विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट की ख़बरों पर कांग्रेस पार्टी ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी
देश के विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट पर कांग्रेस ने शनिवार को प्रतिक्रिया दी.
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मं एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "नरेंद्र मोदी हर मोर्चे पर नाकाम हैं. आंकड़े इसकी गवाही देते हैं."
कांग्रेस ने बिजनेस स्टैंडर्ड अख़बार की उस ख़बर का हवाला देते हुए ये बात कही है, जिसमें कहा गया कि विदेशी मुद्रा भंडार 10 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है.
कांग्रेस ने कहा, "देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट जारी है. अब विदेशी मुद्रा भंडार 625.87 अरब डॉलर रह गया है, जो कि 10 महीने का निचला स्तर है."
"विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले 3 महीने में क़रीब 80 अरब डॉलर की कमी आई है."
इमेज स्रोत, @INCIndia
इमेज कैप्शन, कांग्रेस का पोस्ट
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हवाले से बताया कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10 जनवरी को खत्म हुए हफ्ते में 8.71 अरब डॉलर घटकर 625.87 अरब डॉलर रहा है.
आरबीआई ने कहा कि इससे पिछले सप्ताह के दौरान इसमें 5.69 अरब डॉलर की कमी आई थी और यह 634.58 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था.
भारतीय मूल के सांसद चंद्रा आर्या ने कनाडा के पीएम पद के लिए दाखिल किया नामांकन, पिता क्या बोले?
इमेज स्रोत, @ARYACANADA
इमेज कैप्शन, चंद्रा आर्या कनाडा के नेपियन से सांसद हैं
कनाडा में जस्टिन ट्रूडो के पीएम पद से इस्तीफ़े के बाद भारतीय मूल के सांसद चंद्रा आर्या ने प्रधानमंत्री बनने के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. इस बीच उनके पिता ने प्रतिक्रिया दी.
चंद्रा आर्या के पिता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "हमने कभी उम्मीद नहीं थी कि वो प्रधानमंत्री बनने की रेस में शामिल होंगे."
"मेरे ससुर ने कहा था कि वह एक बड़ा राजनेता बनेंगे और ये सच हो रहा है."
कौन हैं चंद्रा आर्या?
चंद्रा आर्य मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले हैं और वो कनाडा के नेपियन से सांसद हैं.
चंद्रा आर्या कनाडा में हाउस ऑफ कॉमन्स के सदस्य हैं. उन्होंने इंजीनियरिंग में बैचलर की डिग्री और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर की डिग्री ली है.
वे हाई-टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक्ज़ीक्यूटिव के तौर पर काम कर चुके हैं.
हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सत्ताधारी लिबरल पार्टी के नेता पद और प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
हालांकि लिबरल पार्टी के नए नेता चुने जाने तक ट्रूडो प्रधानमंत्री बने रहेंगे.
टिक-टॉक ने बताया- अमेरिका में कब से बंद होगा प्लेटफ़ॉर्म
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, टिक-टॉक ने बयान जारी किया है
चीनी कंपनी टिक-टॉक ने कहा कि अमेरिकी सरकार कोई कदम नहीं उठाती है तो रविवार से वो देश में अपनी गतिविधियां बंद कर लेगा.
टिक-टॉक ने बयान में कहा कि जो बाइडन, व्हाइट हाउस और न्याय विभाग हमें स्पष्टता देने और आश्वासन प्रदान करने में विफल रहे हैं. ये टिक-टॉक के अमेरिका में जारी रखने के लिए ज़रूरी है.
दरअसल, अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टिक-टॉक पर प्रतिबंध लगाने वाले क़ानून के पक्ष में फ़ैसला सुनाया.
इस प्रतिबंध से टिक-टॉक तभी बच सकता था जब इसकी पेरेंट कंपनी बाइटडांस रविवार तक इसे बेच देगी.
टिक-टॉक ने इस क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था और कहा था कि ये अमेरिका के उसके लाखों यूज़र की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के ख़िलाफ़ है.
सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का अर्थ है कि टिक-टॉक का अमेरिकी वर्जन ऐप स्टोर और वेब होस्टिंग सर्विस से हटा दिया जाएगा.
इसराइली कैबिनेट ने ग़ज़ा में युद्ध विराम समझौते को दी मंज़ूरी, रविवार से होगा लागू
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू
इसराइली कैबिनेट ने ग़ज़ा में युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई के लिए हमास के साथ हुए समझौते को मंज़ूरी दे दी. ये समझौता रविवार से लागू होना है.
प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के कार्यालय और हमास ने कुछ घंटे पहले ही कहा था कि समझौते के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है.
समझौते का एलान बुधवार को सबसे पहले अमेरिका और क़तर ने किया था.
इसके बाद समझौते को इसराइल कैबिनेट को गुरुवार को मंजूरी देनी थी, लेकिन बिन्यामिन नेतन्याहू ने कैबिनेट की वोटिंग को टालते हुए हमास पर समझौते में बदलाव करने के प्रयास का आरोप लगाया.
शुक्रवार को प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने एलान किया कि दोहा में स्थित इसराइली वार्ता टीम ने समझौते को अंतिम रूप दे दिया.
हमास ने भी बयान जारी कर कहा कि समझौते की शर्तों के संबंध में उभरी "बाधाओं" को सुबह सुलझा लिया गया.
समझौते के तीन चरण हैं-
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने समझौते की जानकारी देते हुए बताया था कि पहला चरण छह सप्ताह तक चलेगा और इसमें 'पूर्ण युद्ध विराम' होगा.
जो बाइडन के अनुसार, दूसरे चरण का उद्देश्य 'युद्ध का स्थायी अंत' होगा.
तीसरे और अंतिम चरण में ग़ज़ा के पुनर्निर्माण की बात कही गई है.
इमेज स्रोत, Israeli Government Press Office
इमेज कैप्शन, ग़ज़ा में युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई का समझौता रविवार से लागू होगा
हमास ने इसराइल पर सात अक्तूबर, 2023 को हमला किया था. इन हमलों में 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बनाकर हमास अपने साथ ले गए थे.
इसके बाद इसराइल ने जवाबी कार्रवाई की.
हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इसराइल के हमले में 46 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हुई है.
वहीं इसराइल का कहना है कि 251 बंधकों में से 94 अभी भी हमास के पास है और इसमें से 34 की मौत हो चुकी है.