ब्रिटेन पहुंचे यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की, पीएम स्टार्मर ने कहा- हम यूक्रेन के साथ
सोमवार को ब्रिटेन पहुंचे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने डाउनिंग स्ट्रीट में प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर, फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मन चांसलर फ़्रेडरिक मर्त्स के साथ बातचीत की.
ब्रिटेन पहुंचे यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की, पीएम स्टार्मर ने कहा- हम यूक्रेन के साथ
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इमेज कैप्शन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की
सोमवार को ब्रिटेन पहुंचे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने डाउनिंग स्ट्रीट में प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर, फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मन चांसलर फ़्रेडरिक मर्त्स के साथ बातचीत की.
इन नेताओं ने पिछले हफ़्ते फ़्लोरिडा में यूक्रेनी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच बातचीत के दौरान तैयार किए गए हालिया यूक्रेन शांति योजना पर चर्चा की.
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मन चांसलर फ़्रेडरिक मर्त्स
स्टार्मर ने कहा, "हम यूक्रेन के साथ खड़े हैं. अगर सीज़फ़ायर होता है, तो वह आगे बरक़रार रहने वाला सीज़फ़ायर होना चाहिए."
ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन में रूस के युद्ध को ख़त्म करने के लिए बातचीत करते समय यूरोप, यूक्रेन और अमेरिका के बीच एकता ज़रूरी है.
उन्होंने कहा, "कुछ चीज़ें ऐसी हैं, जो हम अमेरिकियों के बिना मैनेज नहीं कर सकते हैं और कुछ चीज़ें ऐसी हैं, जिन्हें हम यूरोप के बिना मैनेज नहीं कर सकते. इसलिए हमें कुछ ज़रूरी फ़ैसले लेने होंगे."
चीन की यात्रा करने वाले भारतीयों को विदेश मंत्रालय ने दी ये सलाह
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इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (फ़ाइल फ़ोटो)
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान पत्रकारों के कई सवालों का जवाब दिया.
इस दौरान उनसे नवंबर में शंघाई पुडोंग एयरपोर्ट पर अरुणाचल प्रदेश की एक महिला के साथ हुई घटना को लेकर सवाल किया गया.
इस सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम आपकी चिंताओं से वाकिफ़ हैं...इस सिलसिले में हम अपेक्षा करते हैं कि चीनी सरकार, अधिकारी इस बात का आश्वासन दें कि चीनी हवाई अड्डों से गुज़रने वाले भारतीय नागरिकों को किसी तरह से निशाना नहीं बनाया जाएगा. न ही मनमाने ढंग से उन्हें रोका जाएगा या परेशान किया जाएगा."
उन्होंने कहा, "हम अपेक्षा करते हैं कि चीनी पक्ष अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा को नियंत्रण करने वाले नियमों का पालन करेंगे. विदेश मंत्रालय भारतीय नागरिकों को सलाह देता है कि वो उचित सावधानी बरतें, जब वह चीन की यात्रा कर रहे हों या चीन से गुज़र रहे हों."
असम: तेज़पुर यूनिवर्सिटी के वीसी को हटाने की मांग पर विरोध प्रदर्शन जारी, परीक्षाओं का बहिष्कार, दिलीप कुमार शर्मा,गुवाहाटी से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, तेजपुर यूनिवर्सिटी में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं
असम की तेज़पुर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने सोमवार और मंगलवार को होने वाली अपनी एंड-टर्म सेमेस्टर परीक्षाओं का बहिष्कार किया है.
तेज़पुर यूनिवर्सिटी में बीते सितंबर से ही छात्र, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी वाइस चांसलर शंभू नाथ सिंह के ख़िलाफ़ अपना विरोध जता रहे है.
विरोध प्रदर्शन करने वाले ये लोग यूनिवर्सिटी में वित्तीय अनियमितताओं, लंबे समय तक अनुपस्थित रहने और प्रशासनिक पंगुता के आरोपों को लेकर वाइस-चांसलर सिंह को हटाने की मांग कर रहे हैं.
इस विरोध प्रदर्शन को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ़ से एक टीम को छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के साथ बातचीत के लिए भेजा गया था. लेकिन उसका कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया.
प्रदर्शनकारियों ने 27 नवंबर से यूनिवर्सिटी को ठप कर दिया है.
इस बीच सोमवार को तेज़पुर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने केंद्र से एक अनौपचारिक लिखित सूचना मिलने की पुष्टि की है, जिसमें कहा गया है कि वाइस चांसलर शंभू नाथ सिंह के ख़िलाफ़ लगे आरोपों की जांच शुरू की जाएगी.
अपना नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर विरोध प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने बताया, "केंद्र की टीम ने शनिवार को हम लोगों से हमारी मांगों पर अनाउंसमेंट के लिए मंगलवार तक इंतज़ार करने को कहा है. लेकिन जब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, हम अपना विरोध जारी रखेंगे."
"लिहाजा छात्रों ने सोमवार और मंगलवार को एंड-टर्म एग्जाम का बॉयकॉट करने का फ़ैसला किया है. बाकी परीक्षाओं के बारे में हम मंगलवार को फ़ैसला करेंगे."
ये परीक्षाएं 8 से 16 दिसंबर तक होनी थी. ऐसा कहा जा रहा है कि वाइस चांसलर सिंह को आखिरी बार 22 सितंबर को कैंपस में देखा गया था.
वे विरोध शुरू होने के एक दिन बाद कथित तौर पर यूनिवर्सिटी छोड़कर चले गए. छात्रों का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय की तरफ़ से जब कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो 27 नवंबर से विरोध और बढ़ गया.
परीक्षाओं का कार्यक्रम तैयार करने वाले एक सहायक प्रोफ़ेसर ने बीबीसी को बताया, "एंड-टर्म एग्जाम में दूसरी बार रुकावट आई है. ये परीक्षाएं पहले 3 दिसंबर से शुरू होने वाली थी. लेकिन विरोध प्रदर्शन के कारण उन्हें टाल दिया गया."
इस समय तेज़पुर यूनिवर्सिटी में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने यूनिवर्सिटी का मुख्य गेट ब्लॉक कर दिया है. यह गतिरोध सितंबर में तब शुरू हुआ था, जब प्रशासन ने प्रसिद्ध गायक ज़ुबिन गर्ग के लिए राजकीय शोक के बावजूद रेगुलर क्लास और स्टूडेंट काउंसिल के चुनाव को जारी रखा.
इस विरोध प्रदर्शन के बीच तेज़पुर यूनिवर्सिटी ने एक बयान जारी कर बताया कि सबसे सीनियर फैकल्टी मेंबर प्रो. ध्रुव कुमार भट्टाचार्य ने 4 दिसंबर से औपचारिक रूप से एक्टिंग वाइस चांसलर का पद संभाल लिया है.
हाथ से लिखे इस बयान में यह भी बताया गया कि प्रो. शंभू नाथ सिंह अब तेज़पुर यूनिवर्सिटी में प्रशासनिक पद पर नहीं रहेंगे.
उच्च शिक्षा विभाग डॉ. सिंह के ख़िलाफ़ सख़्त और समयबद्ध जांच शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है और जांच पूरी होने तक वह यूनिवर्सिटी का कामकाज नहीं संभालेंगे.
जापान में 7.6 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी
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न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने देश में सुनामी की चेतावनी जारी की है.
जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा है कि सोमवार को समुद्र में 7.6 तीव्रता का भूकंप आने के बाद जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर तीन मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं.
सुनामी की चेतावनी होक्काइदो, आओमोरी और इवाते प्रान्तों के लिए जारी की गई है.
एजेंसी ने बताया कि भूकंप का केंद्र आओमोरी प्रान्त के तट से 80 किलोमीटर (50 मील) दूर, 50 किलोमीटर (30 मील) की गहराई पर था.
कांग्रेस पार्टी से सस्पेंड की गईं डॉक्टर नवजोत कौर सिद्धू
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इमेज कैप्शन, डॉ. नवजोत कौर सिद्धू (फ़ाइल फ़ोटो)
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को तुरंत प्रभाव से कांग्रेस पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है.
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने एक्स पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमिटी का ऑफ़िस ऑर्डर शेयर किया है.
इसमें लिखा है, "डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को तुरंत प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जाता है."
नवजोत कौर सिद्धू का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर आया था, जिसमें वह पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं.
पति और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू से जुड़े एक सवाल पर वह कहती हैं, "वह कांग्रेस से बहुत जुड़े हुए हैं...मुझे लग नहीं रहा कि ये नवजोत सिंह सिद्धू को प्रमोट होने देंगे...कोई भी पार्टी उनको ये ताक़त दे दे कि वो पंजाब को सुधार सकें और हमारे पास किसी भी पार्टी को देने के लिए पैसे नहीं हैं."
इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या किसी पार्टी ने आपसे पैसे की डिमांड की है.
इस पर नवजोत कौर सिद्धू ने कहा, "हमसे किसी ने (डिमांड) नहीं की, पर सीएम वही बनता है, जो 500 करोड़ का अटैची दे."
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक़ कांग्रेस की नेता नवजोत कौर सिद्धू ने ‘‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये’’ वाले बयान पर राजनीतिक विवाद खड़े होने के बाद सफ़ाई दी थी. उन्होंने कहा था कि उनकी टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है.
वंदे मातरम: प्रियंका गांधी ने कहा- भाषण अच्छा देते हैं, लेकिन तथ्यों के मामले में कमज़ोर हैं पीएम
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में 'वंदे मातरम' पर पीएम मोदी के भाषण पर साधा निशाना
लोकसभा में सोमवार को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि केंद्र की सरकार सिर्फ़ जनता का 'ध्यान भटकाना' चाहती है, इसलिए आज वंदे मातरम पर चर्चा कर रही है.
वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर बहस के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "वंदे मातरम देश के कण-कण में जीवित है. इस पर बहस नहीं हो सकती. लेकिन आप बहस करना चाहते हैं, तो बहस करते हैं."
"आज प्रधानमंत्री ने यह चर्चा शुरू की. उन्होंने भाषण दिया और यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि भाषण अच्छा देते हैं...लेकिन तथ्यों के मामले में कमज़ोर पड़ जाते हैं."
प्रियंका गांधी ने आगे कहा, "इसमें भी एक कला होती है कि तथ्यों को किस तरह से जनता के सामने रखा जाए. मैं नई-नई हूं, जनता की प्रतिनिधि हूं, कलाकार तो नहीं हूं. इसीलिए मैं भी सदन के सामने कुछ तथ्य रखना चाहती हूं."
प्रियंका गांधी ने कहा, "पीएम मोदी ने 20 अक्तूबर का जो पत्र सदन में सुनाया और कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने नेताजी को ये चिट्ठी लिखी. उससे तीन दिन पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने जवाहरलाल नेहरू को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसका ज़िक्र पीएम ने नहीं किया."
प्रियंका गांधी ने बताया कि इस चिट्ठी में सुभाष चंद्र बोस ने लिखा था, "मेरे प्यारे जवाहर, 'वंदे मातरम' के बारे में हम कलकत्ता में बात करेंगे और अगर आप यह मुद्दा वर्किंग कमेटी में उठाते हैं, तो वहां भी इस पर चर्चा करेंगे. मैंने डॉ. टैगोर को लिखा है कि जब आप शांति निकेतन जाएं, तो वे इस मामले पर आपसे बात करें."
प्रियंका गांधी ने कहा कि ये चिट्ठी 17 अक्तूबर, 1937 को लिखी गई थी, जिसका जवाब नेहरू ने 20 अक्तूबर को दिया, प्रियंका गांधी ने कहा कि नेहरू के चिट्ठी की एक पंक्ति पीएम ने सुनाई बाकी पंक्तियां नहीं सुनाईं.
उन्होंने कहा, "उस चिट्ठी में नेहरू कह रहे हैं- 'इसमें कोई शक नहीं कि वंदे मातरम के ख़िलाफ़ अभी जो विरोध हो रहा है, वह काफी हद तक सांप्रदायिक लोगों द्वारा बनाया गया है. हम जो कुछ भी कर सकते हैं, हम जो कुछ भी करेंगे, हम सांप्रदायिक भावनाओं को बढ़ावा नहीं दे सकते, बल्कि जहां भी असल शिकायतें हैं, उन्हें दूर करना होगा. मैंने अब 25 तारीख की सुबह कलकत्ता पहुंचने का फैसला किया है. इससे मुझे डॉ. टैगोर के साथ-साथ दूसरे दोस्तों से भी मिलने का समय मिल जाएगा'."
प्रियंका गांधी ने कहा, "फिर नेहरू कलकत्ता जाकर टैगोर से मिलते हैं और उसके अगले दिन टैगोर एक चिट्ठी लिखते हैं. उसमें वह लिखते हैं- जो दो अंतरे हमेशा गाए जाते थे उनका महत्व इतना गहरा था कि उस हिस्से को कविता के शेष हिस्सों से अलग करने में उन्हें कोई कठिनाई नहीं थी."
"उन्होंने ये कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में हमेशा से वही दो अंतरे गाए जाते थे और उनको गाते हुए कुर्बानी देने वाले सैकड़ों शहीदों के सम्मान के लिए उन्हें ऐसे ही गाना उचित रहेगा. उन्होंने ये भी कहा कि बाद में जोड़े गए अंतरों का सांप्रदायिक मायना निकाला जा सकता है और उस समय के माहौल में उनका इस्तेमाल अनुचित होगा."
"इसके बाद 28 अक्तूबर 1937 में कांग्रेस की कार्यसमिति ने अपने प्रस्ताव में वंदे मातरम (उन दो अंतरों) को राष्ट्रगीत घोषित किया."
कार्टून: सवारी ठूँसने का कैप
हवाई यात्रा किराए पर सरकार के कैप पर आज का कार्टून.
सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की इस अपील का केंद्र सरकार ने किया विरोध
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इमेज कैप्शन, सितंबर में लेह में हुई हिंसा के लिए केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक को ज़िम्मेदार ठहराया है (फ़ाइल फ़ोटो)
केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की जोधपुर जेल से वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए पेश होने की अपील का विरोध किया.
वांगचुक ने नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत अपनी हिरासत से जुड़े मामले में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए पेशी की मांग की थी.
सुप्रीम कोर्ट में वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो की एक याचिका पर सुनवाई हो रही थी. याचिका में वांगचुक की हिरासत को अवैध, मनमाना क़दम और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया है.
अंगमो की ओर से पेश हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की बेंच को बताया कि वांगचुक जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए जुड़ना चाहते हैं और उन्होंने बेंच से इसकी इजाज़त मांगी.
केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध करते हुए कहा, "हमें देशभर के सभी दोषियों के साथ एक जैसा बर्ताव करना होगा."
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 15 दिसंबर तक के लिए टाल दी है.
लद्दाख़ को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा देने की मांग को लेकर
विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद वांगचुक को 26 सितंबर को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था.
सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है.
भारतीय टीम पर आईसीसी ने लगाया जुर्माना, ये वजह बताई
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इमेज कैप्शन, कप्तान केएल राहुल ने आरोप स्वीकार कर सज़ा मान ली है
भारतीय टीम को दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ 3 दिसंबर के रायपुर वनडे में नियम तोड़ने का दोषी पाया गया है. आईसीसी कोड ऑफ़ कंडक्ट तोड़ने पर टीम पर जुर्माना लगाया गया है.
इस मैच में धीमा ओवर-रेट बनाए रखने के लिए भारतीय टीम पर मैच फ़ीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है.
रायपुर में खेले गए दूसरे वनडे में भारतीय टीम दो ओवर पीछे रह गई थी. कप्तान केएल राहुल ने आरोप स्वीकार कर सज़ा मान ली, इसलिए इसमें औपचारिक सुनवाई की कोई ज़रूरत नहीं पड़ी.
रायपुर वनडे मैच में भारत ने 50 ओवर में 5 विकेट के नुक़सान पर 358 रन बनाए थे, वहीं दक्षिण अफ़्रीका की टीम ने चार विकेट से जीत दर्ज की थी.
कंबोडिया के साथ झड़प के बीच थाईलैंड के पीएम ने कहा- रक्षा के लिए सभी ज़रूरी क़दम उठाएंगे
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इमेज कैप्शन, थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल का कहना है कि उनके देश ने आक्रामकता शुरू नहीं की (फ़ाइल फ़ोटो)
कंबोडिया के साथ झड़पों के बीच थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने सोमवार दोपहर को एक बयान जारी किया है.
उन्होंने कहा, "थाईलैंड अंतरराष्ट्रीय क़ानून और आत्मरक्षा के अधिकार के तहत राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है."
अनुतिन ने ज़ोर देकर कहा कि उनके देश ने "कोई आक्रामकता शुरू नहीं की है."
थाईलैंड के पीएम ने कहा, "थाईलैंड अपनी संप्रभुता के किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा. (थाईलैंड) सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और लोगों की देखभाल करने के लिए सभी ज़रूरी क़दम उठाने के लिए तैयार है."
थाईलैंड की सरकार ने सीमावर्ती इलाक़ों में रहने वाले उन लोगों के प्रति भी अपना समर्थन ज़ाहिर किया, जिन्हें अस्थायी आश्रयों में जाना पड़ा है.
सभी एजेंसियों को उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर पूरा ध्यान देने का निर्देश दिया गया है, जिसमें खाना, पीने का पानी और मेडिकल मदद शामिल है.
दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सीज़फ़ायर के उल्लंघन का आरोप लगाया है. कंबोडिया का दावा है कि हमला थाईलैंड ने शुरू किया.
गोवा के नाइट क्लब में झारखंड के इन तीन युवकों की गई जान, किस हाल में है परिवार?, मोहम्मद सरताज आलम, बीबीसी हिन्दी के लिए
इमेज कैप्शन, गोवा के नाइट क्लब में हुए हादसे में जान गंवाने वाले मोहित मुंडा, प्रदीम महतो और विनोद महतो
गोवा के एक नाइट क्लब में शनिवार रात लगी भीषण आग की दुर्घटना में मारे गए 25 लोगों में झारखंड के तीन युवक भी हैं. इनमें से एक गोविंदपुर के मोहित मुंडा और फतेहपुर गांव के दो भाई प्रदीप महतो और विनोद महतो शामिल हैं.
22 साल के मोहित मुंडा खूंटी ज़िले के कर्रा प्रखंड स्थित गोविंदपुर के रहने वाले थे. मोहित मुंडा अपने बड़े भाई विकास मुंडा के साथ पिछली क्रिसमस के बाद गोवा गए थे. जहां दोनों अलग-अलग बार में वेटर का काम करते थे.
उनकी मां फूलो मुंडईन ने बताया, “शनिवार की दोपहर मोहित ने कॉल करके बताया था कि वह क्रिसमस से पहले खूंटी आएगा. उसने कहा था कि क्रिसमस और उसके बाद टुसु पर्व मनाने के बाद वह वापस गोवा चला जाएगा.”
वह आगे कहती हैं, “मैट्रिक पास मोहित पहली बार कमाने के लिए झारखंड से बाहर गया था. उसकी कमाई से हमारी आर्थिक स्थिति बदलने लगी थी. मोहित कहा करता था कि एक साल में घर बनवा देगा. लेकिन ये भगवान को मंजूर नहीं था. इसलिए वह हम दोनों बूढ़े मां-बाप को छोड़ कर चला गया.”
मोहित के पिता एतवा मुंडा कहते हैं, “परिवार में खेत न के बराबर है, जिसमें सिर्फ़ धान होता है, ऐसे में घर की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए उनके दोनों बेटों को बाहर कमाने जाना पड़ा. लेकिन परदेस के इस रोज़गार ने ही मोहित को हमसे हमेशा के लिए दूर कर दिया है.”
गोविंदपुर से आधा किलोमीटर दूर लापुंग थाना क्षेत्र के फ़तेहपुर के रहने वाले दो भाई 24 साल के प्रदीप महतो और 22 साल के विनोद महतो की भी गोवा की दुर्घटना में मौत हो गई.
उनके बड़े भाई फागु महतो के मुताबिक़ उनके दोनों छोटे भाई जुलाई में पैसे कमाने के लिए गोवा गए थे. उनकी दोनों से आख़िरी बार शनिवार शाम सात बजे वीडियो कॉल पर बात हुई थी.
उस बातचीत का ज़िक्र करते हुए फागु कहते हैं, “होली के बाद दोनों की शादी थी. उन्होंने शनिवार को मुझ से कहा था कि होली तक घर बनवा लीजिए ताकि शादी तक घर तैयार हो जाए.”
वह आगे कहते हैं, "उस रात लगभग एक बजे गोवा से ख़बर आई कि दोनों भाई अब इस दुनिया में नहीं रहे. पिता जी बस इतना ही कहते हैं कि हमारी तो दुनिया उजड़ गई, ये कहते ही वह रो पड़ते हैं."
केरल की कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के मामले में छह अभियुक्तों को दोषी ठहराया, एक्टर दिलीप बरी, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, एक्टर दिलीप पर इस मामले में साज़िश रचने का आरोप था
केरल की एक सेशंस कोर्ट ने 2017 में एक महिला एक्टर के यौन उत्पीड़न के मामले में छह लोगों को दोषी ठहराया है.
इस मामले में एक्टर दिलीप भी अभियुक्त थे, जिन्हें बरी कर दिया गया है.
एक्टर दिलीप पर इस मामले में साज़िश रचने का आरोप था.
एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट की जज हनी एम वर्गीज़ ने सोमवार को इस मामले में फ़ैसला सुनाया. स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर वी अजयकुमार ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "इस मामले में 12 दिसंबर को सज़ा सुनाई जाएगी."
इस मामले से पूरे राज्य में गुस्सा फैल गया था और मलयालम फ़िल्म इंडस्ट्री में बड़े बदलाव हुए, जिसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर कई 'मी टू' मामले दर्ज किए गए.
पूरा मामला
प्रॉसिक्यूशन यानी अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए मामले के अनुसार, 17 फ़रवरी, 2017 को एर्नाकुलम के अंगमाली के पास एक गाड़ी ने एक्टर की कार को पीछे से टक्कर मारी थी.
छह लोग ड्राइवर से भिड़ते हुए जबरन कार में घुस गए और उसे नेशनल हाईवे पर ले गए. पल्सर सुनी, जिसे एनएस सुनी के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने महिला एक्टर का यौन उत्पीड़न किया और अपने मोबाइल फ़ोन में इसकी रिकॉर्डिंग की. बाद में महिला एक्टर को एक फ़िल्म डायरेक्टर के घर के बाहर छोड़ दिया गया.
कोर्ट ने इस मामले में पल्सर सुनी (आरोपी नंबर एक), मार्टिन एंटनी, बी मणिकंदन, वीपी विजीश, वादिवल सलीम और प्रदीप को दोषी ठहराया है.
अभियुक्तों पर गैंगरेप, साज़िश रचने, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने, ग़लत तरीके़ से कैद करने, आपराधिक बल का इस्तेमाल करने, सबूत नष्ट करने, अश्लील तस्वीरें लेने और बांटने का आरोप था.
इसमें एक्टर दिलीप को साज़िश रचने के आरोप से बरी कर दिया गया है.
अजयकुमार ने कहा, "अभियोजन पक्ष आरोपी नंबर एक से लेकर आरोपी नंबर छह को दोषी साबित करने में सफल रहा. लेकिन, दुर्भाग्य से, कोर्ट ने आरोपी नंबर एक और आरोपी नंबर आठ (दिलीप) के बीच संबंध को सही नहीं पाया. पूरा फ़ैसला आने दीजिए."
मामले में बरी किए जाने के बाद एक्टर दिलीप ने क्या कहा?
फ़ैसला सुनाए जाने के बाद, दिलीप ने पत्रकारों से कहा, "असली साज़िश मुझे इस मामले में अभियुक्त बनाने और मेरे करियर को ख़त्म करने की थी."
केरल के कानून मंत्री पी राजीव ने कहा है कि सरकार इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेगी क्योंकि वह इस मामले में महिला एक्टर का साथ देने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार फ़ैसले
का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी.
इस मामले में कई उतार-चढ़ाव आए, जिससे पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन हुए, लेकिन इसका सबसे ज़्यादा असर मलयालम फ़िल्म इंडस्ट्री पर पड़ा.
इससे वीमेन इन सिनेमा कलेक्टिव (डब्ल्यूसीसी) का गठन हुआ, जिसके लगातार प्रयासों से राज्य सरकार ने इंडस्ट्री में महिलाओं को होने वाली समस्याओं की जांच के लिए जस्टिस के. हेमा समिति को नियुक्त किया था.
माओवादियों के एमएमसी ज़ोन के मुखिया रामधेर मज्जी ने किया सरेंडर, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, रामधेर मज्जी के सरेंडर के साथ माना जा रहा है कि अब माओवादियों का एमएमसी ज़ोन पूरी तरह से समाप्त हो चुका है
सीपीआई माओवादी की सेंट्रल कमेटी के सदस्य रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ के बरकट्टा थाने में सरेंडर कर दिया है.
माओवादियों की महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी यानी एमएमसी ज़ोन की कमान रामधेर के ही हाथों में थी.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि रामधेर मज्जी के साथ 11 अन्य माओवादियों ने भी सरेंडर किया है. सरेंडर करने वाले माओवादियों ने एके-47, इंसास, एसएलआर, 30 कार्बाइन सहित कई हथियार भी पुलिस को सौंपे हैं.
एक दिन पहले ही माओवादियों की एमएमसी ज़ोन के ही 10 माओवादियों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रम में बालाघाट में सरेंडर किया था. इनमें एमएमसी ज़ोन के सचिव सुरेंद्र उर्फ़ कबीर सोढ़ी भी शामिल हैं.
इससे पहले पिछले पखवाड़े भी एमएमसी ज़ोन के प्रवक्ता अनंत ने अपने 10 साथियों के साथ महाराष्ट्र के गोंदिया में सरेंडर किया था.
सोमवार को रामधेर मज्जी के सरेंडर के साथ माना जा रहा है कि अब माओवादियों का एमएससी ज़ोन पूरी तरह से समाप्त हो चुका है.
क्या था एमएमसी ज़ोन
अविभाजित मध्य प्रदेश में भाकपा माले पीपुल्स वार से जुड़े माओवादियों के दंडकारण्य ज़ोन में पाँच डिवीज़न थे- उत्तर बस्तर, दक्षिण बस्तर, माड़, गढ़चिरौली और बालाघाट-भंडारा, जो अपने क्षेत्रों में प्रभावशाली थे और सरकार के लिए चुनौती बने हुए थे.
15 दिसंबर 1999 को बालाघाट में मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री लिखीराम कांवरे की हत्या के बाद सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान चलाया और मध्य प्रदेश के बालाघाट और महाराष्ट्र के भंडारा, गोंदिया जैसे इलाक़ों में माओवादी कमज़ोर पड़े. माओवादियों ने छत्तीसगढ़ और बस्तर के इलाक़े में ही अपना विस्तार जारी रखा.
बाद में 2016 में एक बार फिर से इन इलाक़ों में सक्रियता के लिहाज से माओवादियों ने महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ ज़ोन बनाया.
माओवादियों ने इसमें मध्य प्रदेश के मंडला और बालाघाट के कान्हा नेशनल पार्क और छत्तीसगढ़ के भोरमदेव क्षेत्र को मिलाकर केबी डिवीज़न बनाया, जबकि महाराष्ट्र के गोंदिया, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और मध्य प्रदेश के बालाघाट क्षेत्र को जीआरबी डिवीज़न में शामिल किया.
अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगी.
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प्रधानमंत्री मोदी ने गांधीजी का ज़िक्र कर लोकसभा में 'वंदे मातरम' पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा की शुरुआत की
'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के मौक़े पर लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर चर्चा शुरू की. इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का भी ज़िक्र किया.
पीएम मोदी ने सवाल किया कि जब बापू को 'वंदे मातरम नेशनल एंथम के रूप में दिखता था तो इसके साथ अन्याय क्यों हुआ?'
प्रधानमंत्री ने कहा, "दक्षिण अफ़्रीका से प्रकाशित एक साप्ताहिक पत्रिका इंडियन ओपिनियन में महात्मा गांधी ने 2 दिसंबर 1905 को लिखा था- 'गीत वंदे मातरम जिसे बंकिम चंद्र ने रचा है, पूरे बंगाल में अत्यंत लोकप्रिय हो गया है. स्वदेशी आंदोलन के दौरान बंगाल में विशाल सभाएं हुईं, जहां लाखों लोग इकट्ठा हुए और बंकिम का यह गीत गाया'."
"गांधी जी आगे लिखते हैं- 'यह गीत इतना लोकप्रिय हो गया है जैसे ये हमारा नेशनल एंथम बन गया है. इसकी भावनाएं महान हैं और यह अन्य राष्ट्रों के गीतों से अधिक मधुर है. इसका एकमात्र उद्देश्य हममें देशभक्ति की भावना जगाना है. यह भारत को मां के रूप में देखता है और उसकी स्तुति करता है'."
पीएम मोदी ने आगे कहा, "जो वंदे मातरम 1905 में महात्मा गांधी को नेशनल एंथम के रूप में दिखता था, देश के हर कोने में, हर व्यक्ति के लिए वंदे मातरम की ताकत बहुत बड़ी थी. वंदे मातरम इतना महान था, जिसकी भावना इतनी महान थी तो फिर पिछली सदी में इसके साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों हुआ, वंदे मातरम के साथ विश्वासघात क्यों हुआ? ये अन्याय क्यों हुआ?
उन्होंने कहा, "वो कौन सी ताकत थी जिसकी इच्छा खुद पूज्य बापू की भावनाओं पर भी भारी पड़ गई? जिसने वंदे मातरम जैसी पवित्र भावना को भी विवादों में घसीट दिया."
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर हमें इन सब परिस्थितियों के बारे में हमारी नई पीढ़ी को बताना ज़रूरी है.
महबूबा मुफ़्ती ने संसद में 'वंदे मातरम' पर बहस को लेकर बीजेपी पर साधा निशाना, उठाए ये मुद्दे
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इमेज कैप्शन, महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि बीजेपी 'खोखले प्रतीकवाद' में दिलचस्पी ले रही है
'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने के मौक़े पर लोकसभा में सोमवार को इस पर चर्चा हो रही है. इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की.
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ़्ती ने इस पर सवाल उठाए हैं.
महबूबा मुफ़्ती ने एक्स पर लिखा, "संसद दो सौ साल पुराने वंदे मातरम को लेकर बहस में उलझी हुई है, जबकि इंडिगो के यात्री फंसे हुए हैं और जवाब पाने के लिए परेशान हैं."
उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, "लोगों की परेशानी से जुड़े संकटों का सामना करने के बजाय वर्तमान में बीजेपी केवल खोखले प्रतीकवाद में दिलचस्पी ले रही है."
महबूबा मुफ़्ती ने सवाल किया, "यह राजनीतिक दिखावा रोज़गार कैसे पैदा करेगा, बढ़ती क़ीमतों पर कैसे काबू पाएगा या उन असल समस्याओं का समाधान कैसे करेगा जो करोड़ों भारतीयों पर भारी पड़ रही हैं?"
ब्रेकिंग न्यूज़, 'वंदे मातरम' पर लोकसभा में चर्चा शुरू, पीएम मोदी ने क्या कुछ कहा?
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'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने के मौक़े पर लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर चर्चा शुरू कर दी है. पीएम मोदी ने कहा कि इस गीत ने देश की आज़ादी के लिए ऊर्जा दी.
उन्होंने कहा, "जब वंदे मातरम के पचास वर्ष हुए तब देश गुलामी में जीने के लिए मजबूर था. जब इसके 100 साल हुए देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था. तब भारत के संविधान का गला घोंट दिया गया था."
प्रधानमंत्री ने कहा, "जब यह 100 साल का हुआ तब देशभक्ति के लिए जीने वाले लोगों को जेल की सलाखो में भेजा गया. दुर्भाग्य से एक काला कालखंड देश को देखना पड़ा."
उन्होंने कहा, "इसके 150 वर्ष उस महान अध्याय को उस गौरव को पुनःस्थापित करने का अवसर है."
पीएम मोदी ने कहा, "यह गीत ऐसे समय पर लिखा गया जब 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेज़ सल्तनत बौखलाई हुई थी. भारत पर भांति-भांति का दबाव था, भांति-भांति के जुल्म कर रही थी और भारत के लोगों को अंग्रेज़ों के द्वारा मजबूर किया जा रहा था."
उन्होंने कहा, "इस दौरान अंग्रेज़ों के राष्ट्रीय गीत 'गॉड सेव द क्वीन' को घर-घर पहुंचाने का षड्यंत्र चल रहा था. ऐसे समय पर बंकिम दा ने चुनौती दी और ईंट का जवाब पत्थर से दिया और उसमें से वंदे मातरम का जन्म हुआ."
तस्वीरें: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच ताज़ा झड़पों के बाद हज़ारों लोग घरों से भागे
दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों- थाईलैंड और कंबोडिया के बीच ताज़ा संघर्ष के बाद दोनों देशों के हज़ारों नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है.
सोमवार सुबह दोनों देशों से सामने आईं कुछ तस्वीरें:
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इमेज कैप्शन, थाईलैंड के बुरीराम प्रांत में बने शेल्टर में कई लोग रुके हुए हैं
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इमेज कैप्शन, थाई सेना ने कहा है कि क़रीब 35 हज़ार लोग विस्थापित हो चुके हैं
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इमेज कैप्शन, कंबोडिया में थाईलैंड से लगे सीमाई प्रांत में बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं
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इमेज कैप्शन, ये सभी लोग अपने परिवारों के साथ जा रहे हैं
इंडिगो फ़्लाइट संकट के बीच कंपनी के शेयर इतने फ़ीसदी गिरे
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भारत में इंडिगो एयरलाइंस की फ़्लाइट्स को लेकर चल रहे संकट के बीच कंपनी के शेयर में गिरावट जारी है. सोमवार सुबह कारोबारी सत्र के दौरान इंडिगो के शेयर में 7.5 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
पिछले एक हफ़्ते के दौरान शेयर पर लगातार दबाव बना रहा और यह 15 फ़ीसदी तक गिर गया है.
वहीं सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान स्पाइसजेट के शेयर में 10 फ़ीसदी तक का उछाल रहा.
बीते हफ़्ते बुधवार को यह संकट तब शुरू हुआ जब इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें रद्द हो गईं और दर्जनों उड़ानों को देरी का सामना करना पड़ा. अकेले शुक्रवार को ही 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द हुई हैं.
इसकी वजह से अन्य एयरलाइंस के किराए भी आसमान छूने लगे. शनिवार को भारत सरकार ने दखल देते हुए विमान किरायों की सीमा तय कर दी.