अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन का फंड रोकने का आदेश दे दिया है. अपने दैनिक प्रेस ब्रीफ़ में ट्रंप ने कहा कि WHO की भूमिका की समीक्षा की गई. अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि WHO बुनियादी काम करने भी नाकाम रहा है इसलिए उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए.
ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि WHO हाल के हफ़्तों में चीन को लेकर पक्षपाती रहा है. अमरीकी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि पूरी दुनिया को कोरोना वायरस को लेकर ग़लत सूचना दी गई है. ट्रंप ने कहा कि WHO की ग़लतियों के कारण ही दुनिया भर में ज़्यादा मौतें हुई हैं.
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को 31 दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस के बारे में पहली बार पता चला था. विश्व स्वास्थ्य संगठन की गतिविधियों पर एक नज़र...
4 जनवरी- सोशल मीडिया पर पहली बार इसे लेकर बातें सामने आयीं. इसे निमोनिया के मामलों के तौर पर बताया गया.
5 जनवरी- पहली बार इसके प्रकोप को लेकर ख़बर छपी. जिसमें लिखा गया कि इंसान से इंसान को होने वाली इस बीमारी के कोई पुख़्ता सुबूत नहीं हैं.
10 जनवरी- पहली बार यात्रा को लेकर सलाह जारी की गई.
20-21 जनवरी- WHO के क्षेत्रीय विशेषज्ञ "वुहान" के एक दौरे पर गए. चीन का वुहान शहर ही वो जगह है जहां पहली बार इस वायरस के बारे में पता चला था.
22 जनवरी- फ़ील्ड विज़िट के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की गई कि यह संक्रमण मानव से मानव को हो रहा है.
24 जनवरी- दूसरी ट्रेवल एडवाइज़री प्रकाशित
27 जनवरी- तीसरी ट्रेवल एडवाइज़री प्रकाशित
28 जनवरी- विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक वरिष्ठ शिष्टमंडल ने बीजिंग में चीन के नेताओं के साथ मुलाक़ात की.
30 जनवरी- सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा