पश्चिम बंगाल में पुलिस ने मुर्शिदाबाद ज़िले के गोपीपुर की एक मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए भारी भीड़ जुटने के बाद पचास अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ लॉकडाउन के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है.
लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में कोरोना के दस हॉटस्पॉट को कम से कम 14 दिनों के लिए पूरी तरह लॉकडाउन करने का फ़ैसला लिया है.
वहीं मस्जिद में जुटी भीड़ में बच्चे से लेकर बुज़ुर्ग तक शामिल थे और उन लोगों ने न तो मास्क पहना था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन कर रहे थे.
ज़िला प्रशासन को इसकी सूचना मिलने के बाद इलाक़े में पहुंची पुलिस की टीम ने मस्जिद को खाली कराया और लोगों को वापस भेजा.
पुलिस की दलील है कि इस मुस्लिम-बहुल इलाक़े में कई मस्जिदें हैं और उन सबकी निगरानी करना संभव नहीं है.
मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने बताया, "राज्य में कोरोना के दस हॉटस्पॉट की पहचान कर ली गई है. वहां पूरी तरह लॉकडाउन की तैयारी की जा रही है. लेकिन फ़िलहाल उन जगहों के नाम नहीं बताए जा रहे हैं ताकि आम लोगों में डर न फैले. ऐसी स्थिति में सामाजिक और प्रशासनिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं."
सरकारी सूत्रों ने बताया कि पूरी तरह लॉकडाउन की यह कवायद शनिवार रात से ही शुरू कर दी जाएगी. इन इलाक़ों में राजधानी कोलकाता की कुछ जगहें भी शामिल हैं.
सिन्हा ने कहा, "पूर्ण लॉकडाउन का मतलब है कि इलाक़े में तमाम बाज़ार और सड़कें बंद कर दी जाएंगी. कुल मिला कर ऐसे इलाक़ों में कर्फ़्यू जैसी स्थिति होगी. किसी को घरों से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी. इससे दिक्कतें बढ़ेंगी. लेकिन इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है.
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सरकारी सूत्रों ने बताया कि पूर्ण लॉकडाउन के दौरान सरकार घर-घर राशन, सब्जियां, दवाएं और दूसरी जरूरी चीज़ें पहुंचाएगी. इसके लिए इलाक़े के शापिंग माल्स और राशन डीलरों की सहायता ली जाएगी.
इस बीच, एक बैंक अधिकारी की मां के कोरोना पॉज़िटिव होने के बाद कोलकाता के भवानीपुर में यूको बैंक की एक शाखा को सील कर दिया गया है.