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पाकिस्तानी पीएम ने पुतिन के साथ मीटिंग में भारत का ज़िक्र किया, क्या बोले?

शहबाज़ शरीफ़ ने बैठक में पुतिन से कहा, “मैं पाकिस्तान का समर्थन करने और क्षेत्र में संतुलन बनाने की कोशिश करने के लिए भी आपका धन्यवाद करना चाहता हूं.”

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह, उपासना

  1. पाकिस्तान से हाल ही में निकाले गए अफ़ग़ान लोगों पर भूकंप की मार

    अफ़ग़ानिस्तान की मीडिया का कहना है कि कुनार प्रांत में आए भूकंप से प्रभावित लोगों में कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जो हाल ही में पाकिस्तान से निकाले गए थे.

    कुनार प्रांत के स्थानीय मीडिया आउटलेट टोलो न्यूज़ ने यह दावा किया है.

    जिस इलाक़े में रविवार देर रात भूकंप आया, वह पाकिस्तान की सीमा के क़रीब है.

    संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़, पाकिस्तान ने इस साल बिना दस्तावेज़ वाले अफ़ग़ानों को निकालने की कार्रवाई तेज़ कर दी थी. मार्च में ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा था कि पाकिस्तानी अधिकारी अफ़ग़ान शरणार्थियों को ज़बरदस्ती वापसी के लिए दबाव डाल रहे हैं, जबकि उन्हें तालिबान के उत्पीड़न और आर्थिक संकट का ख़तरा है.

    यूएन की शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक़, 35 लाख से ज़्यादा अफ़ग़ान नागरिक पाकिस्तान में रह रहे हैं.

    पाकिस्तान ने दशकों तक युद्ध के दौरान अफ़ग़ानों को शरण दी, लेकिन अब सरकार का कहना है कि बड़ी संख्या में शरणार्थियों की मौजूदगी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा है और सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव डाल रही है.

  2. सूडान में भूस्खलन से कम से कम 1000 लोगों की मौत

    सूडान के विद्रोही संगठन सूडान लिबरेशन मूवमेंट/आर्मी ने बताया है कि देश के पश्चिमी इलाक़े में भूस्खलन की वजह से कम से कम 1,000 लोगों की मौत हो गई है.

    यह घटना पश्चिमी सूडान में मर्रा पर्वत पर स्थित दूर-दराज के इलाक़े में हुई.

    संगठन के मुताबिक़, लगातार कई दिनों तक हुई भारी बारिश के कारण 31 अगस्त को यह भूस्खलन हुआ. इसमें तारासिन गांव का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया और सिर्फ़ एक व्यक्ति ही जीवित बचा.

    संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, अन्य क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मानवीय सहायता की अपील की है.

    जिस इलाक़े में भूस्खलन की घटना हुई है उसे सूडान लिबरेशन मूवमेंट/आर्मी कंट्रोल करती है. यह संगठन सूडान की सेना के साथ मिलकर अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेज़ (आरएसएफ़) के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहा है.

    इस जंग की वजह से उत्तर दारफ़ुर राज्य के कई निवासियों ने मर्रा पर्वत इलाक़े में शरण ली हुई थी.

    अप्रैल 2023 में सूडान की सेना और आरएसएफ़ के बीच छिड़े गृहयुद्ध ने देश को भुखमरी की कगार पर पहुंचा दिया है और पश्चिमी दारफ़ुर इलाक़े में जनसंहार के आरोप लग रहे हैं.

    गृहयुद्ध में मरने वालों के आंकड़े अलग-अलग बताए जा रहे हैं, लेकिन एक अमेरिकी अधिकारी ने पिछले साल अनुमान लगाया था कि 2023 से अब तक 1.5 लाख लोग मारे जा चुके हैं. लगभग 1.2 करोड़ लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.

  3. तस्वीरें: अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप के बाद राहत-बचाव अभियान जारी

    अफ़ग़ानिस्तान में आए 6.0 तीव्रता के भूकंप की वजह से 800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. इस आपदा से सबसे ज़्यादा प्रभावित अफ़ग़ानिस्तान का कुनार प्रांत है.

    यह एक पहाड़ी इलाक़ा है, जहां सड़क मार्ग से पहुंचने में समस्याएं आ रही हैं. तालिबान सरकार हेलिकॉप्टर की मदद से राहत और बचाव अभियान चला रही है.

  4. जर्मनी के विदेश मंत्री वाडेफुल का भारत दौरा, क्या है एजेंडा

    जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल अपने दो दिवसीय भारत दौरे पर पहुंच चुके हैं.

    भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ वाडेफुल मंगलवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो का दौरा करेंगे.

    इसके बाद वह मंगलवार रात को दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे. जहां अगले दिन उनकी मुलाक़ात भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से होगी.

    जर्मन विदेश मंत्री वाडेफुल ने कहा है कि भारत और जर्मनी के बीच साझेदारी के विस्तार की काफ़ी संभावनाएं हैं.

    वाडेफुल ने एक्स पर लिखा है, "हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत एक अहम साझेदार है. राजनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति के स्तर पर हमारे संबंध घनिष्ठ हैं. सुरक्षा सहयोग से लेकर इनोवेशन, तकनीक और स्किल्ड वर्कर्स की भर्ती तक, हमारे बीच रणनीतिक साझेदारी के विस्तार की काफ़ी संभावनाएं हैं."

    उन्होंने यह भी कहा, "भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश और सबसे बड़ा लोकतंत्र है. भारत की आवाज़ रणनीतिक रूप से अहम हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बाहर भी सुनी जाती है. यही कारण है कि मैं आज बातचीत के लिए बेंगलुरु और नई दिल्ली की यात्रा पर हूं."

  5. अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप: भारत की ओर से भेजी गई ये मदद

    अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप से 800 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जबकि हज़ारों की तादाद में लोग घायल हैं. माना जा रहा है कि मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है.

    भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत की ओर से अफ़ग़ानिस्तान को भेजी जा रही मानवीय सहायता में बढ़ोतरी की गई है.

    इससे पहले सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया था कि उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री से बात की है.

    जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "आज अफ़ग़ान विदेश मंत्री मौलवी आमिर ख़ान मुत्ताक़ी से बातचीत की. भूकंप में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया."

    "उन्हें बताया कि भारत ने आज काबुल में 1000 परिवारों के लिए टेंट भेजे हैं. भारतीय मिशन ने काबुल से कुनार के लिए तुरंत 15 टन खाद्य सामग्री भी भेजी है."

    भारतीय विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि मंगलवार से अफ़ग़ानिस्तान के लिए भारत से और अधिक राहत सामग्री भेजी जाएगी.

    उन्होंने कहा, "इस कठिन समय में भारत अफ़ग़ानिस्तान के साथ खड़ा है."

  6. नमस्कार!

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