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आईपीएल: एलिमिनेटर मैच में मुंबई ने गुजरात को हराया

मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटंस को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के एलिमिनेटर मुक़ाबले में 20 रनों से हरा दिया है.

सारांश

लाइव कवरेज

सुरभि गुप्ता, संदीप राय और इफ़्तेख़ार अली

  1. गौरव गोगोई ने असम सरकार की इस योजना का विरोध क्यों किया?

    कांग्रेस सांसद और असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिकों को हथियार का लाइसेंस दिए जाने के फ़ैसले की आलोचना की है.

    गुरुवार देर रात गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "मैं राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिकों को हथियार देने के मुख्यमंत्री के फ़ैसले की कड़ी निंदा करता हूं. असम के लोगों को रोज़गार, सस्ती स्वास्थ्य सेवा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा चाहिए, न कि बंदूकें."

    उन्होंने इसे मौजूदा प्रदेश सरकार की राजनीति बताया और आरोप लगाया, "पुलिस और सीमा बलों को मज़बूत करने की बजाए बीजेपी-आरएसएस समर्थकों और स्थानीय आपराधिक सिंडिकेट के बीच हथियार बांटना चाहती है."

    साथ ही गौरव गोगोई ने लिखा कि इस फ़ैसले से व्यक्तिगत प्रतिशोध के आधार पर हिंसा और अपराध बढ़ेंगे.

    उन्होंने लिखा, "यह शासन नहीं है, यह अराजकता और जंगल राज की तरफ एक ख़तरनाक कदम है. यह फ़ैसला जनता की चिंता नहीं, बल्कि चुनावी चिंताओं को दर्शाता है."

    इससे पहले 28 मई को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असम के संवेदनशील क्षेत्रों में रह रहे राज्य के मूल निवासियों के लिए सशस्त्र लाइसेंस देने की विशेष योजना का एलान किया था.

    उन्होंने कहा था कि प्रदेश के कमज़ोर और सूदूर इलाक़ों में मूल निवासियों हथियारों का लाइसेंस देने की इस विशेष योजना का उद्देश्य यहां के मूल निवासियों के हितों की रक्षा करना है.

    इसके बाद एक जारी वीडियो में इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है. साथ ही उन्होंने लिखा कि लाइसेंस देने के लिए सख्त जांच-पड़ताल की जाएगी.

  2. पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता कब तक निलंबित रहेगा, शशि थरूर ने बताया

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में एक सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को कोलंबिया पहुंचा. यहां थरूर ने कोलंबिया की राजधानी बोगोटा में भारत की ओर से निलंबित किए गए सिंधु जल समझौते पर बात की.

    शशि थरूर ने कहा, "सिंधु जल समझौता वह संधि थी जिसे भारत ने 1960 के दशक की शुरुआत में सद्भावना और सौहार्द की भावना से पाकिस्तान के साथ किया था. ये शब्द (सद्भावना और सौहार्द) संधि की प्रस्तावना में हैं. दुख की बात है कि पिछले चार दशकों में आतंकवादी कार्रवाइयों ने उस सद्भावना को बार-बार धोखा दिया है."

    शशि थरूर ने कहा कि ये संधि उस वक्त तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान से संतोषजनक संकेत नहीं मिलता.

    उन्होंने कहा, "आतंकवाद और युद्ध के बावजूद ये संधि कायम रही है, लेकिन इस बार हमारी सरकार ने संधि को स्थगित कर दिया है. ये समझौता तब तक निलंबित रहेगा जब तक हमें पाकिस्तान से संतोषजनक संकेत नहीं मिल जाता कि वे उस सद्भावना की भावना के साथ काम करने के लिए तैयार है, जिसका प्रावधान संधि की प्रस्तावना में किया गया है."

    उन्होंने कहा, "संधि की बात करें, तो हम एक उदार पड़ोसी रहे हैं. हमने पाकिस्तान को बहुत उदारता से वह पानी दिया है, जिसका वह संधि के तहत हक़दार है. हमने संधि के तहत अपने हक़ वाला पानी भी इस्तेमाल नहीं किया है. सद्भावना के आधार पर एकतरफा कार्रवाई करना अब हमारे बस में नहीं है."

    शशि थरूर ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के ख़िलाफ़ की गई भारत की कार्रवाई पर कोलंबिया की ओर से दिए गए उस बयान पर भी जवाब दिया, जिसमें पाकिस्तान में हुई मौतों के लिए कोलंबिया ने संवेदना व्यक्त की थी.

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "हम कोलंबियाई सरकार की उस प्रतिक्रिया से थोड़े निराश हैं, जिसमें आतंकवाद के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जताने की बजाए भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान में हुई मौतों पर संवेदना व्यक्त की गई थी."

    शशि थरूर ने कहा, "हमें लगता है कि जब वह बयान दिया गया था, शायद तब स्थिति को पूरी तरह से नहीं समझा गया था."

  3. ग़ज़ा में खाने की तलाश में भटक रहे लोग, सुरक्षा व्यवस्था चरमराई, रश्दी अबुअलूफ़, ग़ज़ा संवाददाता और एलिस डेविस, बीबीसी न्यूज़

    इसराइल के हमले झेल रहे ग़ज़ा के उत्तरी हिस्से के मुख्य शहर में अराजकता और लूटपाट की स्थिति बन गई है.

    बीते कई सप्ताह से इस इलाक़े में ज़रूरी मदद नहीं पहुंच पाई थी. यहां रहने वाले फ़लस्तीनी लोग खाने की तलाश में भटक रहे हैं.

    हमास संचालित गृह मंत्रालय ने कहा है कि गुरुवार को ग़ज़ा शहर के एक बाज़ार में तैनात उसके सात पुलिस अधिकारियों की इसराइली हवाई हमले में मौत हो गई. हमास के मुताबिक़ ये अधिकारी व्यवस्था बनाए रखने में जुटे थे.

    इसराइली सेना ने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन कहा है कि उसने पिछले दिनों ग़ज़ा में 'दर्जनों आतंकी ठिकानों' पर हमला किया था.

    स्थानीय चिकित्सकों और बचावकर्मियों ने कहा कि गुरुवार को पूरे क्षेत्र में कम से कम 44 लोग मारे गए, जिनमें से 23 लोगों की मौत केंद्रीय बुरेज शरणार्थी शिविर में हुई.

    इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि देर अल-बला के केंद्रीय शहर में स्थित उसके गोदाम में घुसे 'भूखे लोगों की भीड़' में कम से कम दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

    इसराइल की नाकेबंदी के बीच इस जगह पर 11 सप्ताह के बाद राहत सामग्री पहुंची थी.

    अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली किसने गोली चलाई थी.

  4. ट्रंप के टैरिफ़ के ख़िलाफ़ फ़ैसले पर अपील कोर्ट ने क्या कहा?

    अमेरिका की फेडरल अपील कोर्ट ने मैनहेटन स्थित यूएस कोर्ट ऑफ़ इंटरनेशनल ट्रेड के उस आदेश पर फ़िलहाल रोक लगा दी है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ लगाने वाले फ़ैसले को अवैध बताया गया था.

    अंतरराष्ट्रीय व्यापार मामलों के लिए बने अमेरिकी कोर्ट ने बुधवार को फ़ैसला सुनाया था कि व्हाइट हाउस का आपातकालीन क़ानून राष्ट्रपति ट्रंप को हर देश पर टैरिफ़ लगाने का अधिकार नहीं देता है.

    मैनहेटन की अदालत ने कहा था कि अमेरिकी संविधान ने कांग्रेस (संसद) को दूसरे देशों के साथ व्यापार नियमन के लिए विशिष्ट शक्तियां दी हैं और इनका अतिक्रमण राष्ट्रपति के 'अर्थव्यवस्था में सुधार के इरादे' के लिए नहीं किया जा सकता.

    ट्रंप प्रशासन ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की थी.

    अपनी अपील में, ट्रंप प्रशासन ने कहा कि व्यापार मामलों के कोर्ट के फ़ैसले से महीनों से चल रही व्यापार वार्ता के विफ़ल होने का ख़तरा पैदा हो गया है.

    ट्रंप प्रशासन ने कहा, "विदेश नीति और आर्थिक नीति राजनीतिक शाखाएँ बनाती हैं, न कि अदालतें."

    फेडरल अपील कोर्ट के अंतरिम आदेश के मुताबिक़ ट्रंप प्रशासन फ़िलहाल सुनवाई चलने तक आयात कर वसूलना जारी रख सकता है.

    इस मामले की अगली सुनवाई 5 जून को होगी.