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ट्रंप ने एक बार फिर किया भारत-पाकिस्तान संघर्ष का ज़िक्र, पीएम मोदी पर भी कही यह बात

ब्रिटेन पहुंचे ट्रंप ने प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर के साथ प्रेस को संबोधित किया, जहां उन्होंने दुनिया के कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली और अभय कुमार सिंह

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता अभय कुमार सिंह को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. अमेरिका ने ईरान के चाबहार पोर्ट को पाबंदी से मिली छूट वापस ली, भारत पर हो सकता है असर

    अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान के चाबहार बंदरगाह को पाबंदियों से मिली छूट वापस ले ली है. अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में बयान जारी किया है.

    बयान में कहा गया है कि ये फ़ैसला ईरानी प्रशासन को अलग-थलग करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की 'दबाव' बनाने वाली नीति के तहत लिया गया है.

    ये छूट ईरान फ़्रीडम एंड काउंटर-प्रोलिफ़रेशन एक्ट यानी आईएफ़सीए के तहत दी गई थी, जिसका मकसद अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास में मदद करना था.

    अमेरिकी प्रशासन का ये फ़ैसला 29 सितंबर से प्रभावी होगा. भारत इस फ़ैसले से प्रभावित होगा, क्योंकि वह ओमान की खाड़ी में स्थित चाबहार पोर्ट पर एक टर्मिनल के विकास में शामिल है.

    भारत ने 13 मई, 2024 को ही इस पोर्ट को संचालित करने के लिए 10 साल का समझौता भी किया था.

    ये पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम है. भारत, ईरान और अफ़ग़ानिस्तान को जोड़ने वाला चाबहार पोर्ट भारत का मध्य एशियाई देशों से व्यापार बढ़ाने में भी मदद करेगा.

    अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा है, "जैसे ही ये रियायत ख़त्म होगी चाबहार पोर्ट का संचालन करने वाले व्यक्ति या आईएफ़सीए के तहत प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल होने वाले लोग, प्रतिबंधों का सामना कर सकते हैं."

    इसका मतलब यह है कि चाबहार पोर्ट पर काम करने वाले या ईरान से संबंधित अन्य किसी गतिविधि में शामिल व्यक्तियों को अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है.

    यह निर्णय भारत जैसे देशों के लिए चेतावनी की तरह है, जो चाबहार पोर्ट परियोजना में सक्रिय रूप से शामिल हैं और अब उन्हें भी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है.

  3. ट्रंप ने एक बार फिर किया भारत-पाकिस्तान संघर्ष का ज़िक्र, पीएम मोदी पर भी कही यह बात

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्ष का ज़िक्र किया है.

    ब्रिटेन पहुंचे ट्रंप ने प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर के साथ प्रेस को संबोधित किया, जहां उन्होंने दुनिया के कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी.

    इस दौरान ट्रंप ने कहा, "हमने भारत और पाकिस्तान दोनों को संभाला. ये दो परमाणु शक्तियां थीं और यह पूरी तरह व्यापार के लिए था. अगर आप हमसे व्यापार करना चाहते हैं तो आपको आपस में तालमेल बैठाना होगा. उस समय दोनों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण थे."

    ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा, "रूस की स्थिति पर मुझे उम्मीद है कि जल्द ही आपके लिए कुछ अच्छी ख़बर होगी. लेकिन यह अमेरिका को प्रभावित नहीं करता और न ही आपको (ब्रिटेन) बहुत ज़्यादा प्रभावित करता है.''

    तेल की क़ीमतों और टैरिफ़ का ज़िक्र करते हुए ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी लिया. उन्होंने कहा कि अगर तेल की क़ीमतें नीचे आती हैं तो रूस के पास युद्ध रोकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा.

    ट्रंप के मुताबिक़, "बहुत साफ़ है, अगर तेल की क़ीमतें नीचे आ जाएं तो पुतिन को युद्ध छोड़ना पड़ेगा."

    उन्होंने आगे कहा कि यूरोपीय देश रूस से तेल ख़रीद रहे थे और उसी समय उन्होंने भारत का भी ज़िक्र किया. "जैसा कि आप जानते हैं, मैं भारत के बहुत क़रीब हूं, भारत के प्रधानमंत्री के भी बहुत क़रीब हूं. हाल ही में मैंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं. हमारे बीच बहुत अच्छे रिश्ते हैं और उन्होंने एक सुंदर बयान भी दिया."

    ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन पर अमेरिका बड़े टैरिफ़ लगा रहा है, लेकिन जब वे देश जिनके लिए वह लड़ाई लड़ रहे हैं, रूस से तेल खरीदते हैं, तो यह स्वीकार्य नहीं है.

  4. डोनाल्ड ट्रंप बोले- अफ़ग़ानिस्तान का बगराम सैन्य अड्डा दोबारा हासिल करना चाहता है अमेरिका

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सरकार अफ़ग़ानिस्तान में बगराम एयरबेस को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रही है.

    उन्होंने इसे “छोटी सी ब्रेकिंग न्यूज़” बताते हुए कहा कि इस अड्डे की अहमियत चीन के कारण भी है.

    ट्रंप ने कहा, “हम इस अड्डे को फिर से पाना चाहते हैं, क्योंकि यह उस जगह से महज़ एक घंटे की दूरी पर है जहां चीन अपने परमाणु हथियार बनाता है.”

    बगराम एयरबेस को 1950 के दशक में सोवियत संघ ने बनाया था और 1980 के दशक में अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़े के दौरान यह उनका मुख्य सैन्य अड्डा बन गया. 2001 में जब अमेरिका ने तालिबान को सत्ता से हटाया तो उसने इस अड्डे पर नियंत्रण कर लिया.

    उस समय बगराम खंडहर में तब्दील हो चुका था, लेकिन अमेरिकी सेना ने इसे फिर से बनाया और यह करीब 30 वर्ग मील (77 वर्ग किलोमीटर) तक फैला.

    ट्रंप अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद कई बार कह चुके हैं कि अमेरिका को बगराम एयरबेस नहीं छोड़ना चाहिए था.

    काबुल के उत्तर में परवान प्रांत स्थित इस सैन्य अड्डे का ज़िक्र करते हुए वह लगभग हर बार चीन का मुद्दा भी उठाते रहे हैं.

  5. सेबी ने हिंडनबर्ग आरोपों में अदानी समूह को दी क्लीन चिट, गौतम अदानी ने क्या कहा?

    भारतीय बाज़ार की नियामक संस्था सेबी ने गुरुवार को कारोबारी गौतम अदानी और उनके समूह को अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की तरफ़ से लगाए गए स्टॉक मैनिपुलेशन के आरोपों से बरी कर दिया है.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, सेबी ने कहा कि जांच में इस बात के कोई सबूत नहीं मिले कि अदानी समूह ने अपनी लिस्टेड कंपनियों में निवेश के लिए ख़ुद से जुड़ी हुई कंपनियों या नज़दीकी सहयोगियों का इस्तेमाल किया.

    सेबी ने दो अलग-अलग विस्तृत आदेश जारी करते हुए कहा कि इनसाइडर ट्रेडिंग, मार्केट मैनिपुलेशन और पब्लिक शेयरहोल्डिंग नॉर्म्स के उल्लंघन से जुड़े आरोप विस्तृत जांच के बाद निराधार पाए गए.

    हिंडनबर्ग ने जनवरी 2023 में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी. इसमें दावा किया गया था कि एडिकॉर्प एंटरप्राइज़ेज़ प्राइवेट लिमिटेड, माइलस्टोन ट्रेडलिंक्स प्राइवेट लिमिटेड और रहवर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के ज़रिये अदानी समूह की अलग-अलग कंपनियों से फंड रूट करके अदानी पावर लिमिटेड और अदानी एंटरप्राइज़ेज़ लिमिटेड को सपोर्ट किया गया.

    सेबी की ताज़ा जांच में इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए अदानी समूह को क्लीन चिट दे दी गई है.

    क्लीन चिट मिलने के बाद गौतम अदानी ने एक्स पर लिखा, “एक व्यापक जांच के बाद सेबी ने उसी बात की फिर पुष्टि की है, जो हम हमेशा कहते रहे हैं कि हिंडनबर्ग के दावे निराधार थे. पारदर्शिता और ईमानदारी हमेशा अदानी समूह की पहचान रही है.”

    उन्होंने कहा कि समूह उन निवेशकों के दर्द को गहराई से महसूस करता है, जिन्होंने इस “भ्रामक रिपोर्ट की वजह से पैसा गंवाया.”

    अदानी ने आरोप लगाया कि “जो लोग झूठी कहानियां फैलाते हैं, वे देश से माफ़ी के हक़दार हैं.”

  6. 29 साल के अफ़्रीकी हाथी 'शंकर' की मौत पर दिल्ली के चिड़ियाघर ने क्या-क्या बताया

    दिल्ली के नेशनल ज़ूलॉजिकल पार्क ने अफ्रीकी हाथी शंकर के निधन की पुष्टि की है. 29 साल के इस हाथी की मौत 17 सितंबर की रात करीब 8 बजे हुई.

    चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि 17 सितंबर की सुबह शंकर ने पत्ते और घास कम खाए, हालांकि उसने फल, सब्ज़ियां और कॉन्सन्ट्रेट सामान्य रूप से खाए.

    पार्क की तरफ़ से जारी प्रेस नोट के मुताबिक़, “शाम करीब 7.25 बजे वह अपने शेड में अचानक गिर पड़ा और आपात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. 16 सितंबर तक किसी तरह की बीमारी या असामान्य व्यवहार की रिपोर्ट नहीं थी. मौत की वजह जानने के लिए जांच शुरू की गई है और आईवीआरआई बरेली के विशेषज्ञों समेत स्वास्थ्य सलाहकार समिति और मंत्रालय के प्रतिनिधि पोस्टमार्टम कर रहे हैं.”

    शंकर नवंबर 1998 में ज़िम्बाब्वे से दिल्ली लाया गया था और पिछले 27 साल से ज़ू परिवार का हिस्सा था.

    पार्क प्रशासन ने कहा, “शंकर ताक़त, समझ और प्यार का प्रतीक था. ज़ू समुदाय के कई सदस्य उससे भावनात्मक रूप से जुड़े थे. उसकी कमी ज़ू टीम, आगंतुकों और पूरे संरक्षण समुदाय को गहराई से महसूस होगी.”

    नेशनल ज़ूलॉजिकल पार्क ने कहा कि शंकर की याद हमेशा संजोई जाएगी और वन्यजीव संरक्षण की कोशिशें आगे भी जारी रहेंगी.

  7. वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप: पदक से चूके नीरज चोपड़ा, भारत के ही सचिन यादव का प्रदर्शन उनसे रहा बेहतर

    भारत के नीरज चोपड़ा टोक्यो में हो रही वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के पुरुषों के जेवलिन थ्रो फ़ाइनल में पदक से चूक गए.

    डिफेंडिंग चैंपियन नीरज ने पाँचवें राउंड तक सबसे अच्छा थ्रो 84.03 मीटर किया और आठवें स्थान पर रहे.

    भारत के ही सचिन यादव ने 86.27 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया.

    पाकिस्तान के अरशद नदीम, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था, इस बार केवल 82.75 मीटर तक ही पहुँच सके और दसवें स्थान पर रहे.

    त्रिनिदाद एंड टोबेगो के केशॉर्न वॉलकॉट ने इस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता.

  8. कोर्ट ने अदानी ग्रुप से संबंधित पोस्ट और वीडियो हटाने वाला आदेश रद्द किया

    दिल्ली की एक अदालत ने अदानी ग्रुप के बारे में ख़बरें और पोस्ट हटाने वाले आदेश को रद्द कर दिया है.

    लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक़, रोहिणी कोर्ट के ज़िला जज आशीष अग्रवाल ने गुरुवार को चार पत्रकारों की अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि पत्रकारों को सुने बिना ऐसा आदेश नहीं दिया जा सकता था.

    कोर्ट ने माना कि जिन लेखों और पोस्ट को हटाने को कहा गया था, वे पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में मौजूद थे.

    यह आदेश पत्रकार रवि नायर, अबीर दासगुप्ता, अयस्कांत दास और आयुष जोशी की अपील पर दिया गया.

    इससे पहले 6 सितंबर को निचली अदालत ने अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए 10 लोगों को अदानी से जुड़े अपने लेख, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य सामग्री हटाने का निर्देश दिया.

    इनमें पत्रकार, और कुछ न्यूज़ वेबसाइट के मालिक शामिल थे. साथ में, यह ऑर्डर उन व्यक्तियों के ख़िलाफ़ भी था, जो इस केस में शामिल नहीं थे, पर जिन्होंने कथित तौर से अदानी के ख़िलाफ़ लेख लिखे थे.

    साथ ही, कोर्ट ने इन सभी लोगों को भविष्य में अदानी के ख़िलाफ़ बेबुनियाद ख़बरें छापने से भी रोका था.

    इसी आदेश के आधार पर 16 सितंबर को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कई मीडिया संस्थानों और यूट्यूब चैनलों को नोटिस भेजकर अदानी ग्रुप से जुड़े वीडियो और पोस्ट हटाने के लिए कहा था.

    अब ज़िला अदालत ने उस आदेश को रद्द कर दिया है और पत्रकारों को राहत दी है.

    फ़िलहाल यह ऑर्डर केवल उन 4 पत्रकारों को राहत देगा जो कोर्ट गए थे.

    परंजॉय गुहा ठाकुरता ने भी 6 सितंबर के ऑर्डर को दिल्ली की एक कोर्ट में चुनौती दी है. उस मामले में भी कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुरक्षित कर लिया है.

  9. जब चुनाव आयोग ख़ुद मान चुका है कि गड़बड़ी हो रही थी, तो जांच क्यों रोकी जा रही है?-प्रियंका गांधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि फेक लॉग-इन के ज़रिये वोटरों के नाम डिलीट किए गए हैं.

    उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार "वोट चोरों" की रक्षा कर रहे हैं. राहुल गांधी का दावा है कि महिलाओं, दलितों और आदिवासियों के वोट टारगेट करके हटाए गए और कांग्रेस समर्थकों के नाम लिस्ट से डिलीट किए गए हैं.

    राहुल गांधी ने इस मामले का उदाहरण देते हुए कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट का ज़िक्र किया.

    कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी इस मुद्दे पर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से संगठित प्रयास है. साफ़ दिख रहा है कि चुनाव आयोग इसमें शामिल है और राहुल जी ने इसे बहुत साफ़ तरीक़े से सामने रखा है."

    प्रियंका गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "कर्नाटक की आलंद विधानसभा में बड़े पैमाने पर वोटर्स का नाम काटने की कोशिश की गई. हमारे प्रत्याशी की शिकायत पर चुनाव आयोग के स्थानीय अधिकारी ने एफ़आईआर दर्ज कराई थी. जब चुनाव आयोग ख़ुद मान चुका है कि गड़बड़ी हो रही थी, उनके अधिकारी ने ही एफ़आईआर दर्ज कराई तो जांच क्यों रोकी जा रही है? कर्नाटक सीआईडी ने 18 महीने में 18 पत्र लिखे लेकिन चुनाव आयोग ने कोई सबूत मुहैया क्यों नहीं कराए? सीआईडी को जांच के लिए आईपी एड्रेस, डिवाइस पोर्ट्स, ओटीपी वगैरह की डिटेल क्यों नहीं दी जा रही है? चुनाव आयोग जांच को बाधित करके किसे और क्यों बचाना चाहता है?''

    बता दें कि चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के प्रज़ेंटेशन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनके आरोप ग़लत और बेबुनियाद हैं. बीजेपी ने भी राहुल के आरोपों को ख़ारिज किया है.

    आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिये राहुल के दावों का खंडन किया है.

    चुनाव आयोग ने लिखा, ''जैसा कि ग़लतफ़हमी फैलाई गई है, किसी भी आम नागरिक के वोट को ऑनलाइन डिलीट नहीं किया जा सकता.''

  10. नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की और पीएम मोदी की बातचीत पर विदेश मंत्रालय ने दिया ब्योरा

    नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फ़ोन पर बातचीत की.

    इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सुशीला कार्की को नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी. उन्होंने हाल ही में हुए युवा आंदोलन में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना भी जताई और कहा कि भारत इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़ा है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के राष्ट्रीय दिवस (संविधान दिवस) पर भी शुभकामनाएं दीं. प्रधानमंत्री कार्की ने मोदी को उनके 75वें जन्मदिन पर बधाई दी और भारत की ओर से मिले एकजुटता संदेश की सराहना की.

    नेपाल के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने हालिया "जेन-ज़ी आंदोलन" की मांगों का ज़िक्र करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के लिए चुनाव सबसे बड़ी प्राथमिकता होंगे.

    उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार जवाबदेह, संवेदनशील और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके.

    बयान के मुताबिक़, प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार हर संभव सहयोग और समर्थन का आश्वासन दिया.

    प्रधानमंत्री कार्की ने आगे कहा कि नेपाल और भारत के बीच ऐतिहासिक और घनिष्ठ रिश्ते आगे भी मज़बूत होते रहेंगे, जिनकी नींव लोगों के आपसी जुड़ाव पर आधारित है.

    दोनों प्रधानमंत्रियों ने यह भी दोहराया कि द्विपक्षीय सहयोग और साझेदारी की रफ़्तार को बनाए रखा जाएगा ताकि दोनों देशों की जनता को सीधा लाभ मिल सके.

  11. सऊदी अरब-पाकिस्तान रक्षा समझौते पर कांग्रेस ने जताई चिंता, जयराम रमेश ने साधा केंद्र सरकार पर निशाना

    सऊदी अरब और पाकिस्तान ने बुधवार को एक पारस्परिक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए. संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देशों ने "स्ट्रैटिजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट" पर सहमति जताई है.

    समझौते के तहत यह कहा गया है कि अगर किसी एक देश पर हमला होता है तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा और मिलकर जवाब दिया जाएगा.

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस समझौते पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोकने के एक महीने बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की मेज़बानी की, वही व्यक्ति जिसके भड़काऊ और साम्प्रदायिक जहर घोलने वाले बयानों ने अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमलों को ऑक्सीजन दी."

    उन्होंने आगे लिखा, "हमारे प्रधानमंत्री की बहुचर्चित चीन यात्रा के कुछ ही दिनों बाद, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी के लिए चीन के गुप्त सैन्य परिसर के दरवाज़े खोल दिए. अब सऊदी अरब, जहाँ 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमलों के समय प्रधानमंत्री मौजूद थे, उसने पाकिस्तान के साथ ‘रणनीतिक पारस्परिक रक्षा’ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं."

    जयराम रमेश ने कहा कि यह घटनाक्रम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस समझौते को प्रधानमंत्री की "व्यक्ति-केंद्रित कूटनीति" की एक और नाकामी मानती है.

  12. आज़म ख़ान को इलाहाबाद हाई कोर्ट से ज़मानत, क्या हो सकते हैं रिहा?

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान को ज़मानत दे दी है. जस्टिस समीर जैन की बेंच ने यह आदेश सुनाया.

    कोर्ट ने यह राहत क्वालिटी बार ज़मीन से जुड़े केस में दी है. यह केस 2019 में राजस्व विभाग की शिकायत पर रामपुर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें आज़म ख़ान समेत कई लोगों को अभियुक्त बनाया गया था.

    आज़म ख़ान के वकील इमरानउल्ला ने कहा कि उनके मुवक्किल को दर्ज सभी मामलों में ज़मानत मिल चुकी है और अब वह जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे.

    इससे पहले 21 अगस्त को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था. यह मुक़दमा 2019 में दर्ज हुआ था, लेकिन आज़म ख़ान का नाम 2024 में अभियुक्त के रूप में जोड़ा गया.

    आज़म ख़ान को एक हफ़्ते में यह तीसरी बड़ी राहत मिली है. 16 सितंबर को रामपुर की अदालत ने उन्हें अवमानना मामले में बरी किया था. इससे पहले 10 सितंबर को हाईकोर्ट ने डूंगरपुर मामले में भी उन्हें ज़मानत दी थी.

  13. अफ़ग़ानिस्तान को लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत ने की यह अपील

    संयुक्त राष्ट्र में भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन और उनके मददगारों को अब अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल न करने दिया जाए.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी संगठन और व्यक्ति, जिनमें आईएसआईएल, अलकायदा और उनके सहयोगी, साथ ही लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूह शामिल हैं, अफ़ग़ान ज़मीन का आतंक के लिए इस्तेमाल न कर पाएं."

    हरीश ने कहा कि भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते हैं और भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता वहां शांति और स्थिरता बनाए रखना है.

    उन्होंने बताया कि भारत लगातार इस दिशा में सभी पक्षों से बातचीत कर रहा है और दोहा में हुई संयुक्त राष्ट्र की बैठक सहित अलग-अलग मंचों में हिस्सा ले रहा है.

    उन्होंने यह भी बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर अफ़ग़ानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर ख़ान मुत्तक़ी से दो बार बातचीत कर चुके हैं.

    भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले की अफ़ग़ान सरकार की तरफ़ से की गई कड़ी निंदा का स्वागत भी किया.

    भारत ने सुरक्षा परिषद में कहा कि अफ़ग़ानिस्तान जैसे हालात से निपटने के लिए बनाई जाने वाली किसी भी नीति में अच्छे व्यवहार को बढ़ावा देने और ग़लत कामों पर रोक लगाने, दोनों का ध्यान रखना ज़रूरी है.

  14. यूक्रेन-यूके के साझेदारी समझौते पर वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने क्या-क्या कहा

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय और यूनाइटेड किंगडम के लगातार समर्थन के लिए धन्यवाद दिया है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं किंग चार्ल्स तृतीय का उनके मज़बूत समर्थन के लिए गहरा आभार व्यक्त करता हूं. यूक्रेन यूनाइटेड किंगडम के मज़बूत और साफ़ रुख़ को बहुत अहम मानता है."

    ज़ेलेंस्की ने कहा कि जब यूरोप में एक बार फिर ख़तरा मंडरा रहा है, तब सभी देशों को मज़बूती से खड़ा होना चाहिए. उनके मुताबिक़, "ब्रिटेन कई मोर्चों पर स्वतंत्रता की रक्षा में नेतृत्व कर रहा है. यूके, हमारे यूरोपीय साझेदार और अमेरिका जैसे देश मिलकर मूल्यों की रक्षा कर रहे हैं और लोगों की ज़िंदगियां बचा रहे हैं."

    राष्ट्रपति ने आगे कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है कि उन्होंने यूक्रेन और ब्रिटेन के बीच 100 साल की साझेदारी समझौते को मंज़ूरी देने वाले क़ानून पर हस्ताक्षर किए हैं.

    यूक्रेनी संसद ने इस समझौते को बड़े बहुमत से पारित किया था. ज़ेलेंस्की ने बताया कि कल संसद ने इसे मंज़ूरी दी और आज उन्होंने अपने हस्ताक्षर के साथ इसे वापस संसद को भेज दिया.

  15. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के युवाओं के लिए किया यह एलान

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बेरोजगार युवाओं के लिए एक एलान किया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने सात निश्चय कार्यक्रम के तहत चलाई जा रही मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का दायरा बढ़ा दिया है.

    नीतीश कुमार ने इस घोषणा की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर दी.

    उन्होंने लिखा, “मुझे खुशी है कि राज्य सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के अन्तर्गत पहले से संचालित मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार किया गया है.”

    उन्होंने बताया कि पहले इस योजना का लाभ केवल इंटर पास युवाओं को मिलता था, लेकिन अब इसका फ़ायदा कला, विज्ञान और वाणिज्य में स्नातक पास बेरोज़गार युवाओं को भी दिया जाएगा.

    सीएम नीतीश कुमार के अनुसार, यह लाभ 20 से 25 वर्ष की उम्र वाले उन स्नातक युवाओं को मिलेगा, जो न तो कहीं पढ़ाई कर रहे हैं, न ही किसी नौकरी या स्वरोज़गार में हैं और न ही सरकारी या निजी क्षेत्र में नियोजित हैं. ऐसे युवाओं को एक हज़ार रुपये प्रतिमाह की दर से अधिकतम दो साल तक भत्ता मिलेगा.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता देना है, ताकि वे अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकें.

  16. अब तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अभय कुमार सिंह आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  17. प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल की अंतरिम पीएम सुशीला कार्की से की बात, क्या हुई चर्चा?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से बात की है.

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से गर्मजोशी भरी बातचीत हुई."

    प्रधानमंत्री ने बताया कि बातचीत में हाल ही में नेपाल में हुई दुखद मौतों पर गहरी संवेदना व्यक्त की, शांति और स्थिरता बहाल करने के उनके प्रयासों के प्रति भारत के अटूट समर्थन का आश्वासन दिया."

    उन्होंने कहा कि 'साथ ही, मैंने उन्हें और नेपाल की जनता को कल मनाए जाने वाले उनके राष्ट्रीय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं.'

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  18. उत्तराखंड: चमोली में भारी बारिश और मलबे से तबाही, 10 लोग लापता, आसिफ अली, उत्तराखंड से बीबीसी हिन्दी के लिए

    उत्तराखंड के चमोली ज़िले की नंदानगर तहसील में देर रात हुई भारी बारिश ने तबाही मचाई है. ग्राम कुन्तरी लगाफाली, कुन्तरी लगा सरपाणी और धूर्मा गांव में भारी मलबा आने से बड़े पैमाने पर नुक़सान हुआ है.

    प्रशासन के मुताबिक़, इन गांवों में कई लोग लापता बताए जा रहे हैं और अब तक 15 से 20 मकानों और कई गोशालाओं के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हुई है.

    भारी बारिश और जगह-जगह भूस्खलन के कारण राहत और बचाव टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में दिक़्क़तों का सामना करना पड़ा रहा है.

    चमोली के ज़िलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया, “बीती रात नंदानगर क्षेत्र में हुई बारिश से पांच अलग-अलग जगहों में नुक़सान हुआ है. अभी हमारे पास दस लोगों के लापता होने की सूचना है और कई लोग घायल भी हुए हैं.”

    डीएम ने कहा कि कई जगह सड़कें ध्वस्त हो गई हैं, जिससे राहत टीमों को पहुंचने में समय लग रहा है.

    उनके मुताबिक़ एम्बुलेंस, मेडिकल टीम, जल संस्थान और लोक निर्माण विभाग की टीमें भी सक्रिय कर दी गई हैं और उम्मीद है कि जल्द ही मार्ग खोल दिए जाएंगे.

  19. जम्मू -कश्मीर: हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के पूर्व चेयरमैन अब्दुल गनी बट का निधन, माजिद जहांगीर, बीबीसी हिन्दी के लिए

    ऑल पार्टीज़ हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के पूर्व चेयरमैन प्रोफ़ेसर अब्दुल गनी बट का बुधवार को कश्मीर के सोपोर में अपने घर पर निधन हो गया. प्रोफ़ेसर बट 89 साल के थे.

    बीते कुछ समय से वे बीमार चल रहे थे. उनके एक क़रीबी साथी ने बीबीसी हिन्दी को बताया कि हर गुज़रते दिन के साथ प्रोफ़ेसर बट शारीरिक रूप से कमज़ोर हो रहे थे और उनकी सेहत बिगड़ रही थी.

    फ़ारसी के प्रोफ़ेसर रहे अब्दुल गनी बट ने 1986 में मुस्लिम लीग नाम का संगठन बनाया था, जिस पर भारत सरकार ने 2024 में प्रतिबंध लगाया.

    कश्मीर को लेकर वह लगातार दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच बातचीत पर ज़ोर देते रहे.

    1989 में उनकी मुस्लिम लीग ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में भी हिस्सा लिया था. 1993 में वह हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के चेयरमैन बने.

    2004 में प्रोफ़ेसर बट ने नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) के उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से दिल्ली में मुलाक़ात की थी और उस दौरान की तस्वीरें भी साझा की थीं. इसके लिए उनकी आलोचना भी हुई और तारीफ़ भी.

    उस मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा था कि बातचीत और शांति वार्ता का सिलसिला जारी रहना चाहिए और बंदूक की जगह सियासी बातचीत को तरजीह मिलनी चाहिए.

    प्रोफ़ेसर बट को अलगाववादी खे़मे में एक मॉडरेट आवाज़ माना जाता था. उन्होंने 2016 में कश्मीर के हिंसक विरोध प्रदर्शनों और हड़ताल कैलेंडर से अपने आपको अलग कर लिया था.

    अलगाववादी नेता और हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के चेयरमैन मीरवाइज़ मौलवी उमर फ़ारूक़ ने एक्स हैंडल पर लिखा, “अभी-अभी मुझे दुख भरी ख़बर मिली है. मैंने अपने दोस्त और साथी प्रोफ़ेसर अब्दुल गनी बट को खो दिया है.”

    मीरवाइज़ ने आगे लिखा कि “मुझे घर में नज़रबंद रखा गया और प्रोफ़ेसर बट के जनाज़े में शामिल होने नहीं दिया गया.”

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने एक्स पर लिखा, “हमारी विचारधाराएं अलग-अलग थीं, लेकिन मैं उन्हें हमेशा एक सभ्य व्यक्ति के तौर पर याद करूंगा. वरिष्ठ कश्मीरी राजनीतिक नेता और शिक्षाविद प्रोफ़ेसर अब्दुल गनी बट साहब के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है."

  20. इसराइल में फ़लस्तीनी कहानी को बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड, मंत्री ने दी ये धमकी

    इसराइल में संस्कृति मंत्री मिकी ज़ोहर ने धमकी दी है कि वह देश के राष्ट्रीय फिल्म सम्मान, यानी ओफिर अवॉर्ड्स के लिए फ़ंडिंग रोक सकते हैं.

    दरअसल, इस साल का मुख्य पुरस्कार फ़िल्म 'द सी' को मिला है. ये फ़िल्म 12 साल के एक फ़लस्तीनी लड़के की कहानी पर आधारित है.

    फ़िल्म में दिखाया गया है कि वेस्ट बैंक में रहने वाला यह बच्चा पहली बार समुद्र देखने के लिए तेल अवीव जाना चाहता है.

    द सी ने बेस्ट फ़िल्म का ओफिर अवॉर्ड जीता है. इसराइल के इस अवॉर्ड को ऑस्कर के समान माना जाता है.

    इस जीत के बाद फ़िल्म अगले साल ऑस्कर के अंतरराष्ट्रीय फ़ीचर फ़िल्म श्रेणी में इसराइल का प्रतिनिधित्व करेगी.

    मंत्री मिकी ज़ोहर ने अवॉर्ड चयन को "शर्मनाक" और "इसराइल के नागरिकों के लिए अपमानजनक" बताया है.

    हालांकि, स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक़, यह साफ़ नहीं है कि उनके पास वाकई ओफिर अवॉर्ड्स की फ़ंडिंग रोकने का अधिकार है या नहीं.

    13 साल के मोहम्मद गज़ावी ने बेस्ट अभिनेता का अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया. वह अब तक के सबसे कम उम्र के विजेता बने हैं.

    फ़िल्म में उन्होंने "खालिद" की भूमिका निभाई है, जिसे तेल अवीव की स्कूल ट्रिप के दौरान इसराइली सेना के चेकपॉइंट पर रोका जाता है.