कोरोना अपडेट: सीबीएसई की बची परीक्षाएँ 1-15 जुलाई के बीच
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने शनिवार को इसकी घोषणा की.
लाइव कवरेज
रूस में लगातार सातवें दिन 10,000 से ज़्यादा नए मामले
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रूस में कोरोना संकट गहराता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में वहाँ 10,817
नए मामलों की पुष्टि हुई है.
इसके बाद देश में कोविड रोगियों की संख्या बढ़कर 198,676 हो गई है.
रूस की कोरोना टास्क फ़ोर्स ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में 104
लोगों की मौत हुई है जिसके बाद देश में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,827 हो गई है.
रूस में पिछले रविवार से हर दिन 10,000 से ज़्यादा नए मामले सामने आ
रहे हैं.
संख्या के हिसाब से अब दुनिया में रूस पाँचवें नंबर का देश बन गया है.
गुरूवार को इसने फ़्रांस और जर्मनी को पीछे छोड़ा और अब ये ब्रिटेन के
पास पहुँच रहा है.
अमरीका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार दुनिया में सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों की स्थिति ऐसी है -:
अमरीका - 12 लाख
स्पेन - 2 लाख 23 हज़ार (222,857)
इटली - (217,185)
ब्रिटेन - (212,629)
रूस - (198,676)
फ़्रांस - (176,202)
जर्मनी - (170,588)
चीन की उत्तर कोरिया को मदद की पेशकश
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को
एक संदेश में कोरोना महामारी से निबटने में मदद की पेशकश की है.
चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के एक नामी अख़बार ग्लोबल टाइम्स
ने ख़बर दी है कि किम जोंग उन ने कोरोना संकट पर बड़ी मुश्किल से जीत पाने के लिए चीन
को बधाई दी थी जिसके लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें शुक्रिया कहा है और
ज़रूरत पड़ने पर मदद का आश्वासन दिया है.
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उत्तर कोरिया लगातार कहता रहा है कि उसके यहाँ कोविड-19 का एक भी संक्रमण नहीं है, और ऐसा उसकी सख़्त पाबंदियों और सीमाएँ बंद रखने के कारण हुआ.
दक्षिण कोरिया के ख़ुफ़िया अधिकारियों का कहना है कि ये बात विश्वास योग्य नहीं है कि उत्तर कोरिया में एक भी संक्रमण नहीं हुआ, जबकि उसके अपने पड़ोसी चीन से काफ़ी करीबी संबंध हैं.
उत्तर कोरिया के बारे में समझा जाता है कि वहाँ संक्रामक रोगों के फैलने का ख़तरा बहुत ज़्यादा है और वहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था इससे निपटने में सक्षम नहीं है.
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मलेशिया में लॉकडाउन कब खुलेगा?
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मलेशियाई अख़बार स्टार के मुताबिक़, मलेशिया में बीते 18 मार्च से जारी लॉकडाउन के भविष्य को लेकर नई जानकारी अगले हफ़्ते की शुरुआत में आ सकती है.
मलेशिया में कई लोग उम्मीद लगा रहे हैं कि लॉकडाउन ख़त्म होने की तय तारीख़ आगामी 12 मई के बाद आवाजाही से प्रतिबंध हटाए जा हैं.
मलेशिया में अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए उठाए गए दबाव कम करने के लिए कुछ कदमों को उठाए जाने के बाद ज़्यादातर व्यापारिक संस्थाओं ने अपना काम शुरू कर दिया है.
बीते शुक्रवार, मलेशिया में कोविड 19 के 68 नए मामले सामने आए हैं जिससे मलेशिया में कुल संक्रमित लोगों की संख्या 6,535 हो गई है.
मलेशिया के स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. नूर हिशम अब्दुल्लाह ने कहा है कि बीते तीन हफ़्तों में कोरोना के मामलों में कमी आई है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, संक्रमण के साए में रूस का जश्न
रूसी सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए नाज़ी जर्मनी पर रूसी सेना की जीत की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रमों को सीमित कर दिया है.
राष्ट्रपति पुतिन ने पिछले महीने ही विक्टरी डे समारोह के मौक़े पर रेड स्क्वेयर पर की जाने वाली एक बड़ी परेड के आयोजन को आगे बढ़ाने का फ़ैसला किया था.
इस परेड में रूस के बेहतरीन सैन्य साजो-सामान को दिखाया जाता है.
बीते सालों में पुतिन राष्ट्रीय गर्व की अनुभूति के साथ इस परेड के आयोजन समारोह में विश्व नेताओं के साथ शिरकत करते आए हैं.
लेकिन नेताओं की लोकप्रियता जानने के लिए किया जाने वाले एक हालिया पोल में सामने आया है कि पुतिन की लोकप्रियता पिछले दो दशकों में सबसे निचले स्तर पर आ गई है और रूस की अर्थव्यवस्था बुरी तरह मंदी की ओर बढ़ रही है.
पुतिन ने विक्टरी डे समारोह को काफ़ी अहम बताते हुए कहा कि इस महामारी के दौरान ये समारोह मनाना काफ़ी जोखिम भरा है.
बीते शुक्रवार तक रूस में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 1,87,859 हैं और मरने वालों की संख्या 1723 हो चुकी है.
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लॉकडाउन: मुफ़्त में सब्ज़ियां बाँटने वाली ओडिशा की छायारानी
नहीं बढ़ेगी ओलंपिक खेलों की तारीख़
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इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि तोक्यो ओलंपिक को फिर से टाले जाने की कोई योजना नहीं है. नए शेड्यूल के मुताबिक़ तोक्यो ओलंपिक अब अगले 23 जुलाई से आठ अगस्त तक आयोजित किया जाएगा.
कोविड-19 की महामारी के कारण तोक्यो 2020 को एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया था.
आईओसी के जॉन कोएट्स ने कहा है कि इस बार के ओलंपिक खेल ऐतिहासिक होने वाले हैं.
उन्होंने इस सिलसिले में बीसवीं सदी के दो विश्व युद्धों के बाद हुए ओलंपिक खेलों का उदाहरण भी दिया.
ओलंपिक आयोजन समिति के प्रमुख योशिरो मोरी ने भी कहा है कि तोक्यो 2020 की तारीखो में अब कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.
जॉन कोएट्स का कहना है, "हम इस बात को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रहे हैं कि ओलंपिक खेलों की तारीख बढ़ाने की हमारे पास अब कोई दूसरी योजना नहीं है."
चीन वायरस से निपटने में उत्तर कोरिया की मदद के लिए तैयार
चीन के सरकारी मीडिया ने शनिवार को कहा है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन को कोरोना वायरस से निपटने में मदद करने का प्रस्ताव दिया है.
उन्होंने कहा कि वह उत्तर कोरिया की स्थिति और वहां रहने वाले लोगों की सेहत को लेकर काफ़ी चिंतित हैं.
सरकारी टीवी चैनल ने बताया है कि इस बीमारी को काबू करने के चीनी ढंग से काफ़ी सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं.
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कोरोना वायरस महामारी के बीच भारत में मज़दूरों के अधिकारों पर चोट
ब्रेकिंग न्यूज़, चीन से आने वाले पत्रकारों के लिए अमरीका ने सख़्त किए वीज़ा नियम
अमरीका ने चीन से आने वाले पत्रकारों के लिए शुक्रवार को नए वीज़ा नियम जारी किए.
अमरीका का कहना है कि चीन जाने वाले अमरीकी पत्रकारों के साथ हुए बर्ताव के जवाब में ये क़दम उठाया गया है.
हाल के महीनों में अमरीका और चीन ने एक दूसरे के यहां से आने वाले पत्रकारों को लेकर कई बार जवाबी कार्रवाई की है.
मार्च में चीन ने कुछ अमरीकी पत्रकारों को देश छोड़ने के लिए कहा था. ये पत्रकार अमरीकी अख़बारों के लिए वहां काम कर रहे थे.
इसके महीने भर बाद अमरीका ने कहा कि अमरीका में काम कर रहे चीन सरकार के नियंत्रण वाले पांच मीडिया आउटलेट्स को वो विदेशी दूतावासों का दर्जा दे देगा.
इसके एक दिन बाद चीन ने वॉल स्ट्रीट जनरल के तीन पत्रकारों को निष्कासित कर दिया.
इनमें दो अमरीकी और एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक थे.
चीन के इस फ़ैसले को वॉल स्ट्रीट जनरल में छपे एक लेख से जोड़कर भी देखा गया था. चीन ने इस लेख को नस्लीय क़रार दिया था.
शुक्रवार को नए नियम जारी करते हुए अमरीका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने कहा कि चीन में स्वतंत्र पत्रकारिता का दमन किया जा रहा है.
नए नियम सोमवार से लागू हो जाएंगे.
इसके तहत चीन से आने वाले पत्रकारों को 90 दिन ही रुकने की इजाजत होगी, हालांकि वीज़ा की अवधि बढ़ाने का विकल्प दिया गया है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, जर्मनी में मृतकों की संख्या 7,369 हुई
जर्मनी में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस से संक्रमण के 1,251 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही जर्मनी में संक्रमितों की कुल संख्या 168,551 हो गई है. शनिवार को जर्मनी में 147 लोगों की मौत हुई और कुल मृतकों संख्या 7,369 हो गई है.
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चीन में कोरोना संक्रमण का केवल एक मामला
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चीन में कोरोना वायरस से संक्रमण का केवल एक मामला शुक्रवार को सामने आया.
सरकारी एजेंसी नेशनल हेल्थ कमिशन ने शनिवार को बताया कि एक दिन पहले भी यही आँकड़ा था.
संक्रमित व्यक्ति ने हाल ही में विदेश यात्रा की थी.
हालांकि शुक्रवार को ही चीन में 15 ऐसे मामले ज़रूर सामने आए जिनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं थे.
एक दिन पहले ऐसे लोगों की संख्या 16 थी.
इसके साथ ही चीन में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 82,887 हो गई है.
अच्छी बात ये है कि चीन में मरने वाले के आँकड़े नहीं बढ़े हैं. अभी तक वहां 4,633 लोगों की मौत हुई है.
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चीन को अमरीका की धमकी पर आईएमफ़ की चेतावनी
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इमेज कैप्शन, आईएमएफ़ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टीना जॉर्जीवा
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने शुक्रवार को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े अनुमानों में कमी करने के संकेत दिए हैं.
आईएमएफ़ ने अमरीका और चीन को फिर से ट्रेड वॉर में न उलझने के लिए चेतावनी देते हुए कहा कि इससे कोविड-19 की महामारी से अर्थव्यवस्थाओं को बचाने की कोशिशें कमज़ोर हो जाएंगी.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ आईएमएफ़ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टीना जॉर्जिवा यूरोपीयन यूनिवर्सिटी के एक ऑनलाइन इवेंट को संबोधित कर रही थीं.
उन्होंने कहा कि साल 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में तीन फ़ीसदी की कमी का अनुमान लगाया गया था लेकिन कई देशों के आर्थिक आँकड़े इससे भी कम आ रहे हैं.
क्रिस्टीना जॉर्जिवा ने कहा, "कोई फौरी मेडिकल इलाज उपलब्ध नहीं होने की वजह से कुछ अर्थव्यवस्थाओं को इससे निपटने में मुश्किल आ सकती है. चूंकि कोरोना वायरस के बारे में पक्के तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है इसलिए आर्थिक पूर्वानुमान पर इसका असर पड़ रहा है."
कोविड-19 की महामारी से निपटने के तरीके पर राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन को धमकाया है कि वो नए टैरिफ़ लगाकर इसकी सज़ा देगा.
शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने ये संकेत दिए कि वो अमरीका-चीन ट्रेड डील के पहले चरण को ख़त्म कर सकता है.
शुक्रवार को ही क्रिस्टीना जॉर्जिवा ने भी कहा कि इस नाज़ुक घड़ी में संरक्षणवाद की नीति अपनाने से वैश्वक सुधार की संभावनाओं को झटका लग सकता है.
इससे पहले अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्थाओं को इतना ज़्यादा नुक़सान हो रहा है कि इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में तीन फ़ीसदी की गिरावट आएगी.
आईएमएफ़ ने इसे 'साल 1930 की महामंदी' के बाद के दशकों की सबसे ख़राब वैश्विक गिरावट क़रार दिया है.
आईएमएफ़ का कहना है कि कोरोना वायरस की महामारी ने दुनिया को 'ऐतिहासिक संकट' में डाल दिया है.
संस्था ने ये भी कहा है कि कोविड-19 की महामारी लंबे समय तक बनी रही तो संकट को संभालने में सरकारों और केंद्रीय बैंकों की काबिलियत की असली परीक्षा होगी.
दुनिया भर में कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने की कोशिश चल रही है, ऐसे में भारत क्या कर रहा? देखिए, रिपोर्ट-
वीडियो कैप्शन, पूरी दुनिया को इस वक़्त एक चीज़ का पूरी शिद्दत से इंतज़ार है- वैक्सीन.
चार लाख भारतीयों को 'एयरलिफ़्ट' करेगी एयर इंडिया
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भारत में मार्च से जारी लॉकडाउन के बीच सिंगापुर और खाड़ी के देशों से प्रवासी भारतीयों का पहला जत्था शुक्रवार को स्वदेश वापस लौटा.
दिल्ली एयरपोर्ट पर डॉक्टरों ने इन यात्रियों के ट्रेम्प्रेचर की जांच की.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ सरकारी एयरलाइन्स कंपनी एयर इंडिया से अमरीका, ब्रिटेन, दक्षिण पूर्वी एशिया और खाड़ी के देशों से तकरीबन चार लाख भारतीयों को वापस लाए जाने का प्रस्ताव है.
इसके अलावा भारतीय नौसेना ने मालदीव में फंसे अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए युद्धपोत भेजे हैं.
कोविड-19 की महामारी को रोकने से फैलने के लिए लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों के कारण दुनिया भर में भारतीय फंसे हुए हैं.
गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इन्हें प्लेन और नौसेना के जहाज़ से लाया जा रहा है."
स्थानीय टेलीविज़वन चैनलों में एयर इंडिया के विमानों के चालक दल के सदस्यों को दिखाया गया. वे पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट्स से लैस थे और आबू धाबी में भारतीयों के विमान में सवार होने का इंतज़ार कर रहे थे.
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विदेशों में फंसे भारतीय
भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों की संख्या 56 हज़ार पार कर गई है. कम से कम 1886 लोग मारे गए हैं. गुरुवार की तुलना में शुक्रवार को 3390 नए मामले रिपोर्ट हुए थे.
अर्थव्यवस्था को नुक़सान पहुंचाने वाले लॉकडाउन के फ़ैसले के बावजूद संक्रमण के मामलों में ज़्यादा कमी आती हुई नहीं दिख रही है.
विदेशों में रह रहे भारतीय बड़ी संख्या में वापस लौटना चाहते हैं लेकिन यात्रा प्रतिबंधों के कारण वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं.
इस वजह से उनमें तनाव की स्थिति है.
उनकी तकलीफ़ों की कई कहानियां सामने आ रही हैं. कुछ लोगों की भावनात्मक समस्याएं हैं तो कुछ आर्थिक कारणों से लौटना चाहते हैं.
बीमार रिश्तेदारों से मिलने के लिए, किसी के घर में किसी की मृत्यु हो गई है तो किसी के यहां कोई मेहमान आया है, कुछ लोगों की नौकरियां चली गईं है और कुछ के पैसे ख़़त्म हो गए हैं.
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सरकार की योजना
सरकार ने बताया है कि पहले चरण में 15 मई तक ऐसे दो लाख लोगों को घर वापस घर लाए जाने का प्रस्ताव है और फिर 15 जून तक साढ़े तीन से चार लाख लोगों को लाए जाने की योजना है.
दिल्ली में सिंगापुर से आए 250 लोगों के जत्थे में कोविड-19 के लक्षणों की जांच की गई.
गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने बताया कि अगर किसी यात्री में लक्षण पाए गए तो उसे अस्पताल ले जाया जाएगा और बाक़ी लोगों को 14 दिनों के लिए सरकारी क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा.
इस बात को लेकर भी चिंता जताई गई है कि विदेशों से बड़ी संख्या में लोगों को लाने पर भारत में संक्रमण के मामले और बढ़ सकते हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने इस पर कहा कि केंद्र सरकार ने बाहर से लौटने वाले लोगों के लिए राज्यों से होटल, कॉलेज हॉस्टल और खाली घरों को क्वारंटीन सेंटर में बदलने के लिए कहा है ताकि हेल्थ वर्कर्स उन पर निगरानी रख सकें.