व्हाइट हाउस में बैठक के बाद डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा है कि ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के साथ डेनमार्क की 'मूल रूप से असहमति' है
लाइव कवरेज
सुमंत सिंह, संदीप राय
अब तक की पाँच अहम ख़बरें
- ग्रीनलैंड के मुद्दे पर व्हाइट हाउस में डेनमार्क, ग्रीनलैंड और अमेरिका के नेताओं के बीच बातचीत हुई है. इस बैठक के बाद डेनमार्क के विदेश मंत्री ने कई अहम बातें कही हैं. पूरी ख़बर पढ़ें.
- ईरान का हवाई क्षेत्र बंद होने से एयर इंडिया ने अपनी उड़ानों के रूट में बदलाव किया है. एयर इंडिया ने बताया है कि कुछ उड़ानें रद्द भी की जा रही हैं. पूरी ख़बर पढ़ें.
- ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने इसराइल पर 'प्रदर्शनकारियों को हथियार देने' का आरोप लगाया है. पूरी ख़बर पढ़ें.
- महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) समेत 29 नगर निगमों की 2,869 सीटों पर चुनाव के लिए मतदान हो रहा है. पूरी ख़बर पढ़ें.
- ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने विरोध प्रदर्शनों में हज़ारों लोगों के मारे जाने के दावे को ख़ारिज कर दिया है. पूरी ख़बर पढ़ें.
बीएमसी चुनाव में मतदान करने पहुंचीं ये शख्सियतें, देखिए तस्वीरें
महाराष्ट्र में गुरुवार को 29 नगर निगमों के चुनाव के लिए मतदान हो रहा है.
इस दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के चुनाव में मतदान के लिए कई मशहूर शख्सियतें पहुंचीं.
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इमेज कैप्शन, महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों की 2,869 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं
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इमेज कैप्शन, सुनील शेट्टी ने सभी से मतदान की अपील की है
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इमेज कैप्शन, बीबीसी मराठी सेवा के मुताबिक़, इन चुनावों में कुल 15,908 उम्मीदवार मैदान में हैं
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इमेज कैप्शन, गुरुवार सुबह 7:30 बजे मतदान शुरू हुआ
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इमेज कैप्शन, नाना पाटेकर ने कहा कि वह तीन-चार घंटे ट्रैवल करके मतदान करने आए हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा- ईरान में 'हत्याएं' रुकीं
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इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी की सज़ा देता है, तो अमेरिका उसके ख़िलाफ़ "बहुत कड़ी कार्रवाई" करेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों को 'फांसी की सज़ा' देने की कोई योजना नहीं है.
बुधवार को ट्रंप ने कहा, "हमें बताया गया है कि ईरान में हत्याएं रुक रही हैं और फांसी देने या किसी भी तरह की फांसी की कोई योजना नहीं है. मुझे यह जानकारी विश्वसनीय सूत्रों से मिली है."
इससे पहले ट्रंप ने मंगलवार को चेतावनी दी थी कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी की सज़ा देता है, तो अमेरिका उसके ख़िलाफ़ "बहुत कड़ी कार्रवाई" करेगा.
ईरान में प्रदर्शन के दौरान पिछले हफ़्ते 26 साल के इरफ़ान सुल्तानी को हिरासत में लिया गया था. सुल्तानी के रिश्तेदारों ने बीबीसी फ़ारसी को बताया था कि उन्हें बुधवार को फांसी दी जानी है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सुल्तानी को ईरान की राजधानी तेहरान के पास हुए प्रदर्शनों में कथित तौर पर शामिल होने के बाद मौत की सज़ा सुनाई गई है.
ईरान में हज़ारों प्रदर्शनकारियों की मौत के दावे पर विदेश मंत्री अराग़ची ने दिया ये जवाब
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इमेज कैप्शन, ईरान में मौतों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने विरोध प्रदर्शनों में हज़ारों लोगों के मारे जाने के दावे को ख़ारिज कर दिया है.
फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में अराग़ची ने कहा, "ये दावे निराधार हैं. इसका कोई सबूत नहीं है. मरने वालों की संख्या मात्र सैकड़ों में है."
ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि 'बहुत जल्द' मृतकों का सही आंकड़ा बताया जाएगा.
मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि ईरान में 28 दिसंबर से जारी विरोध प्रदर्शनों में हज़ारों लोगों की मौत हुई है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने मृतकों की संख्या दो हज़ार से पाँच हज़ार के बीच बताई है.
बीबीसी के अमेरिकी सहयोगी सीबीएस ने ईरान के अंदर और बाहर के सूत्रों का हवाला देते हुए मृतकों की संख्या लगभग 12 हज़ार बताई है. सीबीएस ने यह भी कहा है कि यह आँकड़ा 20 हज़ार तक पहुँच सकता है.
एक्सिओस न्यूज़ वेबसाइट का कहना है कि इसराइली ख़ुफ़िया सूत्रों ने मृतकों की संख्या लगभग पाँच हज़ार बताई है.
बीएमसी समेत महाराष्ट्र के 29 अन्य नगर निगमों में मतदान जारी
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इमेज कैप्शन, गुरुवार सुबह 7:30 बजे मतदान शुरू हुआ (सांकेतिक तस्वीर)
महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) समेत 29 नगर निगमों की 2,869 सीटों पर चुनाव के लिए गुरुवार को मतदान हो रहा है.
बीबीसी मराठी सेवा के मुताबिक़, इन नगर निगमों में कुल 15,908 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.
गुरुवार सुबह 7:30 बजे मतदान शुरू हुआ है और यह शाम 5:30 बजे तक चलेगा. मतों की गणना 16 जनवरी को होगी.
इन चुनावों में सबकी नज़र बीएमसी पर है, जहां बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन का मुक़ाबला ठाकरे भाइयों (उद्धव और राज) से है.
मुंबई को छोड़कर, सभी 28 नगर निगमों के चुनाव बहु-सदस्यीय प्रणाली पर हो रहे हैं. बीएमसी में हर एक वार्ड से केवल एक सदस्य चुना जाता है, इसलिए हर एक मतदाता को केवल एक ही वोट डालना होगा.
ईरान के विदेश मंत्री ने इसराइल को लेकर ट्रंप से क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, ईरानी विदेश मंत्री ने अपने बयान में अमेरिका का भी ज़िक्र किया (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने आरोप लगाया है कि इसराइल ने उनके देश में 'प्रदर्शनकारियों को हथियार दिए' हैं और 'यही सैकड़ों मौतों की वजह बना है'.
अराग़ची ने यह आरोप एक इसराइली पत्रकार के बयान के हवाले से लगाया है. उन्होंने एक्स पर इसराइली पत्रकार के बयान का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है.
इस स्क्रीनशॉट में लिखा है, "ईरान में विदेशी तत्व प्रदर्शनकारियों को हथियार दे रहे हैं और यही सैकड़ों मौतों की वजह है. हम किसकी बात कर रहे हैं, इसका अनुमान लगाने के लिए कोई भी स्वतंत्र है."
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा, "इसराइल हमेशा से उसकी ओर से लड़ने के लिए अमेरिका को युद्ध में घसीटने की कोशिश करता रहा है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस बार वे अपनी दबी हुई बात को खुलकर कह रहे हैं."
उन्होंने कहा, "हमारी सड़कों पर ख़ून बह रहा है और इसराइल साफ़ तौर पर यह कह रहा है कि उसने 'प्रदर्शनकारियों को हथियार दिए' हैं और 'यही सैकड़ों मौतों की वजह है'."
उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप को अब यह समझ जाना चाहिए कि हत्याएं रोकने के लिए उन्हें कहां जाना है."
ईरान में बीते कई दिनों से सत्ता विरोधी प्रदर्शन जारी हैं, जिनमें हज़ारों लोगों के मारे जाने की आशंका है. प्रदर्शनकारियों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना समर्थन दिया है.
ट्रंप कई बार खुलकर कह चुके हैं कि अगर ईरान में 'प्रदर्शनकारियों की हत्याएं' नहीं रुकीं तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा.
ईरान में तनाव के बाद एयर इंडिया ने अपनी उड़ानों को लेकर की ये घोषणा
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इमेज कैप्शन, एयर इंडिया ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले फ़्लाइट की स्थिति की जाँच कर लें
एयर इंडिया ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि ईरान के ऊपर से उड़ान भरने वाली उसकी उड़ानों में देरी हो सकती है.
ईरान में तनाव और आर्थिक संकट के ख़िलाफ़ सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बाद ईरानी हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के चलते एयरलाइन वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर रही है.
एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा, "ईरान में बिगड़ती स्थिति, उसके बाद हवाई क्षेत्र के बंद होने और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की उड़ानें अब वैकल्पिक मार्ग से संचालित की जा रही हैं, जिससे देरी हो सकती है."
भारतीय एयरलाइन ने यह भी कहा कि 'जिन फ़्लाइट्स के रूट में बदलाव संभव नहीं है, वे रद्द की जा रही हैं'.
इसके साथ ही एयर इंडिया ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले फ़्लाइट की स्थिति की जाँच कर लें.
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इमेज कैप्शन, ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों में हज़ारों लोगों के मारे जाने की आशंका है
ईरान में दिसंबर के आख़िर में व्यापारियों की हड़ताल के बाद भड़के विरोध-प्रदर्शन देशभर में फैल गए और हिंसक हो गए. यह हड़ताल भीषण महंगाई और मुद्रा के लगातार गिरते मूल्य के विरोध में की गई थी.
एक ईरानी अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि अब तक पूरे ईरान में हुए प्रदर्शनों में लगभग 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है.
इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री से बात की थी. बातचीत में ईरान में मौजूदा अशांति और पश्चिम एशिया में बढ़ते क्षेत्रीय तनावों पर चर्चा हुई थी.
यह बातचीत ऐसे समय हुई, जब इसके कुछ घंटे पहले ही विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को "अगले आदेश तक" ईरान की यात्रा से बचने की "सलाह" दी थी.
इसी दौरान, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों से वाणिज्यिक उड़ानों सहित किसी भी उपलब्ध परिवहन साधन से देश छोड़ने का आग्रह किया है.
साथ ही, भारत में रह रहे उनके परिजनों से दूतावास के हेल्पलाइन पेज पर उनका पंजीकरण कराने को कहा गया है.
क़तर: दोहा स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को किया अलर्ट
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इमेज कैप्शन, ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शन जारी हैं, जिसकी वजह से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है
क़तर में अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों और अमेरिकी नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है.
एक बयान में कहा गया, "क्षेत्र में जारी तनाव को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और अल-उदैद एयरबेस की गैर-ज़रूरी यात्रा सीमित करने की सलाह दी है. हम क़तर में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को भी ऐसा ही करने की सलाह देते हैं."
अमेरिकी दूतावास ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है.
इससे पहले बुधवार को समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने तीन राजनयिकों का हवाला देते हुए बताया है कि अमेरिका ने क़तर के अपने अल-उदैद एयर बेस से कुछ सैनिकों को बुधवार शाम तक चले जाने की सलाह दी है.
बीबीसी के अमेरिकी सहयोगी चैनल सीबीएस को अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी सैनिकों की आंशिक वापसी एक "एहतियाती उपाय" है.
बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार, कुछ ब्रिटिश सैनिकों को भी क़तर से वापस बुलाया जा रहा है.
ईरान में बीते 28 दिसंबर से सत्ता विरोधी प्रदर्शन जारी हैं. ये प्रदर्शन बढ़ती महंगाई और देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के मुद्दे पर शुरू हुए थे, जो कि अब हिंसक हो चुके हैं.
मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि इन प्रदर्शनों में हज़ारों लोग मारे गए हैं.
ग्रीनलैंड पर व्हाइट हाउस में बैठक के बाद डेनमार्क के विदेश मंत्री ने कही कई अहम बातें, डेनियल बुश, व्हाइट हाउस से
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इमेज कैप्शन, डेनमार्क के विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिकी कुछ "सीमाओं" की पार नहीं कर सकता
डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा है कि ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के साथ डेनमार्क की 'मूल रूप से असहमति' है. यह बयान बुधवार को व्हाइट हाउस में हुई बातचीत के बाद आया है.
इस बैठक में ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मॉत्ज़फ़ेल्त्ज़ भी मौजूद रहीं.
लार्स लोके रासमुसेन ने कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वांस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ उनकी "खुलकर" बातचीत हुई और यह बैठक "रचनात्मक" रही.
हालांकि, रासमुसेन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को "क़ब्ज़े में लेने" पर ज़ोर दे रहे हैं, जो "पूरी तरह अस्वीकार्य" है.
उन्होंने कहा, "हमने यह बहुत साफ़ कर दिया कि यह (डेनमार्क) के हित में नहीं है."
अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच क़रीब एक घंटे चली बैठक से कोई नतीजा नहीं निकल सका. हालांकि सभी पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि ग्रीनलैंड के भविष्य पर चर्चा के लिए एक उच्च स्तरीय वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा.
रासमुसेन ने कहा कि कुछ "सीमाएं" हैं, जिन्हें अमेरिका पार नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि समझौते की कोशिश के तहत आने वाले हफ़्तों में वर्किंग ग्रुप की बैठक होगी.
उन्होंने यह भी जोड़ा कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड, अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड पर और अधिक सैन्य ठिकाने बनाने की संभावना के लिए तैयार हैं.
ग्रीनलैंड, डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्त वाला क्षेत्र है.
ट्रंप बीते कुछ दिनों से ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने का दबाव बना रहे हैं. इसको लेकर वह कई बार बयान दे चुके हैं. उनका कहना है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका में शामिल नहीं होता है तो रूस और चीन उस पर 'क़ब्ज़ा' कर लेंगे.
वहीं, ग्रीनलैंड और डेनमार्क ने ट्रंप के इस रुख़ का विरोध किया है. यूरोप के कुछ देशों ने भी डेनमार्क को अपना समर्थन दिया है.
नमस्कार!
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