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भारत के अगले साल जी-7 में हिस्सा लेने पर कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो क्या बोले

अगले साल जी-7 शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कनाडा को करनी है.

सारांश

  • शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने कहा कि लोकसभा स्पीकर की लड़ाई बहुत महत्वपूर्ण लड़ाई है
  • दिल्ली जल संकट को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा
  • इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने राष्ट्रपति पुतिन की जंग रोकने वाली योजना को प्रोपेगेंडा बताया
  • टी20 वर्ल्ड कप के 35वें मैच में ऑस्ट्रेलिया ने स्कॉटलैंड को 5 विकेट से हराया
  • उत्तराखंड के बद्रीनाथ नेशनल हाईवे से अलकनंदा नदी में ट्रैवलर गाड़ी गिरने से 14 पर्यटकों की मौत हो गई है. वहीं 12 लोग घायल हुए हैं.

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल और प्रवीण

  1. उत्तराखंड में पर्यटकों से भरी ट्रैवलर गाड़ी अलकनंदा नदी में गिरी, 14 लोगों की मौत, आसिफ अली, देहरादून से बीबीसी हिंदी के लिए

    गुरुग्राम से उत्तराखंड घूमने पहुंचे पर्यटकों के साथ शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया.

    पर्यटकों से भरी ट्रैवलर गाड़ी रुद्रप्रयाग के पास बद्रीनाथ नेशनल हाईवे से अनियंत्रित होकर क़रीब 300 मीटर नीचे बह रही अलकनंदा नदी के किनारे जा गिरी.

    इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई है और 12 लोग घायल हैं.

    रुद्रप्रयाग ज़िला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया, "गुरुग्राम से तुंगनाथ- चोपता 26 लोगों को लेकर जा रहा एक टेम्पो ट्रैवलर वाहन शनिवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे रुद्रप्रयाग मुख्यालय के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया."

    उन्होंने बताया कि, “देर शाम तक घटना में कुल 14 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है, जिसमें से 3 लोगों की शिनाख्त अब तक नहीं हो सकी है.”

    "ये घटना रुद्रप्रयाग ज़िला मुख्यालय से क़रीब 7 किलोमीटर दूर स्थित रैतोली नाम की जगह के पास हुई."

    "शुक्रवार रात करीब 10 बजे दिल्ली से पर्यटक गाड़ी में सवार होकर उत्तराखंड के चोपता के लिए निकले थे."

    नंदन सिंह रजवार ने बताया कि, “घटना की खबर मिलते ही एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, जल पुलिस, होमगार्ड के साथ ही स्थानीय लोग रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंचे.”

    “सभी की मदद से घायलों को गहरी खाई से सड़क मार्ग तक पहुंचाया गया.”

    “वाहन सड़क से करीब 300 मीटर गहरी खायी में गिरा था, जिसके चलते 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 14 लोगों को रेस्क्यू कर जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में भर्ती कराया गया.”

    “अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर्स ने एक व्यक्ति को मृत्य घोषित कर दिया गया. वहीं ईलाज़ के दौरान एक और व्यक्ति की मौत हो गई.”

    उन्होंने बताया कि इस हादसे में गंभीर रूप से घायल सात लोगों को एयर लिफ्ट किया गया. एम्स ऋषिकेश में पहुंचने के बाद दो और लोगों की मौत हो गई.”

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार शाम को एम्स ऋषिकेश पहुंचकर वहां भर्ती घायल पर्यटकों का हाल जाना और डॉक्टरों से जानकारी ली.

    मुख्यमंत्री धामी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है.,

    सीएम ने गंभीर रूप से घायल लोगों को 40-40 हज़ार तथा सामान्य घायलों को 10-10 हज़ार की आर्थिक सहायता प्रदान करने के भी निर्देश दिए हैं.

  2. युद्ध रोकने के लिए राष्ट्रपति पुतिन की शर्तों को इटली और जर्मनी ने नकारा

    इटली और जर्मनी के नेताओं ने यूक्रेन जंग को रोकने के लिए व्लादिमीर पुतिन के प्रस्ताव को नकार दिया है. पुतिन ने युद्धविराम के लिए शर्तें रखीं थीं.

    रूस-यूक्रेन जंग को समाप्त करने पर चर्चा के लिए कई देश स्विट्जरलैंड में आयोजित एक शिख़र सम्मेलन में पहुंचे हैं. इस दौरान इटली और जर्मनी के नेताओं ने युद्ध रोकने के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन की शर्तों को सिरे से नकार दिया.

    इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने राष्ट्रपति पुतिन की जंग रोकने वाली योजना को प्रोपेगेंडा बताया. उन्होंने कहा कि इसमें यूक्रेन को ही यूक्रेन से बाहर जाने के लिए कहा गया है.

    जर्मन चांसलर ओलाफ़ स्कोल्ज़ ने पुतिन की शांति वाली योजना को "तानाशाही शांति" कहकर ख़ारिज कर दिया.

    यूक्रेन में शांति पर आयोजित दो दिवसीय शिखर सम्मेलन से पहले पुतिन ने युद्ध विराम के लिए अपनी शर्तों बताई थीं.

    शुक्रवार को पुतिन ने कहा था शांति वार्ता के लिए यूक्रेन को दोनेत्स्क, लुहांस्क, खे़रसोन और ज़ापोरज़िया से अपने सैनिक हटाने होंगे और यूक्रेन को नेटो में शामिल होने का सपना छोड़ना होगा.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के सेना अध्यक्ष एंड्री यरमक ने बीबीसी से कहा कि "स्वतंत्रता, संप्रभुता या क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं होगा".

    इस कार्यक्रम में 90 से अधिक देश और वैश्विक संस्थान भाग ले रहे हैं. बड़े पैमाने पर आक्रमण के बाद यूक्रेन के लिए आयोजित यह सबसे बड़ा समारोह है.

  3. नमस्कार!

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