बांग्लादेश के पूर्व क़ानून मंत्री और शेख़ हसीना के सलाहकार को दस दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया

बांग्लादेश के पूर्व क़ानून मंत्री अनीसुल हक़ और पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के निजी उद्योग और निवेश सलाहकार सलमान एफ़ रहमान को दस दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है.

सारांश

  • यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की का दावा- रूस के कुर्स्क में कई दिशाओं से आगे बढ़ रही है यूक्रेनी सेना.
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, कहा- देशवासियों के हाथ में ज़्यादा पैसा आया है.
  • थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने प्रधानमंत्री स्रेथा थविसिन को बर्ख़ास्त किया.
  • कोलकाता रेप-मर्डर केस पर बोले राहुल गांधी- निर्भया केस के बाद बने कठोर क़ानून भी ऐसे अपराध क्यों नहीं रोक पा रहे.
  • आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान हुई मौतों के ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ इंटरनेशनल कोर्ट जाएगा बांग्लादेश.

लाइव कवरेज

अभिषेक पोद्दार और दीपक मंडल

  1. कोलकाता डॉक्टर रेप केस: केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने ममता सरकार पर लगाया ये आरोप

    प्रदर्शन करतीं मेडिकल की छात्राएं

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    कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ रेप और हत्या के मामले को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद ने राय ने जघन्य अपराध बताते हुए ममता बनर्जी सरकार को निशाने पर लिया है.

    उन्होंने कहा, “वहां बहुत ही दुखद घटना हुई है. बांगाल में ट्रेनिंग पीरियड के दौरान डॉक्टर के साथ बालात्कार और हत्या की घटना एक जघन्य अपराध है.”

    राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी की सरकार उस अपराध को छुपाना चाहती थी. लेकिन कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए इस मामले को सीबीआई को सौंपने का फ़ैसला किया है. अब सीबीआई जांच करेगी और दोषियों को सज़ा दिलाने का काम करेगी.”

    वहीं फ़ेडरेशन ऑफ़ रेजिडेंट डॉक्टर्स असोसिएशन के अध्यक्ष अविरल माथुर ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाक़ात करने के बाद कहा, “हमने प्रेस रिलीज़ के माध्यम से अपनी जो भी मांगे सामने रखी थीं, उनको दोबारा से बना कर हमने मंत्री जी को दिया है.”

    अविरल माथुर ने बताया, “उन्होंने (जेपी नड्डा) घटना का संज्ञान लेते हुए इसकी कड़ी निंदा की है और यह माना है कि ये एक डॉक्टर्स के साथ कभी नहीं होना चाहिए. उन्होंने यह आश्वासन दिया है कि डॉक्टरों के लिए सुरक्षित महौल बनाया जाएगा.”

  2. ऑस्ट्रेलियाई सांसद ने संसद में उठाया बांग्लादेशी हिंदुओं पर हमले का मुद्दा

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    ऑस्ट्रेलियाई सांसद जूलियन लीसर ने देश की संसद में बांग्लादेश के हालात और वहां हिंदुओं समेत बाक़ी अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों का मुद्दा उठाया.

    सांसद जूलियन लीसर ने इसे मानवीय तबाही बताते हुए कहा, "बांग्लादेशी हिंदुओं को हिंसक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है."

    अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “बांग्लादेश में क़ानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है. बांग्लादेश में अलग-अलग धर्मों को मानने वालों के बीच आपसी सम्मान कम होता जा रहा है. ऐसा इसलिए है क्योंकि लोगों की अपनी अलग राजनीतिक विचारधारा है.”

    जूलियन लीसर के मुताबिक़, “बांग्लादेश में हिंदुओं को बढ़ते हिंसक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है. पिछले कुछ दिनों से ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं. हिंसक भीड़ हिंदुओं के घरों, मंदिरों और काम करने की जगहों को निशाना बना रही है.”

    उन्होंने कहा, “हिंदू परिवार मारे जाने, लूट और अगज़नी के डर से अपना घर छोड़कर भाग रहे हैं. ऐसी रिपोर्ट्स आ रही है कि इन हमलों में हिंदू मारे जा रहे हैं. मैंने कई बार इस ओर ध्यान दिलाने की कोशिश की है कि मेरी चिंता दुनिया भर में अलग-अलग धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए है. बांग्लादेशी हिंदुओं की तकलीफ को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता है.”

    बांग्लादेश में शेख़ हसीना की सरकार के जाने के बाद से ही अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा की ख़बरें आई थीं.

    सोमवार को अंतरिम सरकार में गृह मामलों के सलाहकार सखावत हुसैन ने अल्पसंख्यकों से हाथ जोड़कर माफ़ी मांगी थी. मंगलवार को बांग्लादेश के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद युनूस ढाका के विख्यात ढाकेश्वरी मंदिर पहुँचे.

  3. विनेश फोगाट के मामले में फिर टला फ़ैसला, महावीर फोगाट बोले- तारीख़ पर तारीख़ मिल रही है

    विनेश फोगाट (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, विनेश फोगाट (फ़ाइल फ़ोटो)

    पेरिस ओलंपिक में महिला पहलवान विनेश फोगाट को अयोग्य ठहराने के मामले में फ़ैसला 16 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया है.

    कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन फ़ॉर स्पोर्ट्स यानी सीएएस ने कहा है कि फ़ैसला 16 अगस्त को रात साढ़े नौ बजे सुनाया जाएगा. ये दूसरी बार है, जब फ़ैसला सुनाने की तारीख़ को आगे टाला गया है.

    इस मामले में विनेश के ताऊ महावीर सिंह फोगाट की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.

    सामाचार एजेंसी एएनआई से उन्होंने कहा, 5-6 दिन हो गए उस फ़ैसले का इंतज़ार करते हुए. तारीख़ पर तारीख़ मिल रही है. अगर हमारे हक़ में फ़ैसला आता है तो खुशी होगी. बार-बार ये टाइम आगे बढ़ाया जा रहा है. तो हम भी इंतज़ार करेंगे. सीएएस जो भी फ़ैसला सुनाएगी उसे हम भी तहे दिल से स्वीकार करेंगे.

    उन्होंने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि फ़ैसला हमारे हक में आएगा. जब भी विनेश यहां आएगी तो हम और सारे भारतवासी उसका स्वागत भी करेंगे.

    उनसे पूछा गया कि जो फ़ैसला बार-बार टाला जा रहा है, उस पर वे क्या कहना चाहेंगे?

    इस पर महावीर फोगाट का कहना था, “जो फ़ैसला बार-बार टल रहा है उससे उम्मीद भी जग रही है और परेशानी भी हो रही है क्योंकि इंतजार करना काफी कठिन काम होता है. हमें ऐसी पूरी उम्मीद है कि 16 तारीख से आगे अब इसे नहीं बढ़ाया जाएगा और ये हमारे हक में आएगा. हम मिठाई, झंडे और पटाखों के साथ तैयार बैठे हैं.”

    विनेश फोगाट ने 6 अगस्त को 50 किलोग्राम भार वर्ग में एक के बाद एक तीन मुक़ाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए फ़ाइनल में जगह बनाई थी. वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं.

    इसके साथ ही कुश्ती में कम से कम रजत पदक पक्का हो गया था.

    हालांकि, इसके चंद घंटों बाद ही मान्य वज़न से अधिक भार होने के कारण विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित कर दिया गया.

  4. इसराइली मंत्री के अल अक़्सा मस्जिद पहुंचने के बाद विवाद

    इसराइल के मंत्री इत्तेमार बेन गिविर

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    इसराइल के धुर-दक्षिणपंथी और नेशनल सिक्योरिटी मामलों के मंत्री इत्तेमार बेन गिविर ने सैकड़ों यहूदियों के साथ यरूशलम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक अल-अक़्सा मस्जिद में प्रवेश किया और प्रार्थना की.

    अल-अक़्सा मस्जिद के एक हिस्से को टेंपल माउंट के नाम से जाना जाता है जो कि यहूदियों का सबसे पवित्र स्थल भी है.

    इसराइली मंत्री के इस क़दम को फ़लस्तीन, अमेरिका, फ़्रांस और सऊदी अरब समेत कई देशों और संयुक्त राष्ट्र ने भी उकसाने वाला बताया है और इसकी निंदा भी की है.

    हालांकि इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के ऑफ़िस ने कहा है कि अल अक़्सा मस्जिद में प्रार्थना की स्थिति पर कोई भी बदलाव नहीं हुआ है. वहां केवल मुस्लिमों को ही प्रार्थना करने की अनुमति है.

    इसराइली सरकार ने अल-अक़्सा मस्जिद में किसी भी और धर्म के प्रार्थना करने पर रोक लगाई हुई है.

    यरूशलम की अल-अक़्सा मस्जिद यरूशलम के पूर्वी भाग में स्थित है. यह जगह मुसलमानों की तीसरी सबसे पवित्र जगह है. वहीं यह यहूदियों के लिए सबसे पवित्र जगह मानी जाती है.

    यहूदियों के लिए 'टेंपल माउंट' और मुसलमानों के लिए 'अल-हराम अल शरीफ़' के नाम से मशहूर पवित्र स्थल में 'अल-अक़्सा मस्जिद' और 'डोम ऑफ़ द रॉक' शामिल है.

    'डोम ऑफ़ द रॉक' को यहूदी धर्म में सबसे पवित्र स्थल का दर्जा दिया गया है. पैग़ंबर मोहम्मद से जुड़े होने के कारण 'डोम ऑफ़ द रॉक' को मुसलमान भी पवित्र स्थल मानते हैं.

    इस धार्मिक स्थल पर ग़ैर-मुसलमानों की प्रार्थना पर पाबंदी लगी हुई है.

  5. नमस्कार

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