कोरोना वायरस: इटली में लगातार तीसरे दिन सबसे कम मौतें

14 मार्च के बाद इटली में सबसे कम मौतों का आंकड़ा दर्ज किया गया है. इटली में 26,644 लोगों की मौत हुई है.

लाइव कवरेज

  1. तेज प्रताप यादव ने किया 'सदबुद्धि महायज्ञ'

    लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए 'सदबुद्धि महायज्ञ' का आयोजन किया. तेज प्रताप ने महायज्ञ को देश के दूसरे राज्यों में लॉकडाउन के चलते फंसे छात्रों और मजदूरों को बिहार वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री को सदबुद्धि मिलने के लिए किया गया आयोजन बताया है.

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  2. ब्रेकिंग न्यूज़, जर्मनी ने कैसे कोरोना पर अंकुश लगाया

    कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ जारी जंग में जर्मनी को एक उदाहरण के रूप में पेश किया जा रहा है.

    जर्मनी की सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्था रॉबर्ट कॉच इंस्टीट्यूट के ताजा आंकड़ों के मुताबिक़, जर्मनी ने 5500 लोगों की मौत हो चुकी है.

    ये संख्या ब्रिटेन, स्पेन, इटली, फ्रांस और अमरीका से काफ़ी कम है. हालांकि जर्मनी में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख 56 हज़ार से ज़्यादा है.

    जर्मन विदेश मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी एंड्रेइस मिशेलिस ने कहा है कि ये किस्मत की वजह से हुआ है और हमारी सरकार के उस फैसले का भी इसमें योगदान है जिसके तहत आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को ज़रूरत से ज़्यादा रखा गया.

    बीबीसी के एंड्र्यू मार के न्यूज़ टॉक शो पर उन्होंने कहा,“जर्मनी के पास 40 हज़ार आईसीयू बैड थे जिनमें से तीस हज़ार को वेंटिलेटर्स के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है.

    उन्होंने कहा,“ये हमारे स्वास्थ्य तंत्र की विरासत है. ये हमारे स्वास्थ्य तंत्र का एक प्रमुख हिस्सा है. कई विशेषज्ञ इस हमारी आलोचना करते हैं कि हमारे यहां आवश्यकता से अधिक क्षमता है जिस पर बहुत ज़्यादा पैसा ख़र्च होता है.”

    “मुझे लगता है कि जर्मनी के लिए अब ये कह सकते हैं कि अतिरिक्त क्षमताएं बरकरार रखने के लिए वे पहले ज़्यादा पैसा ख़र्च करके खुश हैं.”

    जर्मनी अपने सावधानी पूर्वक लॉकडाउन को भी खोल रहा है, पहले ख़ास उम्र के बच्चों के स्कूल खोले जाएंगे और ज़रूरी सामानों की दुकानों को खोला जाएगा.

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  3. कोरोना लॉकडाउनः चाइल्ड पॉर्नोग्राफ़ी से जुड़े कंटेंट के डाउनलोड बढ़े

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, सऊदी अरब ने पाबंदियों में राहत दी

    सऊदी अरब

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    सऊदी अरब रविवार से अपने यहां पाबंदियों में ढील दे रहा है.

    देश भर में 24 घंटे के कर्फ़्यू में थोड़ी ढील दी गई है और सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक के लिए इसे हटाया गया है.

    बुधवार से देश भर में दुकानें खोली जा रही हैं और कुछ फैक्ट्रियों में काम की अनुमति दी गई है.

    रमज़ान महीने के पहले दो सप्ताह के दौरान यह ढील दी गई है.

    लेकिन ढील उन जगहों पर लागू नहीं होगी, जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा सके. इस लिहाज से जिम और रेस्टोरेंट नहीं खुलेंगे.

    मक्का और मदीना में लॉकडाउन लागू रहेगा. सऊदी अरब में अब तक कोरोना संक्रमण के 16 हज़ार मामले सामने आए हैं जबकि 136 लोगों की मौत हुई है.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना वायरस ने तेल को पानी बना दिया?

    तेल के कारोबार को कितना नुक़सान पहुँचा है, इसके बारे में 20 अप्रैल को उस वक़्त पता चला चला जब अमरीका में इसकी क़ीमत अब तक के इतिहास के सबसे निचले पायदान माइनस 38 डॉलर प्रति बैरल की दर पर पहुँच गई. इससे पहले पिछले 40 सालों में यह कभी भी 10 डॉलर प्रति बैरल से नीचे नहीं गया था.

    पिछले कुछ महीनों में कोरोना वायरस से हुए लॉकडाउन ने बाज़ार में तेल की मांग भयानक रूप से कम कर दी है क्योंकि अरबों लोग यात्राएं नहीं कर रहे हैं. इसका असर किसी भी वित्तीय संकट, मंदी और युद्ध से ज़्यादा हुआ है. अब अमरीका के पास इतना तेल है कि उसके पास रखने की जगह नहीं. हो सकता है कि निगेटिव में तेल की क़ीमत जाने की नौबत ना आए लेकिन इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का कहना है कि यह आने वाले दिनों में संकट कम होता नहीं दिख रहा क्योंकि ये हालात हफ़्तों या फिर महीनों में नहीं ठीक होने जा रहे.

    अमरीका के इंडिपेंडेंट पेट्रोलियम एसोसिएशन में अर्थशास्त्र और अंतराष्ट्रीय मामलों के उपाध्यक्ष फ्रेडिरक लॉरेंस का कहना है, “जिन चीज़ों के होने की आशंका थी वो उम्मीद से बहुत पहले ख़राब होनी शुरू हो गई है. पाइपलाइन कंपनियों की ओर से लोगों को नोटिस मिल रहा है और कहा जा रहा है वे अब और कच्चा तेल नहीं ले सकते. इसका मतलब हुआ कि कल को तेल के कुएँ बंद करने की नौबत आने वाली है.”

    19वीं सदीं की शुरुआत से जो चीज़ वैश्विक पैमाने पर व्यापार का केंद्रीय तत्व हो वो अब पूरी दुनिया में इतनी प्रचूर मात्रा में है, कि कोई उसे पूछ नहीं रहा है. सूत्रों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि दुनिया के अग्रणी तेल उत्पादक देशों में से एक रूस ने अपने तेल को बाज़ार से लेकर जलाने पर विचार कर रहा है.

    नॉर्वे की एक बड़ी तेल कंपनी इक्वानोर ने अपनी तिमाही लाभांश में दो-तिहाई की कटौती कर दी है. अगले हफ़्ते दुनिया की बड़ी तेल उत्पादक कंपनियों एक्जॉन मोबिल कॉर्प, बीपी पीएलसी और रॉयल डच शेल पीएलसी की कमाई की रिपोर्ट आने वाली हैं. सभी से उम्मीद की जा रही है कि वे अतिरिक्त व्यय कटौतियों की बात करेंगे. निवेशकों की नज़र इस पर होगी कि ये कंपनियां अपने लाभांश को कैसे संभालती हैं.

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  6. अफ़्रीकी देश अब हुए सक्रिय

    अफ़्रीकी देश आक्रामक तरीक़े से स्क्रीनिंग और टेस्टिंग की रणनीति अपना रहे हैं. कोविड 19 से बचने के तरीक़ों में से ये एक सबसे महत्वपूर्ण रणनीति है, जिसे अफ्रीकी देश अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप अपना रहे हैं.

    हालांकि यहां शुरुआत धीमी थी लेकिन बीते 10 दिनों में अफ्रीकी महाद्वीप में संक्रमण के मामलों एकाएक 40 फ़ीसदी से भी अधिक का उछाल देखा गया. बीते दस दिनों में यहां संक्रमण के बढ़कर 28 हज़ार हो गए हैं और इसके साथ ही मरने वालों की संख्या भी बढ़ी है.

    मरने वालों की संख्या बढ़कर 1300 हो गई है, जो चिंता की बात है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तीन से छह महीने के भीतर महाद्वीप पर संक्रमण के मामले बढ़कर एक करोड़ हो जाने की चेतावनी दी है.

    हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसके प्रकोप को रोकने के लिए अधिकारियों ने आक्रामक रुख़ अपनाया तो मौत का आँकड़ा कम हो सकता है. WHO के हेल्थ इमर्जेंसी प्रोग्राम के एक्जेक्युटिव डायरेक्टर डॉक्टर माइक रयान का कहना है कि अफ्रीका में संक्रमण अभी शुरुआती चरण में है.

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  7. ब्रेकिंग न्यूज़, बीजिंग ने साफ़-सफ़ाई को बढ़ावा देने के लिए असभ्य तौर-तरीक़ों पर लगाया प्रतिबंध

    चीन ने अपने यहां साफ़-सफ़ाई को बढ़ावा देने के लिए असभ्य तौर-तरीक़ों पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसके अनुसार मुंह पर बिना हाथ या कोई टिश्यू/रुमाल रखे खांसने या छींकने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

    कोरोना वायरस महामारी के इस दौर में साफ़-सफ़ाई बनाए रखने के उद्देश्य से जारी नियमावली में इसे शामिल किया गया है. समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से यह क़दम उठाया गया है.

    इन नियमों का मक़सद लोगों को सभ्य व्यवहार के प्रति प्रोत्साहित करना करना है. साथ ही इसे कोरोना वायरस महामारी से जोड़कर भी देखा जा रहा है जिसके देश में अभी तक 82 हज़ार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं.

    इन नियमों की अनदेखी करने वाले को जुर्माना भरना होगा. इसके अलावा सार्वजनिक स्थल पर मास्क नहीं पहनने वालों (अगर वे अस्वस्थ हैं तो) को भी हर्जाना देना होगा. इन नियमों में सार्वजनिक जगहों पर एक-दूसरे से एक मीटर की दूरी का पालन करने को भी कहा गया है.

    लोगों को साफ़ कपड़े पहनने और नंगे बदन (शर्टलेस) ना घूमने को कहा गया है. बीजिंग ने पहले ही असभ्यता की श्रेणी में रखे जाने वाले व्यवहार जैसे की थूकने, कूड़ा-करकट इधर-उधर फेंकने, कहीं भी कुत्ते को खुला छोड़ देने, ऊंची इमारतों से सामान फेंकने, खुली जगहों पर शौच करने और धूम्रपान करने को लेकर बेहद सख़्ती अपनायी है.

    ये क़ानून पुलिस को भी उन लोगों के ख़िलाफ़ गंभीर अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जो समाजिक तौर पर नुक़सान पहुंचा सकते हैं.

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  8. सिंगापुर में संक्रमितों के लिए हाइटेक व्यवस्था

    सिंगापुर में कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कैवर्नस प्रदर्शनी हॉल में मरीज़ों के लिए बेड्स की व्यवस्था का काम तेज़ी से किया जा रहा है. साथ ही दूसरी अस्थायी सुविधाओं का भी बंदोबस्त किया जा रहा है.

    सिंगापुर में कम आय वाले प्रवासी मज़दूरों की एक बड़ी संख्या है, जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की आशंका है. क़रीब 5700000 आबादी वाले सिंगापुर में अभी तक संक्रमण के 12 हज़ार मामलों की पुष्टि हो चुकी है.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की ख़बर के मुताबिक़, यह एशिया के सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है. एक ओर जहां सिंगापुर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 12 हज़ार से अधिक हैं वहीं यहां मरने वालों की संख्या कई देशों से तुलनात्मक रूप से बहुत कम है. सिंगापुर में कोविड19 के कारण अभी तक 12 लोगों की मौत हुई है जबकि 24 लोग आईसीयू में हैं.

    चांगी आइसोलेशन सेंटर में हर कमरे में ब्लड प्रेशर मापने वाली मशीन और स्वास्थ्य सहायता से जुड़ी दूसरी सभी चीज़ें मौजूद हैं ताकि मरीज़ ख़ुद से ही दिन में तीन बार अपनी जांच कर ले.

    साथ ही रिमोट कंट्रोल रोबोट्स यहां लोगों को खाना सर्व करते हैं. इन कमरों में टेलिकॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई है ताकि ह्यूमन टू ह्यूमन कॉन्टेक्ट को अधिक से अधिक टाला जा सके. इसके साथ ही यहां चार पैरों वाले रोबोट डॉग को लेकर भी ट्रायल किया जा रहा है. बोस्टन डायनमिक्स के ये रोबोट आने वाले समय में लोगों को दवाई देने के काम में इस्तेमाल किए जा सकते हैं. हो सकता है कि ये मरीज़ का तापमान भी मापने का काम करें.

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  9. ब्रेकिंग न्यूज़, क्यूबा की मेडिकल डिप्लोमैसी

    क्यूबा ने दो हफ्तों के अंदर 19 देशों में अपनी मेडिकल टीमें भेजी हैं. अमरीका की पाबंदियों के बावजूद क्यूबा अभी भी कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में अहम भूमिका निभा रहा है. क्यूबा ने इटली, एंडोरा, अंगोला, जमैका, मेक्सिको और वेनेज़ुएला समेत 19 देशों में अपनी नई मेडिकल टीमें भेजी हैं जिसमें 900 डॉक्टर्स और नर्सें शामिल हैं.

    इसके अलावा अर्जेंटीना और स्पेन जैसे देशों के अनुरोध पर अभी क़दम उठाया जाना बाक़ी है. क्यूबा की मेडिकल टीमों ने इससे पहले भी कई विपदा के मौक़ों पर लोगों की जान बचाई है. इससे पहले श्रीलंका में 2004 में आई सुनामी, पाकिस्तान में 2005 में आए भूकंप और फिर 2006 में इंडोनेशिया में आए भूकंप के वक़्त क्यूबा ने इन देशों की भरपूर मदद की है.

    2006 में इंडोनेशिया गए टीम के सदस्य डॉक्टर ऑस्कर पतोल ने अपने अभियान के बारे में रॉयटर्स से कहा था, “आज एक ज्वालामुखी, कल कोई भूकंप और उसके बाद फिर बाढ़ आए क्यूबा किसी भी देश की मदद करने को तैयार है.”

    कोरोना से बुरी तरह से प्रभावित इटली में क्यूबा ने 52 डॉक्टर और नर्स मदद के लिए भेजे हैं. मुश्किल हालात में काम करने के आदी रहे क्यूबा के डॉक्टर्स और नर्सों ने इटली में भी बहुमूल्य योगदान दिया है. क़रीब 60 सालों से क्यूबा पूरी दुनिया में अपने डॉक्टरों और नर्सों को भेज रहा है.

    यह जरूरतमंदों की मदद के मक़सद से क्यूबा करता है लेकिन यह उनके मेडिकल डिप्लोमेसी का भी हिस्सा है और इससे अमरीका की पाबंदियां झेल रहे क्यूबा को आर्थिक मदद भी मिलती है.

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  10. वीडियो कैप्शन, पूरी दुनिया को इस समय कोरोना वायरस की वैक्सीन का इंतज़ार है.
  11. मन की बात में मास्क लगाने पर क्या बोले पीएम मोदी

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  12. पीएम मोदी मन की बात में

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  13. मन की बात में पीएम मोदी ने रमज़ान पर जो कुछ कहा

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  14. वीडियो कैप्शन, पूरी दुनिया को इस समय कोरोना वायरस की वैक्सीन का इंतज़ार है.
  15. चीन के इस लक्ष्य को कोरोना वायरस ने पूरा कर दिया!

    कोरोना वायरस के कारण दुनिया के ज़्यादातर देशों में लॉकडाउन है इसलिए बहुत से देशों और इलाक़ों में प्रदूषण का स्तर तुलनात्मक तौर पर कम हुआ है. वहीं चीन के अक्सर धूल और धुंए की चादर में लिपटे रहने वाले उत्तरी प्रांत हुबे में भी हवा साफ़ हुई है और प्रशासन ने वायु गुणवत्ता के लिए जो लक्ष्य रखा था उसे पूरा कर लिया है.

    हालांकि स्थानीय अधिकारी ने कोरोना वायरस के कारण किए गए लॉकडाउन का बिना ज़िक्र किए यह दावा किया है. प्रांतीय पर्यावरण ब्यूरो के वाइस-हेड ही लिताओ ने कहा कि अक्टूबर-मार्च की अवधि में PM2.5 की औसत सांद्रता में 15% की कमी आई है, साथ ही सल्फ़रडाइऑक्साइड की सांद्रता में भी एक-तिहाई कमी आई है.

    ज़्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि पूरे चीन में ही वातावरण प्रदूषण में कमी आई है तो यह उसी का नतीजा हो सकता है. बीते साल के अंत में ही कोरोना वायरस संक्रमण का पता चला था जिसके बाद चीन ने एहतिहात बरतते हुए अपने यहां लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी. जिसके कारण सड़कों पर वाहन और कारखाने-उद्योग भी बंद थे.

    विशेषज्ञ इसे ही प्रदूषण के कम होने का कारण मान रहे हैं. अब भी लाखों लोग घरों में ही रह रहे हैं जिसके कारण साल 2020 के शुरुआती तीन महीनों के जो आँकड़े आए हैं उनमें 300 से अधिक चीनी शहरों में फेफड़े को नुक़सान पहुंचाने वाले PM2.5 कणों की सांद्रता लगभग 15% तक कम होने का दावा किया जा रहा है.

    शंघाई में ज़हरीली गैसों के उत्सर्जन में पहली तिमाही में लगभग 20% की गिरावट देखी गई जबकि वुहान में मासिक औसत पिछले साल की तुलना में एक तिहाई से अधिक कम हो गया है. हालांकि, हुबे प्रांत के पर्यावरण ब्यूरो का कहना है कि वे प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपने फ़ैसले पर कायम रहे और उनका सही से पालन किया जिसकी वजह से स्थानीय स्तर पर यह प्रदूषण में कमी देखने को मिल रही है.

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  16. कोरोना वायरस की महामारी में क्यूबा की प्रशंसा क्यों

    क्यूबा ने शनिवार को दक्षिण अफ़्रीका में 216 स्वास्थ्यकर्मियों को भेजा है. कोरोना वायरस की महामारी में मदद करने के लिए क्यूबा ने हाल ही में दुनिया भर में 20 और मेडिकल दलों को रवाना किया है. कुछ लोग इसे समाजवादी एकता कह रहे हैं तो कुछ लोगो मेडिकल डिप्लोमैसी नाम दे रहे हैं.

    वामपंथी शासन-व्यवस्था वाले क्यूबा ने बेहाल अफ़्रीकी और कैरिबियाई देशों में क़रीब 1,200 स्वास्थ्यकर्मियों को भेजा है. यहां तक कि क्यूबा ने यूरोप के अमीर देश इटली में भी अपने स्वास्थ्यकर्मियों को भेजा था. अमरीका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने दुनिया के देशों से आग्रह किया है कि वो क्यूबा के स्वास्थ्यकर्मियों को स्वीकार नहीं करें.

    हालांकि क्यूबा ने जिन भी देशों में अपने स्वास्थ्यकर्मियों को भेजा वहीं उनका स्वागत किया जा रहा है. क्यूबा में कोरोना वायरस के संक्रमण के कुल 1337 मामले सामने आए हैं और अब तक 51 लोगों की मौत हुई है. क्यूबा में प्रति व्यक्ति डॉक्टरों की उपलब्धता सबसे ज़्यादा है. क्यूबा के हेल्थकेयर सिस्टम की दुनिया भर में महामारी से निपटने में तारीफ़ होती है.

    दक्षिण अफ़्रीका के स्वास्थ्य मंत्री ज़्वेली मखीज़ ने कहा है, ''क्यूबा की सबसे अच्छी बात है कि वहां सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा है. हम इस मॉडल को पसंद करते हैं.'' दक्षिण अफ़्रीका में कोरोना वायरस से संक्रमण के कुल 4,361 मामले सामने आए हैं और 86 लोगों की मौत हुई है. दक्षिण अफ़्रीका के क्यूबा से ख़ास संबंध रहे हैं. क्यूबा के सैनिकों ने दक्षिणी एंगोला में लड़ाई लड़ी थी और नेल्सन मंडेला को जेल से मुक्त करवाने में मदद की थी. नेल्सन मंडेला ने रिहा होने के बाद फिदेल कास्त्रो को शुक्रिया कहा था.

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  17. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना वायरस की महामारी पर जी-20 की पहल

    दुनिया की विकसित और तेज़ी से आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं के समूह G20 ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोरोना वायरस से लड़ने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यता को पूरा करने के लिए अपील की है.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की ख़बर के मुताबिक़, G20 के वर्तमान अध्यक्ष देश सऊदी अरब के वित्त मंत्री ने कहा कि समूह अभी भी कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए अनुमानित 8 अरब डॉलर के फंडिंग गैप को पूरा करने की कोशिश कर रहा है.

    सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल जदान ने ‘एक्सेस टू कोविड19 टूल्स एक्सीलेरेटर’ पहल के दौरान एक बयान जारी कर कहा, ‘G20 सभी मोर्चों पर वैश्विक सहयोग को मज़बूत करना जारी रखेगा और सबसे महत्वपूर्ण बात, कोविड-19 की रोकथाम में धन की कमी को पूरा करने के लिए प्रयास.’

    उन्होंने आगे कहा कि अंतरारष्ट्रीय समुदाय अब भी इस स्वास्थ्य संकट की गहराई और यह कब तक बना रहेगा को लेकर अनिश्चित है. इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए किए जा रहे वैश्विक प्रयासों के लिए 50 करोड़ डॉलर की सहायता राशि देने का वादा किया था. अपने बयान में सऊदी अरब ने सभी देशों, ग़ैर-सरकारी संगठनों, दान करने वाले लोगों और निजी क्षेत्र को आर्थिक मदद देने वालों से इस आर्थिक अंतर को पूरा करने के लिए मदद की अपील की है.

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  18. कोरोना वायरस: मौत और मातम के बीच काम करने वाले डॉक्टरों ने बताया अपना अनुभव

  19. डेली प्रेस ब्रीफ़िंग बंद करने के बाद अमरीकी राष्ट्रपति कर सकते हैं ये एक और बड़ा बदलाव

    अमरीका में कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 52 हज़ार के पार पहुंच गई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कोरोना वायरस पर रोज़ाना होने वाली प्रेस ब्रीफ़िंग को आगे से नहीं करने का फ़ैसला किया है और अब वो एक और बड़ा बदलाव कर सकते हैं. ऐसा माना जा रहा है ट्रंप प्रशासन मौजूदा हेल्थ एंड ह्यूमन सेक्रेटरी एलेक्स अज़र को हटा सकता है.

    कोरोना वायरस महामारी के शुरुआती दौर में हुई गड़बड़ियों के कारण यह फ़ैसला लिया जा सकता है. हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है लेकिन माना जा रहा है कि प्रशासन इस पर विचार कर रहा है.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबि़क, व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता जुड डीरे ने इस बात का खंडन किया है. उन्होंने कहा कि अज़र के नेतृत्व में एचएचएस राष्ट्रपति की कई प्राथमिकताओं के अनुसार आगे भी काम जारी रखेगा. डीरे ने कहा, "किसी के भी बारे में किसी भी तरह की अटकलें लगाना ग़ैर-जिम्मेदाराना हैं और हमारी सरकार जिस तरह से कोविड 19 से लड़ रही है ये उस लिहाज़ से यह भटकाव है."

    जुड ने इस चर्चा से परिचित छह लोगों का हवाला देते हुए कहा कि अज़र को लेकर निराशा तो बढ़ रही थी लेकिन प्रशासन कोरोना वायरस महामारी के इस दौर में कोई भी बड़ा फ़ैसला लेने से हिचक रहा था. पोलिटिको के मुताबिक़, अज़र के पद के लिए जिन नामों पर चर्चा है उनमें व्हाइट हाउस के कोरोना वायरस कॉर्डिनेटर डेबोराह ब्रिक्स, मेडिकेयर एंड मेडिकेड सर्विसेज प्रमुख सीमा वर्मा और डिप्टी एचएचएस सेक्रेटरी एरिक हैरगन का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है.

    इस संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए एचएचएस की प्रवक्ता केटलिन ओकले ने कहा, अज़र फ़िलहाल वैश्विक स्वास्थ्य संकट को लेकर व्यस्त हैं और उनके पास इस सबके के लिए वक़्त नहीं है.

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  20. वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस या हे फीवर? लक्षणों से कैसे पहचानें