कोरोना: दुनियाभर में 26 लाख से अधिक लोग संक्रमित, एक लाख 80 हज़ार से ज़्यादा मौतें
दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. भारत में संक्रमितों की संख्या 20 हज़ार के पार और 652 लोगों की अब तक मौत.
लाइव कवरेज
कोरोना वायरस का संकट जल्दी नहीं ख़त्म होगा- प्रो. क्रिस विटी
ब्रिटिश सरकार के चीफ मेडिकल एडवाइजर प्रो. क्रिस विटी ने कहा है कि कोरोना वायरस का संकट जल्दी जाने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को फिलहाल कुछ समय इसी स्थिति में रहना होगा.
प्रो. विटी ने चेताया है कि, ''वायरस को जल्द नहीं ख़त्म किया जा सकता और न ही इसका असर कम होगा.''
ब्रिटेनः मरने वालों की संख्या 18 हज़ार के ऊपर
ब्रिटेन में पिछले 24 घंटे में और 759 लोग कोरोना से मारे गए हैं.
इसके साथ ही वहाँ अस्पतालों में दर्ज मौतों की संख्या बढ़कर 18,100 हो गई है.
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कोरोना संकट पर सरकार की दैनिक ब्रीफ़िंग में कहा कि ये कारोबार, परिवारों और जोखिम केे दायरे में आने वाले लोगों के लिए मुश्किल समय है.
उन्होंने कहा कि ये बात अब छिपी नहीं है कि ये वायरस ब्रिटेन के लिए एक बड़ी त्रासदी लेकर आया है और ब्रिटेन अभी भी मुश्किलों से बाहर नहीं निकला है.
जर्मनीः पूरे देश में मास्क लगाना अनिवार्य
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जर्मनी के सभी 16 राज्यों ने मास्क लगाने को अनिवार्य करने की घोषणा की है.
अलग-अलग राज्यों के नियम थोड़े अलग हैं. मगर सार्वजनिक यातायात के साधनों में यात्रा करते वक़्त मास्क लगाना ज़रूरी होगा.
वहीं लगभग हर राज्य में शॉपिंग करने वालों को भी मास्क लगाने के लिए कहा गया है.
जर्मनी में धीरे-धीरे लॉकडाउन में ढील दी जा रही है.
अभी तक जर्मनी में लगभग 5,000 (4,897) लोगों की मौत हुई है जबकि लगभग डेढ़ लाख लोग संक्रमित हुए हैं.
कोरोना को रोकने की कोशिशों के लिए बिल गेट्स ने की मोदी की तारीफ़
माइक्रोसॉफ़्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने कोरोना वायरस से 'लोगों को बचाने के लिए' लॉकडाउन लागू करने और टेस्टिंग बढ़ाने की भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों के लिए उनकी तारीफ की है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अधिकारियों ने कहा है कि बिल गेट्स ने मोदी को एक पत्र लिख कर कहा है कि उन्हें इस बात की खुशी है कि भारत सरकार कोविड 19 महामारी से निपटने के लिए तकनीक का इस्तेमाल कर रही है और सरकार ने समय रहते कोरोना वायरस संक्रमितों को ट्रैक करने, उनके संपर्क में आने वालों को ट्रेस करने के लिए 'आरोग्य सेतु' नाम का मोबाइल ऐप भी लांच किया है.
पत्र में बिल गेट्स ने कहा है, "आपके नेतृत्व की मैं तारीफ करता हूं और आपने और आपकी सरकार ने कोविड 19 महामारी के कर्व को फ्लैटेन करने के लिए जो सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं उसकी भी प्रशंसा करता हूं."
लॉकडाउन, हॉटस्पॉट में टेस्टिंग में तेज़ी लाना, लोगों को क्वारंटीन करना, ज़रूतरमंदों के लिए सुविधाओं की व्यवस्था करना, स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च बढ़ाना और इस मामले में शोध को बढ़ावा देने जैसे कदमों के लिए भी उन्होंने मोदी सरकार की प्रशंसा की.
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दक्षिण अफ़्रीकाः लॉकडाउन तोड़ने के लिए मंत्री पर लगा जुर्माना
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दक्षिण अफ़्रीका की संचार मंत्री स्टेला एन्दाबेनी ने स्वीकार किया है
कि उन्होंने लॉकडाउन के नियमों को तोड़ा.
एक अदालत ने उन्हें इसके लिए 1000 रैंड यानी लगभग 4,000 रुपया
जुर्माना भरने के लिए कहा है.
इससे पहले देश के राष्ट्रपति सिरिल रामाफ़ोसा ने उन्हें तलब किया था
और दो महीने की छुट्टी पर भेज दिया था.
संचार मंत्री तब मुश्किल में पड़ गई थीं जब लॉकडाउन के दौरान अपने एक
पूर्व सहयोगी सांसद के साथ लंच करने की उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर आ गई थी.
बाद में मंत्री ने सार्वजनिक रूप से नियम तोड़ने के लिए माफ़ी माँगी.
कर्नाटक में आज मध्यरात्रि से लॉकडाउन में सीमित ढील
इमरान क़ुरैशी
बेंगलुरु से बीबीसी हिन्दी के लिए
कर्नाटक सरकार ने आज मध्यरात्रि
से हॉटस्पॉट और सीलिंग वाले इलाक़ों को छोड़ अन्य इलाक़ों में खेती, मछली-पालन,
पशुपालन, कस्ट्रक्शन, ई-कॉमर्स और छोटे और मझोले उद्योगकों को लॉकडाउन में बुधवार
मध्यरात्रि से छूट देने की घोषणा की है.
आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई जारी
रखने के लिए सामानों के आवागमन की भी अनुमति दी गई है.
सरकारी दफ़्तरों में भी कार्य
सामान्य हो जाएगा.
मगर बस, मेट्रो जैसे सार्वजनिक
परिवहन के साधन नहीं चलेंगे.
आईटी कंपनियों को भी ज़रूरी कर्मचारियों
के साथ काम शुरु करने की अनुमति होगी. हालाँकि सरकार ने उन्हें वर्क फ़्रॉम होम को
जारी रखने का परामर्श दिया है.
कर्नाटक के मंत्री और कोविड-19
पर सरकारी प्रवक्ता सुरेश कुमार ने कहा कि इसके साथ ही सभी
ज़िलाधिकारियों को ये अधिकार दिया गया है कि अगर वो ज़रूरी समझें तो पाबंदियाँ
लगाने के बारे में फ़ैसला ले सकें.
उन्होंने
साथ ही कहा, “दाँतों के डॉक्टरों और हेयर कटिंग सैलूनों को भी नहीं खुलने
दिया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्रालय इनके बारे में 3 मई से पहले ज़रूरी सलाह जारी
करेगा.”
कर्नाटक
में अब तक 17 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है.
बुधवार
को 9 और रोगियों की पुष्टि हुई जिसके बाद संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़कर 427 हो
गई है.
अमरनमाथ यात्रा रद्द करने की घोषणा के आधे घंटे में वापिस ली प्रेस विज्ञप्ति
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जम्मू कश्मीर प्रशासन के इस साल की अमरनाथ यात्रा रद्द करने के ऐलान के करीब आधे घंटे बाद प्रशासन ने ये प्रेस विज्ञप्ति वापिस ले ली है.
इससे पहले जम्मू कश्मीर सूचना विभाग ने कोरोना वायरस के कारण अमरनाथ यात्रा रद्द करने का ऐलान किया था.
जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया था कि जम्मू कश्मीर के राज भवन में गवर्नर गिरीश चंद्र मुरमु और श्री अमरनाथ तीर्थ स्थल बोर्ड के चेयरमैन की आज एक अहम बैठक हुई जिसमें इस साल की यात्रा रद्द करने का फ़ैसला लिया गया है.
बोर्ड के चेयरमैन का कहना था कि कश्मीर घाटी में अब तक कोरोना वायरस के कारण 77 रेड ज़ोन की पहचान की गई है, इसमें से कुछ ज़ोन उस रास्ते में पड़ते हैं जहां से यात्रा गुज़रती है. साथ ही उन्होंने कहा कि फिलहाल कोरोना महामारी के मद्देनज़र लंगर, मेडिकल सुविधाएं, कैम्प, सामान की आवाजाही और बर्फ हटाने का काम नहीं हो पा रहा है.
उन्होंने ये भी कहा कि सरकार ने फिलहाल मई की 3 तारीख तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है लेकिन उसके बाद स्थिति क्या रूप लेगी इस बारे में अभी से कुछ भी पुख्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता.
उन्होंने कहा इन्हीं सभी चिंताओं के मद्देनज़र इस साल की अमरनाथ यात्रा करवा पाना संभव नहीं होगा.
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लेकिन इस प्रेस रिलीज़ के जारी किए जाने के क़रीब आधे घंटे बाद इसे वापिस ले लिया गया.
इसमें कहा गया है कि पहले जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति को कैंसिल माना जए.
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कोरोना वायरस पर बीबीसी हिंदी का ख़ास Digital Bulletin: कोरोना दिनभर
Corona Virus पर बीबीसी हिंदी का विशेष डिजिटल बुलेटिन 'कोरोना दिनभर', सुनिए सर्वप्रिया सांगवान के साथ
‘अमरीका में कोरोना वायरस की दूसरी मार और भी गंभीर होगी’
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अमरीका
के सबसे बड़े स्वास्थ्य अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अमरीका में कोरोना वायरस का
क़हर एक बार फिर लौट सकता है और इस बार वो पहले के मुक़ाबले और गंभीर होगा.
सेंटर्स फ़ॉर डिज़ीज़
कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के निदेशक रॉबर्ट रेडफ़ील्ड ने
कहा है कि ख़तरा बड़ा है क्योंकि कोरोना की दूसरी महामारी उसी समय फैल सकती है जब
फ़्लू का मौसम होता है.
उन्होंने
कहा कि अमरीका की स्वास्थ्य व्यवस्था पर इससे ऐसा दबाव पड़ सकता है जिसकी कल्पना
भी नहीं की जा सकती.
जॉन्स
हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आँकड़ों के अनुसार अमरीका में अब तक कोरोना से 45,000 से
ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या हुई 20,471, अब तक कुल 652 की मौत
भारत सरकार
के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार देश
में कोरोना संक्रमितों की संख्या अब 20,471 पहुंच गई है.
इनमें से 3,959
लोग अब तक इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं. वहीं मरने वालों का आंकड़ा 652 तक
पहुंच गया है.
ताज़ा
आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में संक्रिमतों की कुल संख्या 5221 हो गई है जबकि
यहां मरने वालों की संख्या देश में सबसे अधिक 251 है.
वहीं संक्रमितों
की संख्या के मामले में दिल्ली को पीछे छोड़ गुजरात आगे बढ़ गया है. गुजरात में
कुल संक्रमितों की संख्या 2,272 हो गई है जबकि दिल्ली में 2,156 लोग संक्रमित हैं.
मौतों की संख्या
के मामले में भी गुजरात दिल्ली से आगे है. गुजरात में कोरोना से 95 लोगों ने जान
गंवाई है जबकि दिल्ली में 47 लोगों की मौत हुई है.
कोरोना से
होने वाली मौतों में मध्य प्रदेश भी काफी आगे है. यहां कुल संक्रमितों की संख्या
1,592 पहुंच गई है जबकि अब तक 80 की मौत इस वायरस से हुई है.
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सीएसआर के चंदे के लिये पीएम को चिट्ठी
आलोक प्रकाश पुतुल
रायपुर से बीबीसी
हिंदी के लिए
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र
लिख कर कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी यानी सीएसआर के तहत प्रधानमंत्री केयर फंड
में जमा किये गये चंदे को राज्य सरकार को देने का अनुरोध किया है.
गौरतलब है कि देश भर
में खनन और औद्योगिक परियोजनाओं से प्रभावित होने वाले लोगों की मूलभूत सुविधाओं
और विकास योजनाओं के लिये औद्योगिक कंपनियां, अपने तीन साल के औसत मुनाफे
का 2 फीसदी सीएसआर फंड में जमा कराती हैं.
यह रकम उसी ज़िले
में खर्च होती है, जहां संबंधित उद्योग या खनन
से लोग प्रभावित हुये हैं. पिछले चार सालों में देश भर में सीएसआर मद से 42 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक
की रक़म राज्यों में खर्च की गई है.
कोरोना वायरस के
मद्देनज़र केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री केयर फंड में तो औद्योगिक और खनन कंपनियों
को सीएसआर मद की रकम बतौर चंदा देने का प्रावधान रखा गया है लेकिन संबंधित राज्य
को इस मद से चंदा लेने की अनुमति नहीं है.
सीएसआर फंड से चंदा को लेकर राज्य और
केंद्र के बीच पिछले कई दिनों से तनातनी चल रही है.
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अब इसी मुद्दे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को
चिट्ठी लिख कर कहा है, "यदि इस राशि का व्यय कोविड-19 के संक्रमण को रोकने अथवा उससे निपटने
हेतु ही व्यय किया जाना है, तो राज्य शासन यह
सुनिश्चित करेगा कि सीएसआर मद की राशि उन्हीं जिलों में व्यय की जाएगी, जो खनन या औद्योगिक परियोजनाओं से
प्रभावित है तथा कोविड-19 के संक्रमण से प्रभावित है."
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि "कोविड-19 वायरस के संक्रमण की स्थिति में केन्द्र
सरकार द्वारा सभी खनन परियोजनाओं और औद्योगिक इकाईयों को यह निर्देश दिए गए हैं कि
वे सीएसआर मद की राशि सीधे ‘प्रधानमंत्री केयर
फंड’ में जमा करें.
इकाईयों द्वारा उक्त निर्देशों का पालन भी आरंभ हो गया है."
"केन्द्र सरकार के इस
निर्णय से खनन परियोजनाओं और औद्योगिक इकाईयों की स्थापना से प्रभावित व्यक्तियों
में असंतोष व्याप्त है. केन्द्र सरकार के इस निर्णय से खनन इकाईयों के आसपास के
नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ेगा."
भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री से शीघ्र ही सीएसआर की रकम राज्य को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया है.
CARTOON OF THE DAY: लुकिंग ब्यूटीफुल
कोरोना काल में अर्थ डे
आज आ सकता है इमरान ख़ान के कोविड-19 टेस्ट का नतीजा
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान अपने कोविड-19 टेस्ट के नतीजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं जो स्थानीय मीडिया के अनुसार बुधवार को आ
सकता है.
इमरान ख़ान ने पिछले सप्ताह एक चैरिटी संस्था एधी फ़ाउंडेशन के प्रमुख फ़ैसल
एधी से मुलाक़ात की थी जिन्हें कोरोना संक्रमण हो गया है.
फ़ैसल एधी प्रधानमंत्री को राहत के लिए चंदा सौंपने आए थे. इस दौरान ना
उन्होंने और ना ही इमरान ख़ान ने मास्क लगाया था.
उनके कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद मंगलवार को इमरान ख़ान के कोरोना टेस्ट
के लिए भी नमूने लिए गए थे.
इमरान ख़ान ने पिछले कुछ दिनों में मंगलवार को अपनी कैबिनेट की बैठक समेत कई
बैठकें की हैं.
पाकिस्तान में संक्रमित रोगियों की संख्या 10 हज़ार से ज़्यादा है और मृतकों की संख्या 212 है.
हर्ड इम्यूनिटी: क्या भारत में इस तरीके से कोरोना वायरस को रोका जा सकता है?
Corona Virus: क्या इंसान को बचने के लिए अब Non Veg छोड़ना होगा?
स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे - केंद्र सरकार
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सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में कोरोना महामारी के जूझ रहे डॉक्टरों और आरोग्य कर्मचारियों पर हमले किसी सूरत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
उन्होंने कहा, "स्वाथ्यकर्मियों को सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज मंत्रीमंडल की बैठक हुई जिसमें देश में महामारी बीमारी क़ानून (एपिडेमिक डीज़िसेस 1897) में बदलाव कर देश में नया अध्यादेश लागू करने का सरकार ने फ़ैसला किया है."
उन्होंने कहा कि इसके तहत अब इस तरह के मामलों में स्वत: संज्ञान लिया जा सकेगा और इन मामलों में ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी होगा.
उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स, आशा वर्कर, पैरामेडिक और दूसरे सभी स्वास्थ्यकर्मी देश के लिए काम कर रहे हैं लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने की कई ख़बरें आ रही हैं, सरकार ये कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.
इस तरह के मामलों की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से स्तर पर होगी और जांच 30 दिनों में पूरी करनी होगी और फ़ैसला एक साल में आएगा. मामले में जेल की सज़ा तो दी ही जा सकती है, बल्कि इसके अलावा 50 हज़ार से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना तक लागाया जा सकता है.
इसके साथ ही स्वाथ्यकर्मियों की गाड़ियों, क्लिनीक और सामान की तोड़फोड़ हुई तो सामान की असल क़ीमत का दोगुना हमलावर से वसूल किया जाएगा.
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स्पेनः मई के मध्य तक बढ़ सकता है लॉकडाउन
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स्पेन
के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा है कि उनकी सरकार मई के दूसरे हिस्से
लॉकडाउन ख़त्म करने की योजना बना रही है.
प्रधानमंत्री
ने संसद के सत्र में कहा कि ये पाबंदियाँ धीरे-धीरे हटाई जाएँगी.
समझा
जाता है कि प्रधानमंत्री 9 मई तक देश में जारी इमर्जेंसी को बढ़ाने का भी एलान कर
सकते हैं.
स्पेन
ने 14 मार्च को लॉकडाउन का एलान किया था.
अमरीका
के बाद सबसे ज़्यादा संक्रमित रोगियों की संख्या स्पेन में है.
पिछले 24 घंटे में स्पेन में 435 लोगों की मौत हुई है जिससे मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 21,717 हो गई है.
कोरोना वायरस: क्या है पूल टेस्टिंग जो बढ़ा देगी टेस्ट की रफ़्तार
कोरोना पर केंद्रीय टीम के दौरे पर पश्चिम बंगाल में गतिरोध
ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना वायरस: आख़िर दक्षिण पूर्वी एशिया में संक्रमण के इतने कम मामले कैसे?
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जॉनथन हेड
बीबीसी संवाददाता
कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी. संक्रमण का पहला
मामला बीते साल दिसंबर में आया था लेकिन चीन के बाहर पहली बार कोरोना वायरस की
पहचान थाईलैंड में की गई. 13 जनवरी को थाईलैंड में कोरोना वायरस का पहला मामला
सामने आया था और ये चीन के बाहर किसी दूसरे मुल्क में पहला मामला था.
ऐसा अंदाज़ा लगाया गया चूंकि इस क्षेत्र में चीन के लोगों की आवाजाही बहुत
अधिक है इसलिए यह जगह हॉटस्पॉट बनकर उभर सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
वियतनाम की बात करें तो दुनिया के उन कुछ चुनिंदा देशों में इसकी गिनती की जा
रही है जिन्होंने अपने यहां संक्रमण को
बेहतरीन तरीक़े से संभाला. वियतनाम में अभी तक संक्रमण के 268 मामले ही सामने आए
हैं. जबकि मौत किसी की नहीं हुई है. कम्यूनिस्ट पार्टी की सत्ता ने बहुत पहले ही इस
ख़तरे को भांप लिया था.
जनवरी के अंतिम दिनों में ही यहां कोरोना वायरस के ख़िलाफ़
युद्ध स्तरीय रणनीति बनाकर काम किया गया. वियतनाम ने ज़िले के ज़िले क्वारंटीन
करने में कोई कोताही नहीं की. हर उस ज़िले को क्वारंटीन कर दिया गया जहां संक्रमण
के मामले मिले. वियतनाम में स्वास्थ्य सुविधाएं एक सीमा में हैं और इसकी क्षमता
विकसित देशों की तर्ज पर बहुत अधिक टेस्टिंग की भी नहीं है. जैसा कि दक्षिण कोरिया
जैसे देशों में किया गया. वियतनाम ने शुरुआती समय में ही प्रभावी कार्रवाई करके
अपने यहां इस संक्रमण को तुलनात्मक रूप से नियंत्रित किया है.
थाईलैंड में भी धीरे-धीरे कोविड19 के मामलों में कमी आ रही है. थाईलैंड में
कोरोना संक्रमण के 3000 से कम मामले हैं जबकि देश में अभी तक 49 लोगों के मौत की
पुष्टि की जा चुकी है. थाईलैंड भी बहुत अधिक और व्यापक स्तर पर टेस्ट करने में
सक्षम नहीं है. जनवरी से लेकर अभी तक यहां सिर्फ़ एक लाख चालीस हज़ार ही टेस्ट हुए
हैं.
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मास-टेस्टिंग बहुत ख़र्चीली होगी. लेकिन
थाईलैंड ने भी अपने यहां ज़रूरी सावधानियां बहुत शुरू में ही अपना ली थीं. शुरुआती
चरण में ही थाईलैंड ने अपने यहां फ़ेसमास्क अपना लिया था. यहां जिन मामलों की
पहचान की गई उन्हें आइसोलेट करने में ज़रा भी लापरवाही नहीं की गई और पूरे देश में
दस लाख स्वास्थ्य सेवकों का नेटवर्क बनाकर इसकी पहचान की गई.
इंडोनेशिया में संक्रमण और मरने वालो की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, जहां
बेहद कम सावधानियां ली गईं. वहीं म्यांमार में हर रोज़ सिर्फ़ 300 टेस्ट की ही
क्षमता भी है. इस बात की आशंका जताई जा रही है कि जो सरकारी आंकड़े बताए जा रहे हैं वो बेहद कम हैं.
लेकिन यहां ग़ौर करने वाली
बात यह है कि इनमें से कोई देश ऐसा नहीं है जहां महामारी का प्रभाव यूरोप जैसा हो.
या फिर अमरीका की तरह. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के पास इसका कोई सटीक जवाब नहीं है.
कुछ लोग इसे सोशल-बिहेवियर से जोड़कर देखते हैं तो कुछ किसी और कारण से. हालांकि अभी किसी भी निर्णय पर पहुंचना जल्दबाज़ी ही
होगी और कोई भी फ़िलहाल ये पुख़्ता तौर पर नहीं कह सकता है कि दक्षिण पूर्व एशिया इटली
और न्यूयॉर्क जैसी भयानक स्थिति देखने से बच जाएगा या नहीं.