सीरिया में बिगड़े हालात, अब तक की बड़ी बातें

सीरिया में इस्लामी चरमपंथी ग्रुप हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएएस) ने देश में सरकार के ख़िलाफ़ बीते कुछ सालों में अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. इसे राष्ट्रपति बशर अल-असद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

सारांश

  • असम के बराक घाटी के होटलों और रेस्तरां मे बांग्लादेशी ग्राहकों के प्रवेश पर रोक
  • रॉबर्ट वाड्रा ने क्यों कहा- योगी आदित्यनाथ की सोच है बंटेंगे तो कटेंगे
  • कांग्रेस ने कहा- 'अदानी को बचाने में मोदी सरकार ने भारत की प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी'
  • सीरिया को लेकर भारत ने ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है

लाइव कवरेज

अश्वनी पासवान और अभिषेक पोद्दार

  1. ईरान के यूरेनियम संवर्धन बढ़ाने पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने जताई चिंता

    राफेल ग्रॉसी

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    इमेज कैप्शन, आईएईए के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने लायक यूरेनियम बनाने से थोड़ा ही पीछे है.

    ईरान के अत्यधिक यूरेनियम संवर्धन करने के फैसले को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफ़ेल ग्रॉसी ने 'गंभीर चिंता का विषय' कहा है.

    ग्रॉसी ने बीबीसी से कहा, "ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन को 60 प्रतिशत तक बढ़ा रहा है. यह यूरेनियम को परमाणु हथियार बनाने के स्तर तक संवर्धित करने से थोड़ा ही कम है."

    यूरेनियम संवर्धन बढ़ाने के फ़ैसले को, हाल के महीनों में सीरिया, लेबनान और ग़ज़ा में सैन्य और राजनीयिक असफलताओं के बाद ईरान की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है.

    राफ़ेल ग्रॉसी ने कहा, "ये कोई 'छुपी हुई बात' नहीं है कि ईरान में कुछ नेता परमाणु हथियार बनाने की बात बोल रहे थे."

    हालांकि आईएईए प्रमुख ने कहा कि हाल के दिनों में ईरानी नेतृत्व से उनकी बातचीत हुई है और उन्हें ऐसा नहीं लगता कि वे 'इस विकल्प का चुनाव करेंगे.'

  2. अमेरिका: टिकटॉक की अपील खारिज, अब लग सकता है बैन

    टिकटॉक

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    इमेज कैप्शन, टिकटॉक अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगा

    टिकटॉक की अपील खारिज होने के बाद अब अमेरिका में शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक पर आने वाले दिनों में बैन लग सकता है.

    कंपनी को उम्मीद थी कि फे़डरल कोर्ट में उसकी ये दलील सुनी जाएगी कि टिकटॉक को बैन करना लाखों अमेरिकी नागरिकों की अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकार का हनन होगा.

    उसे उम्मीद थी कि कोर्ट क़ानून को असंवैधानिक करार देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

    कोर्ट ने टिकटॉक की अपील खारिज कर उस क़ानून को बरकरार रखा है जिसमें 2025 की शुरुआत में टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने या फिर इसे बेचने की बात की गई थी.

    टिकटॉक ने कहा कि इस "क़ानूनी लड़ाई का अभी अंत नहीं हुआ है" और वो इसके ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी.

    अमेरिका चाहता है कि टिकटॉक पर बैन लगे या फिर इसे बेच दिया जाए क्योंकि इसके मालिक के तार चीनी सरकार से जुड़े हुए हैं. अमेरिका के इस आरोप को टिकटॉक और उसकी पेरेंट कंपनी बाइटडांस खारिज करती रही है.

    टिकटॉक पर भारत में पाबंदी लगी हुई हैं.

  3. 21 दिसंबर को होगा वर्ल्ड मेडिटेशन डे, यूएन महासभा में प्रस्ताव हुआ स्वीकार

    संयुक्त राष्ट्र महासभा (फाइल फोटो)

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    इमेज कैप्शन, 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस मनाया जाएगा

    संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत के उस को-स्पॉन्सरड प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया है, जिसमें 21 दिसंबर को वर्ल्ड मेडिटेशन दिवस यानी विश्व ध्यान दिवस घोषित करने की गुज़ारिश की गई थी.

    इसके साथ ही अब 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस मनाया जाएगा.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अनुसार भारत, श्रीलंका, नेपाल, मेक्सिको, लिचटेंस्टीन और अंडोरा वो कोर समूह के मुख्य सदस्य थे जिन्होंने 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘विश्व ध्यान दिवस’ शीर्षक वाले प्रस्ताव को शुक्रवार को सर्वसम्मति से पारित करने में अहम भूमिका निभाई.

    संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मुझे खुशी है कि भारत ने कोर समूह के अन्य देशों के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस के रूप में घोषित करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अपनाए जाने की प्रक्रिया का मार्गदर्शन किया."

    उन्होंने कहा कि भारत ने 2014 में 21 जून को अंतरराट्रीय योग दिवस घोषित करने में अग्रणी भूमिका निभाई थी.

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  4. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल ने मार्शल लॉ लगाने को लेकर मांगी माफ़ी

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति

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    इमेज कैप्शन, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति

    दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल ने इस हफ्ते मार्शल लॉ लगाने को लेकर माफ़ी मांगी है.

    उन्होंने टेलीविजन पर राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, "मुझे मार्शल लॉ लगाने को लेकर बहुत खेद है. मैं उन लोगों से ईमानदारी से माफ़ी मांगना चाहता हूँ जो इस कारण सदमे में हैं."

    कयास लगाए जा रहे थे कि मार्शल लॉ की घोषणा करने और इसे हटाने के बाद राष्ट्रपति अपने पहले संबोधन में इस्तीफ़ा देने का एलान कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

    राष्ट्रपति ने कहा कि वो स्थिति को स्थिर करने का काम सत्ताधारी दल को सौंप देंगे. उन्होंने अपने भाषण में महाभियोग का भी जिक्र नहीं किया.

    यून सुक-योल ने मंगलवार को देश में अचानक मार्शल लॉ की घोषणा कर सभी को चौंका दिया था. उन्होंने ये कदम उठाने की वजह ‘देश विरोधी ताक़तों’ को बताया था.

    मॉर्शल लॉ लगाने के बाद देश में भीषण विरोध प्रदर्शन शुरु हो गए थे. विपक्ष ने राष्ट्रपति के इस्तीफ़े की मांग की थी और कहा था कि उनके ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा.

  5. सीरिया को लेकर भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइज़री, जानिए क्या कहा?

    सीरिया

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    इमेज कैप्शन, सीरिया में विद्रोही गुटों ने पिछले हफ्ते हमला शुरू कर दिया था

    सीरिया में विद्रोही गुटों के देश की राजधानी दमिश्क की तरफ़ बढ़ने की ख़बर के बाद, स्थिति को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है.

    अपनी एडवाइज़री में विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से कहा कि वो सीरिया जाने से बचें.

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में रह रहे भारतीय दमिश्क में स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें.

    विदेश मंत्रालय ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर (+963 993385973) जारी किया है और कहा है कि नागरिक फ़ोन नंबर और व्हॉट्सऐप के ज़रिए भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा मंत्रालय ने ईमेल आईडी hoc.damascus@mea.gov.in भी जारी किया है.

    जो लोग सीरिया छोड़ सकते हैं उनके लिए विदेश मंत्रालय ने कहा है कि "जो उड़ानें चल रही है वो उनका इस्तेमाल करें."

    भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान

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    इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान

    विदेश मंत्रालय ने सीरिया में रह रहे भारतीयों से अनुरोध किया है कि वे अपनी सुरक्षा के बारे में अत्यधिक सावधानी बरतें.

  6. सीरिया में विद्रोहियों का कब्ज़ा कहां-कहां हुआ?

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    इमेज कैप्शन, सीरिया में विद्रोही लगातार क्षेत्रों पर क़ब्ज़ा कर रहे हैं

    सीरिया में विद्रोही राजधानी दमिश्क की ओर बढ़ रहे हैं. इस बीच विद्रोहियों ने दक्षिण सीरिया के डेरा के अधिकतर हिस्सों पर कब्ज़ा कर लिया है.

    डेरा वही क्षेत्र है जहां कि 2011 में राष्ट्रपति बशर अल-असद का विरोध शुरू हुआ था. इसके बाद देश में गृह युद्ध की स्थिति बन गई थी और इसमें पांच लाख से अधिक लोग मारे गए थे.

    रणनीतिक और सांकेतिक तौर पर इस क्षेत्र का काफी महत्व है. ये इलाक़ा जॉर्डन की सीमा से लगे मुख्य क्रॉसिंग के क़रीब है.

    ब्रिटेन स्थित सिरीयन ऑब्रज़र्वेटरी ने कहा है कि सरकारी बलों के साथ 'हिंसक संघर्ष' के बाद 'स्थानीय विद्रोही गुट' सेना के कई ठिकानों पर कब्ज़ा करने में कामयाब रहे हैं.

    जॉर्डन के गृह मंत्री ने कहा कि "सीरिया के दक्षिण में सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सीरिया के इस इलाक़े से सटी सीमा को बंद कर दिया है."

    बीते दिनों विद्रोही हमा पर कब्ज़ा कर चुके हैं और होम्स से हज़ारों लोगों का पलायन हुआ है.

    राष्ट्रपति बशर अल-असद के लिए यह दूसरा बड़ा झटका था क्योंकि पिछले हफ्ते सीरियाई सेना ने अलेप्पो पर नियंत्रण खो दिया था.

    पिछले सप्ताह सीरिया में विद्रोहियों ने अचानक हमला शुरू कर दिया था और इसके बाद से अल्पसंख्यक समुदाय अलावित के लोगों ने घर छोड़ना शुरू कर दिया है.

  7. नमस्कार!

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    बांग्लादेश से तनातनी के बीच भारत ने किया अहम फ़ैसला- पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    कनाडा ने ख़ुद को बचाने के लिए ऐसा क्या कहा कि मेक्सिको ने सुनाई खरी-खोटी- पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    शेख़ हसीना क्या फिर से राजनीति में सक्रिय हो रही हैं, ताज़ा बयानों के क्या हैं मायने? यहां क्लिक करके पढ़िए.

    सीरिया में विद्रोहियों का दो शहरों पर क़ब्ज़ा, बशर अल-असद की सत्ता क्या बच पाएगी? यहां क्लिक करके पढ़िए.

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