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मिज़ोरम: रेमल तूफ़ान की वजह से हुए भूस्खलन में 27 लोगों की मौत

मिज़ोरम सरकार के सूचना और जनसंपर्क विभाग ने इस बात की जानकारी दी है.

सारांश

  • भारतीय निर्वाचन आयोग के मुताबिक़ लोकसभा चुनाव के छठे चरण में 63.37 फ़ीसदी मतदान हुआ.
  • स्पेन, नॉर्वे और आयरलैंड ने फ़लस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता दे दी है.
  • इसराइली टैंकों ने रफ़ाह के अल-अवदा को कब्ज़े में ले लिया है.
  • मिज़ोरम की राजधानी आइज़ोल में रेमल तूफ़ान की वजह से हुए भूस्खलन में 27 लोगों की मौत हो गई है.
  • डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम को हत्या के एक मामले में पंजाब और हरियाणा की हाई कोर्ट ने बरी कर दिया है.

लाइव कवरेज

प्रियंका

  1. पोप फ़्रांसिस ने क्या समलैंगिक पुरुषों के लिए ऐसा कहा, अलीम मक़बूल, बीबीसी रिलीजन एडिटर

    पोप फ़्रांसिस ने कथित तौर पर समलैंगिक लोगों के लिए अत्यधिक आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया.

    इटली में बिशप्स कॉन्फ़्रेंस के दौरान पूछा गया कि क्या अब समलैंगिक पुरुषों को कुंवारे रहने तक पादरी बनने का प्रशिक्षण दिया जा सकता है. इस पर पोप फ़्रांसिस ने कहा कि उन्हें ट्रेनिंग नहीं दी जानी चाहिए.

    ऐसा माना जा रहा है कि पोप फ़्रांसिस ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए इतालवी भाषा के एक ऐसे शब्द का इस्तेमाल किया, जो समलैंगिकों ख़ासतौर पर समलैंगक पुरुषों के लिए अपमानजनक तरीके से इस्तेमाल किया जाता है.

    हालांकि, ये सम्मेलन बंद दरवाज़ों के पीछे हुआ लेकिन पोप के बयान को इटली की खोजी पत्रकारिता करने वाली वेबसाइट डैगोसपिया पर छापा गया.

    इसके बाद इटली की अन्य समाचार एजेंसियों ने भी कई सूत्रों के हवाले से पोप के बयान की पुष्टि की.

    पोप की इस कथित भाषा पर इसलिए भी हैरानी जताई जा रही है क्योंकि सार्वजनिक मंचों पर वह कई बार समलैंगिकों के प्रति सम्मानजनक बर्ताव अपनाने की बात करते आए हैं. वेटिकन ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

  2. रफ़ाह में इसराइली बमबारी पर इस्लामिक देशों के संगठन ने दी ये प्रतिक्रिया

    रफ़ाह में इसराइली हवाई हमले की इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी ने कड़ी निंदा की है और इसे फ़लस्तीनी नागरिकों के ख़िलाफ़ इसराइली बलों की जघन्य जनसंहार वाली कार्रवाई बताया है.

    इस हमले में कम से कम 45 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए हैं. इनमें ज़्यादातर महिलाएं और बच्चे थे.

    ओआईसी (ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन) ने इसराइल के इस हमले को "युद्ध अपराध, मानवता के ख़िलाफ़ अपराध और राज्य प्रायोजित आतंकवाद" बताया है. ओआईसी ने कहा है कि इस हमले के अपराधियों की अंतरराष्ट्रीय आपराधिक क़ानून के तहत ज़िम्मेदारी तय की जानी चाहिए और उनपर कार्रवाई होनी चाहिए.

    ओआईसी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, ख़ासतौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा है कि वह इसराइली सेना की रफ़ाह में आक्रामकता को तुरंत रोकने वाले अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेशों को लागू करने में अपनी ज़िम्मेदारी निभाए.

    रविवार देर शाम इसराइली सेना ने ग़ज़ा पट्टी के दक्षिणी शहर रफ़ाह में विस्थापित फ़लस्तीनियों के कैंप पर हवाई हमला किया था. हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस हमले में 45 फ़लस्तीनी मारे गए.

  3. नमस्कार!

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