इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी शनिवार की प्रेस ब्रीफ़िंग में बताया कि देशभर में अभी तक कोरोना संक्रमण के कुल 14,378 मामलों की पुष्टि हुई है.
इनमें से 4,291 का संबंध दिल्ली में तब्लीग़ी जमात के मरकज़ से है.
मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में देशभर में 43 लोगों की मौत हुई है और संक्रमण के 991 नए मामलों की पुष्टि हुई है.
बीते 24 घंटों में भारत में कोरोना वायरस से 43 की मौत
इमेज स्रोत, Getty Images
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ कोरोना पॉज़िटिव मामलों की
संख्या 14378 है.
बीते 24 घंटों में 991 नए मामले
सामने आए हैं जबकि इस दौरान 43 मौतें हुई हैं और अब तक भारत में कोरोना संक्रमण से 480 लोगों की मौत
हो चुकी है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक़, अब तक
13.85 प्रतिशत मरीज़ अब तक ठीक हो चुके हैं.
लव अग्रवाल के मुताबिक़, एक सकारात्मक ट्रेंड ये नोट किया
गया है कि 23 राज्य के 47 ज़िलों में बीते 28 दिनों में कोई मामला नहीं आया है. ये वो
ज़िले हैं जहां पहले पॉज़िटिव मामले आए थे.
12 राज्य में 22 अन्य ऐसे ज़िले हैं जहां बीते दो सप्ताह
में कोई नया मामला सामने नहीं आया है.
इन ज़िले में बिहार के लखीसराय, भागलपुर और गोपालगंज,
राजस्थान
से उदयपुर और धौलपुर, कर्नाटक में चित्रदुर्गा, जम्मू और कश्मीर में
पुलवामा, मणिपुर में तोबल, पंजाब में होशियारपुर, हरियाणा में रोहतक और चरखी दादरी, अरुणाचल प्रदेश में
लोहित, ओडिशा मेंभदरक और पुरी, असम में करीमगंज,
गोलाघट,
कामरूप
रूरल, साउथ सलमारा और नालबारी, पश्चिम बंगाल मेंजलपाइगुड़ी और
कलीमपोंग और आंध्र प्रदेश का विशाखापटनम शामिल हैं.
तीन ऐसे ज़िले जिनमें पहले 14 दिन तक मामले नहीं आए थे वहां
से अब मामले रिपोर्ट हुए हैं. ये ज़िले हैं बिहार में पटना, हरियाणा में पानीपत और
पश्चिम बंगाल में नदिया.
लव अग्रवाल के मुताबिक़, कोविड-19 की वजह से भारत में
हुई कुल मौतों में से 75.3 प्रतिशत लोग साठ साल से अधिक उम्र के हैं. इसके अलावा
कोरोना वायरस से मारे गए कुल लोगों में से 83 प्रतिशत लोग ऐसे थे
जिनमें पहले से कोई बीमारी थी.
वहीं, गृह मंत्रालय का कहना है कि उन विदेशी नागरिकों का
वीज़ा निःशुल्क बढ़ाया जाएगा जो लॉकडाउन की वजह से भारत में फंसे हैं.
एसीपी की मौत पर पंजाब के मुख्यमंत्री ने जताया अफ़सोस
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लुधियाना के एसीपी अनिल कोहली की कोविड-19 से मौत पर शोक प्रकट किया है. उन्हें कुछ दिन पहले पॉज़िटिव पाया गया था.
जर्मनीः लगातार चौथे दिन नए संक्रमणों की संख्या में इज़ाफ़ा
इमेज स्रोत, Reuters
जर्मनी में लगातार चौथे दिन
संक्रमणों की संख्या में तेज़ी आई है.
रॉबर्ट कोच इंस्टीच्यूट के
ताज़ा आँकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 3,609 नए मामलों की पुष्टि हुई है. इस
दौरान 242 लोगों की मौत हुई है.
इसके साथ ही जर्मनी में मृतकों
की कुल संख्या बढ़कर 4,110 हो गई है.
एक दिन पहले ही जर्मनी के
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि एक महीने के लॉकडाउन के बाद जर्मनी में स्थिति
नियंत्रण में आ गई है.
पंजाब में एसीपी की कोरोना से मौत
पंजाब के लुधियाना ज़िले के जनसंपर्क विभाग ने ट्वीट किया है कि ऐसिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस अनिल कोहली की कोविड-19 से मृत्यु हो गई है. वो लुधियाना के एसपीएस हॉस्पिटल में भर्ती थे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
राहत राशि जुटाने के लिए आज अंतरराष्ट्रीय म्यूज़िक कॉन्सर्ट, प्रियंका चोपड़ा भी लेंगी हिस्सा
दुनिया के 100 से ज़्यादा संगीतकार आज एक बड़ा बेनिफ़िट शो करने जा
रहे हैं.
'वन वर्ल्ड - टुगेदर ऐट होम' नाम के इस कॉन्सर्ट का आयोजन ग्लोबल सिटिज़न मूवमेंट
नामक संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पॉप स्टार लेडी गागा के साथ मिलकर किया है.
इसमें लेडी गागा, टेलर स्विफ़्ट, आंद्रिया बोचेली, स्टीवी वन्डर, ओपरा
विन्फ़्रे, पॉल मैकार्टनी, पीयर्स ब्रोस्नन जैसे दिग्गज कलाकार हिस्सा ले रहे हैं.
भारतीय कलाकार प्रियंका चोपड़ा और विशाल मिश्रा भी इस ख़ास कॉन्सर्ट
में प्रस्तुति देंगे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
यूपी के बाद छत्तीसगढ़ सरकार भी कोटा से छात्रों को लाएगी वापस
इमेज स्रोत, Chhattisgarh Gov/@JaiSinghMLA
आलोक प्रकाश पुतुल
रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए
उत्तर प्रदेश के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार ने भी राजस्थान के कोटा में रह रहे बच्चों को वापस लाने का फ़ैसला किया है.
छत्तीसगढ़ से हज़ारों की संख्या में बच्चे मेडिकल और इंजीनियरिंग की कोचिंग के लिये कोटा में
हैं और वहां हॉस्टलों में रहते हैं.
राज्य सरकार ने हर ज़िले में, कोटा में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों को आवेदन देने के लिये कहा है.
छत्तीसगढ़ सरकार ने यह पहल ऐसे समय में की है, जब बिहार और झारखंड बच्चों
को कोटा से लाये जाने के उत्तर प्रदेश सरकार के फ़ैसले का विरोध कर रहे हैं.
राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने अपने एक बयान
में कहा, "छत्तीसगढ़ प्रदेश के जो बच्चे कोटा, राजस्थान में अध्ययनरत हैं और लॉकडाउन के कारण फंसे हुये हैं, अगर उनके पैरेंट्स उन्हें लाना चाहते हैं तो उनका पूरा विवरण अपने संबंधित ज़िले के कलेक्टर को उपलब्ध कराएं."
इधर राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के संपर्क में हैं और उन्होंने कोटा से बच्चों को छत्तीसगढ़ लाने संबंधी आरंभिक चर्चा की है.
राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार से भी अनुमति मांगी है.
अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार से अनुमति मिलते ही यहां से बसों को रवाना कर दिया जाएगा जिसकी सारी तैयारी की जा चुकी है.
कोरोना: WHO ने कहा, वन्यजीवों के मांस के व्यापार पर कड़े प्रतिबंध लगाएं देश
ट्रंप सरकार कैसे पाएगी बेरोजगारी से पार
कोलकाताः प्रभारी संक्रमित, पूरा थाना क्वारंटीन
इमेज स्रोत, BBC/PRABHAKAR MANI TIWARI
प्रभाकर मणि तिवारी
कोलकाता से बीबीसी हिन्दी के लिए
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पोर्ट इलाक़े के एक थाने के ऑफ़िसर-इन-चार्ज (ओसी) के कोरोना पाज़िटिव होने के बाद थाने के बाकी कर्मचारियों में आतंक फैल गया है.
इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के शीर्ष अधिकारियों की चिंता भी बढ़ा दी है.
आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के मुताबिक़ थाने में तैनात तमाम पुलिसवालों को क्वारंटीन में भेजना होगा.
इसके अलावा पूरे परिसर को दो दिनों तक सैनिटाइज़ करना होगा.
ऐसे में अधिकारियों की चिंता यह है कि थाने का काम कैसे चलेगा?
फ़िलहाल ओसी के बाडीगार्ड और ड्राइवर को शुक्रवार रात को क्वारंटीन में भेज दिया गया है.
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि उक्त पुलिस अधिकारी कोरोना के लक्षण के साथ बुधवार को कोलकाता के सरकारी एम.आर.बांगुर अस्पताल, जिसे कोरोना अस्पताल में बदल दिया गया है, वहां दाखिल हुए थे.
शुक्रवार रात को उनकी जांच रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है. उसके बाद उस अधिकारी को संक्रामक बीमारियों के अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है.
फ़िलहाल स्वास्थ्य विभाग या पुलिस के अधिकारियों ने इस मामले पर ज़्यादा कुछ कहने से इनकार कर दिया है.
स्वास्थ्य विभाग ने उस पुलिस अधिकारी के संपर्क में आने वाले लोगों का पता लगाने का काम शुरू कर दिया है.
इसके साथ इस बात की जांच भी की जा रही है कि उक्त अधिकारी को संक्रमण आख़िर कैसे हुआ.
पुलिस ने हाल में उसी इलाक़े से फ़ुटपाथ पर रहने वाले एक व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया था. बाद में उसके कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई थी.
उस पुलिस अधिकारी ने बुधवार को अस्पताल पहुंचने से पहले नियमित रूप से ड्यूटी की थी.
ऐसे में थाने के तमाम पुलिसवालों के उनके संपर्क में आने का अंदेशा है.
लॉकडाउन के दौरान पुलिसवाले बंदरगाह इलाक़े की सघन आबादी वाली बस्तियों में खाद्यान्न और दूसरी राहत सामग्री बांट रहे हैं.
इससे स्वास्थ्य विभाग को डर है कि कहीं वहां सामुदायिक संक्रमण न फैल रहा हो.
20 अप्रैल से एम्स में ओपीडी
दिल्ली के एम्स में 20 अप्रैल से गैर कोविड- 19 मरीजों को ओपीडी सुविधा मिलेगी. इसके लिए जिन मरीजों का एम्स में इलाज चल रहा है उन्हें ऑनलाइन पंजीकृत होना पड़ेगा, इसके बाद उन्हें अप्वाइंटमेंट मिलेगी. इसके बाद दिए गए समय पर संबंधित विभाग उन्हें फ़ोन कर बुलाएगा और डॉक्टर उन्हें सलाह देंगे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
कोरोना के दौर में कैसे फैला 'इस्लामोफ़ोबिया'?
कोरोना लॉकडाउन में हर दिन कितने हज़ार करोड़ का नुकसान?
मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरे संदेशों को रोकने के लिए गुजरात पुलिस ने क्या किया?
आम लोगों की मुश्किलों को कम करने पर चर्चा
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली मंत्रियों के समूह की बैठक ख़त्म हो गई है. राजनाथ सिंह ने मीटिंग के बाद ट्वीट करके बताया है कि मंत्रियों के समूह में आम लोगों की मुश्किलों को कम करने पर चर्चा हुई. इसके अलावा लोगों को राहत देने के लिए मंत्रालयों की भूमिका क्या हो सकती है, इस पर भी विचार विमर्श किया गया.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
केंद्रीय मंत्रियों के समूह की बैठक
कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ मुहिम में भारत के केंद्रीय मंत्रियों के समूह की बैठक चल रही है. यह बैठक समूह की अध्यक्षता कर रहे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हो रही है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
मध्य प्रदेश से राहत भरी ख़बर लेकिन...
शुरैह नियाज़ी
भोपाल से, बीबीसी हिंदी के लिए
इंदौर में अप्रैल माह में पहली बार कोरोना संक्रमण के चलते शुक्रवार को एक भी मौत नहीं हुई.
वही कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ों के केवल 50 नए मामले मिले हैं. जबकि इससे एक दिन पहले 244 नए मामले थे.
मध्य प्रदेश में अब कोरोना पीड़ित लोगों का आंकड़ा 1408 पर पहुंच गया है वहीं अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है.
वहीं राजधानी भोपाल में 11 नये कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ मिले और तीन लोगों की मौत हुई. इनमें दो सगे भाई भी थी जिनकी मौत कुछ घंटों में हो गई.
सरकार ने शुक्रवार को 1317 सैंपल जांच के लिए विशेष विमान से दिल्ली भेजे हैं. इसी तरह से 1300 सैंपल शनिवार को भी भेजे जाने है.
भोपाल में अब 4978 सैंपल लिये जा चुके हैं और तक़रीबन 1000 सैंपल रोज़ लिये जा रहे हैं.
वहीं 2424 सैंपल की जांच हो चुकी है और 2257 की रिपोर्ट अभी आना बाक़ी है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि इंदौर और प्रदेश के दूसरे इलाक़ो में बड़े तौर पर टेस्टिंग की जा रही है जो आंकड़ों में दिख रही है.
उन्होंने कहा, “जल्द ही इस पर क़ाबू पा लिया जाएगा.”
उन्होंने कहा कि सभी संक्रमित क्षेत्रों को सील करके व्यापक सर्वे किया जा रहा है ताकि यह फैले नहीं और जल्द से जल्द इस पर क़ाबू पाया जा सके.
इमेज स्रोत, Shuraih Niazi/BBC
झारखंड में 2 दिन की बच्ची की कोरोना स्क्रीनिंग, अब तक 32 लोग संक्रमित
रवि प्रकाश
रांची से, बीबीसी हिंदी के लिए
राँची में सिर्फ़
2 दिन पहले जन्मी नवजात बच्ची
की कोरोना जाँच करायी जाएगी. उसके माँ-पिता कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.
इस बच्ची के जन्म
से एक दिन पहले उसकी माँ और पिताजी का सैंपल लिया गया था. शुक्रवार की शाम उनकी रिपोर्ट
पाज़िटिव आई.
सिविल सर्जन डॉ वी
बी प्रसाद ने बताया कि शनिवार की दोपहर तक बच्ची का सैंपल लिया जाएगा, क्योंकि उसको जन्म देते वक़्त माँ संक्रमित हो चुकी
थी. हालाँकि, उसकी रिपोर्ट बाद
में आई.
राँची में इस दंपति
समेत तीन लोग कल संक्रमित पाए गए थे. हेल्थ सेक्रेटरी डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने बताया
कि झारखंड में अभी तक कुल 32 लोगों में संक्रमण
की पुष्टि हुई है. इनमें से दो लोगों की इलाज ते दौरान मौत भी हो गई थी.
उन्होंने बताया कि
संक्रमित होने वालों में 17 साल का एक किशोर
भी शामिल है.
इस बीच राज्य सरकार
ने देश के विभिन्न राज्यों में फँसे झारखंडी मज़दूरों की सहायता के लिए ऐप जारी किया
है. इसके माध्यम से सभी मज़दूरों की डीबीटी के ज़रिए आर्थिक मदद की जाएगी. यह राशि
कम से कम 1000 रुपये होगी.
इमेज स्रोत, Ravi Prakash/BBC
कोरोना का कहर: “मैंने वेंटिलेटर का स्विच ऑफ़ कर दिया ताकि वह शांति से मर सके...”
कोरोना: सड़क पर पड़े रहे 500 के नोट्स, किसी ने नहीं की छूने की हिम्मत