You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी ने ईरान पर अमेरिकी हमलों के बारे में क्या कहा?

इस्लामिक देशों के संगठन ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) ने रविवार को ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

सारांश

लाइव कवरेज

कीर्ति रावत और इफ़्तेख़ार अली

  1. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी हमलों के बाद ईरान को यह सलाह दी

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने अपने बयान में कहा, "ईरान का परमाणु कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर ख़तरा है. ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती और अमेरिका ने इस ख़तरे को कम करने के लिए ये क़दम उठाया है."

    "मध्य पूर्व में स्थिति अभी भी बहुत संवेदनशील है और उस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना ही प्राथमिकता है."

    किएर स्टार्मर ने ईरान से फिर से परमाणु समझौते को लेकर बातचीत शुरू करने की अपील की है.

    उन्होंने कहा, "इस संकट को ख़त्म करने के लिए ईरान को कूटनीतिक समाधान निकालना चाहिए."

  2. इसराइल और ईरान ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमला किया

    इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्स ने बताया है कि उन्होंने ईरान के कई 'सैन्य ठिकानों' पर हमले करने शुरू कर दिए हैं.

    इसकी जानकारी आईडीएफ़ ने अपने एक्स अकाउंट पर दी है.

    आईडीएफ़ ने लिखा, "आईडीएफ़ ने पश्चिमी ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं. आज सुबह आईडीएफ़ ने उन मिसाइल लॉन्चर्स को भी निशाना बनाया जो इसराइल पर हमला करने के लिए तैयार थे."

    इसके अलावा आईडीएफ़ ने बताया कि उन्होंने ईरानी सैनिकों पर भी हमला किया.

    आईडीएफ़ ने आगे लिखा, "थोड़ी देर पहले इसराइल की ओर दागी गई मिसाइलों को भी तुरंत निष्क्रिय कर दिया गया."

    वहीं ईरान की सरकारी मीडिया का कहना है कि ईरान ने इसराइल के कई इलाक़ों को निशाना बनाया है, जिनमें बेन गुरियन एयरपोर्ट शामिल है.

    इसके अलावा जिन अन्य जगहों पर हमला हुआ है, उनमें इसराइली सेना की मदद करने वाले केंद्र, सेना का कमांड और कंट्रोल ऑफ़िस और एक जैविक रिसर्च सेंटर शामिल हैं.

    ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक़, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने एलान किया है कि इसराइल पर किया गया ये हमला लंबी दूरी की मिसाइलों से किया गया है.

  3. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान के परमाणु ठिकानों के रेडिएशन स्तर पर क्या बताया?

    अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने जानकारी दी है कि ईरान के तीनों परमाणु ठिकानों के पास के इलाक़ों में रेडिएशन का स्तर नहीं बढ़ा है.

    आईएईए ने एक्स पर लिखा, "ईरान के तीन परमाणु ठिकानों, जिनमें फ़ोर्दो भी शामिल है, पर हुए हमलों के बाद आईएईए ने पुष्टि की है कि अभी तक वहां के आसपास के इलाके़ में रेडिएशन बढ़ने की कोई ख़बर नहीं है."

    आईएईए ने यह भी कहा है कि जैसे-जैसे उन्हें और जानकारी मिलेगी, वे ईरान की स्थिति पर आगे जानकारी देते रहेंगे.

    इससे पहले ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) ने अमेरिका की ओर से ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों की निंदा की थी.

    इसके अलावा एईओआई ने अपने परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इन हमलों की निंदा करें और ईरान के पक्ष का समर्थन करें.

  4. ईरान पर हमलों को अमेरिका के इन नेताओं ने बताया घोर उल्लंघन

    अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए अमेरिकी हमलों की निंदा की है.

    कांग्रेस सदस्य अलेक्ज़ेंड्रिया ओकासिओ-कोरटेज ने कहा कि ये संविधान और कांग्रेस के युद्ध संबंधी अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और इससे उनके (ट्रंप) महाभियोग का आधार बनता है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "उन्होंने जल्दबाज़ी में ऐसा क़दम उठाया है, जिससे ऐसा युद्ध शुरू हो सकता है जो हमें बहुत लंबे समय तक फंसा सकता है."

    कांग्रेस सदस्य रशीदा तालिब ने भी इन हमलों की निंदा की है. उन्होंने इन हमलों को अमेरिकी संविधान का घोर उल्लंघन बताया और इसमें कांग्रेस से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की.

    उन्होंने कहा, "हमने देखा है कि कैसे 'विनाश के हथियारों' के झूठे दावों पर मध्य पूर्व में दशकों तक चला अंतहीन युद्ध हमें कहां ले जाता है. हम अब फिर से उस झांसे में नहीं आएंगे."

    इसके अलावा कांग्रेस के अन्य सदस्य जिम मैकगवर्न ने इस स्थिति को 'उन्मादी' बताया.

    उन्होंने कहा, "ट्रंप ने कांग्रेस की मंज़ूरी के बिना ईरान पर बम गिराया और हमें ग़ैरक़ानूनी तरीके़ से मध्य पूर्व के युद्ध में घसीट लिया. क्या हमने अब तक कोई सबक़ नहीं सीखा?"

  5. ईरान के विदेश मंत्री ने परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों को लेकर ये कहा

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने अमेरिका पर यूएन चार्टर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

    उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अमेरिका ने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करके संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय क़ानून और एनपीटी का गंभीर उल्लंघन किया है."

    "आज सुबह की घटनाएं क्रूर हैं और इसका असर लंबे समय तक देखने को मिलेगा. संयुक्त राष्ट्र के हर सदस्य को इस बेहद ख़तरनाक, अराजक और आपराधिक व्यवहार से चिंतित होना चाहिए."

    इसके साथ ही ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने लिखा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर और उसमें आत्मरक्षा के लिए वैध प्रतिक्रिया की जो अनुमति दी गई है, उसके तहत ईरान के पास अपनी संप्रभुता, अपने हितों और अपने नागरिकों की रक्षा के लिए सभी विकल्प मौजूद हैं.

    अमेरिका ने रविवार सुबह ईरान के फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए.

    ईरान पर हुए इन अमेरिकी हमलों को लेकर इसराइल ने अपने सहयोग की पुष्टि की है.

  6. ईरान पर अमेरिका के हमलों के बाद क्या बोले हमास और इसराइल के विदेश मंत्री

    इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने अमेरिकी हमलों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तारीफ़ की है.

    उन्होंने कहा कि ट्रंप ने हमला करने का जो साहसिक फै़सला लिया, उसकी वजह से उन्होंने अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करवा लिया है.

    गिदोन सार ने यह भी कहा कि इस 'ऐतिहासिक क़दम' की अगुवाई इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने की.

    वहीं हमास ने अमेरिका की ओर से ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों की निंदा की है.

    इन हमलों की निंदा करते हुए हमास ने एक बयान जारी किया है.

    जारी किए गए बयान में हमास ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय क़ानून का घोर उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय शांति व स्थिरता पर सीधा हमला बताया है.

  7. ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने अमेरिकी हमलों की निंदा की, गोनचेह हबीबीआज़ाद, बीबीसी फ़ारसी

    ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) ने अमेरिका की ओर से ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों की निंदा की है.

    एईओआई ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (आईएईए) की भी आलोचना की और कहा कि आईएईए इस पूरे मामले में 'बिल्कुल उदासीन रहा और इसमें उसकी भी मिली-भगत रही है.'

    इसके अलावा एईओआई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि 'वे इन हमलों की निंदा करे और ईरान के पक्ष का समर्थन करें.'

    एईओआई ने यह भी कहा कि 'दुश्मनों की दुर्भावनापूर्ण योजनाओं के बावजूद' वैज्ञानिक और विशेषज्ञ ईरान के परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाते रहेंगे.

    अपने बयान में एईओआई ने कहा कि वह इन हमलों के बाद 'आवश्यक क़दम' उठाएगी, जिनमें 'क़ानूनी कार्रवाई' भी शामिल होगी.

  8. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने ईरान पर किए गए अमेरिकी हमलों पर क्या कहा?

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए अमेरिकी हमलों पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "मैं आज ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका की ओर से की गई सैन्य कार्रवाई को लेकर बहुत चिंतित हूं. यह क़दम उस इलाके़ में तनाव और बढ़ा सकता है, जो पहले ही काफ़ी नाज़ुक हालात में है और ये अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सीधा ख़तरा है."

    "इस बात की आशंका बढ़ रही है कि यह संघर्ष तेज़ी से नियंत्रण से बाहर हो सकता है. जिससे आम नागरिकों, पूरे क्षेत्र और दुनिया को भारी नुक़सान हो सकता है."

    गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से हालात को और बिगड़ने से रोकने और यूएन चार्टर और अंतरराष्ट्रीय क़ानून का पालन करने की अपील की है.

    उन्होंने आगे लिखा, "इस संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है. कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है और शांति एकमात्र उम्मीद है."

  9. ईरान पर हमलों के बाद ट्रंप का राष्ट्र को संबोधन, कहा- 'कई ठिकानों को निशाना बनाना बाक़ी'

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद राष्ट्र को संबोधित किया है. इस संबोधन में उन्होंने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और इसराइली सेना का शुक्रिया अदा किया.

    इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि अभी 'बहुत से ठिकानों को निशाना बनाया जाना बाक़ी है.'

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "अब ईरान को शांति की राह अपनानी चाहिए. अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो भविष्य में होने वाले हमले और भी बड़े और आसान होंगे."

    ईरान के परमाणु ठिकानों पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "लोग इन जगहों के नाम सालों से सुनते आ रहे हैं क्योंकि वहां एक ख़तरनाक और विनाशकारी योजना तैयार हो रही थी."

    उन्होंने आगे कहा, "मैं दुनिया को बताना चाहता हूं कि आज रात के हमले पूरी तरह कामयाब रहे हैं."

    ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा, "या तो अब शांति होगी, या फिर ईरान के लिए एक ऐसी त्रासदी आएगी जो पिछले आठ दिनों में देखी गई घटनाओं से कहीं ज़्यादा बड़ी होगी."

  10. परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमलों पर ईरान ने ये कहा

    ईरान ने फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान के परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों की पुष्टि की है.

    कोम प्रांत आपदा प्रबंधन के प्रवक्ता मोर्तज़ा हेदरी ने तस्नीम न्यूज़ एजेंसी को बताया, "फ़ोर्दो परमाणु ठिकाने के एक हिस्से पर हवाई हमला हुआ है."

    वहीं इस्फ़हान के डिप्टी गवर्नर अकबर सलेही ने कहा, "नतांज़ और इस्फ़हान के पास कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं, हमने नतांज़ और इस्फ़हान के परमाणु ठिकानों के पास हमले होते देखे हैं."

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान पर हमलों की जानकारी दी.

    इन हमलों की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर दी.

    ईरान पर हुए इन अमेरिकी हमलों को लेकर इसराइल ने अपने सहयोग की पुष्टि की है.

  11. इसराइली अधिकारियों का दावा- ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों में उसका पूरा सहयोग

    अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमले किए हैं. इसराइल का कहना है कि इन हमलों में उसका पूरा सहयोग है.

    रॉयटर्स समाचार एजेंसी के मुताबिक़, इसराइली अधिकारियों ने इसराइली पब्लिक ब्रॉडकास्टर 'कान' को बताया कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए अमेरिकी हमलों में उनका पूरा सहयोग था.

    ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर दी.

    उन्होंने लिखा, "हमने फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान समेत ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमलों को अंजाम दिया है. सभी विमान अब ईरान के वायु क्षेत्र से बाहर हैं."

    ट्रंप ने आगे लिखा कि फ़ोर्दो पर 'सारे बम' गिराए गए हैं और सभी विमान सुरक्षित रूप से अमेरिका वापस लौट रहे हैं.

  12. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता कीर्ति रावत अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगी.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    बीबीसी हिंदी की कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं.