व्लादिमीर पुतिन ने किया था बर्ख़ास्त, अब मृत मिले रूस के पूर्व मंत्री

रूस की जांच समिति ने बताया है कि पूर्व परिवहन मंत्री रोमन स्टारोवोइत मृत पाए गए हैं. स्टारोवोइत को सोमवार को ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उनके पद से हटा दिया था.

सारांश

लाइव कवरेज

आनंद मणि त्रिपाठी और सुरभि गुप्ता

  1. इसराइल ने यमन में शुरू किए हूती ठिकानों पर हमले

    वाणिज्यिक  जहाज़ गैलेक्सी लीडर

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    इसराइल ने कहा है कि उसने हूती नियंत्रित यमन में तीन बंदरगाहों और एक बिजली संयंत्र पर हमले किए हैं.

    इसराइली सेना ने हवाई हमलों को लेकर हुदैदा, रास ईसा और सैफ बंदरगाहों से सटे क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी. इसके बाद कुछ देर बाद ही हमला कर दिया.

    इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि इसमें कमर्शियल शिप गैलेक्सी लीडर भी शामिल है.

    इसराइल ने कहा कि विद्रोही समूह द्वारा 2023 में अपहृत इस जहाज़ का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय जल में समुद्री जहाज़ों की निगरानी के लिए किया जा रहा था.

    इस हमले के बाद इसराइली सेना ने बताया कि यमन से दो मिसाइलें दागी गईं और उन्हें रोकने का प्रयास किया गया.

    यमन में हूती संचालित मीडिया ने हमले की बात मानी पर इसके नुकसान या फिर हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी.

    इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने कहा कि ये हमले ऑपरेशन ब्लैक फ्लैग का हिस्सा थे. उन्होंने चेतावनी दी कि हूतियों को "अपने गतिविधियों की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी".

    उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "यमन का भी भाग्य तेहरान जैसा ही है. जो कोई इसराइल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे नुकसान पहुंचाया जाएगा, और जो कोई भी इसराइल के ख़िलाफ़ हाथ उठाएगा, उसका हाथ काट दिया जाएगा."

    इसराइल-हमास युद्ध की शुरुआत के बाद ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने ग़ज़ा में फ़लस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए नियमित रूप से इसराइल पर मिसाइलों से हमला किया और लाल सागर में कमर्शियल जहाज़ों को निशाना बनाया.

    इसराइली वायु सेना ने कहा है कि यमन के बंदरगाहों पर किया गया हमला इसराइल और उसके नागरिकों पर हूतियों द्वारा किए जा रहे हमलों के जवाब में किया गया है.

  2. ट्रंप ने ब्रिक्स देशों पर अतिरिक्त टैरिफ़ लगाने की चेतावनी दी, क्या कहा?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि ब्रिक्स की "अमेरिका विरोधी नीतियों" के साथ खुद को जोड़ने वाले देशों पर अतिरिक्त 10% टैरिफ़ लगाया जाएगा.

    उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "ब्रिक्स की अमेरिका विरोधी नीतियों के साथ खुद को जोड़ने वाले किसी भी देश पर अतिरिक्त 10% टैरिफ़ लगाया जाएगा. इसमें किसी को छूट नहीं होगी."

    हालांकि ट्रंप ने अपनी पोस्ट में अमेरिकी विरोधी नीतियों के संबंध में कोई स्पष्ट या विस्तृत जानकारी नहीं दी है और न ही इसका कोई संदर्भ दिया है.

    ब्रिक्स समूह का गठन 2009 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन के साथ हुआ था. इसके बाद इस समूह में दक्षिण अफ्रीका को भी शामिल किया गया.

    साल 2024 में मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भी इस समूह में सदस्य के रूप में शामिल हुए.

  3. ब्रिक्स देशों ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की, पीएम मोदी बोले - 'यह भारत की आत्मा पर हमला था'

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आतंकवाद के पीड़ितों और समर्थकों को एक ही तराजू पर नहीं तौला जा सकता है.

    ब्राज़ील के रियो डी जनेरियो में हुए 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले की कड़ी निंदा की है. इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी.

    दो दिवसीय सम्मेलन के बाद रविवार को 31 पेज का संयुक्त घोषणापत्र जारी किया गया.

    घोषणापत्र में कहा गया, “हम 22 अप्रैल 2025 को भारत के जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी.”

    ब्रिक्स सम्मेलन के 'शांति और सुरक्षा' सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहलगाम हमला भारत की आत्मा, पहचान और गरिमा पर सीधा हमला था.

    उन्होंने कहा, “आतंकवाद मानवता के सामने सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक है. हाल ही में भारत को पहलगाम में एक अमानवीय और कायराना आतंकवादी हमले का सामना करना पड़ा. यह पूरी मानवता पर हमला था.”

    प्रधानमंत्री ने कहा कि 'व्यक्तिगत या राजनीतिक लाभ के लिए आतंकवाद को मौन सहमति देना, आतंक और आतंकवादियों का समर्थन करना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है.'

    ब्रिक्स घोषणापत्र में यह भी कहा गया कि सदस्य देश 'आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंक के वित्तपोषण और उन्हें सुरक्षित पनाह देने जैसी हर गतिविधि का विरोध करते हैं और उसके ख़िलाफ़ मिलकर कार्रवाई करेंगे.'

    इससे पहले 1 जुलाई को क्वाड देशों (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) के विदेश मंत्रियों ने भी पहलगाम हमले की निंदा की थी.

    वर्तमान में ब्रिक्स में 11 देश शामिल हैं: भारत, ब्राज़ील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान.

  4. टेक्सस में बाढ़ से 78 की मौत, 41 लोग अब भी लापता

    टेक्सास

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    इमेज कैप्शन, ग्वाडालूप नदी के तट पर स्थित मिस्टिक कैंप लड़कियों के लिए एक लोकप्रिय कैंप है, नदी में आई बाढ़ से यह सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है

    अमेरिका के टेक्सस राज्य में आई अचानक बाढ़ में अब तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है और 41 लोग लापता हैं.

    सबसे ज़्यादा नुकसान केर काउंटी में हुआ है, जहां 28 बच्चों समेत 68 लोगों की जान गई है. राहत और बचाव अभियान जारी है. अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है.

    बाढ़ के कारण केर काउंटी का नदी किनारे स्थित कैंप मिस्टिक गंभीर रूप से प्रभावित हुआ. यहां की दस लड़कियां और एक काउंसलर अब तक लापता हैं. तलाशी अभियान का यही क्षेत्र मुख्य केंद्र बना हुआ है.

    अधिकारियों के अनुसार, अब तक 28 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें 10 बच्चे शामिल हैं, लेकिन उनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. शेरिफ़ लैरी एल लीथा ने कहा, "हम तब तक खोज जारी रखेंगे, जब तक हर एक व्यक्ति मिल नहीं जाता."

    टेक्सस के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने कहा कि सभी लापता लोगों को खोज निकालने के लिए “कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.” वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन इस आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है.

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों में इस क्षेत्र में तूफ़ान आ सकता है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं.

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