कोरोना वायरस: दुनियाभर में मौत का आंकड़ा 2,00,000 के पार
पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का क़हर जारी है. जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार संक्रमित मरीज़ों की कुल संख्या 28.65 लाख के पार जा चुकी है.
लाइव कवरेज
किसी भी देश से एक डॉलर की भी मदद नहीं मिली- इमरान ख़ान
पाकिस्तान ने 9 मई तक पूरे देश में लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की है. योजना मंत्री असद उमर ने इसकी घोषणा की.
उमर का कहना है कि प्रांतीय सरकारों के साथ राय-मश्विरा कर के यह फ़ैसला लिया गया है.
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक़ पाकिस्तान में अब तक कोरोना वायरस के 11,940 मामले सामने आए हैं जिनमें से 253 लोगों की मौत हो चुकी है.
पाकिस्तान पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था ऊपर से कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी ने हालत और गंभीर कर दी है.
शुक्रवार को प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि उन्हें अब तक किसी देश या वैश्विक संगठन से एक डॉलर की भी आर्थिक मदद नहीं मिली है.
सोशल मीडिया के प्रभावी शख्सियतों और पत्रकारों के साथ बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद पैदा हुए हालात पाकिस्तान और पूरी दुनिया के लिए बड़ा इम्तेहान है.
इमरान ख़ान ने कहा कि इस महमारी से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है. पीएम ख़ान ने कहा, ''किसी भी देश या अंतर्राष्ट्रीय संगठन से उन्हें एक डॉलर की भी मदद नहीं मिली है. केवल आईएमएफ़ से क़र्ज़ की रक़म मिली है.''
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ब्रेकिंग न्यूज़, श्रीलंका में फिर लगा 24 घंटे का कर्फ़्यू
कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामले को देखकर श्रीलंका ने फिर से 24 घंटो का कर्फ़्यू लगा दिया है. शुक्रवार 46 नए मामले देश में सामने आए हैं. इसके साथ ही श्रीलंका में संक्रमितों की कुल संख्या 420 पहुँच गई है और यहाँ अब तक मरने वालों संख्या 7 है.
नए संक्रमितों में 30 नाविक हैं जो राजधानी कोलंबो के पास एक कैम्प से हैं. अब तक 60 नाविक कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं.
श्रीलंका में सोमवार को दिन के वक़्त देश के दो तिहाई हिस्सों में कर्फ़्यू में ढील दी गई थी. पुलिस ने अब तक कर्फ़्यू का उल्लंघन करने वाले 30000 लोगों को गिरफ़्तार किया है.
राष्ट्रपति ट्रंप की ख़तरनाक सलाह?
व्हाइट हाऊस की प्रेस ब्रीफ़िंग में राष्ट्रपति ट्रंप की दी गई सलाह की जमकर आलोचना हो रही है. ट्रंप ने ब्रीफ़िंग के दौरान कहा था कि इस पर शोध होना चाहिए कि क्या रोगाणुनाशकों को शरीर में इंजेक्ट करने से कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है.
प्रेस ब्रीफ़िंग में मौजूद व्हाइट हाउस कोरोना टास्क फोर्स की डॉक्टर डेबोराह बिरक्स ने उनके इस सलाह को वहीं ख़ारिज कर दिया था. बाद में शुक्रवार को ट्रंप ने कहा कि उन्होंने यह ‘तंज’ में कहा था.
हालांकि बीबीसी से बातचीत में डॉक्टरों का कहना है कि कुछ लोग उनकी इस बात को सच मान सकते हैं.
सर्जन डॉक्टर जोनाथन स्पाइसर चेतावनी भरे लहजे में कहते हैं, “ये रोगाणुनाशक इतने ख़तरनाक होते हैं कि यह हमारे अंदर के हिस्से को गला देंगे.”
न्यूयॉर्क सिटी की हेल्थ कमीशनर डॉक्टर ऑक्सीरीस बारबोट कहती हैं, “रोगाणुनाशक को किसी भी तरीक़े से फिर चाहे इंजेक्शन, या फिर पीने या स्कीन पर लगाने पर भी शरीर के लिए ये बहुत नुक़सानदायक है.''
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेस ब्रीफ़िंग में यह भी प्रस्ताव डाला था कि अलट्रावॉयलेट लाइट से मरीज़ों के शरीर को इरेडिएट किया जा सकता है.
इम्यूनॉलिजिस्ट डॉक्टर डोना फार्बर इस पर कहती हैं, “ये किरणें आपके बहुत अंदर नहीं जाती, आप इसे अंदर की ओर भी डालेंगे तो यह फेफड़ों तक नहीं पुहँचेंगी. हम जानते हैं कि जब हम इन किरणों के संपर्क में आएंगे तो क्या होगा. हमें सनबर्न होगा और यह डीएनए को नुक़सान पहुँचाएँगी. किसी भी तरह का रेडिएशन जो हमारे शरीर में जाएगा वो हमें बहुत नुक़सान पहुँचाने वाला होगा. इससे अच्छा है कि आप कोरोना वायरस के साथ ही रहे और अपने इम्युन सिस्टम को उससे लड़ने दें.
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कोरोना वायरस: वियतनाम ने ऐसा क्या किया कि एक भी मौत नहीं
ब्रेकिंग न्यूज़, अमरीका में कोरोना वायरस से अब तक 51 हज़ार मौतें
अमरीका में कोरोना वायरस के संक्रमितों की कुल संख्या 890,524 हो गई है. इसकी चपेट में आकर अब तक यहां 51,017 लोगों की जान जा चुकी है. कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में अभी ये संख्या रुकने नहीं जा रही. शुक्रवार को अमरीका में संक्रमण के 21,579 नए मामले सामने आए और 1,130 लोगों की मौत हुई.
व्हाइट हाउस कोविड-19 टास्ट फोर्स के विशेषज्ञ डॉक्टर डेबोराह बिरक्स का कहना है कि "दुनिया में सबसे कम मृत्यु दर अमरीका में है."
प्रति व्यक्ति दर के हिसाब से अमरीका में कोरोना से होने वाली मौजूदा मृत्यु दर स्पेन, इटली, फ्रांस, बेल्जियम और ब्रिटेन से कम है.
अगर सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों की सूची देखे तो अमरीका सबसे ऊपर दिखता है लेकिन यह इस तस्वीर का पूरा सच नहीं है.
जनसंख्या के हिसाब से देखे तो यूरोप के कई देशों में वहाँ की जनसंख्या के अनुपात में अमरीका से कहीं अधिक मौतें हुई हैं और अगर पूरे यूरोप की बात करें तो वहाँ ज़्यादा मौतें हुई हैं.
लेकिन हमें बड़ें देशों की तुलना इस तरह करने से बचना चाहिए.
अब देखिए न्यूयॉर्क की तस्वीर अमरीका की तस्वीर से अलग दिखती है और ऐसा ही दूसरे देशों के साथ भी है.
इटली में महामारी के दो केंद्र हैं- एक देश के उत्तरी हिस्से में जहाँ स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर हैं और दूसरा देश के दक्षिणी हिस्से में जहाँ स्वास्थ्य सेवाएँ उतनी बेहतर हालत में नहीं हैं. मृत्यु दर इस पर निर्भर करता है कि आप मृतकों की संख्या कैसे गिन रहे हैं. फ्रांस अपने यहाँ मरने वालों में केयर होम में होने वाली मृत्यु को भी गिन रहा है तो वहीं बेल्जियम संदिग्ध मृतकों की संख्या भी कोरोना से मरने वाले मृतकों में शामिल कर रहा है. इससे वहाँ मरने वालों की संख्या ज़्यादा दिखती है.
अमरीका में हर रोज़ मरने वालों की संख्या में अचानक आई बढ़ोतरी की एक वजह यह भी है कि उसने वायरस से आशंकित मौतों को भी मरने वालों की संख्या में शामिल करना शुरू किया है.
अमरीकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने 14 अप्रैल को बताया कि मृतकों की संख्या में पुष्ट और संभावित मरीज़ों की संख्या को शामिल किया जाएगा.
मरने वाले संभावित मरीज़ों में उन्हें शामिल किया जाता है जिनमें लक्षण तो दिखते हैं लेकिन जिनकी टेस्टिंग से जिनकी पुष्टि नहीं हुई है.
यह भी यहाँ ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि कोविड-19 के कई ऐसे हल्के मामले हैं जिनकी रिपोर्टिंग नहीं हो पा रही इसलिए संक्रमण की पुष्टि वाली जो मृत्यु दर है, वो कुल मौतों के बराबर नहीं है. ॉ
टेस्टिंग की मदद से ही वास्तविक मृत्यु दर और संक्रमण का पता चल पाएगा.
टास्क फोर्स की अगुवाई करने वाले माइक पेंस ने बताया है कि अमरीका 49 लाख टेस्ट अब तक कर चुका है और अलग-अलग राज्यों के गर्वनर से इसे और अधिक करने पर काम हो रहा है.
अमरीकी संसद में 484 अरब डॉलर की आर्थिक मदद की घोषणा की गई है. इसका एक हिस्सा टेस्टिंग के ऊपर भी खर्च किया जाएगा.
अमरीका की ओर से यह चौथी राहत पैकेज की घोषणा है. इसके अलावा अस्पताल और छोटे व्यवसायों को क़र्ज़ देने की भी बात कही गई है.
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कोरोना वायरस से तबाह हुआ बांग्लादेश का सबसे कमाऊ धंधा
केंद्र सरकार के फ़ैसले को अभी लागू नहीं करेगी दिल्ली सरकार
नगर निगम और नगर पालिका के अंदर और बाहर आने वाले दुकानों को खोलने के केंद्रीय गृह मंत्रालय के फ़ैसले को दिल्ली सरकार ने फ़िलहाल लागू करने से मना कर दिया है. हालांकि सरकार का यह फ़ैसला कंटेनमेंट ज़ोन और हॉटस्पॉट में लागू नहीं है.
हिन्दुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़ दिल्ली सरकार ने कहा है कि वो हालात का जायज़ा लेने के बाद 27 अप्रैल को इसके ऊपर कोई निर्णय लेगी.
दिल्ली डिज़ास्टर मैनेजमेंट ऑथॉरिटी की शीर्ष कमिटी स्थिति का मूल्यांकन करेगी फिर उसके बाद इसके ऊपर कोई फ़ैसला लिया जाएगा.
दिल्ली सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने अख़बार को यह बताया है. इसके पहले देर रात आए फ़ैसले में कहा गया था कि लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण इलाक़ों के मार्केट कॉम्प्लेक्स और रिहायशी इलाक़ों में सभी दुकानें खुल सकेंगी.
नगर निगम की सीमा के बाहर सभी इलाक़ों को ग्रामीण इलाक़ा माना जा सकता है लेकिन इसमें शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी. मॉल और बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स अब भी ग्रामीण और शहरी इलाक़ों में नहीं खुल सकेंगे.
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ब्रेकिंग न्यूज़, प्रतिबंधों के बावजूद चीन में क्यों बढ़ रहे हैं बाहर से आए संक्रमण के मामले
चीन के उत्तर पश्चिमी इलाक़े शांग्जी में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के सात नए मामले सामने आए. ये सभी सात नए संक्रमित लोग हाल ही में रूस से लौटे थे. चीन में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले यूरोप के कई देशों और अमरीका की तुलना में बेहद कम है.
यह बात ग़ौर करने वाली इसलिए है क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण चीन के वुहान शहर से ही शुरू हुआ था.
चीन ने अपने यहां कोरोना वायरस संक्रमण को काफ़ी हद तक नियंत्रित करने में सफलता पाई है.
बीते एक हफ़्ते में वहां कोरोना वायरस संक्रमण से किसी की मौत का मामला सामने नहीं आया है.
लेकिन बाहर से आ रहे लोगों में संक्रमण के मामले निश्चित तौर पर चीन के लिए फ़िक्र की बात है.
भीतरी मंगोलिया के तटीय शहर मांझोली में भी संक्रमण के तीन नए मामले सामने आए हैं. ये सभी केस भी इंपोर्टेड इंफ़ेक्शन के हैं.
हालांकि इससे अधिक इस संबंध में जानकारी उपलब्ध नहीं है.
कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण के कारण चीन ने मार्च से ही देश में विदेशी नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था. राजधानी बीजिंग से किसी भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बदलने पर प्रतिबंध है और साथ ही बंदरगाहों और सीमाओं पर चेक प्वाइंट्स बना रखे हैं.
इन सारे प्रतिबंधों और एहतियात के बावजूद चीन के जो नागरिक दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से वापस मुल्क लौट रहे हैं, उनके साथ संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं. हाल के दिनों में जो नागरिक विदेशों से लौटे हैं उनमें से अधिकांश रूस से लौटे हुए हैं.
शांझी में संक्रमण के जो नए मामले सामने आए हैं वे सबी चीनी नागरिक हैं जो 20 अप्रैल को मॉस्को से आए एक विमान से लौटे थे जो बीजिंग से वापस लौट गया.
प्रांत के हेल्थ कमिशन के अनुसार, शनिवार को फ़्लाइट के अधिकारियों की ओर से कोरोना वायरस पॉज़ीटिव 30 मामले और आठ बिना लक्षण वाले संक्रमण के मामलों की पुष्टि की गई है.
24 अप्रैल को चीन में कोरोना वायरस के 12 नए मामले सामने आए. इससे एक दिन पहले छह नए मामले सामने आए थे.
इन 12 मामलो में से 11 बाहर से आए हुए लोग थे जबकि इससे एक दिन पहले जो नए मामले सामने आए थे उनमें दो मामले बाहर से आए लोगों में संक्रमण के थे.
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चीन पर शक के बावजूद यूरोप टकराना क्यों नहीं चाहता?
गॉर्डन कोरेरा
बीबीसी, रक्षा संवाददाता
चीन पर यकीन नहीं, फिर भी यूरोप उलझना नहीं चाहता
ब्रिटेन और अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि चीन कोविड-19 से होने वाली मौतों का असली आँकड़ा नहीं बता रहा है.
लेकिन इसके बावजूद सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि यूरोपीय अधिकारी चीन को सीधे तौर पर चुनौती देने को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं.
अधिकारियों की यह भी चिंता है कि चीन अपनी स्थिति मज़बूत करने के लिए इस संकट की घड़ी का इस्तेमाल कर रहा है और ख़ुद पर लग रहे आरोपों से ध्यान भटका रहा है.
चीन ने किसी भी तरह की कोई सूचना छिपाने से इनकार किया है और कहा है कि उसने वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में पूरी पारदर्शिता बरती है.
17 अप्रैल को वुहान में अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या में अचानक से 50 फ़ीसदी का इजाफा दिखाया. इस पर चीनी अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल के बाहर हुई मौतों को शामिल करने की वजह से मरने वालों की संख्या में यह इजाफा हुआ है. इसके साथ ही चीन ने किसी भी तरह की बात नहीं छिपाने पर ज़ोर दिया.
वुहान वहीं शहर है जहाँ से कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत मानी जाती है.
ब्रिटेन और अमरीका में कई अधिकारी इसे चीन की ओर से पेश आँकड़ों की सही तस्वीर नहीं मानते और चीन की सरकार इस बात को जानती है. वे हालांकि इस पर यक़ीन नहीं करते कि चीन को निश्चित तौर पर सही आँकड़ों की जानकारी है और वो इसे छुपा रहा है.
इन अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय स्तर के अधिकारियों ने घबराहट में पूरी सच्चाई नहीं बताई है और ऊपर के अधिकारी इस समस्या को समझ रहे हैं.
फॉरेन अफेयर्स सिलेक्ट कमिटी के चेयरमैन सांसद टॉम टुगेनडाट ने बीबीसी को बताया, "चीन के वास्तविक आँकड़े क्या हैं, यह जानना संभव नहीं है. लेकिन हमें यह ज़रूर पता है कि ये आँकड़े बहुत हद तक संभव है कि ग़लत हैं."
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ब्राज़ील में सामूहिक क़ब्रें
दक्षिण और मध्य अमरीका में कोरोना वायरस की वजह से संकट गहराता जा रहा है. ब्राज़ील की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराने की कगार पर है. अब ब्राज़ील के शहर मनाउस के अधिकारियों ने बताया है कि क़ब्रिस्तान में सामूहिक क़ब्रें खोदने की हालत पैदा हो गई है. क़ब्र खोदने वालों को एक दिन में 100 लाशें दफ़नानी पड़ रही है.
कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद तीन गुना शवों की वृद्धि है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब तक क़रीब 53,000 कोरोना के मामलों और 3600 मौतों की पुष्टि की है. विशेषज्ञों का कहना है कि टेस्टिंग कम होने का मतलब है कि संक्रमण की वास्तविक संख्या इससे बहुत अधिक है.
वीडियो कैप्शन, क्यों ब्राज़ील में ख़ोदी जा रही हैं इतनी क़ब्र
कोरोना के बाद की दुनिया में राष्ट्रवाद, निगरानी और तानाशाही बढ़ेगी
ब्रेकिंग न्यूज़, चीन जिस रिपोर्ट को रोकना चाहता था वो हुई जारी- रॉयटर्स
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार चीन चाहता था कि यूरोपीय यूनियन की एक रिपोर्ट को रोका जाए. इस रिपोर्ट में चीन पर कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने को लेकर ग़लत सूचना देने का आरोप है.
रॉयटर्स के अनुसार चीन चाहता था कि इस रिपोर्ट को ब्लॉक किया जाए. रॉयर्टस ने चार स्रोतों और राजनयिक पत्राचारों की समीक्षा के बाद यह ख़बर दी है.
आख़िरकार यह रिपोर्ट जारी हो गई. इस रिपोर्ट पर ईयू में चीनी मिशन की तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
चीन के विदेश मंत्रालय ने भी अब तक कुछ नहीं कहा है. रॉयटर्स से ईयू की एक प्रवक्ता ने कहा, ''हम ऐसे मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करते हैं. यह हमारे पार्टनर्स और दूसरे देशों के बीच का संवाद है.''
ईयू के एक और अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा कि यह रिपोर्ट जारी हो गई है और जैसी थी वैसी ही जारी हुई है.
रॉयटर्स से अनुसार पहले यह रिपोर्ट 21 अप्रैल को ही जारी होनी थी लेकिन चीनी अधिकारियों के पता चल जाने के कारण देरी हुई.
रॉयटर्स के अनुसार, ''चीन के एक सीनियर अधिकारी ने चीन में ईयू के अधिकारियों से संपर्क साधा था और कहा था कि अगर रिपोर्ट उसी रूप में आज ही जारी होती है तो यह हमारे सहयोग के लिए बहुत ही बुरा होगा.''
रॉयटर्स ने चीनी विदेश मंत्रालय के अधिकारी यांग शिआगुआंग की एक टिप्पणी को कोट किया है जिसमें उन्होंने कहा था कि रिपोर्ट प्रकाशित होगी तो यह चीन को नाराज़ करने वाला क़दम होगा.'' रॉर्यटर्स का कहना है कि इसी को लेकर रिपोर्ट जारी होने में देरी हुई.
इस रिपोर्ट में चीन पर ग़लत सूचना देने और बाद में अपनी अंतर्राष्ट्रीय छवि सुधारने के लिए कई तरह के क़दम उठाने के आरोप लगाए गए हैं.
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इटली सरकार ने कुछ ख़ास बच्चों को लिए खोले पार्क
ब्रेकिंग न्यूज़, शुक्रवार को न्यूयॉर्क में सबसे कम मौतें
शुक्रवार को न्यूयॉर्क में कोरोना वायरस के संक्रमण से हफ़्तों बाद सबसे कम मौतें हुई हैं. सरकार ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में 422 मौतें हुई हैं जो कि 31 मार्च को हुई मौतों के बाद सबसे कम है. उस दिन कोरोना से 391 लोगों की जान गई थी.
अब तक न्यूयॉर्क में 16000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
न्यूयॉर्क के गर्वनर एंड्रू कोमो अपनी प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि यह अब भी अकल्पनीय स्तर पर है. हालांकि किसी तरह यह कुछ कम हुआ है लेकिन अभी यह विनाशकारी है.
कोमो ने बताया कि राज्य में धीरे-धीरे मरीज़ों की संख्या कम हो रही है.
अभी यह संख्या 14,258 पर पहुँच गई है हालांकि अस्पताल में आए नए मरीज़ों की संख्या क़रीब 1300 है.
यहाँ उम्मीद की कुछ किरण नज़र आई है लेकिन गर्वनर का कहना है कि अगर हम जल्दबाजी में सोशल डिस्टेंसिंग की पाबंदियों में कोई छूट देते हैं तो इस पर पानी फिर जाएगा.
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कोरोना वायरस से क्या मास्क लोगों को बचाएगा?
यूरोप में चीन को लेकर घबराहट क्यों?
इसी महीने फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फ़ाइनैंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा था कि चीन इस महामारी से और ठीक से निपट सकता था लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
चीन को लेकर अमरीका से यूरोप तक सवाल उठ रहे हैं. बीबीसी के सुरक्षा संवाददाता गॉर्डन कोरेरा के अनुसार यूरोप में चीन को लेकर संदेह है लेकिन साथ में घबराहट भी है क्योंकि चीन से यहां मदद भी आ रही है.
यूरोपीय देशों की सरकारें चीन के साथ इस नाज़ुक वक्त में किसी भी तरह के कूटनीतिक तकरार को लेकर चिंतित हैं.
ब्रिटेन के एक अधिकारी जो दूसरों की तरह की कोई आधिकारिक बयान नहीं देना चाहते, वो कहते हैं कि चीन के साथ किसी भी तरह के तकरार को लेकर एक ‘घबराहट’ की स्थिति है.
उन्होंने बताया कि यह काफ़ी ‘नाजुक’ रिश्तों का वक़्त है.
सभी देश कमोबेश ज़रूरी सुरक्षा उपकरणों के लिए चीन पर निर्भर हैं और इसके अलावा वो चीन से मिलने वाली सुचनाओं पर भी निर्भर हैं ताकि यह समझ सके कि वाक़ई में क्या हुआ है और आगे कैसे इस प्रकोप से लड़ा जा सकता है.
चीन में ब्रिटेन के एक पूर्व राजनयिक आरयूसीआई के एक वरिष्ठ सहयोगी चार्ल्स पार्टन का कहना है, "हमें बयानबाजी और टकराव को कम करने की ज़रूरत है क्योंकि हमारे सामने अभी ज़्यादा गंभीर मसला है जिससे हमें निपटना है."
अमरीका में चुनाव होने की वजह से चीन का मुद्दा गर्म है. चीन को लेकर सख़्त रवैये और वायरस की शुरुआत को लेकर जाँच बिठाने का दबाव है.
यूरोपीय संघ की रिपोर्ट क्या कहती है?
यूरोपीय संघ की रिपोर्ट में कहा गया है, "सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित गंभीर परिणामों के बावजूद कई सरकारें जिसमें रूस और कुछ हद तक चीन भी शामिल है, लगातार इस वायरस के शुरू होने को लेकर किसी भी तरह की साज़िश और ग़लत सूचनाओं का यूरोपीय संघ और उसके व्यापक पड़ोसी क्षेत्र में खंडन कर रहे हैं."
इसमें दावा किया गया है कि चीनी अधिकारी और वहाँ के मीडिया वायरस को लेकर किसी भी तरह के इल्जाम को ख़ारिज करने में लगे हुए हैं. वुहान का कोई भी ज़िक्र किए बिना कुछ सरकारी सोशल मीडिया चैनल्स यह बात लगातार फैला रहे हैं कि संक्रमण का ताल्लुक अमरीकी सैन्य प्रतिनिधियों के दौरे से है.
रिपोर्ट में रूस की भूमिका का भी ज़िक्र किया गया है कि कैसे रूस के सरकारी मीडिया लगातार यूरीपीय संघ के ख़िलाफ़ संकट की इस घड़ी में सही से नहीं संभालने का इल्जाम लगा रही है तो वहीं कोरोना वायरस के शुरू होने और उसके असर को लेकर संदेह पैदा कर रही है.
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कोरोना वायरस: लॉकडाउन के बीच पाकिस्तान में क्यों हैं मस्जिदें खुली
अब तक के बड़े अपडेट्स
दुनिया भर में कोरोना से मरने वालों की संख्या एक लाख 95 हज़ार से ज़्यादा हुई
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक़ दुनिया भर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या एक लाख 95 हज़ार से ज़्यादा हो गई है वहीं कम से कम 27 लाख लोग अब तक संक्रमित पाए गए हैं. बहुत हद तक संभव है कि असली आँकड़े इससे कहीं ज़्यादा हो सकते हैं क्योंकि कई मामलों में संदिग्ध मरीज़ों की अभी टेस्ट रिपोर्ट नहीं आई है.
भारत में रजिस्टर्ड दुकानों को लेकर गृह मंत्रालय ने जारी किए आदेश
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के दौरान किस प्रकार की दुकानें खुली रहेंगी इसको लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. गृह मंत्रालय जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के तहत शॉप्स एंड एस्टेबलिशमेंट क़ानून के अंतर्गत रजिस्टर्ड सभी दुकानों को लॉकडाउन में राहत दी गई है. हालांकि, सिंगल और मल्टी ब्रैंड मॉल में इस तरह की दुकानें नहीं खुल सकेंगी. इसके अलावा नगर निगम और नगर पालिकाओं के दायरे के बाहर के मार्केट कॉम्पलेक्स भी खुल सकेंगे. इसके लिए केवल 50 फ़ीसदी कर्मचारी ही कार्य करेंगे जिनको मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा. हॉटस्पॉट या कंटेनमेंट ज़ोन वाली जगहों पर ये छूट नहीं दी जाएगी.
ब्रिटेन के राजनीतिक सलाहकार ने वैज्ञानिकों की बैठक में हिस्सा लिया, विवाद
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए गठित विशेषज्ञों की बैठक में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के प्रमुख राजनीतिक सलाहकार के शामिल होने के बाद सवाल उठ रहे हैं. सरकार ने स्वतंत्र वैज्ञानिक सलाहकारों की इस टीम का गठन किया है और इसके सदस्यों के नाम तब तक गोपनीय बने रहे थे जब तक कि यह द गार्डियन अखबार ने लीक नहीं कर दिया. डोमिनिक कमिंग और दूसरे सलाहकार जो इस कमिटी के सदस्य नहीं थे, उन्होंने इसकी बैठक में हिस्सा लिया है.
अमरीकी अधिकारियों ने हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन के इस्तेमाल पर चेताया
अमरीकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने डॉक्टरों को मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन के इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी है क्योंकि किसी-किसी मामले में इसके साइड इफेक्ट के तौर पर मरीज़ों के हार्ट फेल होने की शिकायतें मिली हैं. अस्पतालों और रिसर्च अध्ययनों को इस चेतावनी से बाहर रखा गया है.
चीन का मेडिकल एक्सपर्ट दल उत्तर कोरिया रवाना
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ डॉक्टरों का एक चीनी दल उत्तर कोरिया के नेता किम-जोंग-उन को सलाह देने उत्तर कोरिया पहुँचा है. चीनी डॉक्टरों और अधिकारियों का यह दल उस वक़्त उत्तर कोरिया पहुँचा है जब किम-जोंग-उन के स्वास्थ्य को लेकर विरोधाभासी रिपोर्टें आ रही हैं. हालांकि किसी ने किम-जोंग-उन के स्वास्थ्य के संदर्भ में इस यात्रा का कोई संकेत नहीं दिया है.
फ़्रांस की एयरलाइन को सरकार की मदद
फ़्रांस की सरकार ने एयर फ़्रांस एयरलाइन को 6.1 अरब पाउंड की मदद देने की घोषणा की है ताकि कोरोना वायरस की वजह से हुए नुक़सान से उसे उबरने में मदद मिले. फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रुनो ले मेरे ने इसकी घोषणा की है.
अमरीकी नेवी कप्तान की फिर से बहाली होनी चाहिए
वरिष्ठ अधिकारियों ने एयरक्राफ्ट कैरियर थियोडोर रुजवेल्ड के कमांडर की फिर से बहाली की मांग की है. उन्हें तब निकाल दिया गया था जब उन्होंने कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए मदद की मांग की थी.
नाम नहीं छापने की शर्त पर अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि कैप्टन क्रोज़ियर को फिर से बहाल करने की सिफ़ारिश अमरीकी रक्षा सचिव मार्क एस्पर और नेवी के अधिकारियों के बीच शुक्रवार को हुई बैठक के दौरान की गई.
ब्रिटेन में रिकॉर्ड 684 मौत
स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल विभाग के मुताबिक़ ब्रिटेन के अस्पतालों में शुक्रवार को रिकॉर्ड 684 मौतें हुई हैं. इसके साथ ही ब्रिटेन में मरने वालों की संख्या 19,506 पहुँच चुकी है. इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या में 5,386 का इजाफ़ा होने के साथ यह संख्या कम से कम 143,464 तक पहुँच चुकी है.
स्पेन में ठीक हो रहे मरीज़ों की संख्या संक्रमित हो रहे मरीज़ों से ज़्यादा हुई
स्पेन के अधिकारियों ने बताया है कि कोरोना के प्रकोप की शुरुआत होने के बाद से पहली बार ठीक हो रहे लोगों की संख्या संक्रमित हो रहे लोगों ज़्यादा हो गई है. सबसे ज़्यादा संक्रमितों की संख्या के मामले में स्पेन दूसरे स्थान पर है.
शुक्रवार स्पेन में 2,796 नए मामले सामने आए हैं जबकि 3,105 मामलों में संक्रमित कोरोना से ठीक हुए.
इटली में लॉकडाउन को लेकर छूट
इटली के अख़बारों की रिपोर्ट के मुताबिक़ इटली में अगले चार हफ़्तों तक सरकार लॉकडाउन में छूट देने जा रही है. हालांकि इसे लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. यह यूरोप के किसी देश में लगा अब तक का सबसे लंबा लॉकडाउन है.
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कोरोना वायरस वैक्सीन: कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ जंग में नई उम्मीद
ब्रेकिंग न्यूज़, चीन ने स्वतंत्र जाँच की मांग को ठुकराया
कोरोना वायरस की उत्पति को लेकर स्वतंत्र जाँच की मांग को चीन ने ख़ारिज कर दिया है. ब्रिटेन में चीन के टॉप डिप्लोमैट चेन वेन ने बीबीसी से कहा कि इस तरह की मांग राजनीति से प्रेरित है और कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ चीन की लड़ाई को कमज़ोर करने की कोशिश है.
चीन पर आरोप है कि उसने कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत के बाद पारदर्शिता नहीं बरती और सूचनाओं को छुपाया. ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत पिछले साल चीन में वुहान शहर के वेट मार्केट हुई.
यूरोपीय यूनियन की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि चीन ने कोरोना वायरस से जुड़ी सही सूचनाओं को सामने नहीं आने दिया. अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भी इस मामले में लगातार चीन पर हमला बोलते रहे हैं.