क्या गतिविधियां चालू करनी है और क्या बंद करना है ये फ़ैसला केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों पर छोड़ दिया है. केंद्र सरकार ने राज्यों के बीच लोगों के आवागमन के लिए पास की व्यवस्था को भी बंद कर दिया है और लोगों को कहीं भी आने जाने की अनुमति दी है, हालांकि कई राज्य सरकारों ने लोगों के राज्य के भीतर और बाहर आवागमन पर रोक लगाई है और ई-पास की व्यवस्था को जारी रखा है.
आठ जून से मॉल आंशिक तौर पर खोले जाएंगे, रेस्त्रां और होटलों में लोगों के बीच फ़ासले बनाए रखने के लिए सख़्त शर्तें होंगी.
वहीं सलून और नाई की दुकानों को ग्राहकों के बीच दूरा का ध्यान रखते हुए ही खोलने दिया जाएगा.
दिल्ली में अभी 122 कंटेनमेंट ज़ोन हैं जिसकी वजह से शहर के कई इलाक़ों में अभी भी अधिकतर गतिविधियां बंद ही रहेंगी.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को एक बयान में कहा था कि स्थायी तौर पर लॉकडाउन में रहना असंभव है.
वहीं यूपी के गाज़ियाबाद और नोएडा जाने के लिए भी पास अनिवार्य होगा.
उत्तर प्रदेश की सरकार ने राज्य के भीतर यातायात को अनुमति तो दे दी है लेकिन अंतिम फ़ैसला ज़िला प्रशासन पर छोड़ दिया है.
यानी अगर कोई ज़िला चाहेगा तो लोगों के आवागमन को रोक सकता है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा और गाज़ियाबाद में दिल्ली से लोगों के आने-जाने पर रोक रहेगी. सिर्फ़ पास के साथ ही लोगों को आने-जाने दिया जाएगा.
लोगों और सामान के राज्य से बाहर जाने पर भी किसी तरह की रोक नहीं है.
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र भारत में कोरोना संक्रमण से सबसे ज़्यादा प्रभावित है. यहां देश के एक तिहाई से अधिक मामले हैं.
सरकार ने लॉकडाउन को 30 जून तक बढ़ा दिया है. हालांकि सरकार ने मॉल के अलावा सभी दुकानों, बाज़ारों को ऑड-ईविन के आधार पर 5 जून से खुलने की अनुमति दे दी है.
सरकार ने खुले सार्वजनिक स्थानों जैसे समुद्र तट, बीच पार्क आदि में व्यक्तिगत व्यायाम को अनुमति दे दी है. हालांकि ये गतिविधियां सुबह पांच बजे से शाम सात बजे तक ही की जा सकेंगी.
शारीरिक व्यायाम के अलावा और गतिविधियों को अनुमति नहीं है और लोगों से सिर्फ़ आसपास के पार्क में ही जाने के लिए कहा गया है.
इसके अलावा स्वरोज़ार में लगे लोग जैसे प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेस्ट कंट्रोल टेक्नीशियन आदि को सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए मास्क पहनकर काम करने की अनुमति दी गई है.
स्वास्थ्य सेवाओं, दवा दुकानों, आपदा विभाग, पुलिस, एनआईसी, खाद्य विभाग, राजस्व विभाग के अलावा सभी सरकारी दफ़्तरों को पंद्रह प्रतिशत या कम से कम पंद्रह कर्मचारियों के साथ काम करने की अनुमति दी गई है.
राज्य के भीतर सड़क पर यात्री परिवहन की अभी अनुमति नहीं है. टैक्सी, कैब, कार या मोटरसाइकिल को ज़रूरी होने पर ही चलने की अनुमति है.
ज़िलों के बीच और ज़िले के भीतर बसें बंद रहेंगी.
महाराष्ट्र में धर्मस्थल भी बंद रहेंगे. वहीं शहरी क्षेत्र में सिर्फ़ ज़रूरी उद्योग ही चलेंगे जबकि ग्रामीण क्षेत्र में ओद्योगिक और कृषि गतिविधियों को पहले ही अनुमति दे दी गई थी.
हालांकि महाराष्ट्र में अभी सलून और नाई की दुकानें बंद ही रहेंगी.
कर्नाटक की सरकार ने भी राज्य के भीतर और राज्यों के बीच लोगों के आवागमन की छूट दी है.
कर्नाटक में आठ जून से धर्मस्थलों, होटलों, रेस्त्रां और शॉपिंग मॉल को खुलने की अनुमति होगी.
छत्तीसगढ़ में राज्य के भीतर बिना अनुमति के लोगों के आवागमन पर अभी रोक रहेगी. यानी यहां पास की ज़रूरत होगी.
कंटेनमेंट ज़ोन में सिर्फ़ ज़रूरी सेवाओं को ही चलने दिया जाएगा.
सभी ग़ैर प्रतिबंधित दुकानों को सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक खुलने की अनुमति है.
हालांकि शॉपिंग मॉल अभी बंद ही रहेंगे.