You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कोरोना अपडेट: राहुल गांधी ने सड़क पर प्रवासी मज़दूरों से मुलाक़ात की
उधर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत शनिवार को चौथी क़िस्त का ऐलान किया. उन्होंने आठ क्षेत्रों में सुधार की घोषणा की.
लाइव कवरेज
ब्रेकिंग न्यूज़, तूफ़ान आया नहीं, आने वाला है - राहुल गांधी
राहुल गांधी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंस के ज़रिए प्रेस कॉन्फ़्रेंस की जिसमें देश भर के पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछे. उनके प्रेस कॉन्फ़्रेंस की मुख्य बातें -
- तूफ़ान आया नहीं है, आने वाला है, ज़बरदस्त आर्थिक नुक़सान होने वाला है. इसमें सबको चोट लगेगी.
- केंद्र के आर्थिक पैकेज में कर्ज़ की बात है मगर इससे माँग नहीं शुरू होने वाली है, अगर हमने पैसा नहीं दिया और माँग तेज़ नहीं हुई तो बहुत बड़ा आर्थिक नुक़सान देश को होने जा रहा है, वो कोरोना से भी बड़ा नुक़सान होगा. पैसा जब तक जनता की ज़ेब तक नहीं जाएगा, तब तक समस्या दूर नहीं होगी. प्राथमिकता होनी चाहिए कि ये ज़रूरी है कि पैसा सीधे ग़रीबों की जेब तक पहुँचे. इस पैकेज की दोबारा समीक्षा होनी चाहिए.
- अभी की स्थिति ऐसी है कि जिसमें डिमांड-सप्लाई दोनों बंद है. सप्लाई शुरू कर सकते हैं पर मांग का शुरू नहीं होना ज़्यादा ख़तरनाक है. इसके लिए लोगों की जेबों में पैसा देना होगा. ऐेसे समझें कि इंजिन चलाने के लिए तेल डालना ज़रूरी है, अगर तेल ही नहीं होगा तो इंजिन चालू नहीं होगा.
- आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद भी लोगों के चेहरे पर बेचैनी है, तसल्ली नहीं है, इसकी वजह ये है कि ये क्रेडिट पैकेज है, पैसा नहीं दिया गया, पैसा मिलेगा मगर कर्ज़ की शक्ल में मिलेगा. जबकि ज़रूरत है कि पैसा अभी दिया जाए.
- ये दोषारोपण का समय नहीं है, समस्या बहुत बड़ी है,मैं दोष मढ़ना नहीं चाहता, बीजेपी सरकार में है, तो औज़ार उनके पास ज़्यादा हैं, तो उनकी ज़िम्मेदारी ज़्यादा है. जो लोग रास्तों पर चल रहे हैं, उनकी मदद करना हम सबकी ज़िम्मेदारी है. ये बहुत ज़रूरी है कि हम उनको पैसा दें, उनका हाथ थामें.
- लॉकडाउन हटाना है मगर बहुत होशियारी और समझदारी से हटाना है, ये ऐसा नहीं है कि कोई आयोजन है, ये एक जटिल प्रक्रिया है, हम बुज़़ुर्ग लोगों की क़ुर्बानी नहीं दे सकते, जो दिल के मरीज़ हैं, किडनी के मरीज़ हैं, फेफड़ों के मरीज़ हैंं, हम उनकी क़ुर्बानी नहीं दे सकते. अगर हमने बिना सोचे-समझे लॉकडाउन हटा लिया तो ज़बरदस्त नुक़सान होगा.
भारत में संक्रमितों की संख्या चीन से ज़्यादा हुई, क्या हैं इसके मायने?
भारत में कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या चीन से भी ज़्यादा हो गई है.
शनिवार तक भारत में कोविड रोगियों की संख्या लगभग 86 हज़ार तक पहुँच गई है.
कोरोना महामारी की शुरूआत पिछले साल चीन से ही हुई थी मगर समझा जाता है कि चीन ने लॉकडाउन का सख़्ती से पालन कर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है.
हालाँकि चीन में महामारी के केंद्र वुहान शहर में हाल के दिनों में कुछ नए मामलों ने संक्रमण के दोबारा फैलने की भी चिंता बन गई है. इसे देखते हुए चीन ने पूरे वुहान के लोगों की जाँच करवाने की घोषणा की है.
भारत में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च से ही पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया जिससे संक्रमण फैलने की गति पर लगाम लग सकी.
हाल के समय में अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर को देखते हुए उद्यमी, कारोबारी और कामगार तबके के साथ कई राजनेता भी लॉकडाउन को और नहीं बढ़ाने की अपील कर रहे हैं.
अब तक लॉकडाउन दो बार बढ़ चुका है और मौजूदा लॉकडाउन की अवधि 17 मई को समाप्त हो रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि लॉकडाउन फिर से बढ़ाया जाएगा मगर उन्होंने इसकी कोई अवधि या तारीख़ नहीं बताई.
उन्होंने ये कहा कि इस बार ये पहले के लॉकडाउन से बिल्कुल अलग होगा जिसमें नियम नए होंगे.
जहाँ तक कोरोना संक्रमण से हुई मौतों की बात है तो भारत में अभी तक स्थिति दूसरे कई देशों के मुक़ाबले बेहतर दिखाई दे रही है.
भारत में अब तक 2,752 लोगों की मौत हुई है, इसकी तुलना में चीन में 4,600 लोग मारे जा चुके हैं.
अमरीका और यूरोप के कई देशों में मृतकों की संख्या बहुत ज़्यादा है.
संक्रमण फैलने की दर को लेकर भी भारत सरकार काफ़ी संतुष्ट नज़र आ रही है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में अभी मामलों के दोगुना होने में 11 दिन लग रहे हैं जबकि लॉकडाउन शुरू होने से पहले इसमें 3.5 दिन लग रहे थे.
स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने हाल ही में कहा,"निश्चित रूप से लॉकडाउन से फ़ायदा हुआ है. हमने इस समय का इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाकर मामलों का पता लगाने, उनके संपर्क में आने वाले लोगों को खोजने, उन्हें एकांत में भेजने और संक्रमित मामलों की व्यवस्था में किया."
भारतीय अधिकारियों का कहना है कि मृत्यु दर नीचे रहने की वजह ये रही कि अधिकांश लोगों में संक्रमण के लक्षण नहीं थे या कम थे और लॉकडाउन पहले लगाने की वजह से एक बड़ी त्रासदी को टाला जा सका.
भारत में संक्रमण के कुल मामलों में से एक तिहाई मामले महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात और दिल्ली के हैं जो महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र भी हैं.
इस वजह से सरकार के लिए दोबारा सबकुछ खोलना चुनौती भरा हो सकता है क्योंकि इससे संक्रमण अचानक से बढ़ सकता है.
भारतीय प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की पूर्व सदस्य और ब्रूकिंग्स थिंकटैंक की विशेषज्ञ शमिका रवि ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा,"भारत में अभी भी मामले विकास के दौर में हैं क्योंकि कुल मामले अभी भी बढ़ रहे हैं. अभी ऐक्टिव मामले 3.8% की गति से बढ़ रहे हैं और देश में सब ठीक हो जाए इसके लिए ज़रूरी है कि ये दर घटकर 0% तक पहुँच जाए."
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि चिंता का एक बड़ा विषय इतनी विशाल आबादी में जाँच की गति का धीमा रहना है.
हालाँकि देश में अप्रैल के आरंभ से काफ़ी प्रगति हुई है और इस सप्ताह एक लाख लोगों का टेस्ट हुआ. मगर एक अरब 30 करोड़ की आबादी के हिसाब से भारत दुनिया के दूसरे देशों जैसे अमरीका, ब्रिटेन और इटली से बहुत पीछे है.
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस
कोरोना से सात मौत और हादसे में 24 मौत
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के कारण सात लोगों की मौत हुई है और कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन के कारण फैली अव्यवस्था से 24 मज़दूर हादसे की चपेट में आ गए. 37 लोग घायल हैं जिनमें 24 गंभीर रूप से घायलों को सैफ़ई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.
ये मज़दूर घर जा रहे थे लेकिन अब कभी घर नहीं जा पाएंगे...देखिए वीडियो
फ़्रांस में मृतकों की संख्या तीन गुना घटी, संक्रमण की रफ़्तार भी धीमी
फ़्रांस में शुक्रवार को कोरोना संक्रमण से हुई मौतों की संख्या में पिछले 24 घंटे के मुक़ाबले तीन गुना की कमी आई.
वहीं देश में संक्रमण के नए मामले भी 0.4% की धीमी गति से बढ़ रहे हैं.
फ़्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि शुक्रवार को 104 लोगों की मौत हुई जबकि गुरूवार को ये संख्या 351 थी.
अमरीका, ब्रिटेन और इटली के बाद सबसे ज़्यादा 27,529 लोग फ़्रांस में मारे गए हैं.
देश में संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़कर 141,919 हो गई है.
फ़्रांस में इस सप्ताह दो महीने से जारी लॉकडाउन में ढील दिया जाना शुरू किया गया.
वहाँ दुकानें खुल गईं, छोटे बच्चों के स्कूल खुल गए और यात्रा करने के लिए अब पास लेना ज़रूरीे नहीं रहा.
लेकिन राजधानी पेरिस और अन्य कुछ इलाक़े अभी भी रेड ज़ोन में हैं और वहाँ सख़्ती बनी हुई है.
WHO को फिर पैसे दे सकते हैं ट्रंप, पर जितना चीन देगा उतना ही
विश्व स्वास्थ्य संगठन पर चीन की तरफ़दारी करने का आरोप लगाते हुए उसकी फ़ंडिंग रोकने वाले अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप संगठन को फिर से कुछ राशि देने के लिए तैयार हो सकते हैं.
अमरीकी टीवी चैनल फ़ॉक्स न्यूज़ ने कहा है कि उन्होंने इस बारे में एक मसौदा पत्र देखा है जिसमें कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन डब्ल्यूएचओ को उतना पैसा देने के लिए राज़ी होगा जितना पैसा चीन देगा.
राष्ट्रपति ट्रंप ने 14 अप्रैल को अमरीकी योगदान बंद करते हुए आरोप लगाया था कि डब्ल्यूएचओ कोरोना महामारी के बारे में चीन के दुष्प्रचार को बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने साथ ही कहा था कि उनकी सरकार संगठन की समीक्षा करवाएगी.
डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने उनके आरोपों से इनकार किया. चीन ने कहा कि उसने इस बारे में कुछ नहीं छिपाया और वो पारदर्शी है.
अमरीका डब्ल्यूएचओ को हर साल लगभग 40 करोड़ डॉलर देता है जो सभी देशों में सबसे ज़्यादा है.
फ़ॉक्स न्यूज़ की रिपोर्ट के हिसाब से यदि अमरीका भी चीन के जितना ही योगदान करता है तो उसका हिस्सा दस गुना घट जाएगा.
ब्रेकिंग न्यूज़, पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के औरैया में 24 मज़दूरों की सड़क हादसे में मौत पर ट्वीट कर संवेदना जताई है.
प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ''उत्तर प्रदेश के औरैया में सड़क दुर्घटना बेहद ही दुखद है. सरकार राहत कार्य में तत्परता से जुटी है. इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.''
भारत में मज़दूरों की जान कोरोना से नहीं बल्कि ग़रीबी और बेबसी में जा रही...देखिए यह वीडियो
कोरोना वायरस का संक्रमण पूर्वोत्तर भारत में न के बराबर क्यों है?
इटली में तीन जून से यात्रा पर लगी पाबंदियाँ हटेंगी
इटली में तीन जून से लोग देश के बाहर या देश में आ-जा सकेंगे. साथ ही इसी दिन से इटली के भीतर भी अलग-अलग प्रांतों में आने-जाने पर लगी पाबंदियाँ हटा ली जाएँगी.
इटली सरकार का ये फ़ैसला पिछले दो महीने से ज़्यादा समय से जारी लॉकडाउन को हटाने की दिशा में एक अहम क़दम है. इटली कोरोना महामारी से सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाले देशों में से एक है, मगर हाल के दिनों में वहाँ संक्रमण की रफ़्तार काफ़ी धीमी हुई है.
इटली में अमरीका और ब्रिटेन के बाद सबसे ज़्यादा 31,600 लोगों की मौत हुई है.
औरैया हादसा आज तड़के तीन बजे हुआ
उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि हादसा औरैया के मिहौली इलाक़े में शनिवार तड़के तीन से साढ़े तीन बजे की बीच हुआ. ट्रेलर ट्रक में क़रीब 50 मज़दूर सवार थे. ये राजस्थान से आ रहे थे. पुलिस के मुताबिक़ दिल्ली से आ रही डीसीएम वैन और ट्रक में टक्कर हो गई.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर इस हादसे पर दुख जताया है. मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा है, 'जनपद औरैया में सड़क दुर्घटना में प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण एवं दुःखद है, मेरी संवेदनाएं मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. पीड़ितों को हर संभव राहत प्रदान करने, घायलों का समुचित उपचार कराने और दुर्घटना की त्वरित जांच करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं.''
इस हादसे पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''कल ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि प्रवासी मज़दूरों के लिए खाना-पीना से लेकर ट्रांजिट और रहने की व्यवस्था तक की गई है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री के आदेश को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है.''
अखिलेश यादव मृतकों को देंगे एक-एक लाख रुपए
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, ''घर लौट रहे प्रवासी मज़दूरों के मारे जाने की ख़बरें दिल दहलानेवाली हैं. मूलत: ये वो लोग हैं जो घर चलाते थे. इसलिए समाजवादी पार्टी प्रदेश के प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक लाख रुपए की मदद पहुँचाएगी. नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए निष्ठुर भाजपा सरकार भी प्रति मृतक 10 लाख रुपए की राशि दे.''
राजनाथ सिंह ने जताया दुख
लखनऊ से सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा, ''उत्तर प्रदेश के औरैया में हुए सड़क हादसे में कई श्रमिकों की मृत्यु के बारे में जानकर अत्यंत दुख हुआ है. इस दुर्घटना में जिन लोगों की जान गई है, मैं उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं. साथ ही दुर्घटना में घायल हुए मज़दूरों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.''
कोरोना वायरस ने क्या राष्ट्रपति पुतिन की क्षमता को कटघरे में ला दिया?
चीन में पिछले 24 घंटों में संक्रमण के आठ नए मामले
पिछले 24 घंटों में चीन में कोरोना वायरस से संक्रमण के कुल आठ नए मामले सामने आए हैं. 14 मई की तुलना में चार नए मामले ज़्यादा हैं. चीन के नेशनल हेल्थ कमिशन के अनुसार आठ में से छह मामले उन लोगों में मिले हैं जो विदेशों से आए थे.
दो मामले चिलिन प्रांत के हैं और ये लोकल ट्रांसमिशन के हैं. बिना लक्षण वाले नए 11 मामले सामने आए हैं जो कि 14 मई को 11 थे. चीन में अब तक संक्रमण के कुल 82,941 मामले सामने आए हैं और 4,633 लोगों की मौत हुई है.
ब्रेकिंग न्यूज़, औरैया में सड़क हादसा: 24 मज़दूरों की मौत
समीरात्मज मिश्र
उत्तर प्रदेश के औरैया ज़िले में दो ट्रकों की टक्कर में 24 मज़दूरों की मौत हो गई. घटना में कई मज़दूर घायल भी हुए हैं जिन्हें नज़दीकी अस्पताल में पहुंचाया गया है. सभी मज़दूर राजस्थान से आ रहे थे. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने घटना पर संज्ञान लेते हुए ज़िला प्रशासन के अधिकारियों को तत्काल मौक़े पर पहुँच कर पीड़ितों को हर संभव राहत प्रदान करने के निर्देश दिए हैं.
मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त कानपुर और कानपुर ज़ोन के पुलिस महानिरीक्षक को तत्काल मौक़े पर पहुंचकर राहत कार्य संपन्न कराने और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं.
औरैया के डीएम अभिषेक सिंह का कहना है कि ज़्यादातर मज़दूर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के थे. उन्होंने बताया कि बचाव कार्य चल रहा है और गंभीर रूप से घायल लोगों को सैफ़ई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.
कोरोना वायरस: पिछले 24 घंटों में दुनिया भर में जो कुछ हुआ
- जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 45,31,811 हो गई है. आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक़ कोविड-19 की महामारी के कारण अभी तक 307,001 लोगों ने अपनी जान गंवाई है. हालांकि माना जा रहा है कि इस वायरस से मरने वाले लोगों की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है.
अमरीका में मर सकते हैं एक लाख लोग
- अमरीकी एजेंसी सेंटर फ़ॉर डिजीज़ कंट्रोल (सीडीसी) के निदेशक रॉबर्ट रेडफील्ड के अनुसार अमरीका में कोविड-19 से मरने वाले लोगों के आँकड़ों के बारे में अनुमान लगाया गया है कि एक जून तक ये संख्या एक लाख पार कर जाएगी.
- सीडीसी ने अमरीका में होने वाले इस नुक़सान पर विस्तार से स्टडी की है.आने वाले समय में वहां क्या हालात होंगे, इस पर बारह अलग-अलग मॉडल्स को ट्रैक किया गया है. हर तरह से विचार करने के बाद मरने वाले लोगों के ये न्यूनतम संभावित आँकड़े सामने आए हैं.
- राष्ट्रपति ट्रंप इस पर अपना रुख़ बार-बार बदलते रहे हैं लेकिन इससे पहले उन्होंने कहा था कि मरने वाले लोगों की संख्या कम रहेगी.
ब्राज़ील में संक्रमण के मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि
- इस लातिन अमरीकी देश में कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. पिछले 24 घंटों में ब्राज़ील में इस वायरस से संक्रमण के 15,305 नए मामले दर्ज किए गए हैं.
- बिगड़ते हालात का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इसी 24 घंटे के दौरान वहां 824 लोगों की मौत भी हुई है. देश के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि महामारी की शुरुआत के समय से ब्राज़ील में संक्रमण के 218,223 मामलों की पुष्टि हुई है. कोविड-19 की महामारी से वहां अभी तक 14,817 लोगों की मौत हो चुकी है.
WHO और ताइवान का मुद्दा
- ताइवान विश्व स्वास्थ्य संगठन में शामिल न हो सके, इसके लिए चीन ने यूरोपीय देशों पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की हेल्थ एसेंबली की अगले हफ़्ते मीटिंग होने वाली है और ताइवान ने मांग की है कि वो इसमें अपना प्रतिनिधित्व चाहता है.
- ज़ाहिर है कि चीन इसके ख़िलाफ़ है और वो यूरोपीय देशों पर दबाव बना रहा है कि वो ताइवान की मांग ख़ारिज कर दें. चीन की दलील है कि हेल्थ एसेंबली में ताइवान के हिस्सा लेने को तभी वाजिब ठहराया जा सकता है जब वो चीन का हिस्सा होने की बात स्वीकार कर ले.
- वर्ल्ड हेल्थ एसेंबली की ऑनलाइन मीटिंग सोमवार को निर्धारित है.महामारी की शुरुआत कैसे हुई, इसकी अंतरराष्ट्रीय जांच और ताइवान की मौजूदगी का मु्द्दा एसेंबली की बैठक में चीन और पश्चिमी देशों के बीच बड़े राजनीतिक विवाद में बदल सकता है.
वैक्सीन का विकास
- राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अमरीका की सरकार अन्य देशों के साथ मिलकर वैक्सीन के विकास की दिशा में तेज़ रफ़्तार से काम कर रही है. व्हाइट हाउस रोज़ गार्डन में आयोजित एक इवेंट के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने उम्मीद जताई की ये साल ख़त्म होने से पहले वैक्सीन तैयार कर ली जाएगी. उन्होंने कहा कि जैसे ही वैक्सीन तैयार होगी, उनका प्रशासन इसके वितरण में जोर-शोर से जुट जाएगा.
ब्रिटेन में संक्रमण की दर चिंताजनक
- ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण से जुड़े आँकड़ों से ये संकेत मिलते हैं कि वहां इसका प्रसार तेज़ी से हो रहा है. इससे लॉकडाउन में दी गई राहत पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं.
- वहां एक संक्रमित व्यक्ति से किसी अन्य व्यक्ति को संक्रमित होने की दर, जिसे 'आर वैल्यू' के नाम से जाना जाता है, 0.7 से एक के बीच है. इस 'आर वैल्यू' के एक पॉइंट पर होने का मतलब ये है कि महामारी तेज़ी से दोबारा सिर उठा सकती है यानी वहां संक्रमण के नए मामले तेज़ी से बढ़ सकते हैं.
ब्राज़ील में दूसरे स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफ़ा
- ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्री ने एक बार फिर इस्तीफ़ा दे दिया है. एक महीने के भीतर ब्राज़ील में ऐसा दूसरी बार हुआ है कि स्वास्थ्य मंत्री को अपना पद छोड़ना पड़ा है.
- स्वास्थ्य मंत्री नेल्सन टीश के दफ़्तर ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की. वे इस पद पर एक महीने से भी कम समय रहे. ब्राज़ील में कोरोना संक्रमण की स्थिति तेज़ी से बिगड़ रही है. माना जा रहा है कि नेल्सन टीश और दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो के बीच मतभेद थे.संक्रमित लोगों की संख्या के लिहाज से गुरुवार को ब्राज़ील ने दो लाख पुष्ट मामलों के साथ जर्मनी और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया.
WHO की चेतावनी
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि यूरोप में सर्दियों के मौसम में कोरोना वायरस एक बार फिर से जानलेवा हो सकता है. डब्ल्यूएचओ के यूरोपीय क्षेत्र के निदेशक डॉक्टर हांस क्लूज ने लॉकडाउन में ढील दे रहे देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि "ये समय तैयारी का है न कि जश्न मनाने का."
कोरोना वायरस पर स्टडी
- स्पेन ने कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में बड़े पैमाने पर एंटीबॉडी स्टडी का स्वागत किया है. हालांकि उसने ये चेतावनी भी दी है कि पाबंदियों में किसी किस्म की ग़ैर-ज़िम्मेदाराना ढील के ख़तरनाक़ नतीजे हो सकते हैं. स्पेन की पांच फ़ीसदी आबादी कोरोना वायरस से संक्रमित है.
डेनमार्क के लिए राहत की ख़बर
- डेनमार्क में कोरोना वायरस को लेकर राहत देने वाली ख़बर है.13 मार्च के बाद से ऐसा पहली बार हुआ है कि वहां पिछले 24 घंटों में किसी की मौत नहीं हुई है.
कोरोना वायरस और यौनकर्मी, देखिए यह रिपोर्ट
ब्रेकिंग न्यूज़, एक जून तक अमरीका में मरने वालों की तादाद एक लाख पार
अमरीका के नेशनल पब्लिक हेल्थ इंस्टिट्यूट सेंटर्स फोर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानी सीडीसी के निदेशक रॉबर्ट रेडफ़ील्ड ने कहा है कि अमरीका में एक जून तक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या एक लाख पार कर जाएगी. सीडीएस ने 12 अलग-अलग भविष्यवाणी मॉडल के अध्ययन के बाद यह कहा है. सबने कम से कम मौत का अनुमान व्यक्त किया है.
ज़्यादा कुछ भी हो सकता है. राष्ट्रपति ट्रंप मरने वालों की संख्या को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं कह रहे हैं लेकिन पहले उन्होंने उम्मीद जताई थी कि तादाद कम रहेगी. अब तक दुनिया भर में सबसे ज़्यादा मौतें अमरीका में ही हुई हैं.
अमरीका में अभी मरने वालों की संख्या 87 हज़ार 493 है. सीडीएस का अनुमान इस आधार पर होता है कि अमरीकी नागरिक संक्रमण से बचने के लिए किस क़दर एहतियात का पालन कर रहे हैं और सरकार की तरफ़ से क्या क़दम उठाए जा रहे हैं.
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मार्च के आख़िर में कहा था कि अमरीका में कोरोना वायरस से एक लाख से दो लाख 40 हज़ार लोगों की जान जा सकती है.
कोरोना संक्रमण से दुनिया भर में तीन लाख से अधिक मौतें
दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले 45 लाख से अधिक हो गए हैं.
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक, अब तक दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 45 लाख 31 हज़ार 811 हैं. जबकि मरने वालों की कुल संख्या 307001 हैं.
अमरीका में सबसे अधिक 1441172 लोग संक्रमित हैं. यहां मरने वालों की कुल संख्या 87427 पहुंच गई है.
दूसरे स्थान पर रूस है जहां कुल संक्रमित लोगों की संख्या 262843 हैं. रूस में मरने वालों की कुल संख्या 2418 है.
ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण के कुल मामले दो लाख 38 हज़ार से अधिक हैं. यहां अब तक 34 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हुई है.
भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना संक्रमण के कुल मामले करीब 82 हज़ार हैं. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 2649 लोगों की मौत हुई है.