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कोरोना वायरस: चीन ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए बीजिंग में सख़्त की पाबंदियाँ

एक तरफ़ चीन में दोबारा पाबंदियाँ लागू की जा रही हैं, दूसरी तरफ़ यूरोप के कई शहरों में लॉकडाउन या तो हटा लिया गया है या उसमें काफ़ी ढील दी गई है.

लाइव कवरेज

  1. ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था को उबरने में लगेंगे दो साल

    ऑस्ट्रेलिया सरकार ने सोमवार को बिल्डिंग और इनफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की एक सिरीज़ की रूपरेखा पेश की है जिससे अर्थव्यवस्था दोबारा पटरी पर आ सके.

    दूसरे देशों के मुकाबले ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था के जल्दी उबरने का आकलन किया जा रहा है क्योंकि यहां कोरोना वायरस पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया है.

    ओईसीडी की ओर से जारी किए गए आर्थिक अनुमान के मुताबिक,आने वाले महीनों में सभी विकसित देशों की जीडीपी ग्रोथ देखें तो ऑस्ट्रेलिया में सबसे कम गिरावट दिखेगी. यहां बेरोज़गारी के सरकारी आंकड़े को भी 10 फीसदी से घटाकर 8 फीसदी कर दिया गया है.

    हालांकि प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को कोरोना महामारी से पहले वाली स्थिति में पहुंचने में दो साल का वक़्त लगेगा.

  2. सीआरपीएफ़ में संक्रमण के 29 नए मामले

    सीआरपीएफ़ में कोरोना संक्रमण के 29 नए मामले सामने आए हैं. इसी के साथ यहां संक्रमण के कुल मामले 620 हो गए हैं. इनमें से 427 मरीज़ इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं जबकि 189 अब भी संक्रमित हैं. सीआरपीएफ़ के मुताबिक, अब तक कुल चार लोगों की मौत हुई है.

  3. बीजिंग में लगातार दूसरे दिन रिकॉर्ड संख्या में संक्रमण

    चीन में सोमवार को अधिकारियों ने पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 49 नए मामलों की पुष्टि की जिनमें से 36 मामले राजधानी बीजिंग के हैं.

    बीजिंग में लगातार दूसरे दिन रिकॉर्ड संख्या में संक्रमण के मामले सामने आए हैं. एक दिन पहले भी वहाँ इतनी ही संख्या में लोगों के संक्रमण की ख़बर आई थी.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार बीजिंग में हेडियान इलाक़े में एक और थोक मंडी से जुड़े कुछ मामले सामने आए हैं जिसके बाद इस बाज़ार और आस-पास के 10 इलाक़ों में लॉकडाउन लगा दिया गया है.

    इससे पहले पिछले सप्ताहबीजिंग में संक्रमण के नए मामलों का सूत्र वहाँ खाने-पीने के सामानों की एक बड़ी थोक मंडी से जुड़ा पाया गया है.

    शिनफ़ाडी नाम के इस बाज़ार को बंद कर दिया गया है और आस-पास के हज़ारों लोगों का टेस्ट किया जा रहा है और ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है जो या तो इस बाज़ार में गए हों या जिनका बाज़ार के लोगों के साथ कोई संपर्क रहा हो.

    कोरोना महामारी की शुरूआत पिछले साल चीन से ही हुई थी मगर इसे मोटे तौर पर नियंत्रित कर लिया गया.

    लेकिन बीजिंग में पिछले सप्ताह कई नए मामले सामने आए हैं. साथ ही अधिकारियों के अनुसार बीजिंग से लगे हेबेई प्रांत में भी तीन नए मामले सामने आए हैं.

  4. ब्राज़ील में मौतों का आंकड़ा 43 हज़ार के पार हुआ

    ब्राज़ील में कोरोना से हो रही मौतों का आंकड़ा तेज़ी से बढ़ रहा है. रविवार तक यहां कोरोना के कारण कुल 42,720 लोगों की मौत हुई थी जो सोमवार को बढ़ कर 43,330 हो गया है.

    जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के अनुसार दुनिया में सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची में ब्राज़ील अमरीका के बाद दूसरे नंबर पर है. यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या भी बढ़ कर 867,624 हो गई है.

    वो छह देश जहां कोरोना के कारण मौतों की संख्या सबसे अधिक है –

    • अमरीका – 115,730 मौतें
    • ब्राज़ील – 43,332 मौतें
    • ब्रिटेन – 41,783 मौतें
    • इटली – 34,345 मौतें
    • फ्रांस – 29,410 मौतें
    • स्पेन – 27,136 मौतें
  5. हमने पहली लड़ाई जीत ली है - फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों

    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि फ़्रांस ने कोरोना के ख़िलाफ़ पहली लड़ाई जीत ली है और अब कई तरह पाबंदियाँ हटा ली जाएँगी.

    रविवार को कोरोना महामारी के शुरू होने के बाद से देश के नाम अपने चौथे संबोधन में उन्होंने कहा कि तीन महीने लंबे चले लॉकडाउन के बाद अब देश की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने का वक्त आ गया है.

    उन्होंने कहा कि सोमवार से फ्रांस यूरोपीय संघ के शेन्ज़ेन ज़ोन में शामिल पड़ोसी देशों के लिए अपनी सीमाएं खोल देगा.

    पेरिस में बार और रेस्त्रां को खुलने की इजाज़त होगी और वो रेस्त्रां के भीतर उपभोक्ताओं का स्वागत कर सकेंगे. जून 22 तारीख से अनिवार्य रूप से स्कूल खोले जाएंगे और इसके लिए स्कूलों उचित तैयारी करने की ज़रूरत है.

    मैक्रों ने कहा कि "लोग उम्मीद कर सकते हैं कि फिर से हम आम ज़िदगी जीना शुरू करेंगे, लेकिन हमें इस बात ध्यान रखना होगा कि वायरस पूरी तरह ख़त्म नहीं हुआ है. हमें लंबे समय तक वायरस के साथ रहना है और हमें सोशल डजिस्टेन्सिंग के नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा."

    "इस साल की गर्मियां दूसरे सालों से अलग होंगी और अगर वायरस पहले से अधिकत ताकतवर हो कर पलटा तो हमें उस सूरत के लिए भी तैयार रहना होगा. इस महामारी के ख़िलाफ़ हमारी जंग ख़त्म नहीं हुई है लेकिन मुझे खुशी है कि इसके ख़िलाफ़ पहली जंग हमने जीत ली है."

  6. भारत-चीन बॉर्डर पर रोड बनाने झारखंड से गए मज़दूर

    झारखंड के क़रीब 1600 मजदूरों को लेकर दुमका से चली विशेष ट्रेन को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

    इन मजदूरों को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और झारखंड सरकार के बीच हुए क़रार के बाद ले जाया जा रहा है. बीआरओ इन्हें लद्दाख ले जा रहा है, जहां इन्हें चीन की सीमा पर सड़क निर्माण में लगाया जाएगा.

    वीडियोः रवि प्रकाश, बीबीसी हिंदी के लिए

  7. विदेश यात्रा बैन हटाने में महीनों का वक्त लग सकता है - डॉ एंथनी फाउची

    अमरीका के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एंथनी फाउची ने चेतावनी दी है कि देश में कोरोनो वायरस संक्रमण फैलना रुक नहीं रहा है और ऐसे में विदेश यात्रा पर लगी पाबंदी हटाने में महीनों का वक्त लग सकता है.

    जानकारों का मानना है कि यहां लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद कोरोना की दूसरी लहर का ख़तरा पैदा हो सकता है. लॉकडाउन में राहत दिए जाने के बाद यहां कई शहरों में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले सामने आ रहे हैं.

    इसी साल मार्च के महीने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप, ब्रिटेन, चीन और ब्राज़ील से अमरीका आने वालों पर बैन लगा दिया था.

    अख़बार टेलीग्राफ़ को दिए एक इंटरव्यू में डॉ एंथनी फाउची ने कहा कि हो सकता है ये पाबंदी तब तक लगी रहे जब तक कारोना वायरस की कोई वैक्सीन न बन जाए. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि इस साल के भीतर देश में स्थिति थोड़ी सामान्य होने लगे, हालांकि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि इस साल सर्दियों तक ऐसा हो पाएगा.

    फाउची ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल सर्दियों तक कोरोना का टीका बन जाएगा.

    अमरीका में अब तक 20 लाख से अधिक लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं और 115,500 से अधिक की इस वायरस से मौत हो चुकी है.

    इधर कोरोना से बुरी तरह प्रभावित रहे न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रू कूमो ने कहा है कि कोरोना के कारण लगाए लॉकडाउन को हटाना बड़ी ग़लती साबित हो सकती है.

    उन्होंने कहा "दुनिया के कई देशों में हम देख रहे हैं कि लॉकडाउन हटाने के बाद संक्रमण की दूसरी लहर का ख़तरा बढ़ रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन, डॉक्टर फाउची और सेन्टर्स फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल इस बारे में चेतावनी दे रहे हैं. इसके अलावा क्या किसी और की चेतावनी की ज़रूरत है? दुनिया भर में ये दिख रहा है और इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता."

  8. इस लाइव पेज में बीबीसी हिन्दी के सभी पाठकों और दर्शकों का स्वागत है. हम यहां दिन भर कोरोना वायरस की महामारी से जुड़े देश-दुनिया के हर ज़रूरी और बड़े अपडेट्स देंगे. पिछले 24 घंटों के अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें.