विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जारी की मास्क पहनने की नई गाइडलाइन

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डेविड शकमेन
साइंस एडिटर, बीबीसी न्यूज़
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मास्क पहनने से जुड़ी अपनी गाइडलाइन में एक बड़ा बदलाव किया है.
बीते कई महीनों से विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञ इस बात को लेकर पशोपेश में थे कि मास्क पहनने से जुड़ी गाइडलाइन जारी करके लोगों में एक झूठा भाव पैदा होगा कि मास्क उन्हें कोरोना वायरस से बचा लेगा जिससे स्वास्थ्यकर्मियों को मास्क जैसे ज़रूरी उपकरणों की कमी पड़ जाएगी.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों के बीच ये तर्क अभी भी बना हुआ है.
लेकिन इसके बाद भी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये स्वीकार किया है कि संक्रमण के जोख़िम से भरे कुछ नए सबूत सामने आए हैं.
ये सबूत बताते हैं कि लोगों में लक्षण आने से ठीक पहले वे काफ़ी ज़्यादा संक्रमित हो सकते हैं और कुछ लोगों में संक्रमित होने के बाद भी लक्षण नहीं आते हैं.
ऐसे में जहां एक दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाना संभव न हो, जैसे कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बाज़ार और शरणार्थी शिविर आदि, वहां घर के बने मास्क को पहनने की सलाह दी गई है जिससे कि आप वायरस को आगे प्रसारित करने से बच सकें.
साठ साल से अधिक की उम्र और को-मॉर्बिडिटी वाले लोगों को मेडिकल ग्रेड के मास्क पहनने चाहिए.


