वियतनाम में 118 से 133 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार वाले तूफ़ान कजिकी की वजह से बाढ़ और भूस्खलन का ख़तरा है, जिस पर सरकार ने 5 लाख 86 हज़ार से ज़्यादा लोगों की निकासी का आदेश दिया है.
पटना: दो बच्चों की मौत के विरोध में हो रहा प्रदर्शन हुआ हिंसक, जानिए पूरा मामला
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बिहार की राजधानी पटना के अटल पथ में सोमवार शाम को हुआ एक प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया जिसमें कुछ पुलिस वालों को चोटें आईं.
पुलिस के मुताबिक़ घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. पुलिस और रैपिड एक्शन फ़ोर्स की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं.
15 अगस्त को पटना के इंद्रपुरी इलाक़े में दो बच्चों की लाश एक कार से बरामद हुई थी. उसी के विरोध में ये प्रदर्शन हो रहा था. प्रदर्शन कर रहे लोग बच्चों की हत्या की आशंका जता रहे हैं हालांकि पुलिस ने अब तक इस बात की पुष्टि नहीं की है.
घटना और उसके बाद आज हुए प्रदर्शन के बारे में समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा, “पुलिस के कुछ जवानों को पत्थरबाज़ी की वजह से चोटें आई हैं. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. बच्चों की मौत के सिलसिले में डॉक्टर की रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें हत्या की पुष्टि नहीं हुई है. डॉक्टरों ने आगे और भी जांच की सिफ़ारिश की है. जब तक इसको लेकर कुछ कन्फ़र्म नहीं हो जाता किसी को हिरासत में नहीं लिया जा सकता.”
ग़ज़ा में अस्पताल पर हुए हमले पर डब्ल्यूएचओ चीफ़ ने क्या बताया
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इमेज कैप्शन, डब्ल्यूएचओ चीफ़ ने तुरंत संघर्षविराम की अपील की है
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रिएसुस ने कहा है कि दक्षिणी ग़ज़ा पट्टी में नासेर अस्पताल की मुख्य इमारत को भारी नुकसान पहुँचा है.
इसराइली हमले में अस्पताल को निशाना बनाया गया. इसराइली सेना ने पुष्टि की है कि उसने नासेर अस्पताल क्षेत्र में हमला किया. वहीं, बीबीसी वेरिफ़ाई ने अस्पताल पर दो हमलों के कई ग्राफ़िक वीडियो को सत्यापित किया है.
एक एक्स पोस्ट में गीब्रिएसुस ने कहा कि जिस हिस्से पर हमला हुआ, वहां अस्पताल का इमरजेंसी विभाग, इन-पेशेंट वार्ड और सर्जिकल यूनिट है. उन्होंने बताया कि इमरजेंसी सीढ़ियों को भी नुकसान पहुँचा है.
उन्होंने कहा कि घायलों में "गंभीर रूप से बीमार मरीज़ भी शामिल हैं जिनका पहले से उपचार चल रहा था."
उन्होंने ये भी कहा, "जब ग़ज़ा में लोगों को भूखा रखा जा रहा है, तब स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी सीमित पहुँच को लगातार हो रहे हमलों से और भी कमज़ोर बना दिया गया है."
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने अपील की, "स्वास्थ्य सेवाओं पर हमले बंद करो. तुरंत युद्धविराम हो."
धमाके के बारे में चश्मदीद क्या कह रहे हैं?
नासेर अस्पताल में फ़लस्तीनियों के लिए काम करने वाली संस्था मेडिकल एड फ़ॉर पैलेस्टिनियंस की कार्यक्रम अधिकारी हदील अबू ज़ैद ने बताया कि वह आईसीयू में मौजूद थीं, तभी पास के ऑपरेशन थिएटर में धमाके हुए. उन्होंने इस पल को "असहनीय" बताया.
अस्पताल में मौजूद एक ब्रिटिश स्वास्थ्यकर्मी, जिन्होंने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि वह भी हमले के समय आईसीयू में थे. उनके मुताबिक़, जैसे ही मरीजों को निकालने की योजना बनाई जा रही थी, तभी दूसरा धमाका हो गया.
उन्होंने कहा, "मैं ख़ुद को सुरक्षित जगह आने के लिए भाग्यशाली मानता हूँ, लेकिन वास्तविकता यह है कि ग़ज़ा में कहीं भी सुरक्षित जगह नहीं है."
त्रिपुरा: महिला से मारपीट और बाल काटने का वीडियो वायरल, तीन गिरफ़्तार, पिनाकी दास, अगरतला से, बीबीसी हिन्दी के लिए
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त्रिपुरा के गोमती ज़िले के उदयपुर में एक महिला के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट और बाल काटने की घटना सामने आई है.
वीडियो भंगरपार इलाक़े का है. रिपोर्ट्स के मुताबिक़, पिछले शुक्रवार को शूट किए गए इस वीडियो में महिला के हाथ-पाँव बाँधकर उसे पीटा गया.
वीडियो में एक दूसरी महिला को उसके बाल काटते हुए भी देखा गया है. बताया जा रहा है कि वीडियो में जो दूसरी महिला है वह सत्ताधारी दल की स्थानीय नेता है.
महिला ने आरोप लगाया कि उनकी सास अक्सर उससे झगड़ा करती थी और उसी बहाने उसे खंभे से बांधा गया, मुँह काला किया गया और गले में जूतों की माला पहनाई गई.
उन्होंने कई नाम लिए और उन पर कार्रवाई की मांग की.
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी की गोमती ज़िला अध्यक्ष सबीता नाग ज़िले के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर किरण कुमार से मिलीं और अभियुक्तों को कड़ी सज़ा देने की माँग की.
सबीता नाग ने कहा, "बीजेपी और मुख्यमंत्री किसी भी रूप में ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करते. हमने माँग की है कि पुलिस निष्पक्ष जाँच करें और दोषियों को क़ानून के अनुसार सज़ा मिले."
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी सीपीआईएम और कांग्रेस इस घटना को मुद्दा बनाकर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.
सोमवार को गोमती ज़िले के एसपी ने इस बात की पुष्टि की कि आरके पुर महिला थाना में मामला दर्ज किया गया है और तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
चीन के साथ इस बॉर्डर रूट से फिर शुरू होगा व्यापार
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भारत और चीन के बीच हिमाचल प्रदेश के शिपकी-ला बॉर्डर रूट से सीमित व्यापार दोबारा शुरू करने पर सहमति बनी है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश सरकार ने रविवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी.
अब पीटीआई से बातचीत में हिमाचल प्रदेश के मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि कोविड के दौर से बंद यह व्यापार अब फिर से शुरू होना स्थानीय लोगों के लिए राहत है.
नेगी ने कहा, "चीन बॉर्डर पर, ख़ासकर हमारे हिमाचल में शिपकी-ला से पहले जो लिमिटेड ट्रेड होता था, वह कोविड के समय से बंद हो गया था."
उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्र और प्रदेश सरकार ने बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने की पहल की थी, जिसके बाद सीमा पर चहल-पहल बढ़ी है.
मंत्री ने कहा, "इस किस्म की गतिविधियां शुरू होंगी तो निश्चित तौर पर बॉर्डर इलाकों से युवा पलायन भी रुक सकता है."
उनके मुताबिक़, दोनों देशों की बातचीत में हिमाचल के अलावा अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी व्यापार रूट खोलने की बात हुई है.
इसके साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा को शिपकी-ला (किन्नौर) से शुरू करने पर भी चर्चा हुई है.
मंत्री जगत नेगी का कहना है, "अगर ऐसा हो जाता है तो कैलाश मानसरोवर यात्रा सबसे सुगम हो सकती है."
ग़ज़ा: हमले में मारे गए पत्रकारों के बारे में अब तक क्या-क्या पता है?
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इमेज कैप्शन, जिन पत्रकारों की मौत हुई है वो अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़े थे
दक्षिणी ग़ज़ा पट्टी में एक अस्पताल पर इसराइली हमले में कम से कम 20 लोगों की मौत की ख़बर है, इनमें पाँच पत्रकार भी शामिल हैं.
रॉयटर्स के लिए काम करने वाले कैमरामैन हुसाम अल-मसरी की मौत अस्पताल पर पहले हमले में हुई थी. समाचार एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है.
मरियम दग्गा फ्रीलांस पत्रकार थीं और एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के साथ काम कर रही थीं.
मोहम्मद सलामा, अल जज़ीरा और मिडल ईस्ट आई से जुड़े थे.
अहमद अबू अज़ीज़ मिडल ईस्ट आई के लिए बतौर फ्रीलांसर काम कर रहे थे और ख़ान यूनिस में रहते थे.
मुआथ अबू ताहा किस संगठन से जुड़े थे, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है. अमेरिकी टीवी नेटवर्क एनबीसी ने कहा है कि ताहा उनके साथ काम नहीं करते थे, जबकि शुरुआती रिपोर्टों में उनका नाम एनबीसी से जोड़ा गया था.
फॉरेन प्रेस एसोसिएशन ने इस घटना पर इसराइली सेना और प्रधानमंत्री कार्यालय से "तुरंत स्पष्टीकरण" मांगा है.
एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा, "यह ग़ज़ा युद्ध शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए काम कर रहे पत्रकारों पर सबसे घातक इसराइली हमलों में से एक है."
इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह "पत्रकारों को निशाना नहीं बनाती."
पवन खेड़ा का अमित शाह को जवाब- ‘एक जज का चरित्र हनन करेंगे आप?’
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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान की निंदा की है जिसमें उन्होंने विपक्ष के उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी पर ‘नक्सलवाद को मदद’ करने का आरोप लगाया था.
रेड्डी ने 2011 को दिए अपने एक फ़ैसले में सलवा जुडूम को 'ग़ैर क़ानूनी' क़रार देते हुए उसे ख़त्म करने के निर्देश दिए थे.
छत्तीसगढ़ में माओवादियों के ख़िलाफ़ सरकार के संरक्षण में सलवा जुडूम शुरू हुआ था.
ये हथियारबंद समूह था जो नक्सलियों से लड़ाई में सुरक्षा बलों की मदद करता था.
सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी ने अपने फ़ैसले में कहा था, “युवा आदिवासियों को स्पेशल पुलिस बल की तरह इस्तेमाल करके नक्सलियों के ख़िलाफ़ लड़वाना ग़ैर-क़ानूनी और असंवैधानिक है.”
उसी का ज़िक्र करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, “बी सुदर्शन रेड्डी ने सलवा जुडूम के ख़िलाफ़ जो फ़ैसला सुनाया था वो ना होता तो वामपंथी उग्रवाद 2020 में ही ख़त्म हो गया होता.”
पवन खेड़ा ने इसके जवाब में पीटीआई से बात करते हुए कहा, “अगर इनको लगता है कि वो जजमेंट ख़राब था तो सुप्रीम कोर्ट जाएं. सलवा जुडूम के ख़िलाफ़ जजमेंट का मतलब ये थोड़े ना है कि वो माओवाद के पक्ष में हैं. क्या आपको देश के सुरक्षाबलों पर भरोसा नहीं है जो आप सलवा जुडूम के फ़ेवर में बात कर रहे हैं. अगर किसी जज ने सलवा जुडूम के ख़िलाफ़ फ़ैसला दिया तो क्या आप उसका चरित्र हनन करने लगेंगे.”
दिल्ली हाई कोर्ट ने पीएम मोदी की डिग्री से जुड़ा सीआईसी का ये आदेश रद्द किया
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दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक डिग्री से जुड़ी जानकारी देने के लिए कहा गया था.
साल 2016 के उस आदेश में एक आरटीआई कार्यकर्ता को दिल्ली यूनिवर्सिटी के 1978 के बीए के रिकॉर्ड देखने की अनुमति दी गई थी.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक़, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यूनिवर्सिटी की ओर से पेश होते हुए कहा था कि सीआईसी का आदेश खारिज़ किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के पास 1978 की बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री है, इसमें कोई आपत्ति नहीं कि इसे कोर्ट को दिखाया जाए, लेकिन इसे सभी के लिए नहीं खोला जा सकता.
मेहता ने यह भी कहा कि केवल जिज्ञासा के आधार पर सूचना के अधिकार का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
रिपोर्ट के मुताबिक़, दूसरी तरफ़, आरटीआई याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने कहा था कि ऐसी जानकारी आमतौर पर यूनिवर्सिटी ख़ुद नोटिस बोर्ड, वेबसाइट और अख़बारों में प्रकाशित करती रही है.
सीआईसी ने अपने आदेश में दिल्ली यूनिवर्सिटी को रिकॉर्ड दिखाने का निर्देश दिया था और यूनिवर्सिटी के जनसूचना अधिकारी की इस दलील को ख़ारिज कर दिया था कि यह थर्ड पार्टी पर्सनल इंफॉर्मेशन है. आयोग ने कहा था कि इस तर्क में 'न तो कोई ठोस आधार है, न ही कोई कानूनी वैधता.'
वियतनाम: लोगों ने कहा, 'इतना बड़ा तूफ़ान पहले कभी नहीं देखा
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इमेज कैप्शन, स्थानीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में शरण लेने वाले लोगों में ले मान्ह तुंग भी शामिल हैं
वियतनाम में विस्थापित लोगों ने एएफ़पी न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में तूफ़ान कजिकी के प्रभाव पर अपनी हैरानी जताई है.
52 वर्षीय गुयेन थी न्हान ने कहा, "आम तौर पर हमारे यहां तूफ़ान और बाढ़ आती है, लेकिन पहले कभी इतना बड़ा तूफ़ान नहीं आया."
विन्ह शहर में इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम में शरण लेने वाले 66 वर्षीय ले मान्ह तुंग ने कहा, "इतने बड़े पैमाने का तूफ़ान हमारे शहर में आने की मैंने कभी नहीं सुनी."
उन्होंने कहा, "मुझे थोड़ा डर लग रहा है, लेकिन हमें इसे स्वीकार करना होगा क्योंकि यह प्रकृति है, हम कुछ नहीं कर सकते."
अब तक क्या-क्या पता है:
तूफ़ान कजिकी वियतनाम के तट पर 133 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार वाली हवाओं और भारी बारिश के बाद धीरे-धीरे अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ रहा है.
बीबीसी वेदर के मैट टेलर के मुताबिक़, हवाओं की रफ़्तार भले कम हो जाएगी, लेकिन बारिश का असर लंबे समय तक और बड़े क्षेत्र में रहेगा.
5 लाख 86 हज़ार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है. स्कूलों और सार्वजनिक भवनों को अस्थायी शिविरों में बदला गया है.
छह प्रांतों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का अलर्ट जारी है.
कई इलाक़ों के एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं. वियतनाम एयरलाइंस और वियतजेट ने कई उड़ानें रद्द कर दी हैं.
एसएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज 'डरपोक सरकार' की पहचान: राहुल गांधी
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इमेज कैप्शन, दिल्ली के रामलीला मैदान में एसएससी अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन के लिए जुटे
स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन (एसएससी) अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के मामले में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है.
दिल्ली के रामलीला मैदान में अनियमितताओं के आरोप को लेकर छात्र-छात्राओं और प्राइवेट कोचिंग के शिक्षकों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया था.
छात्रों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन पर बल प्रयोग किया.
इसकी आलोचना करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे एसएससी अभ्यर्थियों और शिक्षकों पर बर्बर लाठीचार्ज - शर्मनाक ही नहीं, एक डरपोक सरकार की पहचान है.”
राहुल गांधी ने लिखा, “युवाओं ने सिर्फ़ अपना हक़ मांगा था- रोज़गार और न्याय. मिली क्या? लाठियां. साफ़ है - मोदी सरकार को न देश के युवाओं की चिंता है, न उनके भविष्य की. क्यों हो? ये सरकार जनता के वोटों से नहीं, वोट चुराकर सत्ता में आई है.”
“पहले वोट चुराएंगे. फिर परीक्षा चुराएंगे. फिर नौकरियां चुराएंगे. फिर आपका हक़ और आवाज़ - दोनों कुचल देंगे! युवाओं, किसानों, गरीबों, बहुजनों और अल्पसंख्यकों - आपका वोट इन्हें चाहिए नहीं, इसलिए आपकी मांगें कभी इनकी प्राथमिकता नहीं होंगी. अब वक्त है - डरने का नहीं, डटकर मुकाबला करने का.”
इससे पहले, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी एसएससी छात्रों और शिक्षकों पर पुलिस बल के प्रयोग की आलोचना की थी.
ग़ज़ा अधिकारियों का बयान, इसराइली हमले से 15 की मौत, चार पत्रकार भी शामिल
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ग़ज़ा पट्टी के दक्षिणी हिस्से में एक अस्पताल पर इसराइली हमले में कम से कम 15 लोगों के मारे जाने की ख़बर है, इनमें अंतरराष्ट्रीय मीडिया से जुड़े चार पत्रकार भी शामिल हैं.
रॉयटर्स ने कहा कि उसके एक कैमरामैन की मौत नासेर अस्पताल पर हमले में हुई. बाक़ी तीन पत्रकारों के अल जज़ीरा, एसोसिएटेड प्रेस और एनबीसी से जुड़े होने की रिपोर्ट है.
हमास की तरफ़ से संचालित सिविल डिफ़ेंस ने कहा कि शुरुआती हमले में कई लोग मारे गए और जब बचावकर्मी मौके पर पहुँचे तो दूसरे हमले में और लोग मारे गए.
इसराइली सेना और प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस पर फिलहाल प्रतिक्रिया देने से इनकार किया.
फ़ुटेज में ग़ज़ा के दक्षिणी हिस्से के मुख्य अस्पताल से धुआँ उठता हुआ दिखाई दे रहा है.
एक वीडियो में जब एक डॉक्टर पत्रकारों को ख़ून से सने कपड़े दिखा रहा था, उसी समय एक और हमला हुआ.
रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने कहा कि उनका कैमरामैन हुसाम अल-मसरी मारे गए लोगों में शामिल थे.
वियतनाम में तूफ़ान से हालात गंभीर, 5 लाख से ज़्यादा लोगों को घर खाली करने का आदेश
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वियतनाम में एक शक्तिशाली तूफ़ान कजिकी ने दस्तक दी है.
वियतनाम के राष्ट्रीय मौसम विभाग के मुताबिक़, इस तूफ़ान की रफ़्तार 118 से 133 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई है. इसके साथ ही भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का ख़तरा जताया गया है.
सरकार ने एहतियात के तौर पर 5 लाख 86 हज़ार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचने का आदेश दिया है. हज़ारों सैनिकों को राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार रखा गया है.
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इमेज कैप्शन, वियतनाम में आपदा प्रबंधन दल बचाव कार्यों की तैयारियों में जुटा हुआ
कई इलाक़ों में ट्रेन और उड़ानें रोक दी गई हैं. स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि यह तूफ़ान पिछले साल आए यागी तूफ़ान जितना ही शक्तिशाली साबित हो सकता है. यागी की वजह से क़रीब 300 लोगों की जान गई थी और अरबों का नुक़सान हुआ था.
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इमेज कैप्शन, वियतनाम के कई हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त है
कजिकी तूफ़ान इससे पहले चीन के हैनान द्वीप के पास से गुज़रा था, जहां दक्षिणी हिस्सों में तेज़ बारिश और हवाओं का असर देखा गया. अब वियतनाम के पूर्वी इलाक़े सीधे इसकी चपेट में आ रहे हैं.
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है.
अभी तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अभय कुमार सिंह आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
प्रोफ़ेसर अली ख़ान महमूदाबाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, प्रोफ़ेसर महमूदाबाद हरियाणा की अशोका यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफ़ेसर हैं
सुप्रीम कोर्ट ने अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर अली ख़ान महमूदाबाद को बड़ी राहत दी है. हालांकि कोर्ट ने उस एफ़आईआर को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल की गई थी.
अदालत ने हरियाणा पुलिस की ओर से दाखिल आरोपपत्र पर फिलहाल मजिस्ट्रेट को कोई संज्ञान न लेने का निर्देश दिया है.
लाइव लॉ के मुताबिक़, हरियाणा पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि प्रोफ़ेसर अली ख़ान महमूदाबाद के ख़िलाफ़ दर्ज एक एफ़आईआर में क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है. जबकि 'ऑपरेशन सिंदूर' पर उनकी सोशल मीडिया पोस्ट पर दर्ज दूसरे एफ़आईआर में चार्जशीट दाखिल की गई है.
लाइव लॉ के मुताबिक़, इस पर संज्ञान लेते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने वह एफ़आईआर ख़ारिज कर दी, जिसमें क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल हुई थी.
दूसरी एफ़आईआर को लेकर अदालत ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए मजिस्ट्रेट को उस पर संज्ञान लेने से रोक दिया.
प्रोफ़ेसर अली ख़ान महमूदाबाद को 'ऑपरेशन सिंदूर' पर की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट के चलते गिरफ़्तार किया गया था.
सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम ज़मानत दी, लेकिन साथ में कुछ सख़्त शर्तें भी लगाईं और उनका पासपोर्ट जमा करने का आदेश भी दिया.
राहुल गांधी के आरोपों पर बोले सीएम फडणवीस- दिल बहलाने के लिए ख़्याल अच्छा है
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इमेज कैप्शन, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर 'लगातार झूठ' बोलने का आरोप लगाया है
महाराष्ट्र चुनाव को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोपों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी है.
मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम ने कहा, "मैंने पहले ही कहा है कि राहुल गांधी जी लगातार झूठ बोलते हैं."
उन्होंने कहा, "मुझे बड़ा दुख है कि हमारे महाराष्ट्र के नेताओं को भी अचानक सपना पड़ा है कि राहुल गांधी ही सच बोल रहे हैं."
देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "उनके झूठ में अब इनका भी झूठ मिल रहा है, लेकिन झूठ की कोई बुनियाद नहीं होती."
प्रेस कॉन्फ्रेंस के आख़िर में सीएम ने तंज कसते हुए शायरी कही, "दिल बहलाने के लिए ख़्याल अच्छा है ग़ालिब."
दरअसल राहुल गांधी लगातार महाराष्ट्र चुनाव को लेकर सवाल उठाते रहे हैं. उनका कहना है कि इस चुनाव में 'वोट चोरी' हुई है.
हालांकि चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के इन आरोपों को ख़ारिज किया है.
पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफ़े पर क्या बोले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
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इमेज कैप्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफ़े पर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी है
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफ़ेपर प्रतिक्रिया दी है.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा, “बात का बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए. जगदीप धनखड़ एक संवैधानिक पद पर थे. उन्होंने निजी स्वास्थ्य की वजह से इस्तीफ़ा दिया है. इसे ज़्यादा खींचकर कुछ ढूंढने का प्रयास नहीं करना चाहिए.”
अमित शाह का ये बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष के नेता लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ कहां हैं?
अमित शाह के बयान के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा,"आज गृह मंत्री ने इस बारे में कुछ कहा, लेकिन इससे रहस्य और बढ़ गया. कोई नहीं जानता कि किसानों के समर्थक रहे ऊर्जावान और बेबाक जगदीप धनखड़ पिछले एक महीने से ज़्यादा समय से पूरी तरह गुमनाम क्यों हैं."
पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात आधिकारिक एक्स अकाउंट पर अपने इस्तीफ़े की घोषणा की थी.
राष्ट्रपति को लिखे इस इस्तीफ़े पत्र में जगदीप धनखड़ ने अपनी सेहत का हवाला दिया था.
इस्तीफ़े के बाद से जगदीप धनखड़ को ना तो किसी सार्वजनिक जगह पर देखा गया है और ना ही उनका कोई बयान सामने आया है.
फ़्रांस ने अमेरिकी राजदूत को किया तलब, क्या है मामला
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फ़्रांस सरकार ने पेरिस में मौजूद अमेरिकी राजदूत चार्ल्स कुशनर को तलब किया है.
कुशनर ने फ़्रांस पर 'यहूदियों के ख़िलाफ़ बढ़ते नफ़रती मामलों को रोकने में असफल' रहने का आरोप लगाया था.
फ़्रांस के विदेश मंत्रालय ने कुशनर के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और उनकी इस टिप्पणी को अस्वीकार्य बताया है.
चार्ल्स कुशनर एक यहूदी हैं और उनके बेटे की शादी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप से हुई है.
उन्होंने अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल में फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को एक खुला ख़त लिखा था.
इसमें कुशनर ने दावा किया था कि ग़ज़ा में युद्ध शुरू होने के बाद से फ़्रांस में यहूदियों के खिलाफ नफ़रत के मामले बढ़े हैं.
एसएससी प्रोटेस्ट पर बोलीं प्रियंका गांधी- छात्रों पर लाठियां बरसाना दुर्भाग्यपूर्ण
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इमेज कैप्शन, प्रियंका गांधी का कहना है कि पेपर लीक से पूरे देश के युवा त्रस्त हैं
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को स्टाफ़ सिलेक्शन कमीशन (एसएससी) की परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप को लेकर छात्र-छात्राओं और प्राइवेट कोचिंग के शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन कर रहे एसएससी छात्रों पर पुलिस बल का प्रयोग अमानवीय और शर्मनाक है."
उन्होंने कहा, "हर परीक्षा में धांधली, हर भर्ती में घोटाला और पेपर लीक से पूरे देश के युवा त्रस्त हैं."
प्रियंका गांधी का कहना है, "भाजपा राज में भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहा है. उसे ठीक करने और युवाओं की बात सुनने की जगह उन पर लाठियां बरसाना दुर्भाग्यपूर्ण है."
भारत पर टैरिफ़ को लेकर अमेरिका का बयान, जेडी वेंस ने बताई ये वजह
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इमेज कैप्शन, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के मुताबिक़ भारत पर अमेरिका ने जो टैरिफ़ लगाया है वह 'सेकेंडरी' है
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक इंटरव्यू के दौरान भारत पर लगे टैरिफ़ का ज़िक्र किया है.
उन्होंने कहा कि भारत पर अतिरिक्त टैरिफ़ लगाकर, रूस पर कड़ा आर्थिक दबाव डाला गया है.
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एनबीसी न्यूज़ से बातचीत में कहा, "राष्ट्रपति ने कड़ा आर्थिक दबाव डाला है. उदाहरण के लिए, भारत पर सेकेंडरी टैरिफ़ लगाए ताकि रूस अपने तेल के कारोबार से अमीर न बन सके."
उन्होंने कहा, "उन्होंने (राष्ट्रपति ट्रंप) साफ़ कर दिया है कि अगर रूस हत्या और युद्ध बंद करता है तो उसे फिर से वैश्विक अर्थव्यवस्था में शामिल किया जा सकता है."
जेडी वेंस ने कहा, "लेकिन अगर रूस ये नहीं रोकता तो उसे अलग-थलग रहना पड़ेगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस पर इस युद्ध को रोकने के लिए इतना आर्थिक दबाव डाला है, जितना बाइडेन ने तीन साल में भी नहीं डाला था."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 फ़ीसदी का टैरिफ़ लगाया था.
बाद में उन्होंने ये कहकर भारत पर और 25 फ़ीसदी टैरिफ़ लगा दिया कि भारत रूस से तेल और हथियार खरीदकर यूक्रेन के ख़िलाफ़ जंग में उसकी मदद कर रहा है . ये नई दर 27 अगस्त से लागू होगी.
नई दरों के तहत किराए में एक रुपये से चार रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है. वहीं, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर किराया 5 रुपये तक बढ़ाया गया है.
नए किराए के मुताबिक़, सामान्य दिनों में 0-2 किलोमीटर की यात्रा का किराया 10 रुपये से बढ़कर 11 रुपये हो गया है. वहीं 2-5 किलोमीटर तक का किराया 20 रुपये से 21 रुपये कर दिया गया है.
5-12 किलोमीटर की दूरी पर किराया 30 रुपये से 32 रुपये और 12-21 किलोमीटर के लिए 40 रुपये से 43 रुपये कर दिया गया है.