शेख़ हसीना के बेटे ने अपनी मां के भारत से प्रत्यर्पण के सवाल पर बीबीसी से क्या कहा?
अवामी लीग नेता शेख़ हसीना के बेटे सजीब वाजिद ने बीबीसी के ‘न्यूज़आवर’ कार्यक्रम में अपनी मां के वापस बांग्लादेश वापस जाने, देश में हुए चुनावों और अन्य मुद्दों पर बात की है.
बांग्लादेश चुनाव नतीजे और जमात-ए-इस्लामी की हार पर जावेद अख़्तर क्या बोले
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इमेज कैप्शन, जावेद अख़्तर ने जमात की हार को 'अच्छी ख़बर' बताया है (फ़ाइल फ़ोटो)
मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख़्तर
ने बांग्लादेश में हुए आम चुनाव के नतीजे और इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी की हार
पर टिप्पणी की है.
उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजे बताते
हैं कि बांग्लादेश की ज़्यादातर आबादी 'जमात के सांप्रदायिक
पूर्वाग्रह' को नहीं मानती.
जावेद अख़्तर ने सोशल मीडिया पर लिखा,
"दक्षिणपंथी विचारधारा वाली
बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी हिन्दुओं पर हुए अत्याचारों के लिए ज़िम्मेदार है.
उसे चुनाव में काफ़ी बुरी हार मिली है."
उन्होंने कहा, "इसका मतलब है कि बांग्लादेश की ज़्यादातर आबादी
अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ जमात के सांप्रदायिक पूर्वाग्रह को नहीं मानती है. यह एक
अच्छी ख़बर है."
बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में
बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) को दो-तिहाई से अधिक बहुमत मिला है और जमात
को करारी हार झेलनी पड़ी है.
शंकराचार्य पर यूपी विधानसभा में योगी आदित्यनाथ के भाषण की चर्चा, ऐसा क्या बोले
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान पहली बार प्रयागराज में
माघ मेले के दौरान उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ के प्रमुख स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच हुए विवाद पर प्रतिक्रिया दी.
अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने
शंकराचार्य पद की गरिमा और योग्यता पर बयान दिया. साथ ही उन्होंने राज्य में
क़ानून के शासन पर ज़ोर दिया और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा.
उनके बयानों पर समाजवादी पार्टी और
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं.
योगी आदित्यनाथ ने कहा,
"समाजवादी पार्टी बार-बार एक झूठ को
दोहराने का प्रयास करती है. जो मुद्दा नहीं था उसको जानबूझकर मुद्दा बनाया गया.
मैं कहता हूं कि क्या हर व्यक्ति ख़ुद ही मुख्यमंत्री बनकर प्रदेश के अंदर घूम
जाएगा? क्या कोई भी मंत्री का बोर्ड लगाकर
घूम जाएगा?"
"एक सिस्टम है, एक व्यवस्था है. भारत के सनातन धर्म की भी यही व्यवस्थाएं हैं.
शंकराचार्य का पद भारत के सनातन धर्म में सर्वोच्च और सम्मानित पद माना जाता है.
बहुत पवित्र माना जाता है."
उन्होंने कहा, "माघ मेला में मौनी अमावस्या के दिन 4.5 करोड़
श्रद्धालु आए, सबके लिए एक व्यवस्था बनाई गई.
क़ानून तो सबके लिए बराबर होता है. कोई व्यक्ति किसी क़ानून से ऊपर नहीं हो
सकता."
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
शंकराचार्य पद की योग्यता और पात्रता को लेकर भी बयान दिया.
उन्होंने कहा, "आदि गुरु शंकराचार्य ने अनिवार्य किया है कि जिस
पीठ के लिए जो योग्य पात्र होगा उसका मन, उसका
भाष्य, विद्वत परिषद द्वारा मान्य किया
जाएगा और उस परपंरा द्वारा उसको मान्य किया गया. हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख
सकता. हर व्यक्ति हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर जहां-तहां वातावरण ख़राब नहीं
कर सकता. उन मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा."
योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दल
समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधा.
उन्होंने कहा, "अगर वह शंकराचार्य थे तो आप लोगों (सपा) ने क्यों
लाठीचार्ज किया था वाराणसी में? क्यों
एफ़आईआर की थी? आप नैतिकता की बात करते हैं?"
सीएम ने कहा, "जहां पर 4.5 करोड़ श्रद्धालु आए हों, वहां पर श्रद्धालुओं के बाहर निकलने वाले मार्ग
से कोई अंदर जाने का प्रयास करता है तो एक नई भगदड़ को जन्म देता है. श्रद्धालुओं
के जीवन के साथ खिलवाड़ करता है. एक ज़िम्मेदार और मर्यादित व्यक्ति कभी इस तरह का
आचरण नहीं कर सकता."
उन्होंने कहा, "आपको पूजना है, सपा के लोग पूजें. लेकिन हम लोग मर्यादित लोग हैं. क़ानून के शासन पर
विश्वास करते हैं. क़ानून का शासन पालन करना भी जानते हैं और करवाना भी जानते
हैं."
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन बयानों पर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया भी आई है. पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है.
यह स्क्रीनशॉट गोरखनाथ मंदिर के एक सोशल मीडिया पोस्ट का है, जिसमें अविमुक्तेश्वारनंद सरस्वती को शंकराचार्य कहा गया है.
समाजवादी पार्टी ने इस स्क्रीनशॉट को साझा करते हुए लिखा, "जवाब दें, स्पष्ट करें."
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अपनी पार्टी के इस सोशल मीडिया पोस्ट को रीपोस्ट किया है.
ट्रंप ने दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत को मध्य-पूर्व में तैनात करने का आदेश दिया
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इमेज कैप्शन, यूएसएस जेराल्ड आर. फ़ोर्ड एफ़/ए-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमानों और ए-2 हॉकआई विमानों सहित 75 से अधिक लड़ाकू विमानों को ले जा सकता है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने
दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत यूएसएस जेराल्ड आर फ़ोर्ड को मध्य-पूर्व क्षेत्र में
तैनात करने का आदेश दिया है.
ट्रंप ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि
की. उन्होंने कहा कि विमानवाहक पोत बहुत जल्द मध्य-पूर्व की ओर रवाना होगा. अगर
ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो यूएसएस गेराल्ड आर फ़ोर्ड की ज़रूरत पड़ेगी.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़,
इससे पहले एसोसिएटेड प्रेस ने ख़बर दी थी कि
दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत को कैरेबियन सागर से मध्य-पूर्व की ओर जाने का
आदेश दिया गया है.
ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन को
लेकर भी बयान दिया है.
एक पत्रकार के सवाल पर उन्होंने कहा
कि सत्ता परिवर्तन 'सबसे अच्छी चीज़ होगी जो हो सकती है'.
ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी नौसेना
का सबसे एडवांस्ड विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फ़ोर्ड, अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत और उसके टास्क फ़ोर्स में शामिल होगा,
जो पिछले महीने के आख़िर में मध्य-पूर्व पहुंचा
था.
जेराल्ड आर. फ़ोर्ड में एक परमाणु
रिएक्टर है और यह एफ़/ए-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमानों और ए-2 हॉकआई विमानों सहित
75 से अधिक लड़ाकू विमानों को ले जा सकता है.
इसमें हवाई यातायात नियंत्रण और
नेविगेशन के लिए एडवांस्ड रडार मौजूद हैं.
हरियाणा: महिला एसपी से बहस पर मंत्री अनिल विज की सफाई, क्या बोले
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इमेज कैप्शन, अनिल विज ने कहा कि उन्होंने महिला एसपी से सस्पेंड करने को नहीं कहा है
हरियाणा के मंत्री अनिल विज और एक
महिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के बीच बहस का मामला सामने आने के बाद अब मंत्री विज
ने सफाई दी है.
अनिल विज ने कहा कि उन्होंने एसपी से
यह करने को कहा है कि जिसके पास अधिकार है, उसको वह पत्र लिखें.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री विज ने कहा, "चाहे मैं हूं या कोई अधिकारी हो,
हम सब जनता के लिए हैं. और जनता को इंसाफ़ मिले,
उसके लिए हैं. इसलिए हमें उसी ढंग से (काम) करना
चाहिए."
उन्होंने कहा, "मैं एसपी से सस्पेंड करने को नहीं कह रहा हूं. जब
मैं कह रहा हूं कि जिसके पास पावर है, उसको
लिखिए आप कि मैंने ये आदेश दिए हैं."
हरियाणा के कैथल में शुक्रवार को एक
बैठक के दौरान अनिल विज और महिला एसपी के बीच बहस हुई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर
वायरल हो रहा है.
वीडियो में अनिल विज एसपी को निर्देश
देते दिख रहे हैं कि वह एक कथित लैंड फ़्रॉड के मामले में एक पुलिस अधिकारी को
निलंबित करें.
वहीं, महिला एसपी का तर्क है कि उनके पास निलंबित करने का अधिकार नहीं है.
इस मुद्दे पर दोनों के बीच काफ़ी देर तक बहस चलती रही.
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इमेज कैप्शन, बांग्लादेश अवामी लीग ने शेख़ हसीना का बयान जारी किया है (फ़ाइल फ़ोटो)
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री
शेख़ हसीना ने देश में हुए आम चुनाव को 'धोखे और
स्वांग का चुनाव' कहा है.
शेख़ हसीना की पार्टी अवामी
लीग ने सोशल मीडिया पर एक लंबा बयान जारी किया है.
बयान के मुताबिक़, शेख़ हसीना ने चुनाव को लेकर कहा, "मतदान केंद्रों पर मतदाता नहीं थे, फिर भी मतगणना की मेजों पर वोट मौजूद थे."
उन्होंने कहा, "12 फ़रवरी को देश ने एक पहले से तय धोखे और
स्वांग वाले चुनाव को देखा. यह चुनाव बांग्लादेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक
शर्मनाक अध्याय के रूप में दर्ज होगा."
शेख़ हसीना ने चुनावी आंकड़ों पर
सवाल उठाए और 'गंभीर अनियमितताओं' के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि कई आंकड़े 'असंगत और झूठे' लगे.
उन्होंने कहा, "मतदान की रफ़्तार आम तौर पर सुबह, ख़ासकर 11 बजे से पहले सबसे तेज़ होती है. फिर भी
उस दौरान केवल 14.96% मतदान दर्ज हुआ और दोपहर तक यह अचानक बढ़कर 32.88% हो गया.
एक ही घंटे में यह उछाल असामान्य है."
उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग की ओर से बताए गए कुल वोटों का आंकड़ा
देशभर से मिली ज़मीनी तस्वीर से मेल नहीं खाता. खाली मतदान केंद्र, निष्क्रिय बूथ और मतदाताओं की ग़ैर-मौजूदगी देखी
गई."
इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री ने
जनमत संग्रह की प्रक्रिया और इसके नतीजे देरी से जारी किए जाने पर भी सवाल उठाए.
बांग्लादेश चुनाव: बीएनपी ने बताया इस दिन हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह
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इमेज कैप्शन, बीएनपी के कई शीर्ष नेताओं ने शुक्रवार रात तारिक़ रहमान से मुलाक़ात की
बांग्लादेश के आम चुनाव में दो-तिहाई
से अधिक सीटें जीतने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) इस बात पर चर्चा
कर रही है कि नई सरकार कैसे और किससे शपथ लेगी.
बीबीसी बांग्ला सेवा के मुताबिक़,
पार्टी के नेता क़ानूनी पहलुओं की जांच कर रहे
हैं कि संसद की ग़ैर-मौजूदगी में शपथ कैसे और किससे दिलाई जाएगी.
चुनाव परिणाम आने के बाद शुक्रवार रात बीएनपी के कई शीर्ष नेताओं ने बीएनपी अध्यक्ष तारिक़ रहमान से मुलाक़ात की.
इसके बाद, पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने बीबीसी बांग्ला
को बताया कि वे अब समझने की कोशिश कर रहे हैं कि शपथ कैसे और किससे ली जाएगी.
उन्होंने कहा, "अगर राजपत्र जारी हो जाता है, तो अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की ग़ैर-मौजूदगी में
मुख्य चुनाव आयुक्त को शपथ दिलाने की ज़िम्मेदारी तीन दिनों के भीतर दी जा सकती
है. यानी शपथ 17 तारीख़ तक ली जा सकती है."
बांग्लादेश में पारंपरिक तौर पर
प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य उसी दिन राष्ट्रपति के समक्ष पद की शपथ लेते
हैं, जिस दिन सांसद संसद के सदस्य पद की
शपथ लेते हैं.
वर्तमान क़ानून के मुताबिक़, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष शपथ दिलाते हैं. अगर ऐसा
संभव न हो, तो राष्ट्रपति की ओर से मनोनीत
व्यक्ति शपथ दिला सकता है.
लेकिन अगर अध्यक्ष या उपाध्यक्ष ऐसा
करने में असमर्थ हों, तो तीन दिन बाद मुख्य चुनाव आयुक्त
शपथ दिलाते हैं.
बांग्लादेश चुनाव: जमात प्रमुख ने रिज़ल्ट शीट से छेड़छाड़ के लगाए आरोप
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इमेज कैप्शन, जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 77, जबकि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के गठबंधन ने 212 सीटों पर जीत दर्ज की है
बांग्लादेश में चुनाव हारने के बाद
जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफ़ीक़ुर रहमान ने आरोप लगाते हुए कहा कि मतदान
भले ही निष्पक्ष रहा हो, लेकिन
मतगणना के दौरान 'अनियमितताओं और हेरफेर' के ज़रिए नतीजों में बदलाव किया गया.
13वें संसदीय चुनाव के परिणाम आने के
बाद शफ़ीक़ुर रहमान ने शुक्रवार रात ढाका के मोग़बाज़ार स्थित पार्टी के केंद्रीय
दफ़्तर में 11 दलों के चुनावी गठबंधन की ओर से
प्रेस कॉन्फ़्रेंस की, जहां उन्होंने कई आरोप लगाए.
बांग्लादेशी अख़बार 'द डेली स्टार' के मुताबिक़, जमात प्रमुख ने देश के अलग-अलग
हिस्सों में 11 दलों के गठबंधन के नेताओं, कार्यकर्ताओं,
एजेंटों और मतदाताओं के घरों पर हमलों का भी आरोप
लगाया. उन्होंने इन गतिविधियों को 'फासीवादी'
कहा.
जमात प्रमुख ने कहा, "चुनाव में जीत और हार होना स्वाभाविक है और अगर यह सामान्य रूप से हो तो लोग आम तौर पर
उसे स्वीकार करते हैं. लेकिन अगर बड़े स्तर पर भेदभाव या अनियमितता हो तो स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं."
उन्होंने कहा, "जो लोग ऐसे ग़लत काम में शामिल हैं, उन्हें इसकी पूरी ज़िम्मेदारी उठानी होगी."
शफ़ीक़ुर रहमान ने यह भी आरोप लगाया
कि कई जगहों पर नतीजों की घोषणा अचानक रोक दी गई.
उन्होंने कहा, "हमारे पास ऐसे दस्तावेज़ हैं जो दिखाते हैं कि कई
जगहों पर रिज़ल्ट शीट के साथ छेड़छाड़ की गई. कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में दोहरे
मापदंड अपनाए गए."
नमस्कार!
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