इसराइल हिज़्बुल्लाह संघर्ष: रविवार को क्या कुछ हुआ, अहम बातें जानिए

इसराइल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला करने के बाद रविवार को यमन में हूती विद्रोहियों को भी निशाना बनाया. रविवार को इसराइली सेना ने हिज़्बुल्लाह पर भी कई हमले किए.

सारांश

  • इसराइली सेना ने यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर किया हमला
  • नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 170 लोगों की मौत
  • मोहम्मद यूसुफ़ ने पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के सिलेक्टर पद से दिया इस्तीफ़ा
  • कोसी बैराज में 56 साल में जलस्तर सबसे ज़्यादा, बिहार के कई इलाक़े बाढ़ से प्रभावित
  • हिज़्बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की मौत पर इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ये ‘ऐतिहासिक मोड़ है.’

लाइव कवरेज

  1. हसन नसरल्लाह की मौत पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने क्या कहा

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (फ़ाइल फ़ोटो)

    इसराइली हमले में हिज़्बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बयान जारी किया है.

    राष्ट्रपति बाइडन ने कहा है, "बीते चार दशक के आतंक के दौर में हसन नसरल्लाह और उसके नेतृत्व वाला आतंकवादी समूह ‘हिज़्बुल्लाह’ सैकड़ों अमेरिकियों की हत्या के लिए ज़िम्मेदार थे."

    बयान में कहा गया है कि इसराइली हवाई हमले में नसरल्लाह की मौत उसके कई पीड़ितों के लिए एक इंसाफ़ है, जिसमें हज़ारों अमेरिकी, इसराइली और लेबनानी नागरिक शामिल हैं.

    बाइडन ने आगे कहा है, "हिज़्बुल्लाह, हमास, हूती और ईरान समर्थित किसी भी अन्य ‘आतंकवादी’ समूहों के ख़िलाफ़ ख़ुद की रक्षा करने के इसराइल के अधिकार का अमेरिका पूरी तरह से समर्थन करता है."

    "हमारा मक़सद राजनयिक तरीकों से ग़ज़ा और लेबनान में चल रहे संघर्षों को कम करना है. हम लेबनान में एक ऐसे समझौते पर बातचीत कर रहे हैं जो लोगों को इसराइल और दक्षिणी लेबनान में उनके घरों में सुरक्षित वापस लौटाएगा."

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में कहा है कि अब मध्य पूर्व के व्यापक क्षेत्र को ज़्यादा स्थिर बनाने का वक़्त आ गया है.

  2. नेतन्याहू ने हसन नसरल्लाह की मौत को बताया ‘ऐतिहासिक मोड़’

    संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेतन्याहू ने भाषण दिया था

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    इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेतन्याहू ने भाषण दिया था

    हिज़्बुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह की मौत के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने बयान दिया है. न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में शिरकत करने के बाद वो वापस इसराइल लौटे हैं.

    उन्होंने हसन नसरल्लाह को मारने को ‘ऐतिहासिक मोड़’ बताया है. उन्होंने कहा है कि इसराइल ने उनसे ‘हिसाब बराबर कर दिया है’ जो ‘अनगिनत इसराइलियों’ और कई विदेशी नागरिकों की मौत के ज़िम्मेदार हैं.

    नेतन्याहू ने कहा कि इसराइल अपने दुश्मनों पर हमले जारी रखने के लिए दृढ़ है. उन्होंने ये भी कहा कि हसन नसरल्लाह को निशाना बनाने के उन्होंने निर्देश दिए थे.

    साथ ही उन्होंने इस बात को भी कहा कि नसरल्लाह की मौत इसराइल के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ‘सबसे ज़रूरी शर्त’ थी.

  3. संयुक्त राष्ट्र महासभा में जयशंकर का भाषण, पाकिस्तान को लेकर रहा कड़ा रुख़

    जयशंकर

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    इमेज कैप्शन, विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र में भारत की ओर से बोले हैं

    संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भाषण दिया है. उन्होंने इस दौरान ‘पाकिस्तान के आतंकवाद’ से लेकर, ग़ज़ा और यूक्रेन में जारी हिंसा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार पर बात की है.

    उन्होंने शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के दिए भाषण पर भी तंज़ कसा और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लेकर कहा कि वो उसके ‘कर्मों का फल’है.

    विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान पर अपनी बात शुरू करते हुए कहा, “कई देश अपने नियंत्रण से बाहर परिस्थितियों की वजह से पीछे छूट जाते हैं, लेकिन कुछ देश जानबूझकर ऐसे फ़ैसले लेते हैं, जिनके परिणाम विनाशकारी होते हैं. इसका एक बेहतरीन उदाहरण हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान है. दुर्भाग्य से, उनके पापों का असर दूसरों पर भी पड़ता है, ख़ासतौर पर पड़ोस पर.”

    “उसकी जीडीपी को केवल कट्टरता और आतंकवाद के रूप में इसके निर्यात के तौर पर ही मापी जा सकती है. आज हम देखते हैं कि दूसरों पर जो बुराइयाँ लादने की कोशिश की गई, वे उसके अपने समाज को निगल रही हैं. इसके लिए दुनिया को दोष नहीं दिया जा सकता. यह केवल कर्म है. दूसरों की ज़मीनों पर नज़र रखने वाले एक नाकारा देश के बारे में पता चलना चाहिए और उसका मुक़ाबला किया जाना चाहिए.”

    इसके साथ ही एस. जयशंकर ने शहबाज़ शरीफ़ के भाषण पर भी प्रतिक्रिया दिया. उन्होंने कहा, “हमने कल इसी मंच से कुछ अजीब बातें सुनीं. मैं भारत की स्थिति बिलकुल साफ़ कर देता हूं कि पाकिस्तान की सीमापार आतंकवाद की नीति कभी कामयाब नहीं होगी. और इसको लेकर किसी सज़ा से छूट की भी कोई उम्मीद नहीं की जा सकती. इसके उलट, हर काम के परिणाम ज़रूर होंगे."

    "हमारे बीच इस मुद्दे को हल किया जाना बचा है कि पाकिस्तन अवैध रूप से क़ब्ज़ा किए गए भारतीय क्षेत्र को ख़ाली करे, आतंकवाद से लंबे समय से चले आ रहे लगाव का पाकिस्तान त्याग करे.”

    इसके साथ ही भारतीय विदेश मंत्री ने ग़ज़ा में और यूक्रेन-रूस के बीच जारी युद्ध के लिए जल्द से जल्द समाधान निकालने की अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की.

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