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यूके के मुख्य शेयर सूचकांक एफ़टीएसई 100 में कोविड महामारी के बाद से सबसे बड़ी गिरावट

दुनिया भर के बाज़ारों में गिरावट के कारण यूके के मुख्य शेयर सूचकांक एफ़टीएसई 100 (फ़ाइनेंशियल टाइम्स स्टॉक एक्सचेंज 100) में गिरावट दर्ज की गई है.

सारांश

लाइव कवरेज

हिमांशु दुबे और सुरभि गुप्ता

  1. बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का निधन, मुंबई में ली अंतिम सांस

    बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का शुक्रवार सुबह निधन हो गया.

    उन्होंने 87 साल की उम्र में मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में अंतिम सांस ली. हिंदी फ़िल्म जगत में उनको देशभक्ति फ़िल्मों के लिए जाना जाता है.

    उनकी यादगार फ़िल्मों में क्रांति, उपकार, शहीद, 'पूरब और पश्चिम' के अलावा 'रोटी कपड़ा और मकान' शामिल हैं.

    वैसे उनका नाम था हरिकृष्ण गोस्वामी और उनका जन्म 1937 में ऐबटाबाद हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है. मनोज कुमार ने देशभक्ति वाली इतनी फ़िल्में कीं और वो इतनी हिट रहीं कि उनका नाम ही 'भारत कुमार' पड़ गया.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है.

    एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें 'मनोज कुमार जी के निधन से बहुत दुःख हुआ.

    पीएम मोदी ने लिखा, "उन्हें ख़ास तौर पर उनकी देशभक्ति के जोश के लिए याद किया जाता था. उनकी फ़िल्मों ने राष्ट्रीय गौरव की भावना को जगाया. वे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार और फ़ैंस के साथ हैं."

    देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मनोज कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए एक्स पर एक पोस्ट लिखी.

    उन्होंने लिखा, “श्री मनोज कुमार जी एक प्रतिभाशाली अभिनेता थे. उनको हमेशा देशभक्ति से ओतप्रोत फ़िल्मों के निर्माण के लिए याद किया जाएगा. उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ मेरी संवेदनाएँ हैं. ओम शांति.”

    इससे पहले, समाचार एजेंसी एएनआई ने फ़िल्ममेकर अशोक पंडित का एक वीडियो शेयर किया.

    इसमें अशोक पंडित ने कहा, “दादा साहब फ़ाल्के पुरस्कार विजेता और भारतीय फ़िल्म जगत के दिग्गज कलाकार मनोज कुमार जी हमारे बीच नहीं रहे. यह पूरे फ़िल्म जगत के लिए बड़ी क्षति है. पूरी इंडस्ट्री उनको याद करेगी.”

  2. राज्यसभा में खड़गे बोले मणिपुर में हिंसा रोकने में नाकाम सरकार, अमित शाह ने दिया ये जवाब

    राज्यसभा में गुरुवार देर रात मणिपुर पर भी चर्चा हुई. नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार सॉल्यूशन निकालने में विफल हो गई है. वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपनी बात रखी.

    शाह ने कहा, “नॉर्थ ईस्ट में 2004 से 2014 तक कांग्रेस की सरकार रही. 2014 से 2024 तक बीजेपी की सरकार रही. नॉर्थ ईस्ट में 2004 से 2014 तक 11,327 हिंसा की घटनाएं हुईं. मोदी जी की सरकार में पिछले दस साल में 3,428 घटनाएं हुईं.”

    “यह पहली बार मणिपुर में नस्लीय हिंसा नहीं हुई है. मैं यह नहीं कहता हूं कि उनके समय की तुलना में हमारे समय में कम हुआ. यह तुलना का सवाल नहीं है. उनके समय में भी कुछ कारण रहे होंगे. मेरे कारण मैं बता रहा हूं.”

    इससे पहले, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “मणिपुर में सैकड़ों लोग मरे हैं. रेप हो गए हैं. घर जले हैं. बच्चों की तालीम ख़त्म हुई है. कॉलेज बंद हो गए हैं. स्कूल बंद हो गए हैं. वहां कोई सुरक्षा नहीं है.”

    “यहां तुलना करने का समय नहीं है, यहां पर सॉल्यूशन का प्रश्न है, और सॉल्यूशन करने में सरकार विफल हो गई है. इसलिए, हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री खुद जाकर इसे सुलझाए.”

  3. वक़्फ़ संशोधन बिल राज्यसभा में भी हुआ पास, विरोध में कितने सांसद?

    राज्यसभा में गुरुवार देर रात वक़्फ़ संशोधन बिल पास हो गया. इसके समर्थन में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े.

    इस पर, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रतिक्रिया दी.

    उन्होंने कहा, “हमने हमारा पक्ष उनके सामने रखा. वो इसे नहीं मान रहे हैं. इसका मतलब यह है कि उन्होंने (वक़्फ़ संशोधन बिल पर) पहले से नकारात्मक स्टैंड लिया हुआ है, जिसे वो आगे बढ़ा रहे हैं.”

    विपक्षी दलों ने वक़्फ़ संशोधन विधेयक को असंवैधानिक बताया था, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे मुस्लिमों के लिए फ़ायदेमंद बताया.

    इससे पहले, गुरुवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में वक़्फ़ संशोधन विधेयक पेश किया था.

    किरेन रिजिजू ने कहा था, "जब हम ये वक़्फ़ (संशोधन) बिल लेकर आए, उससे पहले हमारे अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने व्यापक रूप से देश भर में जितने स्टेकहोल्डर्स हैं, सबसे बातचीत करने के बाद, ये बिल तैयार करके हमने सदन में पेश किया."

    बता दें कि वक़्फ़ संशोधन बिल लोकसभा में पास हो चुका है. इसके पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े.

  4. नमस्कार!

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