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कर्नाटक: ज़मीन आवंटन मामले में सीएम सिद्धारमैया को राहत, 29 अगस्त तक सुनवाई पर रोक

कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने मुडा ज़मीन आवंटन मामले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के ख़िलाफ़ अदालती कार्रवाई की इज़ाज़त दे दी थी. मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने इसे कोर्ट में चुनौती दी थी.

सारांश

  • कर्नाटक: ज़मीन आवंटन मामले में सीएम सिद्धारमैया को राहत, हाई कोर्ट ने 29 अगस्त तक सुनवाई पर लगाई रोक
  • पीएम मोदी इस हफ़्ते जाएंगे यूक्रेन, 30 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का दौरा
  • उदयपुर में चाक़ू लगने से घायल छात्र की इलाज के दौरान हुई मौत
  • चंपाई सोरेन के बीजेपी में जाने की अटकलों के बीच हेमंत सोरेन ने बीजेपी पर निशाना साधा और कई आरोप लगाए
  • कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या मामले में मृत डॉक्टर की मां ने कहा- पुलिस ने ठीक से अपना काम नहीं किया

लाइव कवरेज

अभिषेक पोद्दार, अश्वनी पासवान और दीपक मंडल

  1. मलेशिया के प्रधानमंत्री का भारत दौरा, ज़ाकिर नाइक पर भी होगी बात?

    मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम सोमवार को अपनी तीन दिवसीय यात्रा के लिए दिल्ली पहुंचेंगे.

    अपनी इस यात्रा में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे.

    मलेशिया के विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री के इस भारत दौरे पर एक प्रेस रिलीज़ भी जारी की है.

    प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़, “प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम 19 अगस्त से 21 अगस्त तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे. उनके साथ विदेश मंत्री, निवेश मामलों के मंत्री, पर्यटन मंत्री और मानव संसाधन मंत्री भी भारत यात्रा पर जाएंगे.”

    प्रेस रिलीज़ में यह भी बताया गया है कि 2022 में प्रधानमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है. इस यात्रा से भारत और मलेशिया के बीच रिश्तों को मज़बूती भी मिलेगी. इसके अलावा मलेशियाई प्रधानमंत्री भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलेंगे.

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज़ में इस यात्रा पर कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भारत की पहली आधिकारिक यात्र पर आ रहे हैं. वे महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे जिसके बाद वे भारत के प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय चर्चा करेंगे.

    हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों ने ज़ाकिर नाइक के मुद्दे पर अभी तक कोई भी जानकारी सामने नहीं रखी है. ज़ाकिर नाइक विवादास्पद धर्म उपदेशक हैं और वे मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अभियुक्त भी हैं.

    फ़िलहाल वे मलेशिया में ही हैं. एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इस बारे में कुछ नहीं कहा था.

    साल 2021 में नरेंद्र मोदी ने रूस में एक सम्मेलन के दौरान मलेशिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के सामने ज़ाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया था.

  2. कोलकाता रेप केस: टीएमसी सांसद की किस मांग के समर्थन में उतरी बीजेपी

    भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर की मांगों का समर्थन किया है.

    उन्होंने एक बयान देते हुए कहा, “पहली बार हम टीएमसी सांसद की मांग का समर्थन करते हैं. हम भी यह मानते हैं कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर और आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के बीच कोई गठजोड़ था.”

    केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, “यहां तक कि अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में कई सारी ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां हो रही हैं. यह सब गतिविधियां पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्रालय के हेडक्वार्टर से नियंत्रित की जा रही हैं.”

    इससे पहले टीएमसी राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर ने एक एक्स पोस्ट के ज़रिए आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल और पुलिस कमिश्नर को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग की थी.

    टीएमसी सांसद ने लिखा था,सीबीआई को निष्पक्षता से काम करना चाहिए. पूर्व प्रिंसिपल और पुलिस कमिश्नर को हिरासत में लेकर पूछताछ करनी चाहिए ताकि पता चल सके कि आत्महत्या की कहानी किसने और क्यों फैलाई.”

    उन्होंने पूछा कि हॉल की दीवार क्यों गिराई गई, रॉय को इतना शक्तिशाली बनाने के लिए किसने संरक्षण दिया, 3 दिन बाद खोजी कुत्ते का इस्तेमाल क्यों किया गया. ऐसे सैकड़ों सवाल हैं. उन्हें बोलने के लिए मजबूर किया जाए.

  3. केशव प्रसाद मौर्य ने अब योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ़ की

    उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ की.

    उन्होंने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में कहा, ‘’आप जानते हैं और जनता भी मानती है कि हमारी डबल इंजन की सरकार स्वंतत्र भारत के इतिहास में सबसे अच्छा काम कर रही है.’

    केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ''दुनिया में मोदी जी जैसा कोई दूसरा नेता है क्या? देश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसा कोई दूसरा मुख्यमंत्री है क्या?''

    उन्होंने आगे कहा, ''देश का हमारा नेता दुनिया का सबसे प्रभावशाली हो और प्रदेश के हमारे मुख्यमंत्री की अगुवाई में देश के दूसरे मुख्यमंत्रियों की तुलना में सबसे अच्छा काम हो रहा है.''

    केशव प्रसाद मौर्य ने ऐसे समय पर योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ की है, जब राजनीतिक गलियारों में कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है.

    लखनऊ में पिछले महीने हुई बीजेपी की बैठक में योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य ने यूपी के अंदर बीजेपी के ख़राब प्रदर्शन की अलग-अलग वजहें बताई थी.

    यूपी में ख़राब प्रदर्शन का कारण योगी आदित्यनाथ ने अति आत्मविश्वास को बताया था. वहीं, केशव प्रसाद मौर्य ने संगठन के सरकार से बड़े होने की बात बोली थी.

    केशव प्रसाद मौर्य के इस बयान को योगी सरकार के ख़िलाफ़ टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा था.

  4. यूपी में शिक्षक भर्ती पर कोर्ट के फ़ैसले का केशव मौर्य ने किया था स्वागत लेकिन योगी ने क्या कहा?

    उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षक भर्ती मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फ़ैसले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए.

    वहीं, यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सामाजिक न्याय की दिशा में स्वागत योग्य कदम बताया था.

    योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘’69,000 शिक्षक भर्ती प्रकरण में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आज माननीय न्यायालय के निर्णय के सभी तथ्यों से मुझे अवगत कराया गया.’’

    उन्होंने कहा, ‘’माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ऑब्जर्वेशन एवं माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद की लखनऊ बेंच के निर्णय के आलोक में कार्रवाई करने हेतु विभाग को निर्देश दिए हैं.’’

    योगी आदित्यनाथ ने बताया, ‘’उत्तर प्रदेश सरकार का स्पष्ट मत है कि संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण की सुविधा का लाभ आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को प्राप्त होना ही चाहिए एवं किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए.’’

    केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ''शिक्षकों की भर्ती में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फ़ैसला सामाजिक न्याय की दिशा में स्वागत योग्य कदम है. यह उन पिछड़ा व दलित वर्ग के पात्रों की जीत है जिन्होंने अपने अधिकार के लिए लंबा संघर्ष किया. उनका मैं तहेदिल से स्वागत करता हूं.''

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2019 में हुई 69 हजार अध्यापक भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों की सूची नए सिरे से जारी करने का आदेश दिया है.

  5. नौकरशाहों की भर्ती में लेटरल एंट्री पर अश्विनी वैष्णव का जवाब

    ­­­­­­­­नौकरशाहों की भर्ती के लिए लेटरल एंट्री करने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि केंद्र सरकार ऐसा करके अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का आरक्षण छीन रही है.

    कांग्रेस के इस हमले पर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पलटवार किया है.

    अश्विनी वैष्णव ने अपनी एक एक्स पोस्ट में लिखा, “लेटरल एंट्री मामले में कांग्रेस साफ़ तौर पर पाखंड कर रही है. इस अवधारणा को यूपीए सरकार ने ही विकसित किया था.”

    अश्विनी वैष्णव के मुताबिक़, “साल 2005 में यूपीए सरकार के दौरान दूसरा प्रशासनिक सुधार आयोग (एआरसी) स्थापित किया गया था. वीरप्पा मोइली इसके अध्यक्ष थे. इसी ने स्पेशलाजेशन को लेकर एक्सपर्ट्स को भर्ती करने की सिफ़ारिश की थी.”

    केंद्रीय मंत्री ने बताया, एनडीए सरकार ने इस सिफ़ारिश को लागू करने के लिए एक पारदर्शी तरीक़ा बनाया है. भर्ती यूपीएससी के माध्यम से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की जाएगी. इससे शासन में भी सुधार होगा.

    वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा था, ''नरेंद्र मोदी संघ लोक सेवा आयोग की जगह ‘राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’ के ज़रिए लोकसेवकों की भर्ती कर संविधान पर हमला कर रहे हैं.''

    उन्होंने कहा, ''केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर लेटरल एंट्री के ज़रिए भर्ती कर खुलेआम एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग का आरक्षण छीना जा रहा है.''

    राहुल गांधी ने कहा, ''मैंने हमेशा कहा है कि टॉप ब्यूरोक्रेसी समेत देश के सभी शीर्ष पदों पर वंचितों का प्रतिनिधित्व नहीं है, उसे सुधारने के बजाय लेटरल एंट्री द्वारा उन्हें शीर्ष पदों से और दूर किया जा रहा है.''

    उन्होंने बताया, ''यह यूपीएससी की तैयारी कर रहे प्रतिभाशाली युवाओं के हक पर डाका और वंचितों के आरक्षण समेत सामाजिक न्याय की परिकल्पना पर चोट है.''

    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दावा किया, ‘चंद कॉरपोरेट्स’ के प्रतिनिधि निर्णायक सरकारी पदों पर बैठ कर क्या कारनामे करेंगे इसका ज्वलंत उदाहरण सेबी है, जहां निजी क्षेत्र से आने वाले को पहली बार चेयरपर्सन बनाया गया.''

    उन्होंने कहा, ''प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक न्याय दोनों को चोट पहुंचाने वाले इस देश विरोधी कदम का INDIA मजबूती से विरोध करेगा. ‘IAS का निजीकरण’ आरक्षण खत्म करने की ‘मोदी की गारंटी’ है.''

    दरअसल,संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शनिवार को विभिन्न सरकारी विभागों में 45 पदों की लिए विज्ञापन जारी किया था.

    इन 45 पदों में 10 संयुक्त सचिव और 35 निदेशक/उप सचिव के पद हैं. इनको लेटरल एंट्री के माध्यम से भरा जाना है.

  6. कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या मामले पर टीएमसी और कांग्रेस में तनातनी

    कर्नाटक के राज्यपाल ने राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी दे दी है.

    इस मामले को लेकर अब ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है.

    तृणमूल पार्टी के नेता कुणाल घोष ने एक एक्स पोस्ट के ज़रिए कर्नाटक मामले को लेकर सीधे राहुल गांधी से ही सवाल पूछे हैं.

    कुणाल घोष ने अपनी पोस्ट में लिखा, ''तो क्या राहुल जी आप अपने मुख्यमंत्री को भी इस्तीफ़ा देने के लिए कहेंगे. उन पर भ्रष्टाचार के घोर आरोप लगे हैं. पश्चिम बंगाल की घटना पर और ममता बनर्जी ने जो क़दम उठाए उसके बारे में बिना किसी सही जानकारी के आपने सोशल मीडिया पर टिप्पणी कर दी. अब क्या आप अपने मुख्यमंत्री पर भी कोई कार्रवाई करेंगे.''

    दरअसल राहुल गांधी ने कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप के बाद हत्या के मामले में अपनी एक एक्स पोस्ट में ममता सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे.

    राहुल ने लिखा था की इस वीभत्स घटना से पूरा देश स्तब्ध है. इस अमानवीय और क्रूर कृत्य की परत दर परत जिस तरह से सामने आ रही है, उससे डॉक्टर्स कम्युनिटी और महिलाओं में असुरक्षा का माहौल है.

    राहुल गांधी ने कहा था कि पीड़िता को न्याय दिलाने की जगह अभियुक्तों को बचाने की कोशिश, अस्पताल और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है.

    कर्नाटक के राज्यपाल ने एमयूडीए की ओर से सीएम की पत्नी पार्वती बीएम को 14 साइटों के कथित आउट-ऑफ-टर्न आवंटन के मामले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी दी है.

  7. चंपाई सोरेन की नाराज़गी के बाद हेमंत सोरेन ने क्या कहा?

    झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के बीजेपी में जाने की अटकलों के बीच मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को बीजेपी पर निशाना साधा और कई आरोप लगाए.

    झारखंड के गोड्डा में एक सरकारी आयोजन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "बीजेपी अलग-अलग राज्यों से लोगों को लाकर यहां आदिवासी, पिछड़ा, अल्पसंख्यक के ऊपर ज़हर बोने का काम करती है और एक दूसरे से लड़वाने का काम करती है."

    हेमंत सोरेन ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, "समाज तो छोड़ो ये घर तुड़वाने का काम भी करते हैं. पार्टी तोड़ने का काम करते हैं. आए दिन ये विधायकों को ख़रीदने का काम करते हैं."

    हेमंत ने कहा कि पैसा ऐसी चीज़ है कि लोगों को इधर-उधर घसीटने में देरी नहीं लगती है. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की सरकार 2019 से लगातार जनता के बीच में खड़ी है.

    इससे पहले चम्पाई सोरेन के झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़कर बीजेपी के साथ जाने की चर्चाओं के बीच जेएमएम ने इसे बीजेपी का प्रॉपेगैंडा बताया दिया था.

    चम्पाई सोरेन के घर से जेएमएम के झंडे हट गए हैं. उन्होंने अपने एक्स प्रोफ़ाइल से भी जेएमएम हटा दिया है.

    रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखी और पार्टी से नाराज़गी की वजहें बताईं. साथ ही उन्होंने कहा कि इस सफ़र में उनके लिए "सभी विकल्प खुले हुए हैं."

  8. नमस्कार

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