ट्रंप-पुतिन की बैठक को लेकर दुनिया भर के नेताओं की ओर से आए ये बयान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शुक्रवार को अलास्का में बैठक हुई. ट्रंप ने कहा है कि यह बैठक "बहुत अच्छी" रही. वहीं दुनिया भर के नेताओं ने ट्रंप-पुतिन की इस मुलाक़ात पर प्रतिक्रिया दी है.

सारांश

लाइव कवरेज

आनंद मणि त्रिपाठी

  1. नीतीश कुमार की घोषणा, बिहार में उद्योग लगाने वालों को ये चार सुविधाएं देगी सरकार

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

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    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोज़गार देने का लक्ष्य पूरा कर लिया है.

    इसके साथ ही उन्होंने एक्स पर लिखा है, "अब हमारी सरकार ने अगले पांच सालों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोज़गार देने का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही राज्य में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाएगा."

    उन्होंने जिन सुविधाओं की बात की वो हैं,

    • कैपिटल सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी और जीएसटी के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को दोगुना किया जाना.
    • सभी जिलों में उद्योग लगाने के लिए ज़मीन उपलब्ध कराई जाएगी. ज़्यादा रोज़गार देने वाले उद्योगों को ज़मीन मुफ़्त में दी जाएगी.
    • उद्योग लगाने के लिए आवंटित भूमि से संबंधित विवादों को समाप्त किया जाएगा.
    • ⁠यह सारी सुविधाएं अगले छह महीने में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को दी जाएगी.

    मुख्यमंत्री ने लिखा है कि इसके अलावा राज्य में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को मदद देने के लिए कई और व्यवस्थाएं की गई हैं.

  2. यूक्रेन का दावा, दोनेत्स्क के कुछ गांवों को रूस के कब्ज़े से छुड़ाया

    वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

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    इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

    एक तरफ रूस-यूक्रेन युद्धविराम को लेकर अमेरिका और रूस की बातचीत बेनतीजा ख़त्म हो गई है, तो दूसरी तरफ रूस और यूक्रेन की सेनाओं के बीच जंग जारी है.

    यूक्रेन ने बताया है कि उसकी सेना ने दोनेत्स्क के पूर्वी क्षेत्र के उन गांवों पर फिर से कब्ज़ा कर लिया है, जहां हाल के दिनों में रूसी सैनिक पहुंचे थे.

    यूक्रेन का दावा है कि पोक्रोवस्क क्षेत्र में डोब्रोपिलिया के पास हुई लड़ाई के दौरान सैकड़ों रूसी सैनिक हताहत हुए हैं.

    इससे पहले यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया था कि रूसी हवाई हमले सूमी समेत अन्य कई जगहों पर भी जारी हैं.

    दूसरी तरफ, व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अलास्का में हुई बातचीत को तीन घंटे से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अभी तक यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

  3. यूक्रेन युद्धविराम को लेकर बोले डोनाल्ड ट्रंप, 'हम समझौते के बहुत करीब हैं'

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

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    इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अगली बैठक मॉस्को में आयोजित करने का सुझाव दिया है.

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अलास्का में हुई मुलाक़ात को 'दस में से दस' नंबर दिए.

    उन्होंने बताया, "हमारी मुलाक़ात बहुत अच्छी रही. अब यूरोपीय भागीदारी के साथ समझौता कराना ज़ेलेंस्की पर निर्भर है."

    ट्रंप ने कहा, "रूस और यूक्रेन अगली वार्ता करेंगे, जिसमें व्लादिमीर पुतिन और वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की दोनों भाग लेंगे. देखते हैं आगे क्या होता है."

    ट्रंप ने यह भी कहा कि यह "बहुत गर्मजोशी भरी बैठक" थी और उन्हें लगता है कि "हम समझौते के बहुत करीब हैं."

    फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में ट्रंप ने उन बिंदुओं को बताने से इनकार कर दिया, जिनकी वजह से समझौता नहीं हो सका.

    उन्होंने रूस के आक्रमण को न रोक पाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन को दोषी ठहराया.

    ट्रंप ने बताया कि एक समझौता होने वाला है और इसमें कैदियों की अदला-बदली भी शामिल हो सकती है.

  4. इंडोनेशिया: स्कूल का खाना खाकर 365 लोग बीमार, जांच जारी, कैली एनजी, बीबीसी संवाददाता

    फूड प्वायज़निंग

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    इंडोनेशिया के एक कस्बे में स्कूल का भोजन खाने से लगभग 365 लोग बीमार पड़ गए हैं.

    यह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के मुफ़्त भोजन कार्यक्रम में फूड प्वायज़निंग की अब तक की सबसे बड़ी घटना है.

    स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मध्य जावा के सरागेन में भोजन के वितरण पर अस्थायी रोक लगा दी गई है. फूड प्वायज़निंग की जांच के लिए नमूनों को एकत्रित किया जा रहा है.

    देश में बौनेपन से निपटने के लिए राष्ट्रपति ने मुफ़्त भोजन देने का वादा किया था. इस कार्यक्रम की अनुमानित लागत 28 अरब डॉलर है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के आठ करोड़ स्कूली बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना है.

    सरकार इस कार्यक्रम पर काफ़ी पैसा खर्च कर रही है और इस कारण कई मंत्रालयों के बजट में कटौती तक करनी पड़ी है.

    इस साल जनवरी में इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के शुरू होने के बाद से देशभर में एक हज़ार से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं. इसके कारण सरकार को आलोचना भी झेलनी पड़ी है.

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