यूएन सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता मिलने पर पाकिस्तान ने बताई अपनी प्राथमिकता
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार
पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएसी) की अध्यक्षता सोमवार को जुलाई महीने के लिए मिली है. पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है. अस्थायी सदस्यों का टर्म दो साल के लिए होता है.
अध्यक्षता मिलने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने एक्स पर लिखा है, "पाकिस्तान को जुलाई 2025 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता मिली है. यूएनएसी के निर्वाचित सदस्य के रूप में पाकिस्तान अपने आठवें कार्यकाल की ज़िम्मेदारी बहुत ही विनम्रता और प्रतिबद्धता के साथ स्वीकार करता है.
इस दौरान हम संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय क़ानून और बहुध्रुवीय दुनिया को लेकर प्रतिबद्ध रहेंगे.
इसहाक़ डार ने एक्स पर लिखा है, "हमारी अध्यक्षता ऐसे समय में मिली है, जब दुनिया भर में संघर्ष और मानवीय संकट बढ़ रहे हैं. हम सुरक्षा परिषद को संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण विवाद समाधान पर आधारित उत्तरदायी और प्रभावी कार्रवाई की ओर ले जाने का प्रयास करेंगे."
यूएनएसी में की अध्यक्षता इसके 15 सदस्य देशों (10 अस्थायी और पाँच स्थायी) के बीच अल्फाबेटिक ऑर्डर में मासिक रूप से बदलती रहती है और इसी क्रम में पाकिस्तान को यूएनएससी की अध्यक्षता मिली है.
अमेरिका ने रोकी यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने पिछले महीने नेटो शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात की थी
व्हाइट हाउस ने कहा है कि यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच अमेरिका ने यूक्रेन को दिए जा रहे कुछ हथियारों की आपूर्ति रोक दी है.
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने मंगलवार को कहा कि यह निर्णय "अमेरिका के हितों को सर्वोपरि रखने" के लिए लिया गया है.
अमेरिकी रक्षा विभाग ने "अन्य देशों को दी जाने वाली अमेरिकी सैन्य सहायता और सहयोग" की समीक्षा की और इसके बाद यह निर्णय लिया गया.
फरवरी 2022 में रूसी हमले के बाद अमेरिका ने यूक्रेन को अरबों डॉलर की सैन्य सहायता भेजी है, इसके कारण ट्रंप प्रशासन में कुछ लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि अमेरिकी भंडार बहुत कम है.
यूक्रेन ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि किस शिपमेंट को रोका जा रहा है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, हथियारों में वायु रक्षा मिसाइलें और सटीक हथियार भी शामिल हैं.
अमेरिकी रक्षा नीति उपसचिव एल्ब्रिज कोल्बी ने कहा कि रक्षा विभाग "यूक्रेन को सैन्य सहायता जारी रखने के लिए राष्ट्रपति को मज़बूत विकल्प प्रदान करता रहेगा."
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- इसराइल ने 60 दिन के युद्धविराम पर दी सहमति
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इमेज कैप्शन, इसराइली सेना के हमले में 30 जून को ग़ज़ा में नष्ट हुआ एक स्कूल
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इसराइल ने ग़ज़ा में 60 दिन के युद्धविराम को अंतिम रूप देने के लिए ज़रूरी शर्तों पर अपनी सहमति दे दी है.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "हम युद्ध को समाप्त करने के लिए सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करेंगे" हालांकि उन्होंने शर्तों का कोई ब्यौरा नहीं दिया.
ट्रंप ने लिखा है, "क़तर और मिस्र ने शांति स्थापित करने के लिए बहुत मेहनत की है और वही इस अंतिम प्रस्ताव को पेश करेंगे.मुझे उम्मीद है कि हमास इस समझौते को स्वीकार करेगा क्योंकि इससे बेहतर स्थिति कुछ नहीं होगी बल्कि और ख़राब ही होगी. "
सात अक्तूबर 2023 को हमास ने इसराइल पर हमला किया था. इसमें करीब 1,200 लोग मारे गए थे. इसके बाद इसराइल ने ग़ज़ा में सैन्य अभियान शुरू किया.
हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, तब से अब तक ग़जा में कम से कम 56 हज़ार 647 लोगों की मौत हुई है. हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया कि हमास इन शर्तों को स्वीकार करेगा या नहीं.
ट्रंप की यह घोषणा अगले सप्ताह इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के साथ होने जा रही बैठक से पहले आई है, जिसे लेकर ट्रंप ने कहा कि वह बहुत दृढ़ रहेंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंगलवार को कहा कि उनका मानना है कि नेतन्याहू भी ग़ज़ा में शत्रुता समाप्त करना चाहते हैं. ट्रंप ने ये भी कहा, "मुझे लगता है कि हम अगले सप्ताह समझौता कर लेंगे."
पिछले सप्ताह हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि मध्यस्थों ने ग़ज़ा में नए युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए प्रयास बढ़ा दिए हैं, लेकिन इसराइल के साथ वार्ता अभी भी रुकी हुई है.
इसराइल ने कहा है कि संघर्ष तभी समाप्त हो सकता है, जब हमास को पूरी तरह से ख़त्म कर दिया जाए. हमास लंबे समय से स्थायी युद्धविराम और ग़ज़ा से इसराइल की पूरी तरह वापसी की मांग करता रहा है.
क़रीब 50 इसराइली अभी ग़ज़ा में बंधक हैं, इनमें से कम से कम 20 के जीवित होने की संभावना है.
ट्रंप के बिग ब्यूटीफुल बिल में हैं ये छह अहम बातें
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इमेज कैप्शन, रिपब्लिकन के "बिग ब्यूटीफुल बिल" पारित किए जाने के दौरान सदन अध्यक्ष माइक जॉनसन
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बजट मेगा-बिल ने एक बड़ी बाधा पार कर ली है और यह क़ानून बनने के एक क़दम और क़रीब आ गया है.
वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट के नाम से जाना जाने वाला यह विधेयक मंगलवार को सीनेट में उपराष्ट्रपति के निर्णायक वोट से पारित हो गया है और बुधवार को प्रतिनिधि सभा में इस पर विचार किया जाएगा.
यह विधेयक उन बड़े टैक्स कटौतियों को स्थायी कर देगा जो राष्ट्रपति ट्रंप के पहली बार पदभार ग्रहण करने के समय अस्थायी रूप से लागू किए थे.
इसके साथ ही सीमा सुरक्षा, रक्षा और ऊर्जा उत्पादन के लिए व्यय में बढ़ोतरी करेगा.
राजस्व में होने वाली हानि की भरपाई के लिए कई प्रकार के कार्यक्रमों के खर्च में कटौती करने पर विचार किया है.
इसमें निम्न आय वाले अमेरिकियों के लिए खाद्य सब्सिडी और स्वास्थ्य बीमा कवरेज शामिल हैं.
सामाजिक सुरक्षा कर
ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान सामाजिक सुरक्षा आय पर कर समाप्त करने की शपथ ली थी. यह रिटायरमेंट की उम्र में अमेरिकी और विकलांग लोगों के लिए मासिक भुगतान है. ट्रंप ने 65 वर्ष से अधिक उम्र के लिए लोगों के लिए मानक कटौती चार हजार डॉलर कर दी है. यह कटौती 2025 से 2028 तक लागू रहेगी.
मेडिकेड: स्वास्थ्य बीमा कवरेज
इसके अंतर्गत अब उन युवाओं को हर महीने कम से कम 80 घंटे काम करने होंगे, जिनके बच्चे नहीं हैं और वह विकलांग नहीं हैं. इसके साथ ही हर छह महीने में आय और निवास का सत्यापन कराते हुए मेडिकेड के लिए नामांकन करना होगा. मेडिकेड में कार्य की आवश्यकता को सबसे कठोर कदम बताया जा रहा है. इसके कारण बड़ी संख्या में अमेरिकी स्वास्थ्य बीमा कवरेज से वंचित हो सकते हैं.
कर कटौती सीमा
इस समय संघीय करों में कटौती की सीमा दस हज़ार डॉलर है. विधेयक में इसे बढ़ाकर 40 हज़ार कर दिया गया है लेकिन पांच साल बाद फिर से 10 हज़ार डॉलर हो जाएगा.
खाद्य सहायता
सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन असिस्टेंस प्रोग्राम का उपयोग निम्न आय वाले चार करोड़ अमेरिकी करते हैं. संघीय सरकार उन राज्यों को पूरा पैसा देगी, जिनके भुगतान में छह प्रतिशत से कम की गड़बड़ी है लेकिन अधिक गड़बड़ी वाले राज्यों को इस कार्यक्रम के लिए पांच से 15 फ़ीसदी तक भुगतान करना होगा. यह बदलाव 2028 से लागू किया जाएगा. इसमें उन लोगों को भी शामिल किया गया है, जिनका कोई परिवार नहीं है.
ओवर टाइम और टिप पर कर नहीं
ट्रंप ने चुनावी वादे के अनुसार, टिप और ओवर टाइम पर टैक्स को कोई प्रावधान नहीं किया है. एकल व्यक्तियों के लिए डेढ़ लाख डॉलर और संयुक्त रूप से तीन लाख डॉलर तक की सीमा निर्धारित की गई है.
स्वच्छ ऊर्जा कर में कटौती
इस बिल में स्वच्छ ऊर्जा कर छूट का प्रस्ताव है. इसके अंतर्गत इस साल निर्माण शुरू करने वाली कंपनियां 100 फ़ीसदी कर छूट के लिए पात्र हो सकती हैं. यदि वे 2026 में निर्माण शुरू करती हैं तो यह छूट 60% और वह 2027 में निर्माण शुरू करती हैं तो यह छूट 20% हो जाती है. 2028 में यह छूट समाप्त हो जाएगी.
ट्रंप का बिग ब्यूटीफुल बिल अमेरिकी सीनेट में पास
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिल पारित होने के बाद कहा कि इसमें सभी के लिए कुछ न कुछ है
अमेरिकी सीनेट में डोनाल्ड ट्रंप का टैक्स और खर्च से जुड़ा विधेयक बहुत कम अंतर से पास हो गया है. इसके साथ ही यह बिल एक अहम अड़चन पार कर चुका है.
वन बिग ब्यूटीफुल बिल को 24 घंटे से अधिक समय तक चली बहस के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वांस के टाई-ब्रेकिंग वोट से पारित कर दिया गया.
इसके बाद अब यह बिल निचले सदन में चला जाएगा. यहां इस बिल को और कड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली कांग्रेस को हस्ताक्षर करने के लिए फाइनल बिल चार जुलाई तक भेजने की समय सीमा दी है.
राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही यह बिल क़ानून बन जाएगा. इस बिल को लेकर काफ़ी विवाद हो रहा है क्योंकि सोशल प्रोग्राम पर खर्चों में कटौती होगी.
बिल के समर्थन और विरोध में वोट बराबरी की हो गई थी. ऐसे में उपराष्ट्रपति जेडी वांस का वोट निर्णायक साबित हुआ.
अलास्का की सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की ने गहन वार्ता के बाद विधेयक के पारित होने का समर्थन किया. मुर्कोव्स्की के समर्थन से सीनेट में अंतिम मतों की संख्या 50-50 हो गई.
उपराष्ट्रपति वांस ने मंगलवार को कहा, "संशोधन विधेयक पारित हो गया है." इस पर सीनेट रिपब्लिकन ने तालियां बजाकर स्वागत किया जबकि डेमोक्रेट्स ने असहमति में सिर हिलाया.
ट्रंप ने बिल पास होने पर कहा, "यह एक बढ़िया विधेयक है. इसमें सभी के लिए कुछ न कुछ है."
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