लाइव, पीएम मोदी पर राहुल गांधी की टिप्पणी के बारे में राजनाथ सिंह ने ये कहा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की विदेश नीति को लेकर जो टिप्पणी की है वह अत्यंत निम्नस्तरीय और निंदाजनक है.

सारांश

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  • पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल
  • मज़दूरों को मिला 16 कैरेट का हीरा
  • मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में किस वाक्य का ज़िक्र किया?
  • पुलिस ने सड़क किनारे क्यों रखीं क्षतिग्रस्त कार?
  • फुटबॉलर रोनाल्डो ने पार्टनर जॉर्जिना से रचाई शादी
  • यहां सूर्य ग्रहण की वजह से दिन में ही छाया अंधेरा
  • जर्जर पड़ा घर बना आलीशान

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, चंदन कुमार जजवाड़े

  1. पीएम मोदी पर राहुल गांधी की टिप्पणी के बारे में राजनाथ सिंह ने ये कहा

    राहुल गांधी और संदीप दीक्षित

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर टिप्पणी की

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की विदेश नीति को लेकर जो टिप्पणी की है वह अत्यंत निम्नस्तरीय और निंदाजनक है.

    राजनाथ सिंह ने कहा, "यह मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी बहुत पीड़ा देने वाली है. अपने लंबे राजनीतिक जीवन में मैंने किसी भी नेता प्रतिपक्ष को इस तरह का अशोभनीय व्यवहार करते नहीं देखा."

    उन्होंने कहा, "राहुल गांधी के मन में प्रधानमंत्री के प्रति चाहे जितनी भी कुंठा भरी हो, लेकिन ऐसी अभद्र टिप्पणी स्वीकार्य नहीं हैं. इस आचरण से राहुल गांधी ने न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान किया है, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का अपमान किया है."

    इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों पर तीखे हमले किए.

    इस दौरान मंच पर ऐसा कुछ हुआ जिसकी काफ़ी चर्चा हो रही है और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इसे लेकर कांग्रेस पर हमलावर है.

    राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी की टिप्पणियों की निंदा की

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    इमेज कैप्शन, राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी की टिप्पणियों की निंदा की

    राहुल गांधी मंच से एक-एक करके मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने सरकार की विदेश नीति पर भी तंज़ कसा.

    राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं का ज़िक्र करते हुए कहा, "आप अपने दोस्त के घर नहीं जा रहे हो. हिन्दुस्तान का प्रधानमंत्री दोस्ती करने नहीं जाता. उसका काम देश की रक्षा करना होता है. इनके दिमाग में पता नहीं कहां से घुस गया कि वो मेरा दोस्त है और ये गले लगने लगते हैं."

    राहुल गांधी बोले, "पता नहीं इनके दिमाग़ में ये कैसे घुस गया कि विदेश नीति का मतलब ये होता है."

    ऐसा कहने के बाद राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को ज़ोर से गले लगाया और कहा कि मोदी जी को लगता है कि विदेश नीति का मतलब यही होता है.

    इसके बाद संदीप दीक्षित ने राहुल गांधी को टोक कर इटली की पीएम मेलोनी का ज़िक्र कर दिया.

  2. कार्टून: उनका मामला ...

    नालासार यूनिवर्सिटी मामले में सीजेआई की टिपण्णी पर आज का कार्टून
    इमेज कैप्शन, नालासार यूनिवर्सिटी मामले में सीजेआई की टिपण्णी पर आज का कार्टून
  3. उत्तर प्रदेश: देवरिया में तिरंगा यात्रा के दौरान 40 से ज़्यादा छात्राएं बेहोश, अरशद अफज़ाल खान, बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    देवरिया में बीमार पड़ी छात्राएं

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    इमेज कैप्शन, छात्राओं को तेज धूप में कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा

    उत्तर प्रदेश के देवरिया में तिरंगा यात्रा के दौरान 40 से ज्यादा छात्राएं अचानक बेहोश हो गईं. इन छात्राओं को यात्रा के लिए तेज धूप में कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था.

    गुरुवार को छात्राओं के बेहोश होने के बाद अफ़रातफ़री मच गई. सभी बेहोश छात्राओं को स्थानीय सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया.

    इसी तरह बाराबंकी में भी कक्षाओं में गर्मी और उमस के कारण 18 छात्राओं के बेहोश होने की ख़बर है.

    देवरिया के ज़िलाधिकारी मधुसूदन हुलगी ने पत्रकारों से कहा कि तेज धूप के कारण डिहाइड्रेशन होने से छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई.

    कस्तूरबा गांधी राजकीय बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्य मंजू राय ने कहा, "छात्राओं की तबीयत अब ठीक है. कुछ समय बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. इस दौरान कुछ छात्राओं को ऑक्सीजन सपोर्ट पर भी रखा गया."

    अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एचके मिश्रा ने कहा कि डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी रही और सभी छात्राओं की उचित देखभाल की गई.

    इसी तरह बाराबंकी में भी एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं पर तेज गर्मी और उमस का असर देखने को मिला.

    सतरिख स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में सुबह की प्रार्थना के बाद क़रीब 18 छात्राएं अचानक कक्षा में गिर गईं.

    चक्कर आने के बाद कई छात्राएं बेहोश हो गईं. सभी को तुरंत बाराबंकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतरिख ले जाया गया.

    इस स्कूल में कुल 639 छात्राएं पढ़ती हैं, जिन्हें 12 कमरों में बैठाया जाता है. क्षमता से ज़्यादा छात्राओं की मौजूदगी और वेंटिलेशन की कमी के बीच गुरुवार सुबह से ही इलाक़े में बिजली नहीं थी.

    60-60 छात्राओं से भरी कक्षाओं में अचानक छात्राओं ने जी मिचलाने, हाथ-पैर में दर्द और उल्टी की शिकायत शुरू कर दी.

    सदर एसडीएम गुंजिता अग्रवाल ने कहा कि स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान गर्मी के कारण क़रीब 18 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई.

    एसडीएम ने बताया कि छात्राओं को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतरिख ले जाया गया, जहां ग्लूकोज चढ़ाने और हालत सामान्य होने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया.

  4. जाति जनगणना में पूछे जाने वाले सवालों पर कांग्रेस ने जताई ये आपत्ति

    मोदी- शाह

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि जातिगत जनगणना के सवाल बिहार और तेलंगाना में इस मक़सद से पूछे गए सवालों की तरह होने चाहिए (सांकेतिक तस्वीर)

    कांग्रेस पार्टी ने जातिगत जनगणना के लिए पूछे जाने वाले सवालों और उसके तरीके पर संदेह जताया है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने इसके लिए राजनीतिक दलों के साथ कोई चर्चा नहीं की.

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "6 मई 2025 को जाति जनगणना के संबंध में प्रधानमंत्री को कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्र लिखा था. उनके सबसे पहले और बुनियादी सुझाव को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है. साथ ही, खरगे जी की मांग के अनुसार राजनीतिक दलों के साथ भी कोई चर्चा नहीं की गई है."

    जयराम रमेश ने मल्लिकार्जुन खड़गे के उस पत्र को भी एक्स पर साझा किया है.

    खड़गे के पत्र में प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा गया है, "मैंने 16 अप्रैल 2023 को आपको पत्र लिखकर कांग्रेस की ओर से जातिगत जनगणना कराने की मांग आपके सामने रखी थी. अफ़सोस की बात है कि मुझे उस पत्र का कोई जवाब नहीं मिला. दुर्भाग्य से उसके बाद आपकी पार्टी के नेताओं और ख़ुद आपने कांग्रेस और इसके नेतृत्व पर इस मांग के लिए लगातार हमले किए."

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस चिट्ठी में मांग की थी कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को जनगणना में पूछे जाने वाले सवालों के लिए तेलंगाना मॉडल को अपनाना चाहिए और अंत में रिपोर्ट प्रकाशित करते हुए सब कुछ सार्वजनिक किया जाना चाहिए.

    जयराम रमेश ने एक अन्य पोस्ट में आरोप लगाया, "यह व्यापक रूप से उम्मीद की जा रही थी कि जाति से जुड़ा सवाल पहले से तैयार राज्यवार सूची के साथ पूछा जाएगा, जैसा कि बिहार और तेलंगाना में हुए जाति सर्वेक्षणों में किया गया था. जिसमें जवाब के अनुसार सही विकल्प पर सिर्फ टिक करना होता था. दुर्भाग्य से, ऐसा नहीं हुआ है, जिससे मंशा को लेकर गंभीर संदेह पैदा हो रहे हैं."

    इससे पहले एक गजट नोटिफ़िकेशन के ज़रिए गृह मंत्रालय के रजिस्ट्रार जनरल के दफ़्तर ने बताया है कि साल 2027 के लिए हो रही जनगणना के लिए संबंधित अधिकारी लोगों से 40 तरह के सवाल पूछ सकते हैं.

    इनमें नाम, धर्म, वैवाहिक स्थिति, जन्म स्थान, स्थायी निवास, बैंक खातों की कुल संख्या, मोबाइल नंबर (अगर हो), आधार नंबर (अगर हो), वोटर आईडी नंबर जैसे सवाल शामिल हैं.

  5. विकलांगों पर टिप्पणी के मामले में समय रैना समेत पांच लोगों को सुप्रीम कोर्ट से राहत

    समय रैना अपने शो की वजह से कई बार विवादों में आए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

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    इमेज कैप्शन, समय रैना अपने शो की वजह से कई बार विवादों में आए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विकलांग लोगों को लेकर इंडियाज़ गॉट लेटेंट शो में की गई असंवेदनशील टिप्पणियों के मामले में समय रैना और चार अन्य कॉमेडियनों के ख़िलाफ़ दर्ज आपराधिक मामलों को रद्द कर दिया.

    बार एंड बेंच के मुताबिक़ भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी मोहना की पीठ ने यह आदेश दिया.

    इस मामले में राहत पाने वाले अन्य लोगों में विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ़ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर शामिल हैं.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट ने विकलांग लोगों के ख़िलाफ़ असंवेदनशील टिप्पणियों को लेकर उन पर दर्ज एफ़आईआर को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने इन चारों की विकलांग लोगों के लाभ के लिए शो आयोजित करने की कोशिशों को सराहा.

    सुप्रीम कोर्ट के सामने जांच के दायरे में आया इंडियाज़ गॉट लेटेंट का विवादित एपिसोड 14 नवंबर, 2024 को खार हैबिटेट में शूट किया गया था, जो बाद में प्रसारित हुआ था.

    बार एंड बेंच के मुताबिक़ कॉमेडी शो में शामिल कई लोगों के ख़िलाफ़ अश्लील और असंवेदनशील टिप्पणियां करने के लिए कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे.

    बाद में एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें रैना और तीन अन्य लोगों पर स्पाइनल मस्क्युलर अट्रोफी (Spinal Muscular Atrophy) के इलाज की ऊंची लागत को लेकर असंवेदनशील टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया.

    नवंबर 2025 में, कोर्ट ने रैना और फाउंडेशन की याचिका में नामित अन्य कॉमेडियन को विकलांग लोगों के इलाज के लिए बनाए गए कोष के लिए धन जुटाने के लिए एक महीने में कम से कम दो कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया था.

  6. सोशल मीडिया पर बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री पर सुप्रीम कोर्ट सख़्त

    सुप्रीम कोर्ट

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    सोशल मीडिया पर बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री के प्रसार से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील एचएस फुलका ने कहा कि ऐसे वीडियो अब सिर्फ इंस्टाग्राम पर सर्कुलेट ही नहीं हो रहे, बल्कि उन्हें प्रमोट भी किया जा रहा है.

    फुलका ने कहा कि भारत सरकार ने भी इंस्टाग्राम पर इस तरह की सामग्री को रोकने के लिए सख़्त कार्रवाई की है.

    उन्होंने बताया, "सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि मेटा, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की ज़िम्मेदारी है कि वे बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री के प्रसार को रोकें और इसकी जानकारी पुलिस को दें."

    उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर ऐसे वीडियो डाउनलोड करने और देखने वाले लोगों के ख़िलाफ़ भी पॉक्सो एक्ट के तहत आपराधिक कार्रवाई हो सकती है.

    फुलका ने कहा कि जो लोग बच्चों से जुड़े अश्लील फोटो या वीडियो डाउनलोड करके आगे शेयर करते हैं, उनके ख़िलाफ़ भी क़ानून के तहत कार्रवाई हो सकती है और 7 साल तक की सजा का प्रावधान है.

  7. शहबाज़ शरीफ़ के बयान पर पीएम मोदी को लेकर कांग्रेस ने ये कहा

    पवन खेड़ा

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    इमेज कैप्शन, पवन खेड़ा ने मांग की है कि पीएम मोदी अब भी कह दें कि 'ट्रंप झूठ बोल रहे हैं'

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पीएम मोदी से जवाब देने की मांग की है.

    पवन खेड़ा ने कहा, "शहबाज़ शरीफ़ का जो बयान आया है वह बहुत चौंकाने वाला नहीं है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ख़ुद सौ से ज़्यादा बार कह चुके हैं कि 'मैंने (भारत-पाकिस्तान के बीच) सीज़फ़ायर करवाया. मैंने भारत को डांटा', उन्होंने जो भी कहा है आपने सुना है."

    पवन खेड़ा के मुताबिक़, "अब शहबाज़ शरीफ़ भी वही बोल रहे हैं और ट्रंप को धन्यवाद दे रहे हैं. राहुल जी ने संसद में मोदी जी को मौक़ा दिया कि आप खड़े होकर बोल दीजिए की ट्रंप झूठ बोल रहे हैं, उनकी सीज़फ़ायर में कोई भूमिका नहीं थी. तब वो (पीएम मोदी) डरे हुए थे."

    "अब शहबाज़ शरीफ़ भी वही बोलने लगे हैं. पड़ोसी मुल्क जो हर मायने में आपसे पीछे है, वो एक तरह से आपको चिढ़ा रहा है. हम फिर कह रहे हैं प्रधानमंत्री जी सामने आइए और बोल दीजिए कि ट्रंप झूठ बोल रहे और शहबाज़ शरीफ़ भी झूठ बोल रहे हैं. भारत ने अपनी शर्तों पर सीज़फ़ायर की थी."

    इससे पहले इस्लामाबाद में गुरुवार को 'यादगार-ए-फतह' के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए शहबाज़ शरीफ़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा किया था.

    उन्होंने दावा किया कि ट्रंप ने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने में भूमिका निभाकर लाखों लोगों की जान बचाई.

    22 अप्रैल को 2025 में जम्मू-कश्मीर में पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाकर किए गए चरमपंथी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी.

    भारत ने इसके ख़िलाफ़ मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था. इसके बाद भारत और पाकिस्तान की फ़ौजें आमने-सामने आ गई थीं.

    तक़रीबन तीन-चार दिनों के संघर्ष के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि भारत और पाकिस्तान सीज़फ़ायर कर रहे हैं.

    ट्रंप ने कई मौक़ों पर यह दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच उन्होंने ही युद्धविराम कराया था.

  8. नांदेड़ में हमले के बाद आया सुखबीर सिंह बादल का पहला बयान, क्या कहा?

    सुखबीर सिंह बादल

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    पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने अपने ऊपर हुए हमले पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा कि हमला करने वालों का मकसद पंजाब में हालात को अपने नियंत्रण में लेना और शांति भंग करना है. इसकी अनुमति ना तो मैं दूंगा और ना कभी मेरे पिता ने दी थी."

    "दोनों बार उन्होंने मुझ पर सबसे पवित्र स्थानों पर हमला किया. मैं कभी डरा नहीं हूं और अब भी नहीं डरता. जिनके ऊपर गुरू जी का हाथ होता है उन पर कोई आंच नहीं आ सकती."

    सुखबीर सिंह बादल ने कहा, "शिरोमणि अकाली दल पंजाब के भाईचारे और गौरव के लिए प्रतिबद्ध है. शिरोमणि अकाली दल कोई भी कुर्बानी दे सकता है, लेकिन पंजाब की तरक्की और सांप्रदायिक एवं धार्मिक सद्भाव हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं."

    इससे पहले शिरोमणि अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हमला हुआ था.

    बीबीसी पंजाबी के अनुसार, पंजाब से नांदेड़ पहुंचने के बाद शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर माता साहिब कौर गुरुद्वारा के पास हमला किया गया.

  9. अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए हुए लिंक्स पर क्लिक करें.

  10. अमेरिका का दावा- भारत समेत 40 से ज़्यादा देशों ने चीन को टैरिफ़ से बचाने में मदद की, ऑसमंड चिया, बिज़नेस रिपोर्टर

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फ़ाइल फ़ोटो)

    व्हाइट हाउस ने गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत समेत 40 से ज़्यादा देशों ने चीन को अमेरिकी टैरिफ से बचने में मदद की, जिसके लिए चीनी सामान को ऐसे देशों के रास्ते अमेरिका भेजा गया जहां आयात शुल्क कम है.

    रिपोर्ट में कनाडा, भारत, मेक्सिको, जापान और दक्षिण कोरिया समेत कई देशों का नाम लिया गया है.

    व्हाइट हाउस के मुताबिक, इन देशों के जरिए चीन ने अरबों डॉलर के अमेरिकी टैरिफ से बचने की कोशिश की.

    अमेरिका के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो ने कहा कि इस व्यवस्था की वजह से "अमेरिकी नौकरियों और अरबों डॉलर के राजस्व का नुक़सान हुआ."

    वहीं, वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने बीबीसी के सवालों के जवाब में अमेरिकी आरोपों पर कहा कि "ट्रेड वॉर में किसी की जीत नहीं होती."

    उन्होंने अमेरिका के टैरिफ उपायों और चीनी कंपनियों को निशाना बनाने के लिए सरकारी ताकत के इस्तेमाल का विरोध किया.

    चीनी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ट्रांसशिपमेंट के जरिए भेजे जाने वाले सामान को लेकर किसी भी एकतरफा कार्रवाई या समझौते में तीसरे देशों के हितों को नुक़सान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए.

    बीबीसी ने रिपोर्ट में शामिल भारत, कनाडा, मेक्सिको, जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के दूतावासों से भी इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी है.

    यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ और प्रतिबंधों को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है.

    वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से वॉशिंगटन में मुलाक़ात भी होने वाली है.

    व्हाइट हाउस ने सरकारी और निजी क्षेत्र के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि करीब 30 अरब डॉलर से लेकर 300 अरब डॉलर तक का सामान ज़्यादा टैरिफ़ वाले देशों से कम टैरिफ वाले देशों के रास्ते अमेरिका पहुंचाया गया.

  11. खड़गे के 'शुद्धीकरण' पर मायावती ने जताई नाराज़गी, क्या कहा?

    मयावती

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    इमेज कैप्शन, मायावती ने आरएसएस प्रमुख से भी इस घटना पर गंभीरता से विचार करने की अपील की (फ़ाइल फ़ोटो)

    उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद मंच के कथित 'शुद्धीकरण' को लेकर बीएसपी प्रमुख मायावती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने इस घटना को बेहद निंदनीय और चिंताजनक बताया है.

    मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "खड़गे के कार्यक्रम के बाद उनके मंच का दलित होने की वजह से ‘शुद्धीकरण’ किया गया. उत्तराखंड सरकार को बिना देरी किए ऐसे जातिवादी और सामंती तत्वों के ख़िलाफ़ सख्त कानून के तहत कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को जेल भेजना चाहिए."

    उन्होंने आरएसएस प्रमुख से भी इस घटना पर गंभीरता से विचार करने की अपील की.

    मायावती ने कहा कि आरएसएस प्रमुख दलितों में आर्थिक रूप से मज़बूत हो चुके लोगों को आरक्षण से बाहर करने की बात कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें इस तरह की घटनाओं को भी गंभीरता से देखना चाहिए.

    मायावती ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले का भी जिक्र किया. उन्होंने इसे बेहद दुखद और चिंताजनक बताते हुए केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से दोषियों के ख़िलाफ़ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की.

    दरअसल, हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद रामलीला मैदान में कथित 'शुद्धीकरण' हवन को लेकर खड़गे ने राज्यसभा में नाराज़गी जताई थी.

    खड़गे ने कहा था, "मैं इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं बनाना चाहता. मैं अनुसूचित जाति से आता हूं और दलित हूं. लेकिन आप मुझे अछूत की तरह मानकर शुद्धिकरण करते हैं और मेरा अपमान करते हैं."

  12. ‘महिला को मज़ाक का विषय बनाना ग़लत’, संदीप दीक्षित के बयान पर मनोज झा ने जताई आपत्ति

    मनोज झा

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    इमेज कैप्शन, मनोज झा ने कहा, "मुद्दा सिर्फ़ किसी राष्ट्राध्यक्ष का नहीं है. किसी भी महिला को मज़ाक का विषय बनाना ग़लत है"

    आरजेडी सांसद मनोज झा ने ‘रचनात्मक कांग्रेस’ के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के बयान पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि दीक्षित की टिप्पणी को स्वीकार करना मुश्किल है और यह उचित नहीं थी.

    मनोज झा ने कहा, "मुद्दा सिर्फ़ किसी राष्ट्राध्यक्ष का नहीं है. किसी भी महिला को आपकी टिप्पणी की वजह से मज़ाक का विषय बनाना ग़लत है. हम सिर्फ़ बीजेपी के ख़िलाफ़ राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि भाषा और सार्वजनिक संवाद की गरिमा के लिए भी लड़ रहे हैं."

    उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर आपत्ति जताई थी और इसके बारे में लिखा भी था.

    मनोज झा ने कहा कि "50 करोड़ की गर्लफ्रेंड" जैसे बयान लोकतांत्रिक सार्वजनिक संवाद के स्तर को गिराते हैं.

    उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष की तरफ से भी इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल होने लगे तो यह सार्वजनिक जीवन में बनाए रखने वाले मानकों के ख़िलाफ़ है.

    मनोज झा ने सुझाव दिया कि सत्तापक्ष और विपक्ष को संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कम से कम 48 घंटे इस बात पर चर्चा के लिए निकालने चाहिए कि एक-दूसरे से किस तरह की भाषा में बात की जानी चाहिए.

    उन्होंने कहा, "असहमति होगी. लोकतंत्र में हमें एक-दूसरे के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ना है. लेकिन भाषा की गरिमा कैसे बनाए रखें, इस पर विचार करना ज़रूरी है."

  13. सीजेपी ने नालसार विवाद के बीच बीसीआई अध्यक्ष मनन मिश्रा का मांगा इस्तीफ़ा

    मनन कुमार मिक्षा

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    इमेज कैप्शन, सौरव दास ने मनन मिश्रा को टैग करते हुए लिखा, "कृपया अब इस्तीफा दें” (फ़ाइल फ़ोटो)

    हैदराबाद की नालसार लॉ यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट को लेकर विवाद के बीच सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा पर निशाना साधा है.

    सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए मनन मिश्रा को लेकर जवाबदेही तय करने की ज़रूरत बताई.

    उन्होंने लिखा, "जवाबदेही ज़रूरी है. बार काउंसिल का नेतृत्व 2012 से उनके पास है और 2030 तक रहेगा. यह बेहद लंबा कार्यकाल है, खासकर जब इसे शक्तियों के बार-बार दुरुपयोग के संदर्भ में देखा जाए."

    दास ने आगे मनन मिश्रा को टैग करते हुए लिखा, "कृपया अब इस्तीफ़ा दें.”

    दरअसल, बीसीआई ने नालसार के 2026 बैच के ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट पर रोक लगाने का अपना फैसला वापस ले लिया है.

    इससे पहले बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने देश की सभी राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया था कि वे नालसार से 2026 में ग्रेजुएट हुए छात्रों का अगले आदेश तक अधिवक्ता के तौर पर एनरोलमेंट न करें.

    बीसीआई ने नालसार से उन लोगों के बारे में तथ्यात्मक रिपोर्ट भी मांगी है, जो भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किए जाने के विरोध में चलाए गए अभियान में शामिल थे.

    पिछले सप्ताह नालसार लॉ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में सीजीआई सूर्यकांत को आमंत्रित किए जाने के प्रस्ताव को लेकर विवाद सामने आया था.

  14. सीजेआई ने क्यों कहा- 'यह छात्रों और मेरे बीच का मामला, बीसीआई कौन होता है दखल देने वाला'

    सीजेआई सूर्यकांत

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    इमेज कैप्शन, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का पूरा अधिकार है (फ़ाइल फ़ोटो)

    सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की ओर से नालसार लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों के एनरोलमेंट रोकने के निर्देश पर कड़ी नाराजगी जताई.

    हालांकि, मनन मिश्रा ने बाद में इन निर्देशों को वापस ले लिया था.

    भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का पूरा अधिकार है. उन्होंने बीसीआई के इस मामले में दख़ल देने पर सवाल उठाया.

    लाइव लॉ के मुताबिक़ सीजेआई ने कहा, "बीसीआई बेवजह कार्रवाई कर रहा है. अगर छात्रों के पास विरोध करने का कोई मुद्दा है तो उन्हें विरोध करने का अधिकार है. हो सकता है छात्रों ने मुझे कोई पत्र लिखा हो. यह छात्रों और मेरे बीच का संवाद है. बीसीआई कौन होता है जो बेवजह इस मुद्दे को उठाए? यह पूरी तरह अनावश्यक है. बीसीआई का इससे कोई लेना-देना नहीं है."

    सीजेआई सूर्यकांत ने अपने छात्र जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वह खुद भी छात्र गतिविधियों में शामिल रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि अगर छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं तो उन्हें ऐसा करने दिया जाना चाहिए.

    उन्होंने कहा, "मान लीजिए कि वे ग़लत भी हैं, फिर भी उन्हें विरोध करने का अधिकार है. उन्हें कौन रोक सकता है? जब तक वे क़ानून के दायरे में रहकर और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं, उनकी बात सुनी जानी चाहिए. बार काउंसिल या किसी अन्य संस्था को इसमें दखल क्यों देना चाहिए?"

  15. संदीप दीक्षित के मेलोनी वाले बयान पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा

    जेपी नड्डा

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    इमेज कैप्शन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (फ़ाइल फ़ोटो)

    गुरुवार को राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी राजनेताओं से गले मिलने की नकल की, इसी दौरान संदीप दीक्षित ने मेलोनी का ज़िक्र किया जिसके बाद विवाद शुरू हो गया.

    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "ऐसा विपक्ष का नेता देखना ही बाकी रह गया था. यह देश के लोकतंत्र का दुर्भाग्य है. कांग्रेस के लिए इससे ज़्यादा दुख की बात और क्या होगी कि उसे राहुल गांधी को अपना नेता मानना पड़ रहा है."

  16. उत्तराखंड सुरंग हादसा: घायल शख़्स ने बताया, टनल के भीतर क्या हुआ था?

    सर्वाइवर

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    इमेज कैप्शन, अस्पताल में भर्ती एक सर्वाइवर ने बताया कि अचानक पानी और हवा तेज़ी से टनल के अंदर आया, संभलने का भी वक़्त नहीं मिला

    उत्तराखंड के चमोली ज़िले में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा घुसने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं.

    हादसे के बाद सुरंग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

    हादसे से सुरक्षित बाहर निकले एक व्यक्ति ने बताया कि हालात बेहद ख़तरनाक थे और किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला.

    उन्होंने कहा, “अचानक तूफान जैसी तेज हवा अंदर आई. उस वक्त मैं ऊपर था, इसलिए तुरंत नीचे गया और बाहर मौजूद लोगों को इसकी जानकारी दी.”

    उन्होंने बताया, "इसके बाद फोरमैन अंदर गए और गंभीर रूप से घायल लोगों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत की. अभी भी दो-तीन लोग अंदर फंसे हुए हैं."

    अस्पताल में भर्ती एक और सर्वाइवर ने बताया,, "पानी और हवा अचानक तेज़ी से अंदर आया. फिर पानी का बहाव धीमा हो गया. तब हम धीरे-धीरे बाहर निकल पाए. हम अंदर 15-20 लोग थे."

    वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के पीपलकोटी में निर्माणाधीन सुरंग का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया.

    इस दौरान सीएम धामी ने कहा, “यहां एनडीआरएफ़, एसडीआरएफ़, आईटीबीपी, राज्य आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन समेत सभी एजेंसियां रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं. राज्य मंत्री भारत सिंह चौधरी भी कल से मौके पर मौजूद हैं.”

  17. अश्विन ने सरफराज़ को लेकर मैनेजमेंट से पूछा- 'बताएं कि टीम में उनकी भूमिका क्या है'

    सरफ़राज़ ख़ान और आर. अश्विन

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    इमेज कैप्शन, सरफराज़ को चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में शामिल किया गया है. भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सिरीज़ शनिवार से शुरू हो रही है (फ़ाइल फ़ोटो)

    पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सिरीज़ के लिए टीम में चुने गए सरफराज खान को लेकर भारतीय टीम मैनेजमेंट से स्पष्टता की मांग की है.

    सरफराज़ को चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में शामिल किया गया है. भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सिरीज़ शनिवार से शुरू हो रही है.

    28 साल के सरफराज़ ने नवंबर 2024 के बाद से भारत के लिए कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है. जब अश्विन से प्लेइंग XI में ध्रुव जुरेल और सरफराज़ खान में से किसी एक को चुनने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, "मैं जुरेल के साथ शुरुआत करूंगा.”

    अपने यूट्यूब चैनल ‘अश की बात’ पर अश्विन ने सरफराज़ की भूमिका को लेकर कहा, “आपको उन्हें बताना होगा कि वह उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में टीम के लिए क्या भूमिका निभा सकते हैं.”

    उन्होंने आगे कहा, "इस तरह, सरफ़राज़ बाकी चीज़ों में अपना समय बर्बाद नहीं करेंगे. वह अच्छी स्पिन खेलने पर ध्यान दे सकते हैं और सब-कॉन्टिनेंटल कंडिशन्स के किंग बन सकते हैं. वह अपना करियर बना सकते हैं. अगर आपको लगता है कि वह कुछ खास कंडिशन्स में अच्छा नहीं खेल सकते, तो उन्हें यह बात बताएं."

    सरफराज ने फरवरी 2024 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट डेब्यू किया था. अपने डेब्यू के बाद उन्होंने शानदार शुरुआत की और पहली तीन पारियों में लगातार तीन अर्धशतक जड़े थे.

    उन्होंने आगे कहा, "इस तरह, सरफ़राज़ बाकी चीज़ों में अपना समय बर्बाद नहीं करेंगे. वह अच्छी स्पिन खेलने पर ध्यान दे सकते हैं और सब-कॉन्टिनेंटल कंडिशन्स के किंग बन सकते हैं. वह अपना करियर बना सकते हैं. अगर आपको लगता है कि वह कुछ खास कंडिशन्स में अच्छा नहीं खेल सकते, तो उन्हें यह बात बताएं."

  18. मिथुन चक्रवर्ती का बंगाल सरकार पर तंज, ‘मुझे छोटा कलाकार समझते हैं, इसलिए...'

    मिथुन चक्रवर्ती

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    इमेज कैप्शन, बीजेपी नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल सरकार पर तंज कसा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कोलकाता में महान बंगाली अभिनेता उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी समारोह को लेकर सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाक़ात के बाद बीजेपी नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने बंगाल फिल्म फेस्टिवल में न्योता नहीं मिलने पर नाराज़गी जताई.

    मिथुन ने कहा, “मुझे फिल्म फेस्टिवल में नहीं बुलाया गया. अब मैं मॉस्को जा रहा हूं, शायद वहां मुझे बुला लें. वे मुझे मॉस्को फिल्म फेस्टिवल में बुला रहे हैं, लेकिन यहां बंगाल में मुझे न्योता नहीं दिया गया.”

    उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद उन्हें इसलिए नहीं बुलाया जाता क्योंकि उन्हें ‘छोटा कलाकार’ समझा जाता है.

    मिथुन ने यह भी कहा कि बंगाल से कोई संबंध नहीं रखने वाले बाहर के बड़े लोगों को यहां बुलाया जाता है, जबकि बंगाल के कलाकारों को नजरअंदाज़ किया जाता है.

  19. पूर्वी जापान में रिकॉर्ड बारिश से भारी नुक़सान, चार लोगों की मौत; हज़ारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे

    जापान बारिश

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    इमेज कैप्शन, गुरुवार को भारी बारिश के कारण चीबा मेट्रो स्टेशन के शॉपिंग मॉल में फँसे यात्री फ़र्श पर आराम करते दिखे

    जापान के चिबा प्रांत में रिकॉर्ड बारिश के चलते चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि हज़ारों यात्री टोक्यो के नारिता एयरपोर्ट पर रातभर फंसे रहे.

    राजधानी टोक्यो के पास स्थित चिबा में गुरुवार दोपहर से हर घंटे 100 मिलीमीटर से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है. अधिकारियों के मुताबिक, यह अगस्त में होने वाली औसत बारिश से करीब तीन गुना ज़्यादा है और देश में अब तक दर्ज की गई सबसे ज़्यादा बारिश है.

    मूसलाधार बारिश के कारण ट्रेन, बस और टैक्सी सेवाएं ठप हो गईं. वहीं, चिबा में 20 हज़ार से ज़्यादा घरों की बिजली भी गुल हो गई.

    हालात को देखते हुए राहत और बचाव अभियान जारी है. अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

    जापान

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    इमेज कैप्शन, शुक्रवार को जापान के चिबा प्रान्त के ओमिशिरासातो में भारी बारिश के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों का दृश्य
    जापान

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    इमेज कैप्शन, गुरुवार को चिबा में भारी बारिश के बीच, चिबा मेट्रो स्टेशन के पास पानी से भरी सड़क से गुज़रती गाड़ियां
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    इमेज कैप्शन, शुक्रवार को जापान के चिबा प्रान्त में भारी बारिश के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित होने से जो लोग घर नहीं लौट पाए, वे चिबा प्रान्त सरकार के कार्यालय में बनाए गए अस्थायी निकासी केंद्र में रुके हुए हैं
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    इमेज कैप्शन, गुरुवार को जापान में टोक्यो के पास चिबा प्रांत के इचिकावा में भारी बारिश के बाद पानी से भरी सड़क
  20. पैकेज्ड फूड पर चेतावनी को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एफ़एसएसएआई से पूछा- आदेश क्यों नहीं माना?

    पैकेज़्ड फूड

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    सुप्रीम कोर्ट ने ज़्यादा शुगर, नमक और सैचुरेटेड फैट वाले पैकेज्ड फूड पर फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल लगाने में एफ़एसएसएआई की कथित हिचकिचाहट पर गुरुवार को कड़ी नाराज़गी जताई.

    जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी. कोर्ट ने पहले भी एफ़एसएसएआई से जनस्वास्थ्य के हित में ऐसे चेतावनी लेबल लागू करने पर विचार करने को कहा था.

    गुरुवार को कोर्ट ने एफ़एसएसएआई की एक बैठक के मिनट्स का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि आखिर ऐसी व्यवस्था लागू करने में इतनी हिचकिचाहट क्यों है. कोर्ट ने यहां तक पूछा कि क्या एफ़एसएसएआई खाद्य उत्पाद बनाने वाली बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के दबाव में आ रहा है.

    बार एंड बेच के मुताबिक. बेंच ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “क्या आप कोर्ट के आदेश को मज़ाक समझ रहे हैं? इन कॉरपोरेट घरानों का आप पर काफी दबाव है और आप उस दबाव के आगे झुक रहे हैं. हम यह जनहित में कर रहे हैं, अपने लिए नहीं.”

    कोर्ट ने एफ़एसएसएआई से यह भी पूछा कि उसके आदेश के बाद अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और चेतावनी लेबल लागू करने के लिए उसे खुद पहल करनी होगी या कोर्ट को इस संबंध में आदेश जारी करना पड़ेगा.

    सुनवाई के दौरान एफ़एसएसएआई की इस दलील पर भी कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ कि अगर ऐसे लेबल लागू किए गए तो नमकीन जैसे कई भारतीय खाद्य पदार्थ भी ज्यादा फैट, शुगर या नमक वाले उत्पादों की श्रेणी में आ जाएंगे.

    कोर्ट ने सवाल किया, “क्या आप चाहते हैं कि इस देश के लोग स्वस्थ न रहें? खासकर बढ़ते हुए बच्चे?”

    कोर्ट ने आगे कहा कि वह किसी खास खाद्य उत्पाद के ख़िलाफ़ नहीं है, बल्कि उसका मकसद सिर्फ़ ऐसे मामलों में लोगों को जागरूक करना है.