कोरोना अपडेटः केंद्र और राज्य द्वारा उठाए गए क़दमों में ख़ामियां: प्रवासी मज़दूरों पर सुप्रीम कोर्ट
देशभर में फंसे प्रवासी मज़दूरों की स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है और केंद्र एवं राज्यों को नोटिस जारी किया है.
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भारत में कोविड-19: 6,500 के औसत से रोज़ हो रही वृद्धि, एक लाख 45 हज़ार से ज़्यादा हुए मामले

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 6,535 नए मामले दर्ज किये गये हैं जिन्हें मिलाकर भारत में इस वायरस से संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 1 लाख 45 हज़ार 380 हो गई है.
इन लोगों में से 80 हज़ार से ज़्यादा लोग अभी ‘सक्रिय केस’ हैं यानी वो लोग जिनके शरीर में संक्रमण का असर है.
मंत्रालय के अनुसार, कुल संक्रमितों में से 60 हज़ार से ज़्यादा लोग इलाज या आराम करने के बाद पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, जबकि 4,167 लोग कोविड-19 के गंभीर रूप लेने के कारण मर चुके हैं.
- राज्यों में महाराष्ट्र की स्थिति सबसे ख़राब है, वहाँ लगातार नए केस सामने आ रहे हैं और संक्रमित लोगों की संख्या अब बढ़कर 52,667 हो गई है जिनमें से 1695 लोगों की कोविड-19 से मौत हो चुकी है.
- तमिलनाडु दूसरे स्थान पर है जहाँ संक्रमण के मामले अब 17,082 हो चुके हैं और मरने वालों की संख्या 118 हो गई है.
- इनके बाद गुजरात में कोविड-19 के 14,460, दिल्ली में 14,053 और राजस्थान में 7,300 केस दर्ज हो चुके हैं.
भारत में उड़ानें शुरू, पाँच साल के बच्चे ने अकेले किया सफ़र

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पाँच साल के विहान शर्मा जो पिछले तीन महीने से अपने परिवार से दूर, दिल्ली में फंसे थे, वे सोमवार को दिल्ली-बेंगलुरु की फ़्लाइट से अपनी माँ के पास पहुँच सके.
मार्च में लॉकडाउन की शुरुआत के बाद से ही सभी घरेलू उड़ानें बंद थीं जिन्हें सोमवार को शुरू किया गया है.
सोमवार को जब विहान बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पहुँचे तो उनकी माँ वहाँ इंतज़ार कर रही थीं.
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में विहान की माँ ने कहा, “वो दिल्ली से अकेले आया है.”

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एजेंसी ने जो तस्वीरें जारी की हैं, उनमें देखा जा सकता है कि विहान ने अपने हाथ में ‘स्पेशल कैटेगरी’ यानी विशेष श्रेणी का कार्ड ले रखा था.
दरअसल, विहान कुछ दिन की छुट्टियों में दिल्ली अपने दादा-दादी से मिलने आये थे, लेकिन लॉकडाउन की वजह से उन्हें तीन महीने तक अपने माँ-पिता से दूर रहना पड़ा.
न्यूज़ीलैंड में सिर्फ़ एक कोरोना मरीज़ अस्पताल में

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न्यूज़ीलैंड में इस समय सिर्फ़ एक ही कोरोना संक्रमित अस्पताल में है और पूरे देश में सिर्फ़ 22 मामले हैं.
क़रीब पचास लाख लोगों के इस देश में अब तक कोरोना संक्रमण के 1500 मामले सामने आए हैं और 21 लोगों की मौत हुई है.
अधिकारियों को भरोसा है कि उन्होंने देश में घरेलू संक्रमण के चक्र को तोड़ दिया है.
मई महीने में नए मामले सामने नहीं आ रहे हैं. न्यूज़ीलैंड के अधिकतर हिस्सों से लॉकडाउन हटा दिया गया है.
लेकिन जब न्यूज़ीलैंड अपनी सीमा को विदेशी नागरिकों के लिए खोलेगा तो हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं.
कोरोना, लॉकडाउन और महानगरों की बेरुख़ी ने बढ़ाई खेती के प्रति इन युवाओं की दिलचस्पी
ब्रेकिंग न्यूज़, दक्षिण कोरिया: लॉकडाउन के उल्लंघन पर चार महीने की जेल

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दक्षिण कोरिया में क्वारंटीन के नियमों का कई बार उल्लंघन करने पर एक अदालत ने एक युवक को चार महीने क़ैद की सज़ा सुनाई है.
देश में अपनी तरह का यह पहला मामला है. मिस्टर किम नाम के इस व्यक्ति को क्वारंटीन की अवधी पूरी होने से दो दिन पहले अपने घर से बाहर जाते हुए पकड़ा गया था. उन्हें एक रिहाइश केंद्र ले जाया गया जहां से उन्होंने भागने की कोशिश की.
- राजधानी सोल के कई नाइटक्लबों में से संक्रमण बढ़ने के बाद दक्षिण कोरिया क्वारंटीन नियमों के उल्लंघन पर और सख़्त नियम लागू करने पर विचार कर रहा है.
कोरोना: भूख से जूझते अमरीका का हाल
उत्तर प्रदेशः योगी आदित्यनाथ ने मज़दूरों को दिलाया भरोसा
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राज्य लौटने के लिए इच्छुक मज़दूरों को राज्य में रोज़गार देने का भरोसा दिलाया है.
उन्होंने कहा है, "घर वापस आने वाले कामगार/श्रमिक बहनों-भाइयों की 'स्किल मैंपिंग' कर पहली सूची तैयार है. सभी जनों को अब प्रदेश में ही रोजगार मुहैया कराने लिए 'कामगार/श्रमिक(सेवायोजन एवं रोजगार) कल्याण आयोग' के गठन की तैयारी शुरू कर दी गयी है. अब इनका हुनर,दक्षता व मेहनत जन्मभूमि को अभिसिंचित करेगी."
इससे पहले उनके एक बयान पर विवाद छिड़ गया था.
24 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि प्रदेश में अब तक 23 लाख प्रवासी कामगार और श्रमिकों को दूसरे राज्यों से लाया गया है. इनमें बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से आने वाले लोग भी शामिल हैं.
योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''मुंबई से आने वाले जो भी कामगार हैं उनमें से 75 फ़ीसदी ऐसे हैं जिनमें संक्रमण है. दिल्ली से आने वाले कामगारों में 50 फ़ीसदी ऐसे हैं जिनमें संक्रमण है. अन्य राज्यों से आने वालों में 20 से 30 फीसदी लोग व्यापक संक्रमण की चपेट में हैं. हमारे लिए एक चुनौती बनी हुई है लेकिन मज़बूती के साथ हमारी टीमें पूरी तरह जुटी हुई हैं.''
उन्होंने कहा कि 75 हज़ार से अधिक मेडिकल टीमें काम कर रही हैं. जो केवल स्क्रीनिंग का काम कर रही हैं. मेडिकल स्क्रीनिंग, टेस्टिंग और उसके साथ-साथ उपचार की जो कार्रवाई चल रही है अलग-अलग अस्पतालों में उसी का परिणाम है कि हम इस महामारी को काफ़ी हद तक रोक पाए हैं और आगे भी करेंगे.
कोरोनाः जहाँ कम हो रहे मामले, वहाँ भी है दूसरी लहर का ख़तरा

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इमेज कैप्शन, फिलीपींस की राजधानी मनीला में लॉकडान के दौरान एक झुग्गी बस्ती में रह रहे लोग. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेताया है कि जिन देशों में कोरोना संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं अगर वहां संक्रमण रोकने के लिए उठाए गए क़दमों को जल्दबाज़ी में वापस लिया जाता है तो 'संक्रमण तुरंत दोबारा बढ़ सकता है.'
डब्ल्यूएचओ के इमरजेंसीज़ हेड डॉक्टर माइक रेयान ने कहा है कि दुनिया अभी संक्रमण की पहली लहर से ही जूझ रही है.
उन्होंने कहा कि कुछ देशों में संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं लेकिन अभी भी मध्य और दक्षिण अमरिका, अफ्रीका और दक्षिण एशिया में मामलों की तादाद बढ़ रही है.
डॉ. रेयान ने ये भी कहा कि महामारी कई बार अलग-अलग लहरों में आती है जिसका मतलब ये भी है कि जिन देशों में पहली लहर पस्त हो गई है वहां इसी साल बाद में दोबारा मामले बढ़ सकते हैं.
उन्होंने कहा कि अगर रोकथाम के कदमों को तुरंत हटा लिया जाता है तो दूसरी लहर जल्दी ही आ सकती है.
डॉ रेयान ने कहा, "जब हम दूसरी लहर की बात करते हैं तो हमारा मतलब ये होता है कि बीमारी की पहली लहर तो अपने आप ही आती है और फिर कुछ महीने बाद ये बीमारी फिर से आ जाती है."
'रोकथाम जारी रखना ज़रूरी'
उन्होंने कहा, "हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा बीमारी कभी भी तेज़ फैल सकती है. अगर बीमारी अभी कम हो रही है तो हम इससे ये नतीजा नहीं निकाल सकते कि ये कम ही होती जाएगी."
उन्होंने कहा कि उत्तरी अमरीका और यूरोप के देशों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उठाए गए क़दमों को जारी रखना होगा ताकि संक्रमण का ग्राफ गिरता जाए और तुरंत दूसरा सर्वोच्च स्तर न आए.
यूरोप के कई देशों और अमरीका के कई प्रांतों ने लॉकडाउन में छूट दी है. लॉकडाउन से कोरोना के संक्रमण को रोकने में मदद तो मिली है लेकिन अर्थव्यवस्थाओं को भारी चोट पहुंची है.
मक्का को छोड़कर पूरे सऊदी अरब में लॉकडाउन से राहत

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सऊदी अरब में गुरुवार से लॉकडाउन में राहत देने का फ़ैसला किया गया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक मक्का को छोड़कर पूरे देश से कर्फ्यू ख़त्म किया जा रहा है.
हालांकि मक्का में कर्फ्यू ख़त्म करने का फ़ैसला 21 जून से लागू होगा.
साथ ही 31 मई के बाद से घरेलू उड़ानों पर लगी रोक और मस्जिदों में नमाज़ पर प्रतिबंध को भी हटा लिया जाएगा.
लोगों को सार्वजनिक और निजी कंपनियों के दफ़्तरों में काम पर जाने की अनुमति भी होगी.
मक्का में कर्फ्यू का समय दोपहर तीन बजे से सुबह छह बजे तक रहेगा.
21 जून के बाद से मस्जिदों में नमाज़ पढ़ने की अनुमति होगी.
ब्रितानी पीएम के सलाहकार को लॉकडाउन के दौरान यात्रा का अफ़सोस नहीं

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ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के मुख्य सलाहकार डोमिनिक कमिंग्स ने कहा है कि उन्हें लॉकडाउन तोड़कर लंदन से 260 मील दूर ड्राइव करके जाने पर कोई अफ़सोस नहीं है.
कमिंग्स ने कहा है कि पत्नी में कोविड-19 के लक्षण दिखने के बाद डरहम काउंटी जाने के फ़ैसले के बारे में उन्होंने प्रधानमंत्री को नहीं बताया था. कमिंग्स का कहना है कि उन्हें लगता है कि उन्होंने क़ानून के दायरे में रहते हुए सही काम किया.
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि वो इस बारे में लोगों के 'ग़ुस्से, दर्द और अनिर्णय की स्थिति' को समझते हैं और उन्हें लगा कि लोगों को कमिंग्स की बात भी सुननी चाहिए.
प्रधानमंत्री ने जहां अपने सलाहकार का बचाव किया है, विपक्षी लेबर पार्टी और लिबरल डेमोक्रेट पार्टी ने दोनों नेताओं पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है.
ब्रिटेन में अब तक कोरोना संक्रमण से 36914 लोगों की मौत हो चुकी है.
यात्रा के बारे में जानकारी सार्वजनिक होने के बाद से कमिंग्र मीडिया और विपक्षी दलों के निशाने पर थे. सत्ताधारी कंज़रवेटिव पार्टी के कुछ नेताओं ने भी उनकी आलोचना की है.
अपने बयान में कमिंग्स ने कहा है कि पत्नी के बीमार पड़ने के बाद वो 27 मार्च को प्रधानमंत्री कार्यालय से अपने घर गए थे और कुछ घंटे बाद ही काम पर लौटे थे.
उन्होंने ये भी बताया कि उसी शाम वो लंदन से डरहम काउंटी के लिए कार से गए और अपने पिता के फार्महाउस पर रुके. उन्होंने बताया कि 28 मार्च को उन्हें कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखे.
अप्रैल को वो अपनी पत्नी और बेटे को अस्पताल से घर लेकर आए और 13 अप्रैल को कार चलाकर वापस लंदन लौटे. आलोचना के बाद कमिंग्स ने कहा है कि उन्होंने जो भी किया उसका उन्हें कोई अफ़सोस नहीं है.
दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामले 55 लाख के क़रीब

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दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामले 55 लाख के करीब हो गए हैं. जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार कोविड-19 की महामारी की वजह से दुनिया भर में अब तक 346,209 लोगों की मौत हो चुकी है.
यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक़ संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 54,93,482 है.
कोरोना वायरस से सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाले देशों की सूची में अमरीका सबसे ऊपर है, जहां 16,62,250 लोग संक्रमित हुए हैं और 98,218 लोगों की मौत हुई है. संक्रमण के मामले में ब्राज़ील और रूस की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.
ब्राज़ील में एक दिन में अमरीका से ज़्यादा मौतें
- ब्राज़ील में पहली बार चौबीस घंटे के भीतर अमरीका से ज़्यादा मौतें दर्ज की गई हैं. कल ब्राज़ील में कोरोना वायरस संक्रमण से 807 मौतें हुईं जबकि अमरीका में 620 लोगों की जान गई.
- कोरोना संक्रमण के मामले में ब्राज़ील इस समय 374,898 मामलों के साथ दुनिया में दूसरे नंबर पर है. राष्ट्रपति बोलसोनारो संक्रमण फैलने की ज़िम्मेतारी प्रांतीय गवर्नरों और शहरों के मेयरों पर डाल रहे हैं.
- राष्ट्रपति बोलसोनारों ने ब्राज़ील में लॉकडाउन लागू नहीं किया है. उनका मानना है कि अर्थव्यवस्था को रोक देने से लोग ज़्यादा परेशान होंगे.
- इसी बीच अमरीका ने ब्राज़ील से आने वाले लोगों पर प्रतिबंधों को दो दिन पहले ही लागू कर दिया है. आज रात बारह बजे से ब्राज़ील से अमरीका आने पर रोक लागू हो जाएगी.

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आयरलैंड में चौबीस घंटे में कोई मौत नहीं
- बीते दो महीने में ये पहली बार है जब आयरलैंड में कोविड-19 से चौबीस घंटे के भीतर कोई मौत नहीं हुई है.
- आयरलैंड में पहली मौत 21 मार्च को दर्ज की गई थी. यहां अब तक 1606 मौतें हो चुकी हैं.
पेरू में फंसे लोग घर जा सकेंगे
- पेरू में दो महीनों से लागू लॉकडाउन में फंसे सैंकड़ों अंतरराष्ट्रीय पर्यटक मानवीय आधार पर शुरू फ्लाइट से अपने देश लौटने के लिए राजधानी में जुटे हैं.
- भारत, नीदरलैंड, यूक्रेन और कई देशों के पर्यटक डच दूतावास की ओर से प्रायोजित फ्लाइट में बैठने के लिए सैन्य हवाई अड्डे पहुंचे.
कैलिफोर्निया में चर्चों के लिए दिशानिर्देश
- अमरीकी प्रांत कैलिफ़ोर्निया में खुल रहे चर्चों के लिए नए दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं.
- सौ से ज़्यादा लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी जबकि व्यक्तिगत प्रार्थना की जा सकेगी.
- अमरीका का जन स्वास्थ्य विभाग पहले ही धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दे चुका है.

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इमेज कैप्शन, जो बिडेन मार्च के बाद से पहले बार दिखे जो बिडेन
- डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार माने जा रहे जो बिडेन मार्च के बाद से पहली पर सार्वजनिक तौर पर दिखे हैं.
- वो युद्धों में मारे गए अमरीकियों को सम्मान देने के लिए काले रंग का मास्क पहनकर पहुंचे.
- 77 वर्षीय जो बिडेन मार्च के बाद से डेलावेयर के विलमिंग्टन में अपने घर पर ही थे.
मिस्र में डॉक्टरों ने की सरकार की आलोचना
- मिस्र में स्वास्थ्यकर्मियों में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के लिए मेडिकल यूनियन ने सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है.
- यूनियन ने सुरक्षा उपकरणों और मेडिकल स्टाफ़ के लिए अस्पतालों में बिस्तरों की कमी को आपराधिक लापरवाही कहा है.
- मिस्र में अभी तक 19 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है और 350 संक्रमित हैं. ये अधिकारिक आंकड़े हैं, मेडिकल स्टाफ़ के टेस्ट कम ही किए जा रहे हैं.
कोरोना वायरस: अमरीका की हज़ारों नर्सों के सामने बेरोज़गारी के हालात
14 दिन के आइसोलेशन में गए करण जौहर
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बॉलीवुड के जाने माने प्रोड्यूसर करण जौहर ने कहा है कि उनके घर में काम करने वाले दो लोग कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं.
ट्विटर पर एक बयान जारी कर उन्होंने कहा कि लक्षणों का पता चलने के बाद दोनों को इसी इमारत के एक हिस्से में क्वारंटीन किया गया है. नियमों के अनुसार बीएमसी ने पूरी इमारत को सैनिटाइज़ किया है.
करण जौहर ने लिखा, “परिवार के सभी लोगों और दूसरे सहयोगियों का कोरोना टेस्ट किया गया, जो निगेटिव आया. लेकिन हमारे आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए अगले 14 दिनों के लिए हम आइसोलेशन में रहेंगे.“
ब्रिटेन में 15 जून से खुलेंगी गैर-जरूरी सामानों की दुकानें

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ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कोरोना महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन में ढील देने के संबंधी नए दिशानिर्देश जारी किए हैं.
अब से थोड़ी देर पहले एक प्रेस ब्रीफ़िंग उन्होंने कहा कि 15 जून के बाद से गैर-जरूरी सामान के खुदरा विक्रेता दुकानें खोल सकेंगे. हालांकि उन्होंने कहा कि जारी दिशानिर्देशों के अनुसार सभी दुकानों को साफ-सफाई का ध्यान रखना होगा और सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करना होगा.
उन्होंने कहा कि आउटडोर मार्केट और कारों को शोरूम 1 जून से खोले जा सकते हैं.
इससे पहले रविवार को बोरिस जॉनसन ने कहा था कि उन्हें लगता है कि देश अब कोरोना महामारी से निबटने के दूसरे चरण की शुरूआत के लिए तैयार है. उन्होंने कहा था कि 1 जून से इंग्लैंड में छोटे बच्चों के स्कूल खोले जाएंगे.
इधर यूके स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीते चौबीस घंटों में कोरोना वायरस की वजह से 121 लोगों की जान गई है. यहां कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा अब 36,914 हो गया है.
दुनिया में कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से यूके अब भी चौथे स्थान पर है. यूके से पहले अमरीका, ब्राज़ील और रूस हैं. लेकिन कोरोना से होने वाली मौतों के मामले में अमरीका के बाद यूके दूसरे स्थान पर है.
WHO ने 'रोका' हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन का क्लिनिकल ट्रायल

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना मरीज़ों में हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन के इस्तेमाल के बारे में जारी क्लिनिकल ट्रायल को फिलहाल अस्थायी तौर पर रोकने का फ़ैसला लिया है.
संगठन के निदेशक डॉ. टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रियेसुस ने सोमवार को कहा कि इस दवा के सुरक्षित इस्तेमाल के बार में डेटा सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड अध्ययन करेगा. साथ ही इस दवा से जुड़े दुनिया भर में हो रहे प्रयोगों का व्यापक विश्लेषण भी किया जाएगा.
टेड्रॉस ने कहा कि आम तौर पर हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन और क्लोरोक्विन का इस्तेमाल मलेरिया के रोगियों और लुपस जैसे ऑटोइम्यून बीमारी के मामलों में किया जाता है.
लेकिन कोरोना के मरीजों में इस दवा के सुरक्षित स्तेमाल को लेकर चिंता जताई जा रही है.
उन्होंने साइंस जर्नल 'लैंसेट' में हाल में छपी एक स्टडी का ज़िक्र किया और कहा कि इस स्टडी के अनुसार कोरोना संक्रमितों के इलाज में जहां हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन दवाई दी जा रही है, वहां मौत का ख़तरा ज़्यादा है.
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इस स्टडी के सामने आने के बाद शनिवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के सॉलिडेरिटी ट्रायल (डब्ल्यूएचओ की निगरानी में हो रहे कोविड-19 क्लिनिकल ट्रायल) के एक्सिक्यूटिव ग्रूप की एक बैठक हुई.
10 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों वाले इस ग्रूप ने बैठक के बाद इस दवा से जुड़े क्लिनिकल ट्रायल को अस्थायी तौर पर स्थगित करने का फ़ैसला किया है. साथ ही दुनिया भर में इस दवा को लेकर जो प्रयोग किए गए हैं, उनके नतीजों का व्यापक विश्लेषण करने का भी फ़ैसला किया गया है.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस दवा के इस्तेमाल को लगातार प्रोत्साहित करते रहे हैं.
हाल में उन्होंने कहा था कि वो कोरोना वायरस से बचाव के लिए हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन का सेवन कर रहे हैं.
अब तक इस बात के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि ये दवा कोरोना वायरस के मरीज़ों के मामले में कितनी कारगर है.
मार्च में भारत ने इस दवा के निर्यात पर पाबंदी लगाई थी. ट्रंप चाहते थे कि भारत ये प्रतिबंध हटाए और अमरीका में इसकी आपूर्ति करे. ट्रंप के कहने के बाद भारत ने ये प्रतिबंध आंशिक रूप से हटा दिया था.
