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कोरोना वायरस: ट्रंप ने कहा- 60 दिनों के लिए सस्पेंड होगा ग्रीन कार्ड

कोरोना वायरस से दुनिया भर में संक्रमित लोगों की संख्या 25 लाख के पार पहुंच गई है.

लाइव कवरेज

  1. तमिलनाडु: डॉक्टर को दफ़नाने से रोकने वाले 20 लोग गिरफ़्तार

    तमिलनाडु में एक जाने-माने डॉक्टर को दफ़नाए से रोकने के लिए हिंसा के मामले में कम से कम 20 लोगों गिरफ़्तार किया गया है. डॉक्टर सिमॉन हर्क्युलस की कोविड-19 संक्रमण से मौत हो गई थी.

    रविवार रात जब उन्हें दफ़नाने के लिए क़ब्रिस्तान ले जाया गया तो भीड़ ने उनके परिवार पर लाठियों और रॉड से हमला किया.

    पुलिस का कहना है कि आस-पास के लोग इस बात को लेकर चिंतित थे कि उनके इलाके में डॉक्टर को दफ़नाए जाने से संक्रमण के प्रसार का ख़तरा बढ़ सकता है.

    भीड़ इतनी हिंसक हो गई थी कि डॉक्टर सिमॉन के एक दोस्त को उन्हें सोमवार सुबह चुपचाप उनका शव बिना किसी परिजन की मौजूदगी में दफ़नाना पड़ा.

  2. जर्मनी से ताज़ा अपडेट

    जर्मनी में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 1,785 नए मामले सामने आए. इसके साथ ही वहां संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 1,43,000 से ज़्यादा हो गई है. ये आंकड़े रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट फ़ॉर इंफ़ेक्शस डिसीसेज़ ने जारी किए हैं.

    जर्मनी में कोविड-19 से जुड़ी मौतों की कुल संख्या 4,598 हो गई है. सोमवार से पहले दो दिन तक संक्रमण के मामलों में गिरावट देखी गई थी. जर्मन सरकार का कहना है कि संक्रमण फ़िलहाल काबू में है इसलिए इस हफ़्ते छोटी दुकानों और स्कूलों को खुलने की इजाज़त दी गई है.

  3. अमरीका: जब आमने-सामने आ गए स्वास्थ्यकर्मी और प्रदर्शनकारी

    अमरीका के अलग-अलग हिस्सों में रविवार को सैकड़ों लोगों ने इकट्ठे होकर लॉकडाउन और पाबंदियां हटाए जाने के लिए प्रदर्शन किया. लेकिन ये प्रदर्शनकारी जैसे ही डेन्वर शहर से होकर गुज़रने लगे, दो स्वास्थ्यकर्मियों ने थोड़ी देर के लिए उनका विरोध प्रदर्शन रोक दिया.

    स्वतंत्र फ़ोटोग्राफ़र ऐल्सन मैक्लैरन ने इन तस्वीरों को अपने कैमरे में क़ैद कर लिया. मैक्लैरन ने बज़फ़ीड न्यूज़ से कहा, “मैं इतिहास को संजोना चाहती थी.”

    लॉकडाउन के नियमों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कुछ राज्यों के गवर्नरों में तनाव भी चल रहा है. गवर्नरों का कहना है कि राष्ट्रपति इन प्रदर्शनकारियों को उकसा रहे हैं. वहीं, ट्रंप का कहना है कि वो प्रदर्शनकारियों की भावनाओं को समझते हैं और कुछ राज्यों में ज़रूरत से ज्यादा पाबंदियां लगाई गई हैं.

  4. धीरे-धीरे ही हटाया जाए लॉकडाउन: WHO

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए लगाई गई पाबंदियों और लॉकडाउन को धीरे-धीरे ही हटाया जाए.

    डब्ल्यूएचओ की चेतावनी ऐसे वक़्त में आई है जब कई देश अपने यहां से या तो लॉकडाउन हटाने पर विचार कर रहे हैं या आंशिक रूप से पाबंदियां हटा चुके हैं.

    डब्ल्यूएचओ ने मंगलवार को कहा कि अगर हड़बड़ी में और सही समय से पहले लॉकडाउन हटाया गया तो ये कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दे सकता है.

    डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक (पश्चिमी-प्रशांत) ताकेशी कसाई ने कहा, “कम से कम जब तक कोई वैक्सीन नहीं बन जाती या कोई इलाज नहीं ढूंढ लिया जाता, लॉकडाउन हमारे लिए ‘न्यू नॉर्मल’ हो जाना चाहिए क्योंकि इससे फ़ायदों के प्रमाण मिले हैं.”

    उन्होंने कहा, “जो भी सरकार लॉकडाउन हटाना चाहती है उसे ये धीरे-धीरे करना चाहिए और हालात पर लगातार नज़र बनाए रखनी चाहिए.”

    जापान और सिंगापुर जैसे देशों में कोविड-19 संक्रमण की दूसरा दौर देखा गया है.

  5. कोरोना संकट के बीच MP में कैबिनेट विस्तार

    कोरोना संकट के बीच मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट का विस्तार हो गया है. मंगलवार दोपहर भोपाल में पांच मंत्रियों-नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल, तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत ने शपथ ली.

  6. कोरोना: झारखंड में इलाज करा रही महिला की मौत, संक्रमितों की संख्या 46

    रवि प्रकाश

    राँची से, बीबीसी हिन्दी के लिए

    राँची के एक अस्पताल में इलाज करा रही कोरोना संक्रमित रही महिला की मौत हो गई है. कुछ ही दिन पहले उनके पति की भी कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी. महिला के घर के कुछ और लोगों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है. उनका इलाज चल रहा है.

    डॉक्टरों के मुताबिक़ महिला किडनी की बीमारियों से ग्रसित थीं और उनका डायलिसिस भी कराया जा रहा था. उनकी मौत का तात्कालिक कारण किडनी फ़ेल होना है.

    झारखंड सरकार के प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) डॉक्टर नितिन मदन कुलकर्णी ने बीबीसी से बताया कि सोमवार को उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी. उनकी रिपीट सैंपल की रिपोर्ट आनी बाक़ी है. उसके बाद ही कहा जा सकेगा कि मौत के वक़्त वे कोरोना से संक्रमित थीं या नहीं.

  7. इंडोनेशिया: रमज़ान में आवाजाही पर पाबंदी, रेस्टी वोरो यूनिया, बीबीसी न्यूज़ (जकार्ता)

    इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए रमज़ान के महीने में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ये फ़ैसला काफ़ी देर से लिया गया है.

    इंडोनेशिया में लगभग 10 लाख लोग रमज़ान के दौरान शहरों से अपने गांवों को लौट जाते हैं. कई लोग तो रमज़ान शुरू होने से हफ़्तों पहले ही अपने घरों के लिए निकल चुके हैं.

    इंडोनेशिया दुनिया का सबसे ज़्यादा मुसलमान आबादी वाला देश है. यहां रमज़ान के दौरान एक अनोखा कार्यक्रम होता है जिसे हलाल-बी-हलाल कहते हैं. इसमें लोग एक-दूसरे से मिलकर माफ़ी मांगते हैं.

    ईद के दिन सामूहिक रूप से नमाज़ पढ़ने के लिए इंडोनेशिया में फ़ुटबॉल के मैदानों, पार्किंग स्थलों और बाकी गलियों को खुली मस्जिद का रूप दे दिया जाता है. यहां लोग नए कपड़े पहनकर इकट्ठे होते हैं, नमाज़ अदा करते हैं और जश्न मनाते हैं. हालांकि इस बार कोरोना संक्रमण के दौरान अगर ऐसा हुआ, तो ये बहुत ख़तरनाक साबित हो सकता है.

    इंडोनेशिया यूनिवर्सिटी के संक्रामक रोग विशेषज्ञ पांडू रिओनो का कहना है कि रमज़ान ख़ुशी मनाने का वक़्त होता है लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए ऐसा लगता है किलोगों को ख़ुशी मनाने के बजाय अस्पतालों में भर्ती होना पड़ेगा.

  8. अमरीका में बसने वाले लोग कौन हैं?

    कोरोना संक्रमण संकट के बीच अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग़ैर-अमरीकी प्रवासियों के अमरीका में बसने पर रोक लगाने की बात कर रहे हैं. हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि के ट्रंप के ऐलान में कितनी गंभीरता है. लेकिन वो कौन ग़ैर-अमरीकी लोग हैं जो अमरीका में बसते हैं?

    अमरीकी गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार साल 2019 में 10 लाख से ज़्यादा ग़ैर-अमरीकी लोगों को अमरीका में क़ानूनी रूस से और स्थायी रूप से रहने की इजाज़त मिली. इनमें से ज़्यादातर लोग मेक्सिको, चीन, भारत, फ़िलीपींस और क्यूबा के थे.

    इस 10 लाख में आधे से ज़्यादा लोग पहले से ही अमरीका में रह रहे थे और 4,59,000 लोग विदेशों से आए थे. ट्रंप के हालिया ऐलान से वो लोग ज़्यादा प्रभावित होंगे जो विदेशों से आकर अमरीका में बसते हैं.

    शरणार्थियों की बात करें तो साल 2019 में अमरीका में 30 हज़ार शरणार्थी आए थे. इनमें से ज़्यादातर कॉन्गो, म्यांमार, यूक्रेन, एरीटिया, अफ़गानिस्तान और सीरिया से थे.

  9. दिल्ली-ग़ाज़ियाबाद सीमा पूरी तरह सील

    दिल्ली-ग़ाज़ियाबाद सीमा पर वाहनों की लंबी कतार. इस सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है और यहां किसी भी तरह की आवाजाही इजाज़त नहीं है. सिर्फ़ ज़रूरी सेवाएं देने वाले और वैध पास वाले लोगों को ही आने-जाने दिया जा रहा है.

    केंद्र सरकार ने 20 अप्रैल से लॉकडाउन की कुछ शर्तों में छूट दी है लेकिन ये छूट हॉस्टस्पॉट और कंटेनमेंट ज़ोन वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को नहीं मिल रही है.

    दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन का कड़ाई से पालन किए जाने के निर्देश दिए हैं.

  10. जैक मा ने WHO को दान किया करोड़ों मास्क और टेस्टिंग किट

    चीनी कारोबारी जैक मा ने कोरोना संकट से उबरने में मदद के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन को 100 मिलियन मास्क, 10 लाख एन-95 मास्क और 10 लाख टेस्टिंग किट दान करने का ऐलान किया है.

    जैक मा ने #OneWorldOneFight हैशटैग के लिखा है, “ये चीज़ें उन्हें दी जाएंगी जिन्हें इनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है. हम सबको साथ मिलकर और आत्मविश्वास के साथ इस वैश्विक चुनौती से तेज़ी से निबटना चाहिए.”

  11. पश्चिम बंगाल: 24 घंटों में मरीज़ों की संख्या में रिकॉर्ड तेज़ी, डॉक्टर भी चपेट में

    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 54 नए मामले सामने आए. इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमण मामलों का आंकड़ा बढ़कर 245 हो गया है. पश्चिम बंगाल में यह अब तक का रिकॉर्ड है.

    राज्य में कोविड-19 संक्रमण का शिकार होने वाले डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ती जा रही है. कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पतताल में पिछले 24 घंटों में पांच डॉक्टर संक्रमण की चपेट में आ गए.

    राज्य सरकार ने संक्रमण रोकने के लिए कोलकता के सटे सॉल्टलेक के कई इलाकों को सील कर दिया है. इससे पहले कोलकाता और हावड़ा में 60 इलाकों को सील किया जा चुका है.

    स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता के 112 इलाकों को कंटेनमेंट ज़ोन घोषित कर दिया गया है. इन इलाकों के लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. नगर निगम के जरिए उनको घर पर ही ज़रूरी चीज़ों की सप्लाई की जाएगी.

    स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि मेडिल कॉलेज अस्पताल में एक मरीज़ की मौत के बाद उसके कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला था. उसी समय डॉक्टरों ने पूरे अस्पताल को 10 दिनों के लिए बंद करने और पर्याप्त पीपीई किट मुहैया कराने की मांग उठाई थी लेकिन उनकी मांगें नहीं सुनी गई थीं.

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, ट्रंप के ऐलान का क्या है मतलब : बीबीसी संवाददाता का विश्लेषण, एंथनी जर्चर, बीबीसी के नॉर्थ अमरीका रिपोर्टर

    अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोशल मीडिया के ज़रिए जिस तरह के बड़े-बड़े ऐलान करते हैं उसे हमेशा सतर्क होकर देखा जाना चाहिए. अब तक उन्होंने ट्विटर पर जो बड़ी घोषणाएं की हैं, उनमें से कुछ को उन्होंने लागू किया और कुछ को नहीं.

    अमरीकी समयानुसार सोमवार आधी रात को ट्रंप ने अमरीका में हर तरह के प्रवासन पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया. यानी, कोई भी ग़ैर अमरीकी नागरिक अमरीका में फौरी तौर पर नहीं बस सकेगा.

    हालांकि इस बारे में अभी विस्तृत जानकारी नहीं आई है और विस्तृत जानकारी के बिना उनकी इस घोषणा की वैधता और गंभीरता के बारे में बहुत कुछ नहीं समझा जा सकता.

    ये बात भी किसी से छिपी नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनके कई प्रमुख सलाहकार लंबे समय से प्रवासिवों के बसने को अमरीका के फ़ायदे नहीं बल्कि नुक़सान के तौर पर देखते आए हैं.

    यही बात ट्रंप के ट्वीट की भाषा से भी साफ़ होती है. ट्रंप ने लिखा है कि उन्होंने यह फ़ैसला न सिर्फ़ अमरीका के लोगों की सेहत को ध्यान में रखकर बल्कि ‘महान अमरीकी नागरिकों की नौकरियां बचाने’ के लिए भी लिया है.

    इसमें भी कोई शक़ नहीं है कि ट्रंप के इस कदम का प्रवासन समर्थिक समूहों, कारोबारियों और उनके वैचारिक आलोचकों की ओर से कड़ा विरोध होगा. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप जैसे व्यक्ति को इससे कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि उन्हें अपने विरोधियों को भड़काने में मज़ा आता है.

    चार साल पहले भी ट्रंप ने अमरीका में सभी मुसलमानों को बसने से रोकने के लिए आक्रामक अभियान में हिस्सा लिया था. अब एक बार फिर जब राष्ट्रपति चुनाव सिर पर हैं तब भी उन्होंने कुछ ऐसा ही तरीका ढूंढ निकाला है.

  13. कोरोना वायरस: चीन को एफ़डीआई से कैसे रोक रहा है भारत?

  14. क्या AC के ज़रिए भी फैल सकता है कोरोना?

    गर्मियां आ गई हैं और ऐसे में एसी चलाने की ज़रूरत भी महसूस हो रही है लेकिन ऐसे कई दावे किए जा रहे हैं कि कोरोना वायरस का संक्रमण एसी के ज़रिए भी फैल सकता है. इस दावे में कितनी सच्चाई है और इस बारे में अब तक क्या मालूम है? देखिए, इस वीडियो एक्सप्लेनर में.

  15. दिल्ली: लॉकडाउन में ढील मिलते ही उमड़ी भीड़

    दिल्ली की आज़ादपुर सब्ज़ी मंडी में आज का नज़ारा. अब ये मंडी 24 घंटे खुली रहेगी. यहां ट्रकों की आवाजाही रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक हो सकेगी.

  16. सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वाले इवेंट बैन कर रहा है फ़ेसबुक

    फ़ेसबुक अब उन इवेंट्स को बैन कर रहा है जिनमें सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन होता नज़र आ रहा है. कोरोना वायरस संक्रमण से जूझते अमरीका में लोग लॉकडाउन की पाबंदियों का विरोध कर रहे हैं.

    सोमवार को फ़ेसबुक ने कैलिफ़ोर्निया, न्यूजर्सी और नेब्रास्का में आयोजित एंटी-क्वारंटाइन कार्यक्रमों को ‘रिमूव’ कर दिया. फ़ेसबुक के इस कदम की सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा हो रही है. कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति के अधिकार का उल्लंघन बता रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप के बेटे ने भी फ़ेसबुक के इस कदम की आलोचना की है.

    इसके अलावा फ़ेसबुक कोरोना संक्रमण से जुड़ी फ़ेक ख़बरों और ग़लत जानकारियों के ख़िलाफ़ भी तेज़ी से कार्रवाई कर रहा है. इसके बाद अब ये सवाल भी उठ रहे हैं कि फ़ेसबुक इससे पहले ग़लत जानकारियों पर लगाम नहीं लगा पाया था.

  17. एशिया में क्या हो रहा है?

    हॉन्गकॉन्ग में सोशल डिस्टेंसिंग और पाबंदियां 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई हैं. पहले ये पाबंदियां 23 अप्रैल को ख़त्म हो जानी थीं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. जिम, सिनेमाघर, ऑडिटोरियम और अन्य सार्वजनिक जगहें भी बंद रहेंगी.

    चीन में सोमवार को संक्रमण के 11 नए मामले सामने जिनमें से चार दूसरे देशों से आए थे. स्थानीय तौर पर, छह मामले हेइलॉन्गजिआंग प्रांत में पाए गए हैं जिसकी सीमा रूस से मिलती है.

    सिंगापुर में विदेशों से आने वाले संक्रमण मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. पूर्वी दक्षिण-पूर्व एशिया में संक्रमण के सबसे ज़्यादा मामले (8,014) सिंगापुर में हैं,

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में कोरोना के मामले 18 हज़ार के पार

    भारत में कोरोना संक्रमित मरीज़ों की संख्या 18,601 हो गई है.

    भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक देश में अबतक 590 लोगों की मौत हो चुकी है.

    इसके अलावा 3251 मरीज़ इलाज के बाद ठीक भी हुए हैं.

  19. अमरीका में सबसे ज़्यादा मौतें और संक्रमण, ताज़ा अपडेट

    अमरीका में कोविड-19 से जुड़ी मौतों की संख्या 42,094 हो गई है. दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण से सबसे ज़्यादा मौतें अमरीका में ही हुई हैं. सबसे ज़्यादा संक्रमण के मामले (7,84,000) भी अमरीका में ही हैं. इसके बावजूद कई अमरीकी राज्य लॉकडाउन की शर्तों में जल्दी ही ढील देने की योजना बना रहे हैं.

    साउथ कैरोलिना में दुकानों को खोलने की इजाज़त दे दी गई है. जॉर्जिया में जिम और सैलून शुक्रवार से खुल जाएंगे और सोमवार से सिनेमाघर भी. हालांकि इन जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. अमरीका के कई राज्यों में लोगों ने लॉकडाउन की पाबंदियों के विरोध में प्रदर्शन भी किया है.

    लॉकडाउन के नियमों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कुछ राज्यों के गवर्नरों में तनाव भी चल रहा है. गवर्नरों का कहना है कि राष्ट्रपति इन प्रदर्शनकारियों को उकसा रहे हैं. वहीं, ट्रंप का कहना है कि वो प्रदर्शनकारियों की भावनाओं को समझते हैं और कुछ राज्यों में ज़रूरत से ज्यादा पाबंदियां लगाई गई हैं.

    इस बीच ट्रंप ने ट्वीट कर ऐलान किया है कि वो अमरीका में ग़ैर अमरीकी नागरिकों के बसने पर फौरी तौर पर रोक लगा रहे हैं.

  20. ब्रेकिंग न्यूज़, अमरीका लगाएगा लोगों के बसने पर रोक

    अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ट्वीट किया है कि वे लोगों के अमरीका आकर बसने पर फौरी तौर पर पाबंदी लगाने के फ़ैसले पर हस्ताक्षर करेंगे.

    माना जा रहा है कि ट्रंप ने ये फ़ैसला कोरोना वायरस संकट को देखते हुए लिया है.

    उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है, “अदृश्य दुश्मन के हमले को देखते हुए और ग्रेट अमरीकी नागरिकों की नौकरियों को बचाने के लिए मैं अमरीका में बसने पर पाबंदी लगाने वाले तात्कालिक आदेश पर हस्ताक्षर करूंगा.”

    हालांकि इस आदेश को किस तरह से पूरा किया जाएगा, इसको लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है.