भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को चीन के विदेश मंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के पोलित ब्यूरो के सदस्य वांग यी से वियतनाम में मुलाकात की.

सारांश

  • विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की चीन के विदेश मंत्री सदस्य वांग यी से मुलाकात
  • बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने पर बोले लालू यादव - ‘सरेंडर कर गए हैं…’
  • चरणजीत सिंह चन्नी ने संसद में ऐसा क्या कहा जिस पर हुआ विवाद
  • मैनचेस्टर एयरपोर्ट पर एक व्यक्ति को लात मारने वाला पुलिस अधिकारी हुआ सस्पेंड
  • पेरिस ओलंपिक: भारतीय महिला तीरंदाज़ी टीम क्वार्टर फ़ाइनल में पहुंची

लाइव कवरेज

सौरभ यादव और अभिषेक पोद्दार

  1. राष्ट्रपति रेस से बाहर क्यों हुए? देश के नाम संबोधन में बाइडन ने बताई वजह

    अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने खुद को राष्ट्रपति पद की रेस से अलग करने के बाद पहली बार व्हाइट हाउस से देश को संबोधित किया है.

    बाइडन ने देश के नाम दिए संबोधन में कहा, "मैं इस पद का सम्मान करता हूँ लेकिन मैं अपने देश से ज़्यादा प्यार करता हूँ. राष्ट्रपति के रूप में इस देश की सेवा करना मेरे जीवन का सम्मान रहा है."

    उन्होंने कहा कि अमेरिका एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, अब हम जो निर्णय लेंगे वह देश का भविष्य निर्धारित करेगा.

    उन्होंने कहा, "हमें आगे बढ़ने या पीछे हटने, आशा और घृणा, एकता और विभाजन के बीच चयन करना होगा.”

    बाइडन ने कहा, "मुझे लगता है कि राष्ट्रपति के रूप में मेरा रिकॉर्ड, दुनिया में मेरा नेतृत्व, अमेरिका के भविष्य के लिए मेरा नज़रिया, सभी दूसरे कार्यकाल के योग्य हैं.''

    वो बोले, ''हमारे लोकतंत्र को बचाने के रास्ते में कुछ भी नहीं आ सकता है. इसमें व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं भी शामिल हैं."

    उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को कमान सौंपना ही आगे बढ़ने का सबसे अच्छा तरीका है.

    बाइडन ने कहा, "यह हमारे देश को एकजुट करने का सबसे अच्छा तरीका है. सार्वजनिक जीवन में लंबे वर्षों के अनुभव के लिए एक समय और स्थान होता है. नई आवाज़ों और हाँ युवा आवाज़ों के लिए भी एक समय और स्थान होता है. वह समय और स्थान अभी है."

  2. विरोध के बीच नेतन्याहू पहुंचे अमेरिका, बोले- हमारे दुश्मन, आपके दुश्मन हैं

    बिन्यामिन नेतन्याहू

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    इमेज कैप्शन, इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया है. उन्होंने अपने संबोधन में ग़ज़ा युद्ध का बचाव किया है.

    कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने अमेरिकी सांसदों से कहा- “हमारे दुश्मन, आपके दुश्मन हैं”.

    नेतन्याहू ने कहा, “जब हम ईरान से लड़ते हैं तो हम अमेरिका के सबसे जानलेवा और कट्टर दुश्मन से लड़ रहे होते हैं.”

    उन्होंने कहा, “हमारी जंग, आपकी जंग है और हमारी जीत, आपकी जीत है.”

    बिन्यामिन नेतन्याहू का ज्यादातर रिपब्लिकन नेताओं ने जोरदार स्वागत किया पर कांग्रेस के दर्जनों डेमोक्रेट नेता जान बूझकर वहां उपस्थित नहीं हुए.

    संबोधन के दौरान इसराइली प्रधानमंत्री को भारी विरोध का भी सामना करना पड़ा. लोगों को हाथ में बैनर लेकर प्रदर्शन करते देखा गया, जिसमें एक बैनर पर नेतन्याहू को “युद्ध अपराधी” घोषित किया गया था.

    नेतन्याहू के संबोधन के दौरान बाधा पहुंचा रहे पांच लोगों को कैपिटल बिल्डिंग के अंदर से गिरफ्तार किया गया है.

    प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि आप लोग आधिकारिक तौर पर ईरान के लिए उपयोगी मूर्ख बन गए हैं.

  3. नमस्कार

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