना की दूसरी
लहर का ख़तरा पैदा हो सकता है. लॉकडाउन में राहत दिए जाने के बाद यहां कई शहरों
में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले सामने आ रहे हैं.
इसी साल मार्च के महीने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप, ब्रिटेन, चीन और ब्राज़ील से अमरीका आने वालों पर बैन
लगा दिया था.
अख़बार टेलीग्राफ़ को दिए एक इंटरव्यू में डॉ एंथनी फाउची ने कहा कि हो सकता है
ये पाबंदी तब तक लगी रहे जब तक कारोना वायरस की कोई वैक्सीन न बन जाए. उन्होंने कहा
कि हो सकता है कि इस साल के भीतर देश में स्थिति थोड़ी सामान्य होने लगे, हालांकि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि इस साल सर्दियों तक ऐसा हो पाएगा.
फाउची ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल सर्दियों तक कोरोना का टीका बन जाएगा.
अमरीका में अब तक 20 लाख से अधिक लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं और
115,500 से अधिक की इस वायरस से मौत हो चुकी है.
इधर कोरोना से बुरी तरह प्रभावित रहे न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रू कूमो ने कहा है
कि कोरोना के कारण लगाए लॉकडाउन को हटाना बड़ी ग़लती साबित हो सकती है.
उन्होंने कहा "दुनिया के कई देशों में हम देख रहे हैं
कि लॉकडाउन हटाने के बाद संक्रमण की दूसरी लहर का ख़तरा बढ़ रहा है. विश्व स्वास्थ्य
संगठन, डॉक्टर फाउची और सेन्टर्स फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल इस बारे
में चेतावनी दे रहे हैं. इसके अलावा क्या किसी और की चेतावनी की ज़रूरत है? दुनिया भर में ये दिख रहा है और इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता."