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अमेरिकाः राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ़ को लेकर अब सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रूथ सोशल पर टैरिफ़ लागू करने से जुड़े मामले में एक पोस्ट लिखी, जो चर्चा में है. ट्रंप ने लिखा, “यह अमेरिका के लिए मुक्ति का दिन है.”

सारांश

  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रूथ सोशल पर टैरिफ़ लागू करने से जुड़े मामले में एक पोस्ट लिखी, जो चर्चा में है.
  • वक़्फ़ संशोधन बिल पर बुधवार को लोकसभा में चर्चा हुई. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वक़्फ़ की ज़मीन की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए.
  • बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की तबीयत में अब सुधार है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बताया कि परिजन उनको लेकर दिल्ली रवाना हुए.
  • वक़्फ़ संशोधन बिल पर बुधवार को लोकसभा में चर्चा हुई. विपक्षी सांसदों ने इसको संविधान विरोधी बताया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसका जवाब दिया.

लाइव कवरेज

अश्वनी पासवान और हिमांशु दुबे

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता हिमांशु दुबे को दीजिए इजाज़त.

    कल हम बीबीसी लाइव पेज के ज़रिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर होंगे.

    फ़िलहाल, हमारे होम पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

  2. अमेरिकाः राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ़ को लेकर अब सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा?

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रूथ सोशल पर टैरिफ़ लागू करने से जुड़े मामले में एक पोस्ट लिखी, जो चर्चा में है.

    ट्रंप ने लिखा, “यह अमेरिका के लिए मुक्ति का दिन है.”

    राष्ट्रपति ट्रंप ने 2 अप्रैल के दिन को ‘मुक्ति का दिन’ बताया है. हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने दो अप्रैल से दुनिया के कई देशों पर नए टैरिफ़ लागू करने की बात कही थी.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि इन टैरिफ़ के एलान के साथ ही अमेरिका को विदेशी उत्पादों पर निर्भरता से मुक्ति मिल जाएगी.

    इससे पहले, राष्ट्रपति ट्रंप चीन से होने वाले आयात, स्टील, एल्युमीनियम और कनाडा और मेक्सिको से आने वाली कुछ वस्तुओं पर टैरिफ़ बढ़ा चुके हैं.

    अब इसी हफ़्ते से कारों पर टैरिफ़ यानी आयात शुल्क प्रभाव में आने जा रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका को भी इसका नुक़सान उठाना पड़ सकता है.

  3. आईपीएलः रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 8 विकेट खोकर बनाए 169 रन, नहीं चला विराट का बल्ला

    आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के तहत बुधवार को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मैच खेला जा रहा है.

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने इस मैच में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 169 रन बनाए और गुजरात टाइटंस के सामने 170 रन का टारगेट रखा.

    इससे पहले, गुजरात टाइटंस ने टॉस जीता और गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया. इसके बाद, बल्लेबाज़ी करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की शुरुआत कुछ खास नहीं रही.

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के शुरुआती चार बल्लेबाज़ फ़िल सॉल्ट 12, विराट कोहली 7, देवदत्त पड्डिकल 4 और रजत पाटीदार केवल 12 रन बनाकर आउट हो गए.

    जितेश शर्मा के 33 रन, लियाम लिविंगस्टोन के 54 रन और टिम डेविड के 32 रन की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु सम्मानजनक स्कोर बना सका.

    वहीं, गुजरात टाइटंस की ओर से तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज ने तीन, साई किशोर ने दो, मोहम्मद अरशद ख़ान, प्रसिद्ध कृष्णा और ईशांत शर्मा ने एक-एक विकेट लिया.

  4. वक़्फ़ संशोधन बिल पर लोकसभा में बहस: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने क्या कहा?

    वक़्फ़ संशोधन बिल पर बुधवार को लोकसभा में चर्चा हुई. केंद्र सरकार ने इसके फ़ायदे गिनाए, तो विपक्षी सांसदों ने इसको संविधान विरोधी बताया.

    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वामसी पोर्टल पर वक़्फ़ की ज़मीन के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए.

    सांसद मसूद ने कहा, “यहां बार-बार वामसी पोर्टल का ज़िक्र हो रहा था. आपने (केंद्र सरकार के मंत्री) बताया कि वामसी पोर्टल है. मगर, दस साल बहुत समय होता है. दस साल में आप पूरी संपत्ति का रजिस्ट्रेशन नहीं कर सके.”

    “वामसी पोर्टल पर आप दस साल काम नहीं कर सके. आप कह रहे हैं कि छह महीने के अंदर सारी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन करा लेना और सारी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, तो वो संपत्ति वक़्फ़ की नहीं बचेंगी.”

    सांसद ने कहा, “रजिस्ट्रेशन कौन करेगा? रजिस्ट्रेशन आपके अधिकारी करेंगे. जब दस साल में नहीं कर सके, तो छह महीने में कैसे करेंगे? यह पूरी तरह से संविधान विरोधी क़ानून है साब.”

  5. बिहारः आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की सेहत पर क्या बोले तेजस्वी यादव?

    बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की तबीयत में अब सुधार है. बुधवार शाम परिजन उनको लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुए. यह जानकारी आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दी.

    लालू प्रसाद यादव का ब्लड प्रेशर लो हो रहा था, जिसके बाद उनको पटना स्थित पारस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था.

    लालू यादव की तबीयत को लेकर उनके बेटे और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बयान दिया है.

    तेजस्वी ने बताया, "कई दिनों से उनके (लालू यादव) कंधे और हाथ पर जख़्म था. इस कारण उनको बुखार बना हुआ था."

    “हमने उनकी सेहत पर लगातार नज़र बनाकर रखी थी. जब हमें पता लगा कि उनका ब्लड प्रेशर लो हो रहा है, तो हमने डॉक्टर से चर्चा करने के बाद उनको पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया.”

    तेजस्वी ने कहा, “डॉक्टर ने हमें कहा था कि जब तक उनका ब्लड प्रेशर स्थिर ना हो जाए, तब तक उनको फ्लाइट से दिल्ली ना लेकर जाएं. अब उनकी हालत स्थिर है. हम उनको दिल्ली एम्स में भर्ती कराने के लिए ले जा रहे हैं.”

  6. वक़्फ़ संशोधन बिल पर लोकसभा में बहस: विपक्ष के नेताओं के दावों पर क्या बोले अमित शाह?

    वक़्फ़ संशोधन बिल पर बुधवार को लोकसभा में चर्चा हुई. विपक्षी सांसदों ने इसको संविधान विरोधी बताया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसका जवाब दिया.

    उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि या तो निर्दोष भाव से, या तो राजनीतिक कारणों से ढेर सारी भ्रांतियां सदस्यों के मन में हैं और ढेर सारी भ्रांतियां सदन के माध्यम से, देशभर में फैलाने का प्रयास हो रहा है. मैं कुछ बातों को स्पष्ट करने का प्रयास करूंगा.”

    गृह मंत्री ने कहा, “वक़्फ़ में कोई ग़ैर-इस्लामिक सदस्य आएगा ही नहीं. यह स्पष्टता से समझ लीजिए. ना मुतवल्ली ग़ैर-इस्लामिक होगा, ना वाक़िफ़ ग़ैर-इस्लामिक होगा. वहां कोई प्रावधान नहीं है.”

    “जो धार्मिक संस्थाओं का संचालन करते हैं, उसमें कोई भी ग़ैर-मुस्लिम व्यक्ति रखने का प्रावधान किया भी नहीं है, हम करना भी नहीं चाहते हैं.”

    शाह ने कहा, “इसलिए, जो बड़े-बड़े भाषण करते हैं कि समानता का अधिकार चला गया, दो धर्मों के बीच समानता नहीं रही, मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों के बीच दखल खड़ी हो जाएगी. कुछ नहीं होने वाला है.”

    “ये जो भ्रम खड़ा किया जाता है कि ये एक्ट मुस्लिम भाइयों के धार्मिक क्रियाकलापों के अंदर, उनकी दान की संपत्ति के अंदर दख़ल करने का है, ये बहुत बड़ी भ्रांति फैला कर अल्पसंख्यकों को डराकर अपना वोट बैंक खड़ा करने के लिए किया जा रहा है.”

    उन्होंने कहा, “कहां पर ग़ैर-मुस्लिम सदस्य रखे जाएंगे, परिषद में और वक़्फ़ बोर्ड में. उनका काम क्या है? उनका काम धार्मिक क्रियाकलापों को चलाने का नहीं है. उनका काम यह देखना है कि वक़्फ़ बोर्ड का एडमिनिस्ट्रेशन अच्छे से चल रहा है या नहीं.”

  7. म्यांमारः भूकंप के बाद अब कैसा है मांडले का हाल, देखिए तस्वीरें

    पिछले सप्ताह 28 मार्च, 2025 को म्यांमार में भूकंप आया था. इस कारण मांडले शहर में तबाही मच गई.

    म्यांमार का यह शहर ‘सिटी ऑफ़ गोल्ड’ कहलाता है. म्यांमार में आए भूकंप की तीव्रता 7.7 थी.

    इस भूकंप के झटके म्यांमार के पड़ोसी देश थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक तक महसूस किए गए थे.

  8. म्यांमारः राहत सामग्री लेकर जा रहे क़ाफ़िले पर सेना ने क्यों चलाई गोलियां?

    म्यांमार की सेना ने भूकंप प्रभावित इलाक़ों में मदद लेकर जा रहे क़ाफ़िले पर मंगलवार रात गोलियां चलाईं.

    म्यांमार में एक सशस्त्र विद्रोही समूह तांग नेशनल लिबरेशन आर्मी (टीएनएलए) ने कहा है कि म्यांमार की सेना (जुंटा) के जवानों ने नौ वाहनों के इस क़ाफ़िले पर मशीनगनों से गोलीबारी की.

    गोलीबारी की यह घटना उत्तरी शॉन प्रांत में नॉंग चो टाउनशिप में हुई, जब क़ाफ़िला यहां से मांडले की ओर जा रहा था.

    टीएनएलए ने कहा कि रक्षा दल ने म्यांमार की सेना को रूट और राहत सामग्री के वितरण को लेकर जानकारी दी थी. हालांकि, सेना ने कहा कि यह नहीं बताया गया था कि यह क़ाफ़िला यहां से गुज़रेगा.

    सेना ने कहा कि उनकी ओर से गोलीबारी इसलिए की गई थी, क्योंकि यह क़ाफ़िला नहीं रुका था. हालांकि, सेना ने दावा किया है कि कोई भी इस गोलीबारी में घायल नहीं हुआ. इस मामले की जांच की जा रही है.

    क्या हुआ था?

    28 मार्च को म्यामांर में भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए थे. भूकंप की तीव्रता 7.7 थी. इस भूकंप के झटके म्यांमार के पड़ोसी देश थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक तक महसूस किए गए थे.

    थाईलैंड में भूकंप के कारण 6 लोगों की मौत हुई है जबकि 100 मज़दूर लापता हैं.

  9. वक़्फ़ संशोधन बिल पर लोकसभा में बहस: अखिलेश यादव ने बीजेपी को किस मुद्दे पर घेरा?

    समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने बुधवार को लोकसभा में बीजेपी को वक़्फ़ संशोधन विधेयक के बहाने महाकुंभ के मुद्दे पर घेरा.

    उन्होंने कहा, “भाजपा जब कभी भी नया बिल लाती है, तो वो अपनी नाकामी छिपाती है. भाजपा वाले मुसलमान भाइयों की ज़मीन चिह्नित करने की बात कर रहे हैं, जिससे महाकुंभ में जो हिंदू मारे गए हैं या खो गए हैं, उस बात पर पर्दा पड़ जाए.”

    अखिलेश ने कहा, “कुंभ में आस्था सबकी है. कोई ऐसा नहीं है, जिसकी आस्था ना हो. कुंभ कोई पहली बार नहीं हो रहा था. ये भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने प्रचार किया कि 144 वर्षों के बाद महाकुंभ होने जा रहा है और लोग निकल पड़े.”

    उन्होंने कहा, “सरकार ने कहा कि हमारी तैयारी सौ करोड़ की है. आप कहते हैं कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेंगे, ज़मीनों की मैपिंग करके डेटा रिकॉर्ड ठीक करेंगे. सरकार बताए कि वो 30 लोग कौन थे, जिनकी जान चली गई.”

    “सरकार बताए कि लगभग एक हज़ार हिंदू खो गए हैं, जो अभी तक नहीं मिले, उन एक हज़ार हिंदुओं की सूची कहां है?”

    अखिलेश ने कहा, “महोदय, वक़्फ़ की ज़मीन से बड़ा मुद्दा वह ज़मीन है, जिस पर चीन ने अपने गांव बसा लिए हैं. लेकिन, कोई बाहरी ख़तरे पर सवाल-बवाल ना करे, इसलिए यह बिल लाया जा रहा है.”

  10. म्यांमारः भूकंप में मरने वालों की संख्या को लेकर अब सेना ने क्या बताया?

    म्यांमार में आए भूकंप के कारण मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 2,886 हो चुकी है. यह जानकारी बुधवार को म्यांमार की सैन्य सरकार ने दी है.

    भूकंप में घायल हुए लोगों की संख्या 4,639 है, जबकि 373 लोग अभी भी लापता हैं. राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है.

    ऐसा माना जा रहा है कि 28 मार्च को म्यांमार में आए भूकंप के कारण मरने वालों की संख्या और भी ज़्यादा हो सकती है.

    माना जा रहा है कि वहां की सैन्य सरकार इन आंकड़ों को कम करके बता रही है.

    क्या हुआ था?

    28 मार्च को म्यामांर में भूकंप के तेज़ झटके महसूस किए गए थे. भूकंप की तीव्रता 7.7 थी.

    इस भूकंप के झटके म्यांमार के पड़ोसी देश थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक तक महसूस किए गए थे.

    थाईलैंड में भूकंप के कारण 6 लोगों की मौत हुई है जबकि 100 मज़दूर लापता हैं.

    इसके बाद, यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया था कि म्यांमार में भूकंप के पहले झटके के 12 मिनट के बाद ही दूसरा झटका आ गया था.

    दूसरे भूकंप की तीव्रता 6.4 थी. इस भूकंप का केंद्र सागाइंग से 18 किलोमीटर दक्षिण में था.

  11. वक़्फ़ संशोधन बिल पर लोकसभा में बहस: बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद क्या बोले?

    वक़्फ़ संशोधन बिल पर संसद में चर्चा में भाग लेते हुए बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों को लेकर कहा कि वो इसका विरोध मजबूरी में कर रहे हैं.

    उन्होंने दावा किया कि ये सब सिर्फ़ वोट बैंक के लिए किया जा रहा है.

    सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा, “आज मैं ये सवाल संसद के सामने उठाना चाहता हूं कि कितने स्कूल बने वक़्फ़ की संपत्ति पर? कितने अस्पताल बने वक़्फ़ की संपत्ति पर? कितने स्किल्स सेंटर खुले वक़्फ़ की संपत्ति पर?”

    “कितने अनाथालय खुले वक़्फ़ की संपत्ति पर? कितनी बेवा-विधवा बेटियों-महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई-बुनाई सिखाई गई?”

    उन्होंने कहा, “आज इस क़ानून के द्वारा वक़्फ़ की ज़मीन को रेग्युलेट करके, उसकी प्रॉपर्टी में फंडिंग अच्छी करके उस ज़मात के लोगों के लिए विश्वास बढ़ेगा, तो इनको (विपक्ष को) परेशानी क्यों होती है?”

    इस बीच, लोकसभा में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, "विशेष समाज के लोगों की ज़मीन पर इनकी नज़र है. कल दूसरे समुदाय की ज़मीन पर इनकी नज़र होगी. हम संशोधन के ख़िलाफ़ नहीं हैं, जो संशोधन ये लेकर आए हैं, उससे और समस्या बढ़ेगी."

  12. अभी तक बीबीसी संवाददादाता अश्वनी पासवान आप तक ख़बरें पहुँचा रहे थे.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता हिमांशु दुबे आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक करके आप पढ़ सकते हैं.

  13. वक़्फ़ संशोधन बिल पर लोकसभा में बहस: गौरव गोगोई ने कहा जेपीसी ने खारिज किए विपक्ष के सारे सुझाव

    संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के वक़्फ़ संशोधन बिल को संसद में पेश करने और इसके पक्ष में तर्क देने के बाद कांग्रेस ने इसे संविधान के ख़िलाफ़ बताया.

    कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई ने संसद में कहा, "ये किस प्रकार का क़ानून आप बना रहे हैं."

    उन्होंने कहा कि वक्फ़ बिल में संशोधन के लिए गठित जेपीसी के दौरान विपक्ष द्वारा सुझाए गए बदलाव खारिज कर दिए गए.

    उन्होंने कहा, "विशेष समाज के लोगों की ज़मीन पर इनकी नज़र है. कल दूसरे समुदाय की ज़मीन पर इनकी नज़र होगी. हम संशोधन के ख़िलाफ़ नहीं है. जो संसोधन ये लेकर आए हैं, उससे और समस्या बढ़ेगी."

    बिल को लोकसभा में पेश करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, "जब हम बिल को सुधार कर ला रहे हैं तो आप इसे संविधान के अनुरूप नहीं बता रहे हैं. तर्क पर बात करो. लेकिन जो बात बिल में नहीं है, वो कर रहे हैं. ऐसा करके गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं."

    इस विधेयक पर लोकसभा में आठ घंटे तक चर्चा चलनी है और ज़रूरत पड़ी तो इस समय को और बढ़ाया जा सकता है.

  14. वक़्फ़ संशोधन बिल पर किरेन रिजिजू के वक्तव्य के दौरान हंगामा

    अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा के पटल पर वक़्फ़ संशोधन विधेयक पेश किया और कहा कि इसका मकसद ग़रीब मुसलमानों को फ़ायदा पहुंचाना है.

    किरेन रिजिजू ने कहा, "मुझे न केवल उम्मीद है, बल्कि मुझे पूरा यकीन है कि इस विधेयक का विरोध करने वालों के दिलों में भी बदलाव आएगा. हर कोई सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ इस विधेयक का समर्थन करेगा."

    जब उन्होंने कहा कि वक्फ़ क़ानून बाकी क़ानूनों से ऊपर है तो विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया.

    हंगामे के बीच किरेन रिजिजू ने कहा, "इस विधेयक से किसी भी धार्मिक संस्था या धार्मिक कार्य में सरकार दख़ल नहीं देगी. वक़्फ़ बोर्ड किसी भी धार्मिक संस्था की व्यवस्था में हस्तक्षेप नहीं करेगी."

    उन्होंने कहा कि वक़्फ़ की संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन की ज़रूरत है क्योंकि इससे आमदनी नहीं होती है. इसमें महिलाओं और पिछड़े मुसलमानों को शामिल किया जाएगा.

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, वक़्फ़ संशोधन बिल लोकसभा में पेश, बहस शुरू

    वक़्फ़ संशोधन बिल को पारित और चर्चा करने के लिए इसे केंद्र सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में पेश कर दिया है.

    उन्होंने इस दौरान संसद में कहा कि जेपीसी के सामने अलग-अलग स्टेक होल्डर, अधिकारियों, सिविल सोसाइटी और धार्मिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी.

    इस विधेयक पर लोकसभा में आठ घंटे तक चर्चा चलनी है और ज़रूरत पड़ी तो इस समय को और बढ़ाया जा सकता है.

    किरेन रिजिजू ने कहा, "जब हम बिल को सुधार कर ला रहे हैं तो आप इसे संविधान के अनुरूप नहीं बता रहे हैं. तर्क पर बात करो. लेकिन जो बात बिल में नहीं है, वो कर रहे हैं. ऐसा करके गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं."

    "देश के सामने सही बात रखनी ज़रूरी है."

  16. इसराइली रक्षा मंत्री बोले- ग़ज़ा में बड़े इलाक़े पर कब्ज़ा करेगी सेना

    इसराइली रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने बुधवार को कहा कि सेना ग़ज़ा में अपने ऑपरेशन को बढ़ाएगी और "बड़े इलाक़े" पर क़ब्ज़ा करेगी.

    उन्होंने कहा कि इसका मकसद 'आंतकियों वाले क्षेत्रों का सफ़ाया' करना है.

    काट्ज ने साथ ही क़ब्ज़ा किए गए क्षेत्रों को इसराइली सिक्योरिटी ज़ोन में मिलाए जाने की बात की.

    इसके लिए काट्ज ने बड़े पैमाने पर फ़लस्तीनी लोगों को इलाक़े से निकालने की ज़रूरत बताई और लोगों से हमास को खत्म करने अपील की.

    साथ ही उन्होंने इसराइली बंधकों को रिहा करने की मांग करते हुए अपील की और कहा कि युद्ध समाप्त करने का ये ही एक तरीक़ा है.

    ख़बरें है कि रफ़ाह में रात को इसराइली सेना ने ज़मीनी ऑपरेशन शुरू कर दिया है.

    59 इसराइली बंधकों की रिहाई और शांति समझौते को आगे बढ़ाने को लेकर अमेरिका की ओर से दिए नए प्रस्ताव को ख़ारिज करने का हमास पर आरोप लगाते हुए इसराइल ने 18 मार्च से ग़ज़ा में फिर से बमबारी शुरू कर दी.

    जबकि हमास ने जनवरी में हुए शांति समझौते को तोड़ने का इसराइल पर आरोप लगाया है.

    इसराइल ने 2 मार्च से ही ग़ज़ा में सहायता सामग्री पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद से हालात काफ़ी गंभीर हो गए हैं.

    पिछले महीने आठ फ़लस्तीनी स्वास्थ्यकर्मियों और छह सिविल डिफ़ेंस कर्मियों और एक संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारी की मौत के बाद ही यूएन ने ग़ज़ा में अपनी गतिविधि को कम करने का एलान किया है.

  17. किरेन रिजिजू ने वक़्फ़ संशोधन बिल पेश करने से पहले क्या कहा?

    वक़्फ़ संशोधन बिल के लोकसभा में पेश होने से पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि ये देश के हित में है.

    किरेन रिजिजू ने कहा, "बिल का करोड़ों मुसलमान ही नहीं बल्कि पूरा देश समर्थन करेगा. गरीब मुसलमानों, महिलाओं और बच्चों के लिए जो भी ज़रूरी काम है, उससे हम पीछे नहीं हट रहे हैंं."

    "जो लोग विरोध कर रहे हैं, वो राजनीतिक कारणों से विरोध कर रहे हैं."

    किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार संसद में सोच-समझकर बिल ला रही है.

    केंद्र सरकार थोड़ी देर में लोकसभा में वक़्फ़ संशोधन बिल पेश करने जा रही है.

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  18. वक़्फ़ संशोधन बिल के लोकसभा में पेश होने से पहले अखिलेश यादव ने क्या कहा?

    वक़्फ़ संशोधन बिल आज लोकसभा में पेश होने जा रहा है और राजनीतिक दल इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी.

    अखिलेश यादव ने संसद परिसर में मीडिया से कहा, "हमारी पार्टी इसका विरोध करेगी. जिन लोगों के लिए ये बिल लाया जा रहा, उनकी बातों को अहमियत नहीं देने से बड़ी नाइंसाफ़ी और क्या हो सकती है."

    उन्होंने दावा किया, "बीजेपी को ज़मीन से बहुत प्यार है. आपने उत्तर प्रदेश में देखा होगा कि एक ही रात में 15 मिनट में कितना मुनाफ़ा हुआ. ये लोग वक़्फ़ बोर्ड की ज़मीन बेचने की तैयारी कर रहे हैं."

    इंडिया गठबंधन ने एक दिन पहले ही एक बैठक कर इस विधेयक का विरोध करने का फ़ैसला किया है.

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  19. वक़्फ़ संशोधन बिल के लोकसभा में पेश होने से पहले जगदंबिका पाल क्या बोले?

    वक़्फ़ संशोधन बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने विधेयक के लोकसभा में आज पेश होने को लेकर कहा कि मेहनत रंग लाई.

    जगदंबिका पाल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, "428 पेज की हमने रिपोर्ट दी और सभी स्टेक होल्डर से बात की."

    उन्होंने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि वक़्फ़ संशोधन बिल के पास होने से आम मुसलमानों को फायदा होगा.

    हालांकि, वक़्फ़ संशोधन बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया.

    केंद्र सरकार आज लोकसभा में वक़्फ़ संशोधन बिल पेश करने जा रही है.

  20. वक़्फ़ बिल पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बीजेपी के सहयोगी दलों से क्या अपील की?

    वक़्फ़ संशोधन विधेयक को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने बीजेपी के सहयोगी दलों से अपील की है.

    एआईएमपीएलबी ने बीजेपी के सहयोगी दलों समेत सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों और सांसदों से अपील की कि वे वक्फ विधेयक का विरोध करें और किसी भी हालत में इसके पक्ष में मतदान न करें.

    दरअसल, वक़्फ़ संशोधन विधेयक को पारित कराने और इसे चर्चा के लिए लोकसभा में बुधवार को लाया जाना है.

    बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने सभी धर्मनिरपेक्ष दलों और सांसदों से अपील की कि वे संसद में विधेयक पेश होने पर न केवल इसका कड़ा विरोध करें, बल्कि ‘भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे को रोकने’ के लिए इसके ख़िलाफ़ वोट भी करें.

    उन्होंने इस विधेयक को संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 के तहत मौलिक अधिकारों के प्रावधानों के भी ख़िलाफ़ बताया.

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