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ज़िला स्तर पर नए अस्पताल खोलेगी पश्चिम बंगाल सरकार
प्रभाकर मणि तिवारी
कोलकाता से, बीबीसी
हिंदी डॉट कॉम के लिए
इमेज स्रोत, Sanjay Das
पश्चिम बंगाल में अन्य राज्यों से प्रवासी मज़दूरों की वापसी के साथ तेजी से बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिए ममता बनर्जी सरकार ने कई ज़िलों में नये कोरोना अस्पताल खोलने का निर्णय लिया है.
संबंधित ज़िलों को इसका आदेश दे दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी.
फ़िलहाल राज्य में 69 कोविड-19 अस्पताल हैं. इनमें से 53 निजी क्षेत्र के हैं.
इस अधिकारी ने बताया, “सिलीगुड़ी में बने सौ बिस्तरों वाले कोविड-19 अस्पताल में कूचबिहार ज़िले के 87 मरीज़ भर्ती हैं. वहाँ 20 और बिस्तर बढ़ाये जा रहे हैं. विभिन्न ज़िलों में पहले चरण में कम से कम दस नए अस्पताल खोले जा रहे हैं.”
बीते दिनों प्रवासी मजदूरों की बसों और ट्रेनों से वापसी से पहले कूचबिहार, मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, नदिया और अलीपुरदुआर जैसे कई ज़िले पहले ग्रीन ज़ोन में थे.
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लेकिन प्रवासी मजदूरों की वापसी के बाद वहाँ भी संक्रमण तेज़ी से बढ़ा है.
इन मज़दूरों की भारी तादाद को ध्यान में रखते हुए अब पंचायत स्तर पर क्वारंटीन केंद्र बनाने का काम भी तेज़ कर दिया गया है.
अब तक हर ब्लाक में एक क्वारंटीन सेंटर था. लेकिन प्रवासियों की भीड़ की वजह से वहाँ जगह कम पड़ गई थी.
सरकार ने कूचबिहार ज़िले में एक निजी नर्सिंग होम का अधिग्रहण कर उसे कोरोना अस्पताल में बदलने का काम शुरू कर दिया है. ज़िले में अब तक ऐसा कोई अस्पताल नहीं है.
पर्यटन मंत्री गौतम देब बताते हैं, “तीन-चार दिनों में कूचबिहार में कोविड-19 अस्पताल काम करने लगेगा. अलीपुरदुआर और तीस्ता बाज़ार में भी ऐसे अस्पतालों का काम अंतिम चरण में है.”
राज्य सरकार का अनुमान है कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे पश्चिम बंगाल के प्रवासी मज़दूरों की वापसी में कम से कम 15 दिनों का समय लगेगा.
सरकार इसी बीच तमाम आधारभूत ढांचा तैयार कर लेना चाहती है ताकि आगे कोई समस्या ना हो.
ब्रेकिंग न्यूज़, कोविड-19 के मरीज़ों पर रेमडेसिवीर के इस्तेमाल को भारत सरकार की सशर्त मंज़ूरी
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भारत के शीर्ष दवा नियामक निकाय – केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ)
ने एंटी-वायरल दवा रेमडेसिवीर के उपयोग को मंज़ूरी दे दी है.
अब ये दवा कोविड-19 के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुए लोगों पर आपात स्थिति में इस्तेमाल
की जा सकेगी.
सीडीएससीओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया है कि "अमरीकी
बायोफ़र्म गिलियड साइंसेज़ इस दवा को बनाती है जिसके निर्माण स्थलों से इसे आयात
किया जाएगा."
इस अधिकारी ने बताया है कि "भारत में कोविड-19 के मामले तेज़ी से बढ़ने
के कारण यह निर्णय लिया गया है."
बताया गया है कि "रेमडेसिवीर दवा इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध
होगी और रिटेल में इसकी बिक्री डॉक्टर के पर्चे पर, अस्पताल में इस्तेमाल के लिए
ही हो सकेगी."
अमरीकी बायोफ़र्म गिलियड साइंसेज़ यह दावा करती है कि "कोविड-19
के मामले में रेमडेसिवीर को दुनिया भर के क्लीनिकल ट्रायल्स में, अन्य मौजूदा दवाओं
की तुलना में ज़्यादा प्रभावी पाया गया है."
सीडीएससीओ के अनुसार, विशेषज्ञों की एक कमेटी से परामर्श लेने के बाद ही इस
दवा के इस्तेमाल को मंज़ूरी दी गई है. हालांकि, यह बहुत ही स्पष्ट ढंग से कहा गया
है कि "रेमडेसिवीर का इस्तेमाल सिर्फ़ इमरजेंसी केस में ही किया जाये."
सीडीएससीओ के मुताबिक़,
अब तक तीन भारतीय कंपनियों – सिपला, हेटेरो लैब्स और बीडीआर फ़ार्मा ने भारत में रेमडेसिवीर
के निर्माण और उसकी बिक्री की अनुमति के लिए आवेदन किया है.
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि प्रदेश
में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन हमें चिंता करने की ज़रूरत नहीं हैं
क्योंकि दिल्ली के अस्पतालों में सरकार ने पूरी तैयारी की है.
दिल्ली सरकार ने आज 'दिल्ली कोरोना' नाम का एक एंड्रायड मोबाइल ऐप लांच किया ताकि लोगों को पता चल पाए कि दिल्ली के किस
अस्पताल में इस वक्त कितने बेड खाली हैं, किस अस्पताल में कितने वेन्टिलेटर खाली
हैं.
केजरीवाल ने कहा दिन में दो बार, सवेरे दस बजे और शाम छह बजे इस ऐप में डेटा
अपडेट किया जाएगा.
केजरीवाल का कहना है कि अगर अस्पताल में बेड होने के बावजूद अस्पताल किसी को एडमिट न करे तो आप 1031 पर भी फ़ोन कर सकते हैं.
राहुल गांधी ने कहा- 'मोदी सरकार की बदौलत मिली कबाड़ से एक क़दम ऊपर की रेटिंग'
इमेज स्रोत, Twitter/Rahul Gandhi
कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रेटिंग एजेंसी ‘मूडीज़
इनवेस्टर्स सर्विस’ द्वारा भारत की रेटिंग ‘बीएए-2’ से घटाकर ‘बीएए-3’ किये जाने को
लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधा है.
इस संबंध में मंगलवार को उन्होंने एक ट्वीट किया जिसमें दावा किया गया है कि
अर्थव्यवस्था के संदर्भ में स्थिति इससे ज़्यादा ख़राब होने वाली है.
उन्होंने ट्वीट में लिखा है, "मूडीज़
ने मोदी की अगुवाई में भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति को कबाड़ (जंक) से एक क़दम
ऊपर रेट किया है. ग़रीबों और एमएसएमई क्षेत्र को मदद के अभाव का मतलब यह है कि आगे
हालत और ज़्यादा ख़राब होने वाले हैं."
ग़ौरतलब है कि रेटिंग एजेंसी ‘मूडीज़ इन्वेस्टर्स सर्विस’ ने सोमवार को भारत की रेटिंग ये कहते हुए घटा दी है कि ‘धीमी आर्थिक वृद्धि के कारण पैदा हुए जोखिम को कारगर तरीक़े से ख़त्म करने
वाली नीतियों को लागू करने में नीति-निर्माता संस्थाओं के सामने चुनौतियाँ पेश आने
वाली हैं.’
पिछले दो दशक से भी अधिक
समय में पहली बार भारत की रेटिंग को ‘बीएए-2’ से घटाकर ‘बीएए-3’ कर दिया गया है और ‘बीएए-3’ सबसे निचली निवेश ग्रेड वाली रेटिंग है.
न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री ने कहा- 'हो सकता है अगले सप्ताह से कोई प्रतिबंध ना रहे'
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न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने कहा है कि ‘कोरोना
वायरस महामारी की रोकथाम के लिए लगाये गए सभी प्रतिबंध अगले सप्ताह तक हटाये जा
सकते हैं.’
उनका कहना है कि इसके बाद देश में ‘अलर्ट लेवल-वन’ रहेगा
जिसके तहत सोशल डिस्टेन्सिंग की ज़रूरत नहीं होगी और लोगों के एकत्र होने पर लगी
पाबंदी भी हट जाएगी.
हालांकि उन्होंने यह साफ़ किया है कि ‘देश की सीमाएं फ़िलहाल बद रहेंगी.’
मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि ‘जल्द
से जल्द एक सख़्त लॉकडाउन लागू करने की हमारी रणनीति से फ़ायदा हुआ है. सच कहा
जाये तो कुछ मायनों में यह उम्मीद से भी ज़्यादा है.’
प्रतिबंध कब तक जारी रहें? इस पर जैसिंडा अर्डर्न की कैबिनेट को पहले
22 जून को निर्णय लेना था, लेकिन अब ये बैठक तय वक़्त से पहले, 8 जून को हो रही
है.
मंगलवार को 11 दिन हो गए हैं, जब न्यूज़ीलैंड में कोरोना वायरस संक्रमण का कोई
नया मामला सामने नहीं आया है.
न्यूज़ीलैंड सरकार का मानना है कि यह लगभग सात सप्ताह लंबे सख़्त लॉकडाउन की
वजह से संभव हो पाया है जिसका न्यूज़ीलैंड के नागरिकों ने बड़ी गंभीरता से पालन
किया.
श्रमिक स्पेशल ट्रेन में चार दिन सड़ता रहा शव, किसी को भनक तक नहीं लगी
इमेज स्रोत, HINDUSTAN TIMES VIA GETTY IMAGES
उत्तर प्रदेश में बस्ती के रहने वाले मोहनलाल शर्मा 23 मई को झांसी से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में बैठे थे. ट्रेन गोरखपुर जाकर चार दिन बाद झांसी लौट आई लेकिन मोहनलाल अपने घर नहीं पहुँचे.
झांसी रेलवे यार्ड में ट्रेन की सफ़ाई होने लगी तो सफ़ाईकर्मियों ने ट्रेन के शौचालय में एक एक सड़ी लाश देखी. पड़ताल करने पर पता चला कि ये लाश मोहनलाल की थी. यह त्रासदी अकेले मोहनलाल के साथ नहीं हुई बल्कि श्रमिक ट्रेनों में यात्रा करने वाले कई लोग अपनी जान गँवा चुके हैं.
इनमें से ज़्यादातर मौतें किन वजहों से हुईं, ये सवाल वैसे ही रहस्य बना हुआ है जैसे मोहनलाल शर्मा की मौत का.
झांसी में राजकीय रेलवे पुलिस के डीएसपी नईम ख़ान मंसूरी ने बीबीसी को बताया, "पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किसी तरह की बाहरी चोट नहीं लगी है. विसरा जाँच के लिए भेजा गया है. उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि मौत किस वजह से हुई है."
जिस श्रमिक ट्रेन में मोहनलाल बैठे थे उसे अगले दिन गोरखपुर पहुँचना था और फिर उसी दिन वहाँ से वापस आना था. लेकिन दो दिन की यात्रा को ट्रेन ने चार दिन में पूरा किया.
कोरोना वायरस से जुड़ी सबसे रहस्यमयी और सनसनीखेज़ कहानी
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जैसे जैसे कोविड-19 की महामारी दुनिया भर में बढ़ रही है, वैसे वैसे वैज्ञानिकों को नए कोरोना वायरस के बारे में एक अजीब, मगर बेहद चिंताजनक बात के सबूत पर सबूत मिल रहे हैं.इस वायरस के शिकार होने वाले बहुत से लोगों में खांसी, बुख़ार और स्वाद व गंध का पता न चलने के लक्षण दिखाई देते हैं.
मगर, इससे संक्रमित कई ऐसे भी लोग हैं, जिनमें कोई लक्षण ही नहीं दिखते. और, इसी वजह से उन्हें कभी पता ही नहीं चलता कि वो कोविड-19 की बीमारी अपने साथ लेकर घूम रहे हैं. ये ठीक वैसे ही है, जैसे कोई इंसान अपनी जेब में बम लेकर चल रहा हो, और उसे इसकी ख़बर ही न हो.
कोरोना वायरस पर रिसर्च करने वालों का कहना है कि दुनिया में कितने लोग वायरस से ऐसे संक्रमित हैं कि उनमें लक्षण नहीं हैं, इस बात का पता लगना बेहद ज़रूरी है. क्योंकि इसी से हमें ये पता चलेगा कि क्या ये 'साइलेंट स्प्रेडर' या गुप चुप तरीक़े से वायरस फैला रहे लोग ही महामारी का दायरा बढ़ा रहे हैं.
नए कोरोना वायरस के 'साइलेंट स्प्रेडर' का अंदाज़ा सबसे पहले सिंगापुर के डॉक्टरों को हुआ था. 19 जनवरी को जब सिंगापुर की एक चर्च में लोग सर्विस के लिए जमा हुए थे, तो उन्हें इस बात का क़तई अंदाज़ा नहीं था कि उनकी इस प्रार्थना सभा का असर पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के प्रसार पर पड़ने जा रहा है.
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दिल्ली के सिविल लाइंस इलाक़े में स्थित उप-राज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल के
दफ़्तर में कम के कम 13 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गए हैं.
एलजी ऑफ़िस ने इसकी सूचना दी है.
बताया गया है कि दफ़्तर में एक कर्मचारी के संक्रमित पाये जाने के बाद उनके
संपर्क में आये अन्य कर्मचारियों का भी कोविड-19 टेस्ट कराया गया था जिसमें इन 13
लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले- 'भारत का विकास पटरी पर लौटेगा'
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मंगलवार सवेरे 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रमुख उद्योग चैंबर सीआईआई (कन्फेडेरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री) के सालाना सेशन को संबोधित किया.
इस दौरान वे "विकास को फिर से कैसे पटरी पर लाना है" विषय पर उद्योग से जुड़ी हस्तियों को संबोधित कर रहे हैं.
1 जून 2020 से अनलॉक 1 शुरू होने के बाद अर्थव्यवस्था के मुद्दे से जुड़ी मोदी की ये पहली स्पीच है.
पढ़िए मोदी ने क्या कहा:
इंसान की सबसे बड़ी ताकत होती है कि हर मुश्किल से बाहर
निकल सकता है. कोरोना वायरस ने देश के सामने नई चुनौतियां पेश की. हमें एक
तरफ देशवासियों का जीवन भी बचाना है तो दूसरी तरफ देश की अर्थव्यवस्था को भी
स्टैबिलाइज़ करना है और आगे बढ़ाना है.
हम विकास की राह पर वापिस लौटेंगे और ज़रूर लौटेंगे. मुझे भारत की क्राइसिस मैनेजनमेंट पर भरोसा है. मुझे भारत के
टैलेंट और तकनीक, इनोवेशन और इन्टेलेक्ट, किसानों और एसएमई और इंडस्ट्री के लीडर
पर पूरा भरोसा है. इन सबके सहारे मैं आपसे कह सकता हूं ‘वी विल गेट आवर ग्रोथ बैक‘.
कोरोना ने हमारी गति जितनी भी धीनी भी की हो आज यही सच्चाई
है कि हम लॉकडाउन को पीछे छोड़ कर अनलॉक फेज़ 1 में प्रवेश कर चुके हैं. देश की अर्थव्यवस्था
का एक हिस्सा खुल चुका है और 8 जून के बाद अभी और भी हिस्से खुलेंगे.
गेटिंग ग्रोथ बैक की शुरूआत तो हो चुकी है. कोरोना से लड़ने
के लिए हमने सही समय पर सही कदम उठाए हैं. इस कारण लॉकडाउन का भारत को फायदा हुआ
है. लेकिन इसके आगे क्या होगा इसे लेकर सभी सोच रहे होंगे?
आत्मनिर्भर भारत के बारे में आपने मन में मंथन चल रहा होगा.
कोरोना के ख़िलाफ़ अर्थव्यवस्था को फिर मज़बूत करना हमारी प्राथमिक चुनौतियों में
सबसे पहले हैं.
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आत्मनिर्भर भारत बनने के लिए जो पांच बातें अहम हैं वो हैं:
इन्टेन्ट
इन्क्लूशन
इन्वेस्टमेंट
इन्फ्रास्ट्रकचर
इनोवेशन
हमारे लिए आर्थिक सुधार का मतलब है फैसले लेने का साहस करना और उन्हें लॉजिकल कन्क्लूजन तक ले जाना. बैंक मर्जर हो, जीएसटी हो, इनकम टैक्स ऐसेसनमेन्ट की व्यवस्था – व्यवस्थाओं में सरकार के दखल को हम जितना हो सके कम करने की कोशिश कर रहे हैं.
आज की ग्लोबल स्थति को देखना और समझना ज़रूरी है. दुनिया के देश पहले की तुलना में एक दूसरे का साथ अधिक चाहते हैं. लेकिन इसके साथ ये चिंता भी चल रही है कि पुरानी नीतियां क्या आज कारगर होगी.
ऐसे समय में भारत से दुनिया की उम्मीदें और बढ़ी हैं. पूरे विश्व में भारत के प्रति ट्रस्ट डेवेलप हुआ है इसका फायदा इंडस्ट्रीज़ को उठाना चाहिए.
मैं प्रधानमंत्री के तौर पर आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं. मैं कहना चाहता हूं कि मैं आपके साथ खड़ा हूं. अब भारतीय इंडस्ट्री के पास आत्मनिर्भर भारत का स्पष्ट रास्ता है. इसका मतलब है कि हम और मज़बूत हो कर दुनिया का स्वागत करेगें.
लेकिन इसका मतलब ये भी हैं कि रणनीतिक तौर पर अहम मामलों में स किस पर निर्भर रहें. ये लोगों के लिए रोज़गार बढ़ाने, मज़बूत लोकल सप्लाई चेन बनाने में हिस्सादारी करनी है.
सीआईआई को पोस्ट-कोरोना नई भूमिका में आगे आना है. डोमेस्टिक इंडस्ट्री की रिकवरी को फेसिलिटेट करना है.
देश का आयात कम करने के लिए और कैसे आयात के लक्ष्य कम करने हैं उस पर हमें विचार करने की ज़रूरत है.
तीन महीने के भीतर ही पीपीई किट्स की सैंकड़ों करोड़ की इंडस्ट्री आप लोगों ने खड़ी की है. तीन महीने पहले भारत पीपीई नहीं बनाता था लेकिन आज एक महीने में तीन लाख पीपीई बना रहा है. ये भारतीय इंडस्ट्री का ही सामर्थ्य है.
हमारी सरकार प्राइवेट सेक्टर को विकास का अहम साथी मानती है. आपसे गुज़ारिश है कि हर सेक्टर की एक स्टडी लेकर आए ताकि हम ढ़ाचागत सुधार करने के लिए मिल कर काम कर सकें.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत: बीते 24 घंटे में कोविड-19 के 8,171 नए मामले
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि मंगलवार सुबह तक, भारत में
कोविड-19 के नए मामले सामने आने के बाद आंकड़ा दो लाख के क़रीब पहुँच गया है.
बीते 24 घंटे में:
8,171 नए मामले सामने आये
204 लोगों की कोविड-19 से मौत हुई
इमेज स्रोत, भारत सरकार
भारत में अब तक:
कुल मामले एक लाख 98 हज़ार 706 हुए
5,598 लोगों की कोविड-19 से मौत
97,581 लोगों में संक्रमण अभी भी सक्रिय
95,527 लोग इलाज के बाद पूरी तरह ठीक हो चुके हैं
70,000 से ज़्यादा केस सिर्फ़ महाराष्ट्र में दर्ज हुए हैं
23,000 से अधिक मामले हैं तमिलनाडु में
20,834 मामलों के साथ दिल्ली तीसरे स्थान पर है
अंडमान-निकोबार में कोविड-19 के 33 केस थे, सभी लोग ठीक हो चुके हैं
मिज़ोरम में एक केस था, उसे भी अस्पताल से छुट्टी मिली
महाराष्ट्र में सर्वाधिक – 2,362 लोगों की संक्रमण से मौत हुई
गुजरात कोरोना से मौत के मामले में नंबर दो – 1,063 लोगों की मौत की पुष्टि
मूडीज़ का मूड बिगड़ा, 22 सालों में पहली बार घटाई भारत की रेटिंग - प्रेस रिव्यू
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रेटिंग एजेंसी मूडीज़ इन्वेस्टर्स सर्विस ने सोमवार को भारत की रेटिंग ये कहते हुए घटा दी है कि धीमी आर्थिक वृद्धि के कारण पैदा हुए जोखिम को कारगर तरीके से ख़त्म करने वाली नीतियों को लागू करने में पॉलिसीमेकिंग संस्थाओं के सामने चुनौतियां पेश आने वाली हैं.
अख़बार 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' के अनुसार एजेंसी ने भारत की रेटिंग 'बीएए2' से घटाकर 'बीएए3' कर दिया है. एक बयान जारी कर एजेंसी ने कहा है कि धीमी आर्थिक वृद्धि के कारण जो स्थिति पैदा हुई है उसकी वजह से सरकार की वित्तीय स्थिति बिगड़ सकती है और देश के वित्तीय क्षेत्र में तनाव रह सकता है.
अख़बार के अनुसार, 22 साल पहले भारत के परमाणु परीक्षण करने के बाद मूडीज़ ने 19 जून 1998 में भारत की रेटिंग कम की थी. इसके साथ ही भारत की रेटिंग अब 'एसएंडपी' और 'फिच' की दी गई रेटिंग के बराबर हो गई है. इन दोनों ने भारत को सबसे कम निवेश ग्रेड 'बीबीबी माइनस' में रखा था.
दुनिया भर में
कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 375,513 हो चुका है. वहीं जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी
के डैशबोर्ड के अनुसार दुनिया भर में 62.64
लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं.
अमरीका अब भी
कोरोना से सबसे बुरी तरह प्रभावित देश है जहां 18 लाख से अधिक संक्रमित हैं जबकि 1
लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
वहीं अमरीका के बाद सबसे बुरी तरह प्रभावित ब्राज़ील
में कोरोना से हो रही मौतों का आंकड़ा 30 हज़ार के क़रीब पहुंच चुका है. यहां पांच
लाख से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हैं.
कोरोना के कारण
सबसे प्रभावित देशों की लिस्ट में सातवें नंबर पर मौजूद भारत में बीते 24 घंटों
में कोरोना संक्रमण
के 8,392 ताज़ा मामले सामने आए
हैं. इसी के साथ देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 1 लाख 90 हज़ार के पार चली गई है.
भारतीय स्वास्थ्य
मंत्रालय की ओर से जारी
किए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक भारत में 91,819 लोग कोविड-19 बीमारी से ठीक हो चुके हैं जबकि इस कारण केवल 5,394
मौतें हुई हैं. मंत्रालय का कहना है कि भारत में कोविड-19 की रिकवरी रेट बेहतर होकर 48.19 फीसदी हो गई है. साथ ही डेथ रेट में भी
गिरावट आई है और यह 2.83 फीसदी पर आ गई है. सरकार के अनुसार ये डेथ रेट अमरीका, ब्रिटेन, इटली, फ्रांस की कोविड-19 डेथ रेट के मुकाबले काफी कम है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने कहा है कि कोरोना महामारी विश्वयुद्ध के बाद आया सबसे बड़ा संकट है. उन्होंने कहा "जैसे विश्व युद्ध के बाद दुनिया बदल गई, वैसे ही कोरोना के बाद दुनिया पूरी तरह से
बदल जाएगी."
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वायरस रोकने में मास्क कारगर
अमरीका में हुई एक नई रिसर्च में पता चला है कि मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने से कोरोना वायरस को फैलने से कारगर तरीके से रोका जा सकता है, हालांकि बार-बार हाथों को धोने जैसे कदम से भी थोड़ी मदद मिलती है.
शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोना से बचाव में एन-95 मास्क सबसे कारगर साबित हो सकता है जबकि कपड़े की एक परत के मास्क के मुक़ाबले सर्जिकल मास्क बेहतर काम करता है.
सोमवार के प्रकाशित इस शोध में कहा गया है कि दो लोगों के बीच कम से एक मीटर या तीन फीट की दूरी से कोरोना संक्रमण का ख़तरा कम होत है हालांकि दो मीटर तक की दूरी बनाए रखना बेहतर हो सकता है. शोधकर्ताओं का ये भी कहना है कि इस संबध में अभी और रिसर्च किए जाने की ज़रूरत है.
ट्रंप ने वॉशिंगटन में की सेना तैनात
अमरीकी में बीते छह रातों से जारी प्रदर्शनों पर क़ाबू पाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में सेना तैनात कर दी है. मिनेपोलिस में अफ़्रीकी मूल के अमरीकी नागरिक जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद अमरीका के कई इलाक़ों में हिंसा भड़क उठी है.
ट्रंप का कहना है कि लगातार जारी हिंसा के कारण कोरोना महामारी से जूझ रहे डॉक्टरों और नर्सों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है.
इमेज स्रोत, REUTERS/Lindsey Wasson
नहीं हो रही ट्रंप और फाउची की मुलक़ात
व्हाइट हाउस में कोरोना वायरस पर बने टास्क फोर्स के प्रमुख अधिकारी डॉक्टर एंथनी फाउची ने कहा है कि ट्रंप के साथ अब उनकी कम ही बातचीत होती है.
स्टैटन्यूज़ के एक पत्रकार से उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा कि टास्क फोर्स की बैठकें हाल में नहीं हुई है और हां ये बात सही है कि राष्ट्रपति के साथ उनकी बैठकें अब कम हो गई हैं.
फाउची ने कहा कि पहले रोज़ टास्क फोर्स की बैठक होती थी और उनके बाद राष्ट्रपति के साथ चर्चा होती थी लेकिन अब सप्ताह में चार बार ही उनकी मुलाक़ात राष्ट्रपति से होती है.
फाउची ने पत्रकार को बताया कि ट्रंप से उनकी आख़िरी मुलाक़ात 18 मई को हुई थी.
इमेज स्रोत, REUTERS/Carlos Barria
पाकिस्तान
पाकिस्तान में जारी लॉकडाउन में ढील देने की योजना पर काम कर रहे पाक प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि ये वायरस कहीं नहीं जा रहा और लोगों को इसके साथ रहना सीखना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का बुरा असर देश की अर्थव्यस्था पर पड़ रहा है.
इमरान ख़ान ने कहा कि "ये वायरस अभी और फैलेगा और मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि इस कारण जानें भी जा सकती हैं लेकिन अगर हम अधिक सावधानी बरतें तो हमें इसके साथ जीना आ जाएगा."
ब्रिटेन
ब्रिटेन में हवाई अड्डे खोलने को लेकर संसद में पेश एक नए प्रस्ताव के मसौदे को लेकर सरकार को आलोचना झेलनी पड़ रही है.
इस नए मसौदे के अनुसार हवाई अड्डे खुलने पर देश में आने वाले हज़ारों लोग 14 दिनों के क्वारंटीन के समय के दौरान हवाई अड्डे से सार्वजनिक परिवहन ले सकेंगे, खाना खरीदने के लिए बाहर जा सकेंगे और ज़रूरत पड़ने पर अपने रहने की जगह बदल सकेंगे.
स्पेन
मार्च के बाद से पहली बार स्पेन में बीते 24 घंटों में कोरोना के कारण मौत का एक भी मामला दर्ज नहीं किया है.
इमर्जेंसी हेल्थ रिस्पॉन्स टीम के प्रमुख फर्नांडो सिमोन ने कहा है कि ये अच्छी ख़बर है कि देश में एक दिन में कोऊ मौत नहीं हुई है, हालांकि बीते 24 घंटों में देश में कोरना के केवल 71 नए मामले सामने आए हैं.
जर्मनी
जर्मनी की डिज़ीज़ कंट्रोल एजेंसी ने कहा कि देश में कोरोना के नए 333 मामले सामने आए हैं जबकि 11 मौतें हुई हैं. इसके बाद अब जानकार मान रहे हैं कि देश में कोरोना एक बार फिर सिर उठा सकता है.
मलेशिया
मलेशिया ने कहा है कि बीते 10 दिनों में कोरोना के कारण देश में एक भी मौत नहीं हुई है. सोमवार को देश में कोरोना के 38 नए मामले दर्ज किए गए हैं.
न्यूज़ीलैंड
न्यूज़ीलैंड के स्वस्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि लगातार 11वें दिन देश में कोरोना वायरस के कारण कोई भी मौत नहीं हुई है. मंत्रालय के अनुसार अब देश कोराना का केवल एक ही एक्टिव मामला है.
नीदरलैंड्स
कोरोना संकट के बाद तीन महीनों में पहली बार नीदरलैंड्स में बार और रेस्तरां खोल दिए गए हैं. इसके साथ ही सोशल डिस्टेन्सिंग के कड़े नियमों का पालन करने की शर्त के साथ म्यूज़ियम, सिनेमा घर और थिएटर भी खोल दिए गए हैं.
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए एंटीबायोटिक्स का अधिक इस्तेमाल बैक्टीरिया को और अधिक मज़बूत बना देगा जिस कारण इस संकट के दौर में अधिक मौतें हो सकती हैं.
सोमवार के संगठन के निदेशक टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रिएयसुस ने कहा कि जिन दवाओं से बैक्टीरिया जनित रोगों क इलाज किया जाता था उनके प्रति बैक्टीरिया की प्रतिरोधक शक्ति बढ़ रही है. कोविड-19 महामारी के कारण एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल अधिक हो गया है और इसके नतीजा ये होगा कि धीरे-धीरे बैक्टीरिया इनके प्रति और शक्तिशाली हो जाएंगे. ऐसे में मौजूदा महामारी के दौर में और आने वाले वक्त में बीमारियां और घातक हो सकती हैं
सिंगापुर आज से देगा लॉकडाउन में ढील
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सिंगापुर में चरणबद्ध तरीक़े से लॉकडाउन में छूट देनी शुरू कर दी गई है.
कुछ स्कूली छात्र वापस क्लास में लौट रहे हैं.
उत्पादन और निर्माण क्षेत्र को भी शर्तों के साथ काम शुरू करने की अनुमति दी गई है.
कोरोना महामारी के शुरुाती दिनों में सिंगापुर को वायरस की रोकथाम के मामले में एक कामयाब मॉडल के तौर पर देखा गया था.
लेकिन इस छोटे से देश में अप्रैल में वायरस फिर से फैल गया था जिसके बाद सरकार ने सख़्त क़दम उठाए थे.
दूसरे दौर में वायरस सिंगापुर के प्रवासी श्रमिकों में फैला था.
अब फिर से लॉकडाउन में ढील दी जा रही है.
डीआरसी में सामने आए इबोला के नए मामले
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उधर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो में इबोला वायरस के नए मामले सामने आए हैं.
ये मामले हाल में जहां ये बीमारी फैली थी उससे एक हज़ार से अधिक किलोमीटर दूर मिले हैं.
स्वास्थ्य मंत्री इटेनी लोंगोंडो ने बताया है कि पश्चिमी शहर म्बानडाका में वायरस से चार लोगों की मौत हुई है.
उन्होंने कहा है कि प्रभावित क्षेत्र की लिए डॉक्टर और दवाइयां रवाना किए गए हैं.
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो अप्रैल में इबोला महामारी के अंत की घोषणा करने ही वाला था कि नए मामले सामने आ गए थे.
डीआरसी इबोला के अलावा ख़सरा और कोरोना महामारी से भी जूझ रहा है.
इसराइली प्रधानमंत्री के दफ़्तर में कोरोना
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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के दफ़्तर में कार्यरत एक कर्मचारी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है.
उनके दफ़्तर ने ये जानकारी दी है.
हालांकि प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दफ़्तर की ओर से जारी किए गए बयान में ये नहीं बताया गया है कि वह संक्रमित कर्मचारी के संपर्क में थे या नहीं.
नेतन्याहू सत्तर साल के हैं.
बयान में कहा गया है कि जांच चल रही है जिसके बाद संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे.
इससे पहले भी दो बार नेतन्याहू कोरोना संक्रमण के ख़तरे का सामना कर चुके हैं.
मार्च में उनके एक सलाहकार में संक्रमण की पुष्टि हुई थी जबकि अप्रैल में तत्कालीन स्वासथ्य मंत्री की कोरोना के लिए जांच की गई थी, हालांकि वो नेगेटिव आए थे.
इसराइल में अब तक कोरोना संक्रमण के 17100 मामले सामने आए हैं जबकि 285 मौतों की पुष्टि हुई है. हाल के दिनों में संक्रमण के मामलों की रफ़्तार बढ़ी है.
रेमडेसिविर का बहुत असर नहीं, हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन पर फ़ैसला आज
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कोरोना वायरस का संभावित इलाज मानी जा रही दवा रेमडेसिविर पर हुए प्रयोग से पता चला है कि यह मध्यम लक्षणों वाले मरीज़ों को कुछ राहत देती है. दवा निर्माता कंपनी जीलिएड ने कहा है कि जिन लोगों ने कम अवधि के लिए ये दवा ली उनके नतीजे बेहतर रहे. कंपनी की ओर से इस घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों के दाम चार प्रतिशत तक गिर गए.
इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के ट्रायल को रोकने के अपने फ़ैसले पर आगे क्या करना है इस पर वह मंगलवार को फ़ैसला करेगा.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मलेरिया की इस दवा का समर्थन किया है.
मेडिकल जर्नल लेंसेट में प्रकाशित एक शोध में दावा किया गया था कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल करने वाले मरीज़ों की मृत्यु दर ज़्यादा दी थी. इस शोध के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का ट्रायल रोक दिया था.
दक्षिण अमरीका में स्थिति चिंताजनक
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि मध्य और दक्षिण अमरीका में अभी कोरोना महामारी अपने उच्चतम स्तर तक नहीं पहुंची है. इसी बीच कई देशों ने लॉकडाउन में छूट देनी शुरू कर दी है.
डब्ल्यूएचओ के डॉ. माइक रियान ने कहा कि मध्य और दक्षिण अमरीका में अभी कोविड-19 संक्रमण की स्थिति गंभीर बनी हुई है.
मैक्सिको में अब तक क़रीब दस हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है. इसी बीच यहां खनन शुरू कर दिया गया है. दो महीने के लॉकडाउन के बाद सोमवार से यहां कार उत्पादन और निर्माण कार्यों को फिर से शुरू कर दिया गया.
वहीं ब्राज़ील में साओ पाउलो समेत कई शहरों में ढील दी जा रही है. ब्राज़ील कोरोना संक्रमण के मामलों में अमरीका के बाद दूसरे नंबर पर है. यहां अभी तक 29314 मौतों की पुष्टि हुई है.