नेपाल: बाढ़ के दो दिन बाद मलबे से निकाली गई 5 साल की बच्ची माता-पिता से मिली, अब कैसी है हालत, आज़ादेह मोशिरी और एंड्रयू क्लेरेंस, काठमांडू से रिपोर्टिंग

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नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के दो दिन बाद शुक्रवार को मलबे से ज़िंदा निकाली गई पांच साल की बच्ची मनीषा को उसके माता-पिता से मिला दिया गया है.
राजधानी काठमांडू के टीचिंग अस्पताल के एक अधिकारी के मुताबिक़, मनीषा की हालत स्थिर है और वह अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रही है.
बचावकर्मी रसुवा ज़िले के स्याफ़्रुबेसी इलाक़े में बाढ़ और भूस्खलन के बाद मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें मलबे के नीचे से आवाज़ सुनाई दी. इसके बाद सुरक्षाबलों की टीम ने इलाक़े में तलाशी शुरू की और मलबा हटाने का काम शुरू किया.
नेपाल आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स के अधिकारी संजू खत्री के मुताबिक़, मलबा हटाने के दौरान बचावकर्मियों को वहां 5 वर्षीय बच्ची मनीषा मिली.
बच्ची मलबे के नीचे फंसी हुई थी. उसे बाहर निकालने में क़रीब दो घंटे का समय लगा. बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची को ज़िंदा बाहर निकाला.
बचाव के समय मनीषा ज़िंदा थी, लेकिन उसकी हालत बेहद नाज़ुक थी और वह मुश्किल से प्रतिक्रिया दे पा रही थी. टीम ने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर बुलाया, लेकिन ख़राब मौसम के कारण तत्काल यह संभव नहीं हो सका.
इसके बाद बचावकर्मी मनीषा को आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स के रेस्क्यू कैंप ले गए. वहां उसे पानी दिया गया. कुछ देर बाद बच्ची को होश आया, जिसके बाद उसे उबले हुए चावल का पानी पिलाया गया, ताकि उसकी हालत में सुधार हो सके.
मलबे में लंबे समय तक फंसे रहने के कारण मनीषा बुरी सदमे में थी. शनिवार दोपहर उसे हेलिकॉप्टर से काठमांडू के टीचिंग अस्पताल पहुंचाया गया.
अस्पताल ने रविवार को मनीषा की हालत को लेकर अपडेट जारी किया. अस्पताल के मुताबिक़, बच्ची अब ठीक हो रही है और उसकी हालत स्थिर बनी हुई है. इसी दौरान उसे उसके माता-पिता से भी मिला दिया गया.






















