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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची का भारत दौरा, ईरानी दूतावास ने और क्या बताया?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ब्रिक्स के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. तमिलनाडु: सीएम विजय को एआईएडीएमके के एक गुट का समर्थन मिला

    तमिलनाडु में जोसेफ़ विजय की अगुवाई वाली सरकार को अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के कुछ विधायकों ने समर्थन दिया है.

    चेन्नई के एमआरसी नगर में एआईएडीएमके नेता सीवी शनमुगम ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "बैठक में प्रस्ताव पास किया गया और मुख्यमंत्री विजय की सरकार को समर्थन देने का फ़ैसला लिया गया."

    उन्होंने कहा, "एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन एनडीए यह चुनाव हार गया है. यह गठबंधन असफल रहा है. जनता ने टीवीके को वोट दिया है, ख़ासकर मुख्यमंत्री विजय को. जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए वोट दिया है. हम सिर झुकाकर इस फ़ैसले को स्वीकार करते हैं."

    शनमुगम ने कहा, "हमारी लड़ाई डीएमके के ख़िलाफ़ रही है. लेकिन चुनाव के बाद एआईएडीएमके महासचिव (डप्पाडी पलानीस्वामी) ने कहा कि डीएमके के समर्थन से मुख्यमंत्री बनना चाहिए. हमने उनके इस प्रस्ताव का विरोध किया, किसी भी विधायक ने इसे मंज़ूर नहीं किया. लेकिन उन्होंने हमारी राय को स्वीकार नहीं किया."

    शनमुगम ने बताया, "विधायकों की समिति की बैठक में एक प्रस्ताव पास किया गया. इसमें हमने कहा कि एआईएडीएमके को नया फ़ैसला लेना होगा. इसे फिर से मज़बूत करना होगा. एक नया गठबंधन बनाना होगा. बैठक में प्रस्ताव पास किया गया और मुख्यमंत्री विजय की सरकार को समर्थन देने का फ़ैसला लिया गया."

    गौरतलब है कि जोसेफ़ विजय ने रविवार को सीएम पद की शपथ ली थी. अब उन्हें कल यानी 13 मई को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश करना होगा. उन्हें पहले से ही कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और वाम दलों से समर्थन प्राप्त है.

  2. मलेशिया के पीएम ने विजय के तमिलनाडु का सीएम बनने पर क्या कहा?

    मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने जोसेफ़ विजय को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी है. उन्होंने कहा है कि तमिलनाडु की जनता ने विजय को बड़ी ज़िम्मेदारी दी है.

    अनवर इब्राहिम ने एक्स पर लिखा, "मैं अपने दोस्त विजय को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री चुने जाने पर दिल से बधाई देता हूं."

    उन्होंने लिखा "कई सालों तक उनके चाहने वालों ने देखा कि वह भ्रष्ट नेताओं और ख़लनायकों को तीन घंटे में हरा देते थे, अक्सर इंटरवल के बाद. अब तमिलनाडु की जनता ने विजय को स्क्रीन पर निभाई गई किसी भी भूमिका से कहीं बड़ी ज़िम्मेदारी दी है."

    अनवर इब्राहिम ने लिखा, "मलेशिया और तमिलनाडु के बीच पीढ़ियों से गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते हैं. मैं आने वाले सालों में मुख्यमंत्री विजय के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद करता हूं."

    मलेशिया में बड़ी संख्या में दक्षिण भारतीय लोग रहते है.

    गौरलतब है कि जोसेफ़ विजय ने रविवार को सीएम पद की शपथ ली थी. अब उन्हें कल यानी 13 मई को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश करना होगा.

  3. ट्रंप ने शांति प्रस्ताव ख़ारिज किया तो ईरान बोला, 'कोई दूसरा रास्ता नहीं...'

    अमेरिका ने ईरान के युद्ध ख़त्म करने वाले प्रस्ताव को अस्वीकार दिया है. इसके बाद ईरान ने कहा है कि अमेरिका के सामने 14 बिंदुओं वाले प्रस्ताव को मानने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है.

    ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ ने एक्स पर लिखा, "ईरानी लोगों के अधिकारों को मानने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है, जैसा कि 14 बिंदुओं वाले प्रस्ताव में लिखा गया है."

    उन्होंने लिखा, "कोई और तरीका पूरी तरह बेकार होगा, लगातार नाकामियों के अलावा कुछ नहीं मिलेगा. जितनी देर वे टालेंगे, उतना ही अमेरिकी टैक्स देने वालों को अपनी जेब से ख़र्च करना पड़ेगा."

    दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग ख़त्म करने के लिए अमेरिका के प्रस्तावों पर ईरान के जवाब को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया है.

    ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, पाकिस्तान के ज़रिए भेजे गए ईरान के प्रस्ताव में कई मांगें शामिल थीं.

    इन मांगों में तुरंत जंग ख़त्म करने, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और भविष्य में ईरान पर दोबारा हमला न करने की बात कही गई है.

  4. ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस को ईडी ने गिरफ़्तार किया, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल में नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के नेता और राज्य के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को सोमवार देर रात गिरफ़्तार कर लिया.

    इससे पहले उनसे ईडी के दफ़्तर में क़रीब दस घंटे तक पूछताछ की गई.

    ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि बोस को मंगलवार को कोलकाता की एक अदालत में पेश किया जाएगा. इससे पहले एक मई को भी वो ईडी के सामने हाज़िर हुए थे.

    अधिकारी ने बताया, "नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच के तहत दक्षिण दमदम नगरपालिका में अवैध रूप से उम्मीदवारों की सिफ़ारिश करने के मामले में उनको पूछताछ के लिए बुलाया गया था."

    ईडी सूत्रों ने बताया, "ऐसी सूची में कम से कम डेढ़ सौ उम्मीदवारों के नाम हैं. कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर चुनावी नतीजों के बाद वो साल्टलेक स्थित ईडी के दफ़्तर पहुंचे थे."

    ईडी ने इससे पहले सुजीत बोस के घर और दफ़्तर की भी तलाशी ली थी. ईडी ने विधानसभा चुनाव से पहले भी बोस को कई बार समन भेजा था. लेकिन चुनाव में व्यस्त रहने के कारण वो ईडी के दफ़्तर नहीं जा सके थे.

    इस मामले में ईडी सुजीत के बेटे और परिवार के कई दूसरे सदस्यों से भी पूछताछ कर चुकी है.

    ईडी की ओर से बार-बार समन भेजने के बाद सुजीत ने दावा किया था कि इस मामले में सीबीआई पहले ही चार्जशीट जमा कर चुकी है और उसमें उनका नाम नहीं है.

    गौरतलब है कि ममता बनर्जी की सरकार में फ़ायर ब्रिगेड मंत्री रहे सुजीत इस बार विधाननगर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे.

  5. असम: हिमंत बिस्वा सरमा आज लेंगे सीएम पद की शपथ, पीएम मोदी समेत ये नेता होंगे शामिल

    हिमंत बिस्वा सरमा आज यानी मंगलवार को दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. उनके शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के बड़े नेता और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, हिमंत बिस्वा सरमा के अलावा चार और विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे, दो बीजेपी से और एक-एक सहयोगी दल एजीपी और बीपीएफ से.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार रात ही गुवाहाटी पहुंच गए. वे असम में तीसरी बार बनने जा रही बीजेपी-एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे.

    बीजेपी और एनडीए के बड़े नेता शामिल होंगे

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी शपथ समारोह का हिस्सा होंगे. शपथ ग्रहण में शामिल होने वालों में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सर्बानंद सोनोवाल, शिवराज सिंह चौहान, ललन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और चिराग पासवान भी हैं.

    इन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गोवा के प्रमोद सावंत, राजस्थान के भजन लाल शर्मा, बिहार के सम्राट चौधरी, छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, ओडिशा के मोहन चरन माजी और मध्य प्रदेश के मोहन यादव भी गुवाहाटी के पहुंचे हैं.

    पूर्वोत्तर के राज्यों में त्रिपुरा, नगालैंड, मिज़ोरम, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी गुवाहाटी पहुंचे हैं.

    उत्तर प्रदेश, राजस्थान, नगालैंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के उपमुख्यमंत्री भी गुवाहाटी पहुंचे हैं.

    शपथ ग्रहण समारोह गुवाहाटी खानापारा वेटरनरी कॉलेज के मैदान में होगा. यहां हज़ारों लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है और मेहमानों के लिए अलग मंच भी बनाया गया है.

    एनडीए ने विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत से सत्ता हासिल की है. बीजेपी ने अकेले 82 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 10-10 सीटें जीतीं.

  6. डोनाल्ड ट्रंप बोले, 'लाइफ़ सपोर्ट पर है सीज़फ़ायर', ईरान ने दिया ये जवाब, एला किपलिंग

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने से चल रहा युद्धविराम "लाइफ़ सपोर्ट पर है."

    व्हाइट हाउस के ओवल ऑफ़िस में सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम अभी जारी है, लेकिन यह "बहुत ही कमज़ोर" स्थिति में है.

    ट्रंप के इस बयान के बाद ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद ग़ालिबाफ़ ने एक्स पर लिखा, "ईरान की सेना किसी भी हमले का जवाब देने और सबक़ सिखाने के लिए तैयार है."

    दरअसल, रविवार को ईरान ने अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा था जिसमें युद्ध ख़त्म करने और होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने की शर्तें रखी गई थीं. ट्रंप ने इस प्रस्ताव को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताते हुए कहा कि उन्हें यह पसंद नहीं आया.

    ईरान के इस प्रस्ताव में तुरंत सभी मोर्चों पर युद्ध ख़त्म करने की बात शामिल थीं. लेबनान पर हो रहे इसराइली हमले रोकने की मांग भी की गई थी.

    इसके अलावा इसमें अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी ख़त्म करने और ईरान पर आगे कोई हमला न करने की गारंटी की मांग की गई थी.

  7. ब्रिटेन: लेबर पार्टी के 71 सांसदों ने पीएम स्टार्मर से मांगा इस्तीफ़ा

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर पर इस्तीफ़े का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले हफ़्ते इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स के स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी के ख़राब प्रदर्शन के बाद स्टार्मर के इस्तीफ़े की मांग तेज़ हुई.

    कुल 403 लेबर सांसदों में से 71 सांसद अब तक खुले तौर पर कह चुके हैं कि पीएम स्टार्मर को इस्तीफ़ा देना चाहिए या कम से कम यह बताना चाहिए कि इस्तीफ़ा कब देंगे.

    गृह मंत्री शबाना महमूद ने कहा है कि प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर को अब साफ़-साफ़ बताना चाहिए कि वो कब इस्तीफ़ा देंगे.

    लेकिन कैबिनेट (यानी मंत्रियों की टीम) में इस मुद्दे पर सबकी राय एक जैसी नहीं है. ज़्यादातर मंत्री चाहते हैं कि स्टार्मर अपने पद पर बने रहें.

    लेबर पार्टी की बैकबेंच सांसद कैथरीन वेस्ट ने पहले स्टार्मर के ख़िलाफ़ लीडरशिप चैलेंज शुरू करने की बात कही. लेकिन बाद में उन्होंने क़दम पीछे खींच लिए.

    हालांकि, कैथरीन ने साफ़ कहा है कि स्टार्मर को सितंबर तक पद छोड़ देना चाहिए.

    गौरतलब है कि इससे पहले स्टार्मर ने कहा था कि वह "संदेह करने वालों" को ग़लत साबित करेंगे. उन्होंने माना कि उनकी सरकार से 'ग़लतियां' हुईं, लेकिन दावा किया कि "बड़े राजनीतिक फ़ैसले सही लिए गए."