JNU हमले ने 26/11 की याद दिला दी: उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जेएनयू में हुई हिंसा ने उन्हें मुंबई में हुए आतंकी हमलों की याद दिला दी. उन्होंने हमलावरों को सज़ा दिलाए जाने की मांग की.
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दिल्ली की जेएनयू यूनिवर्सिटी में हुए हमले का भारी विरोध. मगर हमलावरों को लेकर रहस्य बरक़रार.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जेएनयू में हुई हिंसा ने उन्हें मुंबई में हुए आतंकी हमलों की याद दिला दी. उन्होंने हमलावरों को सज़ा दिलाए जाने की मांग की.
जेएनयू में जो हुआ वो शर्मिंदगी और तकलीफ़ की बात है: असदुद्दीन ओवैसी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जेएनयू मामले को बहुत परेशान करने वाला बताया है. उन्होंने कहा, "ये लोकतंत्र पर ख़तरनाक और सुनियोजित हमला है. जो भी उनके (सरकार) के ख़िलाफ़ बोलता है, उसे पाकिस्तानी और देश के दुश्मन का तमगा दे दिया जाता है. हमने देश में इससे पहले ऐसे हालात नहीं देखे."
दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने जेएनयू कैंपस में छात्राओं के साथ मारपीट मामले में समन जारी किया.
केंद्रीव मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के सचिव की जेएनयू के रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक चल रही है.
पीटीआई ने एम्स अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि जेएनयू हिंसा में घायल 34 लोगों को सोमवार को हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई, इनमें चार लोगों को सिर में चोट लगी थी.
एएनआईः जेएनयू के एक होस्टल - साबरमती होस्टल - के वॉर्डन आर मीणा ने ये कहते हुए इस्तीफ़ा दिया कि 'हमने कोशिश की, लेकिन छात्रावास को सुरक्षा नहीं दे सके'.
जेएनयू में रविवार शाम को हुई हिंसा में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष को भी गंभीर चोट आई थी. सीपीएम महासचिव और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सीताराम येचुरी ने घायल आइशी का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा - ये वीडियो दिखाता है आरएसएस/बीजेपी भारत को क्या बनाना चाहते हैं. उन्हें कामयाब नहीं होने दिया जाएगा.
भारतीय जनता पार्टी ने हिंसी की ख़बर आने के बाद शुक्रवार रात को ट्वीट कर हिंसा की निंदा की और इसे अराजकता फैलाना चाहने वालों की एक हताश हरकत बताया. बीजेपी ने कहा कि विश्वविद्यालयों को शिक्षा और अध्ययन का स्थान होना चाहिए.
डीसीपी (साउथ-वेस्ट) देवेंद्र आर्य ने कहा है कि दिल्ली पुलिस ने जेएनयू में हुई हिंसा का संज्ञान लिया है और एफ़आईआर दर्ज कर ली गई है. इस मद्देनज़र सोशल मीडिया पोस्ट्स और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जाएगी.
जेएनयू कैंपस में रविवार शाम हिंसा के बाद रात भर क्या-क्या हुआ? हॉस्टलों और परिसर में कैसा माहौल रहा? देखें बीबीसी का वीडियो.
केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने जेएनयू हिंसा पर सीधे कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया मगर उन्होने कहा कि विश्विविद्यालयों को राजनीति का अड्डा नहीं बनने देना चाहिए और छात्रों को राजनीतिक मोहरा नहीं बनना चाहिए.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दिल्ली पुलिस ने जेएनयू हिंसा मामले में अज्ञात व्यक्तियों के ख़िलाफ़ संपत्ति को नुक़सान पहुँचाने और दंगे भड़काने के आरोप में एफ़आईआर दर्ज किया है.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बयान जारी कर कैंपस में हुई हिंसा की निंदा की है. जेएनयू के वीसी एम जगदेश कुमार ने ये बयान ट्वीट किया है.
जेएनयू रजिस्ट्रार ने बयान जारी कर कहा है कि 1 जनवरी 2020 से विश्वविद्यालय का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ था जिसके बाद छात्रों का रजिस्ट्रेशन जारी था.
लेकिन 3 जनवरी को रजिस्ट्रेशन का विरोध कर रहा एक गुट कॉम्युनिकेशन एंड इन्फ़ॉर्मेशन सर्विसेज़ परिसर में घुस आया और इंटरनेट सर्वर को बेकार कर दिया. उन छात्रों की पहचान करने के बाद पुलिस में शिकायत की गई.
इसके बाद 4 जनवरी को फिर से रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ लेकिन इसके बाद फिर से एक छात्र समूह ने इंटरनेट के साथ-साथ बिजली की सप्लाई रोक दी. विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्र समूह ने कुछ स्कूलों की इमारत को भी बंद कर दिया.
जेएनयू प्रशासन ने आगे कहा है कि 5 जनवरी को रजिस्ट्रेशन करा चुके छात्र स्कूल बिल्डिंग में जा रहे थे जिनको रोका गया. इसके बाद 5 जनवरी की दोपहर को स्कूलों के साथ-साथ होस्टल परिसर में रजिस्ट्रेशन का विरोध करने वाले और रजिस्ट्रेशन करा चुके छात्रों में हाथापाई हुई.
प्रशासन का कहना है कि शाम 4.30 बजे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का विरोध कर रहे छात्रों के समूह ने रजिस्ट्रेशन करा रहे छात्रों को पीटा. इसके बाद नक़ाब पहने बदमाश पेरियार होस्टल के कमरों में घुसे और छात्रों पर डंडों और रोड से हमला किया.
जेएनयू प्रशासन ने आगे घटना की निंदा करते हुए कहा है कि वो उस हर छात्र के साथ खड़ा है जो शांतिपूर्ण तरीक़े से अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं.
जेएनयू प्रशासन ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करते हुए कैंपस के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को बाधित करने वालों को बख़्शा नहीं जाएगा. जेएनयू ने कहा है कि अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज की कराई गई है.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए आरोप लगाया कि जेएनयू के वामपंथी छात्रों ने यूनिवर्सिटी को गुंडागर्डी का अड्डा बना दिया है.
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने जेएनयू में हुई हिंसा पर कई ट्वीट करते हुए हिंसा के लिए सीधे-सीधे बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया.
दिल्ली की जेएनयू यूनिवर्सिटी में रविवार शाम को हुई हिंसा के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी और मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं.