अमेरिका की एक फैक्ट्री में भीषण धमाका, 'कई लोगों की मौत'

धमाके के बाद की तस्वीरों में जली हुई कारें, मलबे में बदल चुके लोहे के टुकड़े और जगह-जगह धुएं के गुबार देखे जा सकते हैं.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह और आनंद मणि त्रिपाठी

  1. अमेरिका की एक फैक्ट्री में भीषण धमाका, 'कई लोगों की मौत'

    अमेरिका

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    इमेज कैप्शन, घटना स्थल से धमाके की तस्वीर

    अमेरिका के टेनेसी राज्य में एक सैन्य विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण धमाका हुआ है.

    यह फैक्ट्री 'एक्यूरेट एनर्जेटिक सिस्टम्स' की है, जो डिफ़ेंस, एयरोस्पेस और डेमोलिशन से जुड़े उत्पादों के लिए समाधान उपलब्ध कराती है.

    धमाका टेनेसी की राजधानी नैशविल से क़रीब एक घंटे दक्षिण में बकस्नॉर्ट इलाके़ में स्थित प्लांट में हुआ, जिसकी पुष्टि स्थानीय प्रशासन ने की है.

    स्थानीय अधिकारी क्रिस डेविस ने कहा, "इस समय कुछ लोग लापता हैं. हम परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं. कई लोगों की मौत भी हुई है."

    धमाके के बाद फैक्ट्री के आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है और स्थानीय मीडिया के मुताबिक़, कम से कम 19 लोग लापता हैं. प्रशासन का कहना है कि आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंच गई हैं और स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही हैं.

    सोशल मीडिया पर वायरल एक डोरबेल कैमरे के वीडियो में धमाके की तेज़ आवाज़ें सुनी जा सकती हैं.

    स्थानीय निवासी गेंट्री स्टोवर ने अमेरिकी चैनल सीबीएस न्यूज़ को बताया, "मैं तो समझा कि मेरा घर मेरे ऊपर गिर गया है."

    धमाके के बाद की तस्वीरों में जली हुई कारें, मलबे में बदल चुके लोहे के टुकड़े और जगह-जगह धुएं के गुबार देखे जा सकते हैं.

    स्थानीय चैनल न्यूज़चैनल 5 की ओर से पोस्ट किए गए फ़ुटेज में फैक्ट्री का बुरी तरह से क्षतिग्रस्त ढांचा और आग की चिंगारियां दिखाई दे रही हैं.

    टेनेसी के सांसद स्कॉट डेजारले ने फैक्ट्री के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना की अपील की है. उन्होंने एक्स पर लिखा, "कृपया सभी पीड़ितों और मौके पर राहत कार्य कर रहे लोगों के लिए दुआ करें."

    यह घटना उस वक्त घटी जब फैक्ट्री में रोज़मर्रा की तरह काम हो रहा था. घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन अभी तक यह साफ़ नहीं हो पाया है कि धमाके की वजह क्या थी.

    घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए है.

  2. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता आनंद मणि त्रिपाठी को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

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  3. मेलानिया ट्रंप ने बताया, "यूक्रेनी बच्चों पर मेरे पत्र का जवाब पुतिन ने दिया"

    अमेरिका की फ़र्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, मेलानिया ने कहा है कि कई यूक्रेनी बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया है

    अमेरिका की फ़र्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने दावा किया है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उनके उस पत्र का जवाब दिया है जिसमें उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध से प्रभावित बच्चों की स्थिति पर चिंता जताई थी.

    मेलानिया ने कहा, “पुतिन के साथ खुले संवाद के बाद कई यूक्रेनी बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया है.”

    उन्होंने बताया कि यह पत्र अगस्त में पुतिन की अलास्का यात्रा के दौरान उन्हें व्यक्तिगत रूप से सौंपा गया था.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर इस पत्र के कुछ अंश साझा करते हुए लिखा, “मेलानिया का यह कदम मानवता के लिए एक मिसाल है.”

    रूसी अधिकारियों की ओर से इस बयान पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

    यूक्रेनी सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने पहले रूस पर हज़ारों यूक्रेनी बच्चों को जबरन ले जाने के आरोप लगाए थे. लेकिन रूस ने इस आरोप से इनकार किया है.

  4. रूसी हमलों से कीएव और यूक्रेन के कई इलाकों में बिजली गुल

    रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यूक्रेन

    इमेज स्रोत, Ukraine's emergency service DSNS in Kyiv region

    रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यूक्रेन की राजधानी कीएव और आठ अन्य क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है.

    यूक्रेन के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, कीएव में लगभग 4.23 लाख उपभोक्ताओं की बिजली बहाल कर दी गई है, लेकिन अब भी करीब 3.8 लाख घर अंधेरे में हैं.

    कीएव के मेयर विताली क्लिचको ने बताया कि हमलों में 12 लोग घायल हुए हैं.

    दक्षिणी ज़ापोरिज़्ज़िया क्षेत्र में एक सात वर्षीय बच्चे की मौत हुई और सात अन्य लोग घायल हुए, जबकि मध्य चेरकासी क्षेत्र में 10 लोगों के घायल होने की सूचना है.

    रूस के रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को “व्यापक ऑपरेशन” बताया है. मंत्रालय के अनुसार, इसमें उच्च-सटीकता वाले हथियारों, जिनमें हाइपरसोनिक मिसाइलें भी शामिल हैं, का इस्तेमाल किया गया.

    रूस का दावा है कि हमले यूक्रेन के “सैन्य-औद्योगिक ढांचे से जुड़ी ऊर्जा सुविधाओं” को निशाना बनाने के लिए किए गए.

    यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि ये हमले देश की ऊर्जा व्यवस्था को ठप करने की रूस की “सर्दियों की रणनीति” का हिस्सा हैं.

  5. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "चीन का रवैया शत्रुतापूर्ण, अब क़दम उठाने होंगे"

    ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने लिखा है कि, "पिछले छह महीनों में हमारा चीन के साथ संबंध अच्छा रहा है."

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन की हालिया नीतियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि चीन "दुनिया को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है" और अब अमेरिका को "जवाबी आर्थिक कदम" उठाने होंगे.

    ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया वेबसाइट ट्रूथ सोशल पर लिखा, "चीन में कुछ बेहद अजीब घटनाएं हो रही हैं. वह अब बहुत आक्रामक हो गया है और दुनिया भर के देशों को पत्र भेज रहा है कि वह दुर्लभ खनिजों और करीब हर उत्पादन सामग्री पर निर्यात नियंत्रण लगाएगा. भले ही वह वस्तु चीन में बनी न हो."

    उन्होंने कहा कि इस कदम से "दुनिया के लगभग हर देश को मुश्किलें झेलनी पड़ेंगी, यहां तक कि चीन को भी. कई देशों ने इस नीति पर "गहरी नाराज़गी" जताई है, क्योंकि यह अचानक लागू की गई है.

    ट्रंप ने लिखा कि, "पिछले छह महीनों में हमारा चीन के साथ संबंध अच्छा रहा है, इसलिए यह व्यापारिक कदम और भी चौंकाने वाला है. चीन ने धीरे-धीरे मैग्नेट्स और अन्य दुर्लभ खनिजों पर एकाधिकार कर लिया है, जो एक खतरनाक और शत्रुतापूर्ण कदम है."

    उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के पास भी कई ऐसे प्राकृतिक संसाधन हैं जिन्हें "अब तक इस्तेमाल नहीं किया गया", लेकिन अब "शायद समय आ गया है."

    ट्रंप ने कहा कि चीन के इस पत्र में "कई पन्नों की सूची" शामिल है, जिसमें यह बताया गया है कि किन-किन तत्वों के निर्यात पर रोक लगाई जाएगी.

    उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से इस पर बात नहीं की, क्योंकि "ऐसा करने की ज़रूरत नहीं थी."

    ट्रंप ने बताया कि आगामी एपेक सम्मेलन में शी जिनपिंग से मुलाक़ात की योजना थी, "लेकिन अब उसकी भी कोई आवश्यकता नहीं लगती."

    ट्रंप ने कहा, "यह नीति ऐसे समय आई है जब मध्य पूर्व में ऐतिहासिक शांति समझौते हुए हैं. क्या यह समय संयोगवश चुना गया था?"

    उन्होंने इशारा किया है कि अमेरिका चीन पर भारी टैरिफ़ लगाने और वित्तीय प्रतिबंधों की तैयारी कर रहा है. "शायद यह कठिन प्रक्रिया होगी, लेकिन आख़िरकार यह अमेरिका के लिए लाभदायक साबित होगी."

  6. ग़ज़ा में क्या हो रहा है और इसराइली सैनिक कितना पीछे हटे?

    इसराइली सैन्य वाहन

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    इमेज कैप्शन, समझौते के मुताबिक ग़ज़ा क्षेत्र से इसराइली सेना ने पीछे हटना शुरू किया है

    इसराइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के पहले चरण के तहत कार्रवाई शुरू हो गई है.

    अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने बताया कि इसराइली सेना ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक सहमति बिंदु ‘येलो लाइन’ तक अपनी पहली चरण की वापसी पूरी कर ली है.

    इसके साथ ही 72 घंटे की अवधि शुरू हो गई है, जिसके भीतर ग़ज़ा में बचे 48 इसराइली बंधकों को रिहा किया जाना है.

    इसराइल का अनुमान है कि इनमें से लगभग 20 लोग अभी जीवित हैं. समझौते के तहत इसराइल ने 250 फ़लस्तीनी क़ैदियों की सूची जारी की है, जिन्हें रिहा किया जाएगा.

    युद्धविराम लागू होने के बाद बड़ी संख्या में फ़लस्तीनी लोग उत्तरी ग़ज़ा की ओर लौटने लगे हैं. समझौते में यह भी तय हुआ है कि ग़ज़ा में बिना शर्त मानवीय सहायता भेजी जाएगी.

    हालांकि अब तक ट्रकों के प्रवेश को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. अनुमान है कि प्रतिदिन लगभग 600 ट्रक ग़ज़ा में भेजे जाएंगे.

  7. पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय की मस्जिद पर हमला, चार लोग घायल

    अहमदिया पूजा स्थल

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    इमेज कैप्शन, अहमदिया समुदाय की मस्जिद के बाहर खड़े सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं

    पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रबवाह शहर में स्थित एक अहमदिया समुदाय की मस्जिद पर शुक्रवार को हुए हमले में कम से कम चार लोग घायल हो गए, जबकि जवाबी कार्रवाई में एक हमलावर मारा गया.

    अहमदिया समुदाय के प्रवक्ता के अनुसार, रबवाह के गोल बाज़ार क्षेत्र में स्थित ‘बैत अल-महदी’ इबादतगाह पर उस समय हमला हुआ, जब समुदाय के सदस्य इबादत कर रहे थे.

    समुदाय के अनुसार, हथियारबंद व्यक्ति ने मस्जिद में घुसने की कोशिश की, लेकिन वहां सुरक्षा के लिए तैनात स्वयंसेवकों ने उसे रोक लिया. मुठभेड़ के दौरान चार लोग घायल हुए.

    चिनिओट के चेनाब नगर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बीबीसी उर्दू को बताया कि घटना के समय इबादतगाह में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. तभी एक वाहन में सवार चार लोग पहुंचे, जिनमें से एक ने उतरकर गोलीबारी शुरू कर दी.

    अधिकारी के मुताबिक़, अहमदिया समुदाय के स्वयंसेवकों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक हमलावर मारा गया, जबकि उसके तीन साथी भाग निकले.

    डीपीओ चिनिओट अब्दुल्ला अहमद ने पुष्टि की कि "अहमदिया समुदाय की मस्जिद पर हमले को नाकाम कर दिया गया है और हमलावर को मार गिराया गया है."

    स्थानीय प्रशासन ने बताया कि गोल बाज़ार और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है. प्रवेश और निकास मार्ग अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं और संदिग्धों की तलाश जारी है.

  8. चाबहार बंदरगाह को लेकर तालिबान सरकार के विदेश मंत्री मुत्तक़ी क्या बोले?

    अमीर ख़ान मुत्तक़ी के साथ एस जयशंकर

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    इमेज कैप्शन, तालिबान सरकार के विदेश मंत्री अमीर ख़ान मुत्तक़ी ने शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाक़ात की थी

    दिल्ली में तालिबान सरकार के विदेश मंत्री अमीर ख़ान मुत्तक़ी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.

    इस दौरान उन्होंने कहा, "चाबहार एक बेहतरीन व्यापारिक रास्ता है, और भारत और अफ़ग़ानिस्तान को मिलकर इसकी राह में आने वाली रुकावटें दूर करनी चाहिए."

    उन्होंने कहा, "अमेरिका के प्रतिबंधों की वजह से कुछ दिक्कतें हैं, इसलिए दोनों देशों को मिलकर इस पर बात करनी होगी."

    मुत्तक़ी ने कहा, "यह रास्ता दोनों देशों के लिए बहुत ज़रूरी है. हमारा व्यापार बढ़ रहा है और हमें सभी व्यापारिक रास्ते खुले रखने होंगे वरना इसका असर सीधा भारत-अफ़ग़ानिस्तान के व्यापार पर पड़ेगा."

    इसके साथ ही मुत्तक़ी ने दावा किया है, "अफ़ग़ानिस्तान की एक इंच ज़मीन भी किसी और के क़ब्ज़े में नहीं है."

    उन्होंने कहा, "पिछले चार साल में सभी संगठनों को हटा दिया गया है. अगर हर देश अपने देश में वैसी ही शांति लाए जैसे हमने लाई, तो पूरी दुनिया शांत होगी."

    मुत्तक़ी ने यह भी कहा कि पिछले आठ महीनों में अफ़ग़ानिस्तान में कोई बड़ी घटना नहीं हुई और देश ने "किसी भी अन्य को कोई नुक़सान नहीं पहुंचाया."

  9. व्हाइट हाउस ने कहा, “नोबेल समिति ने शांति नहीं, राजनीति चुनी”

    ट्रंप के साथ कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीवन च्यूंग

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीवन च्यूंग (दाएं)

    नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा के बाद व्हाइट हाउस ने नोबेल समिति की आलोचना की है.

    व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीवन च्यूंग ने कहा कि समिति ने “शांति से ज़्यादा राजनीति को प्राथमिकता दी है.”

    एक्स पर पोस्ट करते हुए च्यूंग ने लिखा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति समझौते कराते रहेंगे, युद्ध समाप्त कराएंगे और ज़िंदगियां बचाएंगे. नोबेल समिति ने साबित कर दिया है कि उसने शांति नहीं, राजनीति को चुना है.”

    उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप का दिल एक सच्चे मानवतावादी का है. उनके जैसा कोई नहीं जो अपनी इच्छाशक्ति से असंभव को संभव कर सके.”

    राष्ट्रपति ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार की दावेदारी कर रहे थे. इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी उनको पुरस्कार देने की अपील कमिटी से की थी.

  10. कार्टून: हमारा नोबेल?

    कार्टून
    इमेज कैप्शन, नोबेल पुरस्कारों की घोषणा पर आज का कार्टून
  11. हमास ने बताया, 'ग़ज़ा में 24 घंटों में 17 लोगों की मौत'

    ग़ज़ा

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    इमेज कैप्शन, 7 अक्टूबर 2023 से अब तक जारी संघर्ष में मरने वालों की संख्या 67 हज़ार से ज़्यादा हो गई है

    इसराइल और हमास के बीच युद्धविराम के साथ कै़दियों की रिहाई पर समझौता हो गया है लेकिन ग़ज़ा में मौतों का सिलसिला अभी भी जारी है.

    हमास के नियंत्रण वाले ग़ज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 24 घंटे में 17 लोगों की मौत हुई है और 71 अन्य घायल हुए हैं.

    मंत्रालय ने बताया है कि 7 अक्टूबर 2023 से अब तक जारी संघर्ष में मृतकों की संख्या बढ़कर 67,211 हो गई है.

    इसराइल की ओर से इस रिपोर्ट पर तत्काल टिप्पणी नहीं की गई है.

    संयुक्त राष्ट्र और मानवीय संगठनों ने बार-बार चेतावनी दी है कि ग़ज़ा में स्वास्थ्य सुविधाएं और बुनियादी ढांचा गंभीर संकट में है.

  12. रूसी हमलों से कीएव में बिजली गुल, ज़ापोरिज़्ज़िया में सात वर्षीय बच्चे की मौत

    ​बिजली घर

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    इमेज कैप्शन, कीएव के मेयर ने बताया है कि हमलों में कम से कम नौ लोग घायल हुए हैं

    यूक्रेन की राजधानी कीएव पर रातभर चले रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद शहर के बड़े हिस्सों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप हो गई है.

    कीएव के मेयर विताली क्लिचको ने बताया कि हमलों में कम से कम नौ लोग घायल हुए हैं. उन्होंने बताया है कि शहर के पूर्वी इलाकों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है और मरम्मत कार्य जारी है.

    दक्षिण-पूर्वी ज़ापोरिज़्ज़िया क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमले में सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई.

    स्थानीय प्रशासन के अनुसार, विस्फोट से एक आवासीय इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है.

    हाल के हफ़्तों में रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है, जिससे बिजलीघरों और ट्रांसमिशन नेटवर्क को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है.

    राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने सहयोगी देशों से अपील की है कि वे रूस पर दबाव डालने के लिए “वास्तविक कदम” उठाएं.

  13. अयोध्या में पांच लोगों की मौत, सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?

    योगी आदित्यनाथ

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    इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    उत्तर प्रदेश के अयोध्या में गुरुवार को हुए एक विस्फ़ोट से घर टूटने की वजह से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है.

    एजेंसी के मुताबिक़, यह घटना अयोध्या के पूरा कलंदर थाना क्षेत्र की है.

    सर्कल अफ़सर (सीओ) शैलेंद्र सिंह ने पीटीआई को बताया कि कई लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं. इन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है.

    उन्होंने बताया, "विस्फ़ोट में पांच लोगों की मौत हुई है, कुछ लोग घायल हैं. जो लोग फंसे हुए हैं उन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है."

    सीओ शैलेंद्र सिंह के मुताबिक़, विस्फ़ोट किस वजह से हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताया है. उन्होंने कहा, "अयोध्या की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं."

  14. आईपीएस वाई पूरन कुमार की कथित आत्महत्या के मामले में प्रियंका गांधी क्या बोलीं?

    प्रियंका गांधी

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    इमेज कैप्शन, प्रियंका गांधी ने दलितों का मुद्दा उठाते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    हरियाणा में आईपीएस वाई पूरन कुमार की कथित आत्महत्या के मामले में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने दलितों का मुद्दा उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है.

    प्रियंका गांधी ने कहा, "जातीय प्रताड़ना से परेशान होकर हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार जी की आत्महत्या से पूरा देश स्तब्ध है. देश भर में दलितों के ख़िलाफ़ जिस तरह अन्याय, अत्याचार और हिंसा का सिलसिला चल रहा है, वह भयावह है."

    उन्होंने रायबरेली में 'दलित युवक की हत्या' और भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई पर हमले का ज़िक्र भी किया.

    प्रियंका गांधी ने कहा, "पहले रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि जी की हत्या, फिर मुख्य न्यायाधीश का अपमान और अब एक वरिष्ठ अधिकारी की आत्महत्या यह साबित करती है कि बीजेपी राज दलितों के लिए अभिशाप बन गया है."

    "चाहे कोई आम नागरिक हो या ऊंचे पद पर हो, अगर वह दलित समाज से है तो अन्याय और अमानवीयता उसका पीछा नहीं छोड़ते. जब ऊंचे ओहदे पर बैठे दलितों का यह हाल है तो सोचिए आम दलित समाज किन हालात में जी रहा होगा."

    मंगलवार को आईपीएस वाई पूरन कुमार चंडीगढ़ स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे. चंडीगढ़ एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया था, "यहां पर एक रिपोर्टेड सुसाइड हुआ है और हमें एक डेड बॉडी मिली है. डेड बॉडी की पहचान वाई पूरन कुमार के रूप में हुई है."

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर तैनात थे.

    गुरुवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वाई पूरन कुमार की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत कुमार से मुलाक़ात की थी.

    इस मामले में अमनीत कुमार ने सीएम सैनी को एक शिकायती पत्र भी लिखा था.

    (आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुजर रहे हैं तो भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

  15. दूसरे टेस्ट में वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ यशस्वी जायसवाल का शतक

    बल्लेबाज़ यशस्वी जायसवाल

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    इमेज कैप्शन, यशस्वी ने 145 गेंदों में शतक पूरा किया

    दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और वेस्ट इंडीज़ के बीच चल रही दो मैचों की टेस्ट सिरीज़ के दूसरे मुक़ाबले में सलामी बल्लेबाज़ यशस्वी जायसवाल ने शानदार शतक जड़ा है.

    यशस्वी ने 16 चौकों की मदद से लगभग 145 गेंदों में अपना शतक पूरा किया.

    यह उनके करियर का सातवां टेस्ट शतक है.

    उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ ही 2023 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था और उस मैच में भी शतकीय पारी खेली थी.

  16. नमस्कार!

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  17. ग़ज़ा से इसराइली सेना की आंशिक तौर पर वापसी शुरू हुई, रुश्दी अबुअलूफ़, ग़ज़ा संवाददाता

    ग़ज़ा में इसराइली सेना

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    इमेज कैप्शन, इसराइल-ग़ज़ा बॉर्डर पर इसराइली सेना के टैंक

    इसराइल और हमास के बीच युद्धविराम और बंधकों की रिहाई से जुड़े समझौते की घोषणा के बाद ग़ज़ा के लोगों में ख़ुशी थी. लेकिन अब यह बेचैनी में बदल गई है.

    इसराइली सेना ने ग़ज़ा के कुछ इलाक़ों से आंशिक तौर पर वापसी शुरू कर दी है.

    स्थानीय लोगों ने बीबीसी को बताया कि इसराइली सैनिक ग़ज़ा सिटी के उत्तर-पश्चिम की ओर के बाहरी इलाक़ों से पीछे हटकर पूर्वी दिशा में "येलो लाइन" तक लौट गए हैं. इसराइली सेना ने यह क़दम समझौते के तहत उठाया है.

    हालांकि, समझौते के तहत जिन इलाक़ों से इसराइली सेना को पीछे हटना है, उनमें से कइयों में बख़्तरबंद वाहन और टैंक अब भी तैनात हैं. इनमें दक्षिणी ग़ज़ा के ख़ान यूनिस और तटीय इलाक़े शामिल हैं.

    स्थानीय लोगों का कहना है कि तटीय इलाक़ों में तैनात टैंकों ने शुक्रवार सुबह गोलाबारी की, जिससे कि सैकड़ों विस्थापित लोग रशीद स्ट्रीट के रास्ते उत्तर की ओर अपने घरों की तरफ़ न जा सकें.

    युद्धविराम की घोषणा के बावजूद, उत्तर और दक्षिण ग़ज़ा के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं. कई लोगों का कहना है कि उन्हें अब भी यह स्पष्ट नहीं है कि युद्धविराम औपचारिक तौर से कब लागू होगा और घर लौटना कब सुरक्षित होगा.

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  18. ट्रंप के लिए उनके बेटे ने नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की, समर्थन में ये बोले

    डोनाल्ड ट्रंप और एरिक ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, एरिक ट्रंप ने अपने पिता डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की वकालत की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार अपने लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग कर चुके हैं. अब उनके बेटे एरिक ट्रंप ने भी उनके समर्थन में नोबेल की मांग की है.

    राष्ट्रपति ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप इसके लिए एक्स पर एक कैंपेन चला रहे हैं. उन्होंने लोगों से समर्थन मांगते हुए लिखा, "अगर आपको लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार के लायक हैं तो रीट्वीट करें."

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने गुरुवार को एक बार फिर नोबेल की मांग की. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने का भी ज़िक्र किया.

    उन्होंने कहा कि बराक ओबामा को 'कुछ न करने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिला'.

    ट्रंप ने कहा, "ओबामा को प्राइज़ मिला, उन्हें ये भी नहीं पता था कि उन्हें क्या मिला है."

    आज यानी शुक्रवार, 10 अक्तूबर को नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता का एलान होना है.

  19. ग़ज़ा में शनिवार से लागू होगा युद्धविराम, इसराइली बंधकों की रिहाई कब होगी?, ह्यूगो बचगा, मध्य पूर्व संवाददाता, यरूशलम से

    ग़ज़ा में बच्चे

    इमेज स्रोत, ABDELRAHMAN RASHAD/Middle East Images/AFP via Getty

    इमेज कैप्शन, युद्धविराम समझौते की घोषणा के बाद ग़ज़ा के लोग ख़ुशियां मना रहे हैं

    इसराइली सरकार की ओर से युद्धविराम समझौते की मंज़ूरी के 24 घंटे बाद शनिवार सुबह से ग़ज़ा में युद्धविराम लागू होगा.

    युद्धविराम शुरू होने के 72 घंटों के भीतर बंधकों को रिहा किया जाएगा. अब भी 20 इसराइली बंधकों के ज़िंदा होने की उम्मीद जताई जा रही है.

    इन बंधकों के बदले इसराइल सैकड़ों फलस्तीनी क़ैदियों को अपनी जेल से रिहा करेगा.

    इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने समझौते पर बातचीत में मदद के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया है.

    नेतन्याहू पर आरोप लगते रहे हैं कि वे अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए संघर्ष को लंबा खींच रहे हैं.

    उधर, हमास के ग़ज़ा प्रमुख ख़लील अल-हया ने कहा है कि उन्हें अमेरिका और अन्य मध्यस्थों की ओर से गारंटी दी गई है कि युद्ध ख़त्म हो गया है.

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  20. इस्लामाबाद में तहरीक-ए-लब्बैक का विरोध प्रदर्शन, सरकार ने इंटरनेट और रास्ते बंद किए

    इस्लामाबाद की सड़कें बंद हैं
    इमेज कैप्शन, इस्लामाबाद की ओर आने वाले रास्तों को बंद किया गया है

    पाकिस्तान में तहरीक-ए-लब्बैक के विरोध प्रदर्शन की वजह से राजधानी इस्लामाबाद आने-जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया है. सरकार ने मोबाइल इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी है.

    तहरीक-ए-लब्बैक (टीएलपी), एक धार्मिक और राजनीतिक दल है. इसने इस्लामाबाद में 10 अक्तूबर को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, टीएलपी के इस एलान के बाद गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में मोबाइल इंटरनेट सेवा को निलंबित करने की मंज़ूरी दी.

    मोबाइल इंटरनेट सेवा गुरुवार और शुक्रवार रात 12 बजे से अनिश्चित काल के लिए निलंबित रहेगी.

    इससे पहले गुरुवार को रावलपिंडी जिला प्रशासन ने शहर में 11 अक्तूबर तक धारा 144 लागू कर दी है.

    विरोध प्रदर्शन को देखते हुए संघीय पुलिस और इस्लामाबाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है और शहर के सभी प्रवेश मार्ग बंद कर दिए हैं.