रविवार के इस लाइव पेज को अब विराम देने का समय आ गया है. इसी के साथ मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अभिषेक पोद्दार को दीजिए इजाज़त.
सोमवार की सुबह बीबीसी के लाइव पेज के ज़रिए आप दिन भर की बड़ी ख़बरों को पढ़ सकेंगे.
फ़िलहाल के लिए हमारे पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें हैं, जिन्हें आपको पढ़ना चाहिए...
- अजमेर शरीफ़ दरगाह में मंदिर के दावे के बाद कैसा है शहर का माहौल - ग्राउंड रिपोर्ट पढ़ने के लिए क्लिक करें.
- सीरिया: अलेप्पो में विद्रोहियों को रोकने के लिए रूस ने किए हवाई हमले, जानिए कौन हैं विद्रोही, वहां क्या हैं हालात- पढ़ने के लिए क्लिक करें.
- वक़्फ़ क्या है और वक़्फ़ क़ानून में सरकार क्यों चाहती है बदलाव? पढ़ने के लिए क्लिक करें.
- बांग्लादेश, भारत के साथ रिश्तों में आई कड़वाहट को कैसे ख़त्म कर पाएगा? पढ़ने के लिए क्लिक करें.
ब्रेकिंग न्यूज़, डोनाल्ड ट्रंप ने मसाद बूलॉस को अरब और मध्य पूर्व मामलों पर राष्ट्रपति का सलाहकार चुना
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, मसाद बूलॉस
अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अरब और मध्य पूर्व मामलों पर राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार के पद के लिए मसाद बूलॉस को चुना है.
बूलॉस को इस पद के लिए चुनने के बारे डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर जानकारी दी है.
लेबनानी मूल के अमेरिकी नागरिक मसाद बूलॉस ट्रंप की बेटी टिफ़नी ट्रंप के पति माइकल के पिता हैं.
उन्होंने ट्रंप के चुनाव अभियान के दौरान अरब अमेरिकी और मुस्लिम नेताओं से बार-बार मुलाक़ात की थी.
ट्रंप ने बूलॉस के बारे में लिखा, "वो एक काबिल वकील और व्यापारी भी हैं. वो लंबे समय से रिपब्लिकन मूल्यों के समर्थक रहे हैं. उन्होंने अरब अमेरिकी समुदाय के साथ ज़बरदस्त नए संबंध बनाने में अहम भूमिका निभाई है."
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार लेबनान और अमेरिका दोनों ही जगहों में मसाद बूलॉस की मज़बूत जड़ें हैं.
मसाद के पिता और दादा ने लेबनान की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई थी.
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने चार्ल्स कुशनर को फ़्रांस का राजदूत चुना था. चार्ल्स कुशनर, ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप के पति जेरेड कुशनर के पिता हैं.
मल्लिकार्जुन खड़गे बोले, बीजेपी कर रही आरएसएस प्रमुख की सलाह की अवहेलना
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी देश को एकजुट रहने देना नहीं चाहते
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को अपने एक संबोधन में कहा कि बीजेपी, आरएसएस चीफ़ मोहन भागवत की सलाह की अवहेलना कर रही है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, दिल्ली के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व पर देश
की हर मस्जिद में सर्वे के ज़रिए समाज को बांटने की कोशिश का आरोप लगाया.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "ऐसा करके बीजेपी राष्ट्रीय
स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की सलाह की अवहेलना कर रही है."
मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर भी आरोप लगाया. उन्होंने सवाल किया कि क्या मोदी और शाह आरएसएस प्रमुख की बात सुन रहे थे.
उन्होंने कहा कि दक्षिणपंथी कार्यकर्ता सुप्रीम कोर्ट के एक फ़ैसले के बाद एक नई दलील के साथ सामने आए हैं. इस फ़ैसले ने जैसे पैन्डोरा बॉक्स खोल दिया हो.
उन्होंने कहा, "उन्हें हर जगह सर्वे चाहिए. लोग मस्जिदों में मंदिर होने का दावा कर रहे हैं. इस तरह की कई मांगें सिर उठा रही हैं."
उन्होंने यह भी सवाल किया है कि क्या बीजेपी के नेता लाल किला, ताजमहल, कुतुब मीनार या चार मीनार जैसे निर्माण को भी ध्वस्त करेंगे, जिन्हें मुसलमानों ने बनवाया था.
जून 2022 में मोहन भागवत ने कहा था, "ज्ञानवापी के बारे में हमारी कुछ श्रद्धाएं हैं, परंपरा से चलती आई हैं, हम कर रहे हैं ठीक है. परंतु हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों देखना?"
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.
पोस्ट YouTube समाप्त
एकनाथ शिंदे ने कहा, सीएम पद को लेकर बीजेपी का फ़ैसला मंजू़र
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, एकनाथ शिंदे पहले भी सीएम पद के लिए बीजेपी के चुने हुए उम्मीदवार को समर्थन देने की प्रतिबद्धता ज़ाहिर कर चुके हैं
महाराष्ट्र के मौजूदा कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ
शिंदे ने रविवार को एक बार फिर से सीएम पद के लिए बीजेपी के चुने हुए उम्मीदवार को समर्थन देने की प्रतिबद्धता जताई है.
महाराष्ट्र के नए सीएम को लेकर एकनाथ शिंदे ने रविवार को पत्रकारों को बयान दिया है.
उन्होंने कहा, “बीजेपी राज्य के नए
मुख्यमंत्री को लेकर जो भी फ़ैसला करेगी वह मुझे मंज़ूर होगा. सरकार गठन को लेकर
महायुति के सहयोगियों के बीच कोई मतभेद नहीं है.”
एकनाथ शिंदे ने यह भी कहा कि सरकार गठन पर बातचीत चल रही
है और सभी निर्णय महायुति के तीनों सहयोगियों- शिवसेना, बीजेपी और एनसीपी के बीच आम
सहमति से लिए जाएंगे.
इससे पहले भी एकनाथ शिंदे ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा था कि महाराष्ट्र की नई सरकार और मुख्यमंत्री पद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जो भी फ़ैसला करेंगे वह उन्हें
मंज़ूर होगा.
शनिवार की शाम महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि महायुति
सरकार का शपथ ग्रहण समारोह पांच दिसंबर को मुंबई के आज़ाद मैदान में होगा.
हालांकि अभी भी महायुति गठबंधन ने आधिकारिक रूप से ये नहीं बताया है कि मुख्यमंत्री कौन होगा.
23 नवंबर को महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे जारी हुए थे. इसमें महायुति गठबंधन को जीत
मिली थी.
गठबंधन में शामिल बीजेपी राज्य की सबसे बड़ी
पार्टी बनकर सामने आई है. बीजेपी ने राज्य की 288 सीटों में से कुल 132 सीटों पर जीत हासिल की है.
जबकि शिव सेना (शिंदे गुट) को 57 सीटों पर जीत मिली है. वहीं एनसीपी (अजित पवार) को 41 सीटें हासिल हुई हैं.
अमेरिका के ताइवान को हथियार बेचने के फ़ैसले पर चीन की तीखी प्रतिक्रिया
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, अमेरिका ने ताइवान को एफ़-16 लड़ाकू विमान भी बेचने का फ़ैसला किया है
चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार अमेरिकी रक्षा विभाग ने बताया है कि ताइवान को 385 मिलियन अमेरिकी डॉलर के हथियार बेचने की मंज़ूरी दी गई है.
अमेरिका अपनी इस बिक्री के तहत ताइवान को एफ़-16 लड़ाकू विमान भी बेचेगा.
ताइवान को अमेरिकी हथियार बेचने यह मज़ूरी 30 नवंबर को अमेरिकी विदेश विभाग ने दी है. इस
बारे में चीन के विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया भी ज़ाहिर कर दी है.
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री 'वन चाइना पॉलिसी' के साथ ही चीन की संप्रभुता और सुरक्षा हितों का भी गंभीर रूप से
उल्लंघन करती है.
चीन ने हथियारों की इस बिक्री को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का भी गंभीर रूप से
उल्लंघन बताया है.
चीन का कहना है कि ‘ताइवान की स्वतंत्रता’ की धारणा अलगाववादी ताक़तों
को एक ग़लत संदेश भेज सकती है. साथ ही चीन और अमेरिका के बीच ताइवान जलडमरूमध्य में
शांति और स्थिरता के लिए भी ख़तरनाक है.
चीन के मुताबिक़, "ताइवान को हथियार बेचने के फ़ैसले ने अमेरिकी नेताओं की ताइवान
की स्वतंत्रता का समर्थन ना करने की प्रतिबद्धता को भी ग़लत ठहराता है. चीन
अमेरिका के इस कदम की निंदा करता है और कड़ा विरोध जताता है."
चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है, "हम अमेरिका से अपील करते हैं कि वह ताइवान को हथियार देना तुरंत बंद करे. चीन राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की
दृढ़ता से रक्षा करने के लिए मज़बूत और जवाबी कदम उठाएगा."
अमेरिका और ताइवान ने क्या कहा है
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की ख़बर के अनुसार अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन की रक्षा सुरक्षा सहयोग
एजेंसी ने बिक्री को लेकर कहा है कि इसमें 320 मिलियन डॉलर के स्पेयर पार्ट्स और एफ़-16 लड़ाकू विमानों का सौदा शामिल
है.
रॉयटर्स के अनुसार पेंटागन ने यह भी कहा है कि विदेश विभाग ने ताइवान को अनुमानित
रूप से 65 मिलियन डॉलर में मोबाइल सब्सक्राइबर उपकरण की बिक्री को भी मंज़ूरी दी
है.
इस बिक्री पर ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा, "हमें उम्मीद है कि यह
बिक्री एक महीने के भीतर ही प्रभावी हो जाएगी. ताइवान और अमेरिका अपनी सुरक्षा साझेदारी को मज़बूत करना जारी रखेंगे."
जामिया मिलिया इस्लामिया में बिना अनुमति के संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन पर रोक
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, जामिया मिलिया इस्लामिया ने छात्रों के धरने और प्रदर्शन पर नया आदेश जारी किया है
दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने एक आदेश जारी कर कैंपस के अंदर बिना अनुमति के संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के
ख़िलाफ़ किसी भी तरह के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है.
जामिया के आदेश के मुताबिक़, "यूनिवर्सिटी के
अधिकारियों को पता चला है कि कुछ छात्रों ने भारत
के प्रधानमंत्री और देश की दूसरी लॉ एन्फ़ोर्समेंट एजेंसियों के ख़िलाफ़ नारे लगाए हैं,
जिनका ना तो शिक्षा जगत से कोई संबंध है और ना ही यूनिवर्सिटी से. इस तरह के प्रदर्शन या नारेबाज़ी की पहले से कोई अनुमित भी नहीं ली गई थी."
विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों को सलाह दी है कि वे बिना
अधिकारियों की पूर्व अनुमति के विश्वविद्यालय परिसर के किसी भी हिस्से में बैठक,
सभा या धरना आयोजित ना करें और ना ही नारे लगाएं.
अगर किसी छात्र को ऐसी
किसी घटना का दोषी पाया जाता है तो उसके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
भारत ने अभ्यास मैच में ऑस्ट्रेलिया की पीएम-11 टीम को दी मात
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलिया के दौर पर गई भारतीय टीम का शानदार फॉर्म जारी है
ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम ने
कैनबरा में खेले गए दो दिवसीय अभ्यास मैच में भी अपना विजयी अभियान जारी रखा है.
भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया की प्राइम मिनिस्टर-11 टीम
को छह विकेट से हरा दिया है. मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी.
बारिश के प्रभावित इस मैच को 46 ओवरों का कर दिया गया था. बैटिंग करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई पीएम-11 की टीम भारतीय
गेंदबाज़ों के आगे 43 ओवरों में केवल 240 रन ही सिमट गई. मेजब़ान टीम की तरफ़ से
सैम कोन्सटास ने शतक लगाते हुए 107 रन बनाए. इसके अलावा हैनो जैकब ने भी अर्धशतक
लगाया और 61 रनों की पारी खेली.
भारत के लिए हर्षित राणा ने सबसे ज़्यादा चार विकेट
लिए. इसके अलावा आकाशदीप को भी दो विकेट हासिल हुए.
अपनी पहली पारी में बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम ने
पांच विकेट के नुक़सान पर 257 रन बनाए.
भारत के लिए चोट के बाद वापसी कर रहे शुभमन गिल ने
अर्धशतक लगाते हुए सबसे ज़्यादा 50 रन बनाए. इसके अलावा यशस्वी जायसवाल ने भी 45
रन बनाए.
भारत और ऑसट्रेलिया के बीच होने वाले दूसरे टेस्ट के पहले हुई इस अभ्यसास मैच में भारत को विजेता घोषित कर दिया गया है.
ऑस्ट्रेलिया के साथ पांच टेस्ट मैचों की सिरीज़ में भारत पहले ही 1-0 से आगे है. पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया
को 295 रन से हराया था.
महबूबा मुफ़्ती ने की बांग्लादेश और भारत की तुलना, बीजेपी नेता ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम ने कहा कि मस्जिद को गिराकर मंदिर खोजा जा रहा है
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख
महबूबा मुफ़्ती ने संभल मस्जिद मामला, अजमेर शरीफ़ दरगाह मामला और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर अपनी राय रखी है.
उन्होंने बांग्लादेश की तुलना भारत से की है, जिसके बाद बीजेपी नेता रवींद्र रैना ने उनके इस बयान को राष्ट्रद्रोह कहा है.
रविवार को दिए एक बयान में उन्होंने कहा कि "हमारे नेता गांधी जी से लेकर पंडित
नेहरू, मौलाना अबुल आजाद, सरदार पटेल और बाबा साहब आंबेडकर
ने इस मुल्क को हिंदू, मुस्लिम, सिख इसाई सब का घर बनाया है. ये साझा घर है. लेकिन आज हालात जो हो
रहे हैं उसमें आपस में लड़ाया जा रहा है."
केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए महबूबा मुफ़्ती ने कहा, "मुझे डर है कि 1947 में जो हालात हुए थे, कहीं न कहीं हमे उसी तरफ ले जाया जा रहा है. युवाओं को नौकरी नहीं है, अच्छे अस्पताल नहीं है, शिक्षा नहीं है."
उन्होंने कहा कि विकास के कामों की बजाय मस्जिद को
गिराकर मंदिर खोजा जा रहा है.
उन्होंने संभल मामले का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहां जो हुआ वो बुरा हादसा है.
उन्होंने अजमेर शरीफ़ मामले पर कहा, "800 साल पुरानी अजमेर की दरगाह भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब की निशानी है. यहां हिंदु, मुस्लिम, सिख सब जाते हैं. उसके पीछे भी पड़ गए हैं कि उसे भी खोदो शायद
उसके नीचे भी मंदिर निकल आए. ऐसा कब तक चलेगा?"
महबूबा मुफ़्ती ने बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति पर भी बात की. उन्होंने कहा कि “वहां हमारे हिंदू भाइयों के साथ ज़्यादती हो रही है. अगर हम यहां अल्पसंख्यकों के साथ ज़्यादती करें तो फ़र्क़ क्या है? इतना बड़ा मुल्क हमारा, लेकिन हम में और बांग्लादेश में कोई फ़र्क़ ही नहीं रहेगा.”
वीडियो कैप्शन, बीबीसी हिंदी ने अजमेर दरगाह पर जाने वाले हिंदू क्या बोले
महबूबा मुफ़्ती के बयान पर बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी नेता रवींद्र रैना ने कहा, “महबूबा मुफ़्ती का बांग्लादेश के साथ तुलना वाला बयान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. सारी दुनिया देख रही है कि किस तरह वहां मानवाधिकारों का हनन हो रहा है. वहां अल्पसंख्यक समुदाय को चुन-चुन कर निशाना बनाया जा रहा है.”
रवींद्र रैना के मुताबिक़, "महबूबा मुफ़्ती ने जो किया है वह राष्ट्रद्रोह है. भारत में हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सब सुरक्षित हैं."
उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ़्ती के बयान को राष्ट्रद्रोह की नज़र से देखा जाना चाहिए और उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
डोनाल्ड ट्रंप ने फ़्रांस के राजदूत के पद के लिए अपने रिश्तेदार को चुना
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, चार्ल्स कुशनर, इवांका ट्रंप के पति जेरेड कुशनर के पिता हैं
अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चार्ल्स कुशनर को फ़्रांस का राजदूत चुना है.
चार्ल्स कुशनर, ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप के पति जेरेड कुशनर के पिता
हैं. साल 2020 में डोनाल्ड ट्रंप ने चार्ल्स कुशनर को अमेरिकी सरकार की
तरफ से दी गई सज़ा से माफ़ी दे दी थी.
सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “कुशनर एक ज़बर्दस्त बिज़नेस लीडर और
डीलमेकर हैं, जो हमारे देश और इसके हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक मज़बूत व्यक्ति साबित
होंगे.”
माना जा रहा है कि दूसरी बार राष्ट्रपति चुने जाने के बाद उन्होंने प्रशासन में अहम पद पर अपने रिश्तेदार को चुना है.
चार्ल्स कुशनर एक रियल एस्टेट डेवलपर हैं.
फ़्रांस के राजदूत के तौर पर चार्ल्स कुशनर के नाम का एलान
करते हुए ट्रंप ने कहा कि वो उनके साथ काम करने के लिए उत्साहित हैं.
ट्रंप ने कहा, "हम एक साथ मिलकर अपने सबसे पुराने मित्र और हमारे सबसे महान
सहयोगियों में से एक फ़्रांस के साथ अमेरिका की साझेदारी को मजबूत करेंगे."
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा संभल जाएगा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे संसद के स्थगित होने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि
कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी उत्तर प्रदेश के संभल जाएगा.
मल्लिकार्जुन खड़गे संसद के स्थगित होने के मामले पर पत्रकारों को बयान दे रहे थे. पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल संभल
जाएगा? इस पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने जबाव
दिया, "जाएगा, जाएगा."
उत्तर प्रदेश के संभल ज़िले में शाही जामा मस्जिद के
सर्वे के दौरान हुई हिंसा और तनावपूर्ण माहौल के देखते हुए ज़िला प्रशासन ने 10
दिसंबर तक किसी भी बाहरी व्यक्ति के ज़िले में प्रवेश पर रोक लगा दी है.
संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेन्सिया ने कहा था, ''जिले में दस दिसंबर तक प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी रहेंगे. दस दिसंबर तक जिले में बगै़र अनुमति के किसी भी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन और जन प्रतिनिधि को यहां प्रवेश की इज़ाज़त नहीं है.''
इससे पहले शनिवार को जिला प्रशासन ने संभल आ रहे समाजवादी पार्टी के 15 सदस्यीय दल में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक दिया था.
इससे नाराज़ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, ''ऐसा प्रतिबंध अगर सरकार पहले ही उन पर लगा देती, जिन्होंने दंगा-फ़साद का सपना देखा और उन्मादी नारे लगवाए तो संभल में सौहार्द-शांति का वातावरण नहीं बिगड़ता.''
वीडियो कैप्शन, हिंसा के बाद संभल में अभी भी सबकुछ सामान्य नहीं हो सका है.
वहीं रविवार को शाही जामा मस्दिज के सर्वे के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित की गई न्यायिक कमेटी संभल पहुंची.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ न्यायिक जांच कमेटी शाही जामा मस्जिद के अंदर गई. इस दौरान शाही जामा मस्जिद के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए गुरुवार को न्यायिक जांच कमेटी का गठन किया था. कमेटी के पास जांच करने और रिपोर्ट सौंपने के लिए दो महीनों का वक़्त दिया है.
कमेटी के सदस्यों में हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा, रिटायर्ड आईएएस अमित मोहन प्रसाद और रिटायर्ड आईपीएस अरविंद कुमार जैन शामिल हैं.
आईसीसी के अध्यक्ष पद का कार्यकाल शुरू होने पर क्या बोले जय शाह
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, जय शाह साल 2019 में बीसीसीआई के सबसे कम उम्र के मानद सचिव बने थे
आईसीसी के अध्यक्ष के तौर पर जय शाह का कार्यकाल एक दिसंबर से शुरू हो गया है.
कार्यकाल शुरू होने के बाद अपने पहले बयान में जय शाह ने अपनी प्राथमिकताओं के
बारे में बताया.
जय शाह के बयान के मुताबिक़ उनकी प्राथमिकताओं में साल 2028 में लॉस एंजिल्स
ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल कराना और क्रिकेट में महिलाओं की भागीदारी को आगे
बढ़ाना शामिल है.
जय शाह साल 2019 में बीसीसीआई के सबसे कम उम्र के मानद सचिव बने थे.
जय शाह ने कार्यकाल शुरू होने पर अपने बयान में कहा, “मैं आईसीसी के अध्यक्ष की भूमिका के तौर पर गौरवान्वित
महसूस कर रहा हूं.”
उत्तरकाशी में मस्जिद को लेकर विवाद, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चल रही महापंचायत, आसिफ़ अली, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, Asif Ali
इमेज कैप्शन, महापंचायत उत्तरकाशी के रामलीला मैदान में देवभूमि विचार मंच ने आयोजित की है
उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में 55 साल पुरानी मस्जिद से जुड़े एक विवाद को लेकर महापंचायत चल रही है.
ये विवाद तब बढ़ गया, जब बीते दिनों एक समुदाय से जुड़े धार्मिक संगठन ने मस्जिद को अवैध बताते हुए प्रशासन के ख़िलाफ़ जनाक्रोश रैली आयोजित की थी.
रैली के दौरान तनाव हो गया था जिसके बाद पुलिस ने आठ लोगों को नामज़द किया था और 200 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया था.
इसके बाद देवभूमि विचार मंच नाम के एक संगठन ने यह उत्तरकाशी में महापंचायत का आयोजन किया है.
ज़िला प्रशासन ने कुछ शर्तों के साथ महापंचायत की अनुमति दी है. इस दौरान एहतियात के तौर पर जगह-जगह पुलिस बल को तैनात किया गया है.
साथ ही प्रशासन ने कहा है कि महापंचायत के दौरान किसी व्यक्ति के हाथ में लाठी,
डंडा या किसी भी तरह का कोई हथियार
नहीं होना चाहिए.
उत्तरकाशी की एसपी सरिता डोभाल ने बताया, “महापंचायत के मद्देनज़र सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किये गये
हैं. बड़ी संख्या में फ़ोर्स
लगाई गई है. आयोजकों से कहा गया है कि वो शर्तों का पालन करें.”
इससे पहले अल्पसंख्यक सेवा समिति के वकील ने मस्जिद की सुरक्षा के मद्देनज़र
20 नवंबर को उत्तराखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी.
22 नवंबर को हाईकोर्ट की तरफ़ से क़ानून व्यवस्था बनाये रखने का आदेश किया गया
था. जिसके बाद 27 नवंबर को महापंचायत पर रोक लगाने को लेकर बहस हुई थी.
अल्पसंख्यक सेवा समिति के वकील कार्तिकेय हरी गुप्ता ने बताया, “हमने 27 नवंबर की
सुनवाई में कोर्ट महापंचायत पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी. हम अगली सुनवाई में कोर्ट के सामने यह मुद्दा उठाएंगे.”
नमस्कार,
दोपहर के दो बज रहे हैं. अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह को दीजिए इजाज़त.
अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अभिषेक पोद्दार आप तक ज़रूरी ख़बरें पहुंचाएंगे.
आप बीबीसी हिंदी के पेज पर छपी कुछ बड़ी ख़बरें नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं.
- ट्रंप ने भारत, चीन समेत ब्रिक्स देशों को क्यों दी धमकी. इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
- काश पटेल की कहानी, जिन्हें ट्रंप ने एफ़बीआई डायरेक्टर बनाने का एलान किया. इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
- भारतीय शहरों में पैदल चलना नहीं आसां, बस इतना समझ लीजिए... इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
- पाकिस्तान के इतिहास की सबसे चर्चित रहस्यमय मौत की कहानी. इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
- संभल हिंसा के बाद अब किस हाल में हैं स्थानीय हिंदू-मुसलमान? इस ख़बर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
दिल्ली विधानसभा चुनाव पर बोले केजरीवाल- कोई गठबंधन नहीं होगा
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल (फ़ाइल फ़ोटो)
आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर रविवार को कहा कि दिल्ली में कोई गठबंधन नहीं होगा.
केजरीवाल ने यह बयान पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया.
केजरीवाल ने शनिवार को अपने ऊपर हुए हमले और पार्टी विधायक नरेश बाल्यान की गिरफ़्तारी का भी मुद्दा उठाया.
उन्होंने कहा, "पिछले दो-तीन सालों से दिल्ली में क़ानून व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है. दिल्ली के लोग दहशत के माहौल में जी रहे हैं. खुलेआम दिल्ली में सड़कों पर गोलियां चल रही हैं. ऐसा लगता है कि गैंगस्टर्स ने दिल्ली में कब्जा कर लिया है."
"मुझे उम्मीद थी कि मेरे मुद्दे उठाने से अमित शाह जी कुछ कार्रवाई करेंगे. लेकिन इसकी बजाय हमने देखा कि कल मुझपर हमला करवाया गया. मैं पदयात्रा में जा रहा था, मेरे ऊपर एक लिक्विड फेंका गया. वो लिक्विड हार्मलेस था, लेकिन वो हार्मफुल भी हो सकता था."
आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बाल्यान की गिरफ़्तारी पर केजरीवाल ने कहा, "कल हमारे एक विधायक को गिरफ़्तार कर लिया गया और वो भी गैंगस्टर्स से पीड़ित था. उसके पास भी फिरौती की और अलग-अलग तरह के गैंगस्टर्स के फ़ोन आते थे."
चुनाव आयोग के बुलावे पर क्या बोले कांग्रेस नेता जयराम रमेश?
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, जयराम रमेश (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि महाराष्ट्र चुनाव में उनकी जो शिकायतें हैं वो सिर्फ ईवीएम को लेकर नहीं हैं, उनकी शिकायतें पूरी चुनावी प्रक्रिया को लेकर है.
महाराष्ट्र चुनाव में वोटिंग के आंकड़ों पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा था.
इसका जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने कांग्रेस को तीन दिसंबर को शाम पांच बजे मिलने का समय दिया है.
जयराम रमेश ने कहा, "हमने दस्तावेज पेश किया है, चुनाव आयोग ने हमें समय दिया है. महाराष्ट्र के हमारे नेता या एआईसीसी के पदाधिकारी उनसे मिलेंगे."
"हमारी जो शिकायतें हैं वो चुनावी प्रक्रिया को लेकर है. मैं साफ कर देना चाहता हूं कि ईवीएम को लेकर हमारे जो सवाल रहे हैं हम उसको नज़रअंदाज नहीं कर रहे हैं, पर ईवीएम चुनावी प्रक्रिया का एक अंग है और हम देख रहे हैं कि महाराष्ट्र में पूरे तरीके से इस चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई है और जानबूझकर गड़बड़ी की गई है."
जयराम रमेश ने कहा, "हम इसलिए ये सवाल नहीं उठा रहे हैं क्योंकि हम महाराष्ट्र हारे हैं, ये बिल्कुल असंभव नतीजे हैं. कुछ लोग लिखते रहते हैं कि चुनाव के नतीजे के बाद इनको ज्ञान आता है, नतीजों से पहले इनको ज्ञान नहीं आता."
"महाराष्ट्र के नतीजे अद्भुत हैं, चौंका देने वाले हैं. इसलिए हमने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाया है. हम ये कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा रहे हैं. चुनावी प्रक्रिया पर हमने सवाल उठाया है. ये हमारे लोकतंत्र के लिए बड़ा ख़तरा है."
संभल पहुंची न्यायिक जांच कमेटी, शाही जामा मस्जिद और घटना स्थल का किया दौरा
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, न्यायिक जांच कमेटी के तीनों सदस्य रविवार को जांच के लिए संभल पहुंचे हैं
शाही जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हुई हिंसा की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच कमेटी रविवार को संभल पहुंच गई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई के मुताबिक़, तीन सदस्यीय न्यायिक जांच कमेटी ने मस्जिद और हिंसा की जगहों का दौरा किया.
एएनआई ने कहा है कि न्यायिक जांच कमेटी शाही जामा मस्जिद के अंदर गई. इस दौरान शाही जामा मस्जिद के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
इससे पहले न्यायिक जांच कमेटी के तीनों सदस्य उस जगह पर भी गए जहां कोर्ट के सर्वे के आदेश के बाद 24 नवंबर को हिंसा भड़की थी.
उत्तर प्रदेश सरकार ने संभल मामले की जांच के लिए गुरुवार को न्यायिक जांच कमेटी का गठन किया था.
सरकार ने कमेटी को जांच पूरी करने और रिपोर्ट सौंपने के लिए दो महीने का वक्त दिया है.
इस कमेटी के सदस्य हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा, रिटायर्ड आईएएस अमित मोहन प्रसाद और रिटायर्ड आईपीएस अरविंद कुमार जैन हैं.
महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन में हो रही देरी पर क्या बोले संजय राउत?
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, संजय राउत (फ़ाइल फ़ोटो)
महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन में देरी पर शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने सवाल उठाए हैं.
उन्होंने पूछा है कि भारी बहुमत के बावजूद अब तक सरकार क्यों नहीं बन सकी है.
संजय राउत ने कहा, "महाराष्ट्र में एक ऐसी सरकार सुप्रीम कोर्ट के प्रोटेक्शन में चली, जो संविधान के ख़िलाफ़ है. इसके लिए डीवाई चंद्रचूड़ ज़िम्मेदार हैं. अब ये जो केयर टेकर सरकार है वो भी संविधान के ख़िलाफ़ चल रही है."
उन्होंने कहा, "10 दिन हो चुके हैं, भारी बहुमत के बावजूद इन लोगों (महायुति) ने अब तक सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है. क्यों? अगर ये लोग अल्पमत में होते और हमारे पास बहुमत होता, फिर भी ये लोग दावा ठोक देते कि हमारी बड़ी पार्टी है."
"लेकिन बहुमत होते हुए भी सरकार बनाने का दावा नहीं किया है. अब तक विधायक दल का नेता नहीं चुना गया है और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बावानकुले नागपुर में बैठकर आदेश देते हैं कि पांच तारीख़ को सरकार बनेगी, शपथ ग्रहण होगा."
संजय राउत ने कहा, "क्या वो राज्यपाल हैं? राज्यपाल का अधिकार इन लोगों ने अपने हाथ में ले लिया है. राज्यपाल को यहां राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफ़ारिश करनी चाहिए."
छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर पुलिस ने किया मुठभेड़ में 7 संदिग्ध माओवादियों की मौत, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, BBC/AlokPutul
इमेज कैप्शन, फ़ाइल फ़ोटो
छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर मुलुगु ज़िले में पुलिस ने सात संदिग्ध माओवादियों के मारे जाने का दावा किया है.
तेलंगाना पुलिस के अनुसार- ग्रेहाउंड के जवानों और माओवादियों के बीच उस समय मुठभेड़ हुई, जब जवान सर्चिंग ऑपरेशन के लिए निकले हुए थे.
पुलिस का कहना है कि मौके से दो एके 47 और एक इंसास राइफ़ल के अलावा भारी मात्रा में दूसरे हथियार, विस्फोटक और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई हैं.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "मुलुगु ज़िले की चलापका जंगल के इलाक़े में तड़के साढ़े पांच बजे के आसपास संदिग्ध माओवादियों के साथ मुठभेड़ हुई. एक घंटे से भी अधिक समय तक चली इस मुठभेड़ में चर्चित माओवादी भद्रू की टुकड़ी के सात सदस्य मारे गए."
पुलिस ने पुष्टि की है कि मारे जाने वाले लोगों में माओवादियों के एक बड़े नेता कुसराम मंगू उर्फ पपन्ना, इगोलपू मल्लैया ऊर्फ मधु, मुसाकी देवल, मुसाकी यमुना, जयसिंह और किशोर शामिल हैं.
पुलिस का कहना है कि इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन अभी जारी है. पुलिस ने कुछ और माओवादियों के घायल होने की आशंका भी जताई है.
ट्रंप-ट्रूडो ने की मुलाक़ात, क्या हुई बात?
इमेज स्रोत, X/JustinTrudeau
इमेज कैप्शन, जस्टिन ट्रूडो और ट्रंप
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ उनकी मुलाकात "बहुत अच्छी रही".
दोनों देशों के नेताओं की मुलाकात फ्लोरिडा में ट्रंप के घर पर हुई.
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किया, "हमने व्यापार, अवैध प्रवासन समेत कई अहम मुद्दों पर बात की."
इससे पहले शनिवार को ट्रूडो ने मीडिया से कहा कि उनके और ट्रंप के बीच बेहतरीन बातचीत हुई. हालांकि ट्रूडो ने किसी सवाल का जवाब देने से इनकार किया.
बाद में कनाडाई पीएम ने एक्स पर पोस्ट किया, "डिनर के लिए धन्यवाद, राष्ट्रपति ट्रंप. मैं उन कार्यों के लिए उत्सुक हूं जो हम फिर से मिलकर कर सकते हैं."
ट्रंप और ट्रूडो की यह मुलाकात ऐसे वक्त में हुई जब कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने कनाडा पर 25 फ़ीसदी टैरिफ की घोषणा की है. इस हफ़्ते की शुरुआत में दोनों नेताओं ने फोन पर भी बात की थी.
फ्लोरिडा की यह यात्रा ट्रूडो के सार्वजनिक कार्यक्रमों की सूची में शामिल नहीं थी.
चैम्पियंस ट्रॉफी हाइब्रिड फॉर्मेट में कराने और भारतीय टीम के पाकिस्तान नहीं जाने के सवाल पर पीसीबी चीफ़ ने क्या कहा
इमेज स्रोत, X/TheRealPCBMedia
इमेज कैप्शन, पीसीबी चीफ़ मोहसिन नक़वी
चैम्पियंस ट्रॉफी में शामिल होने के लिए भारतीय टीम के पाकिस्तान नहीं जाने के सवाल पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने कहा है कि हमारी कोशिश है कि क्रिकेट की जीत हो.
दुबई में मीडिया से नक़वी ने कहा, "कुछ चीजों में हमने अपना मत दिया है, भारतीयों ने भी अपनी बात रखी है. बोर्ड्स की कोशिश है कि जीत हो और हमारी भी कोशिश है कि क्रिकेट की जीत हो, लेकिन इज़्ज़त के साथ सबकुछ हो."
चैम्पियंस ट्रॉफी को हाइब्रिड फॉर्मेट में कराने के विकल्प के सवाल पर नक़वी ने कहा, "हम वो चीज़ करेंगे जो क्रिकेट के लिए बेहतर हो. निश्चित तौर पर वह हाइब्रिड फॉर्मूला नहीं है लेकिन अगर कोई भी फॉर्मूला बनेगा तो वह बराबरी की बुनियाद पर बनेगा."
बायकॉट के सवाल पर पीसीबी चीफ़ ने कहा, "बहुत सारी चीज़ें हो सकती हैं लेकिन हमें जीत क्रिकेट की करनी है और पाकिस्तान के लिए सबसे ज़रूरी पाकिस्तान की इज़्ज़त है, उसके बाद सबकुछ है. तो हमें जीत क्रिकेट की भी करनी है और पाकिस्तान की इज़्ज़त भी रखनी है."
मोहसिन नक़वी ने यह भी कहा कि अगर इस मामले पर कोई बात बनती है तो फिर ये लंबे समय तक के लिए होगी, सिर्फ चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए नहीं होगी. आने वाले कई सालों के लिए बात तय होगी.
अगले साल चैम्पियंस ट्रॉफी पाकिस्तान में होनी है, जिसमें भारतीय टीम के शामिल होने पर अभी भी संशय बना हुआ है.