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बीबीसी के डायरेक्टर जनरल टिम डेवी और न्यूज़ सीईओ डेबोरा टर्नेस का इस्तीफ़ा

यह इस्तीफ़ा उस आलोचना के बाद दिया गया जिसमें कहा गया था कि बीबीसी पैनोरमा डॉक्यूमेंट्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण को एडिट करके दर्शकों को गुमराह किया.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली, सुमंत सिंह

  1. दिल्ली की हवा ‘बहुत ख़राब’, कई इलाक़ों में एक्यूआई 400 पार

    राजधानी दिल्ली में रविवार को हवा की गुणवत्ता ‘बहुत ख़राब’ श्रेणी में पहुंच गई. सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 391 दर्ज किया गया. ये आंकड़े केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के हैं.

    वहीं शहर में कई ऐसे इलाक़े हैं जहां प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक है और एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है.

    सीपीसीबी के मुताबिक़, आनंद विहार में एक्यूआई 412, अलीपुर में 415 और बवाना में सबसे ज़्यादा 436 दर्ज किया गया.

    इसके अलावा चांदनी चौक में एक्यूआई 409 रहा, जबकि आरके पुरम और पटपड़गंज में 422 और 425 दर्ज किया गया.

    इससे पहले शनिवार को भी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता सुबह 'बहुत ख़राब' श्रेणी में थी. सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 355 दर्ज किया गया था.

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  2. भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने के लिए शहबाज़ शरीफ़ ने ट्रंप को फिर शुक्रिया कहा

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने शनिवार को एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस साल मई में भारत-पाकिस्तान संघर्ष को सुलझाने के लिए धन्यवाद किया.

    भारत इस बात को नकारता रहा है कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका थी

    पाकिस्तान के साथ चले भारत के चार दिन के सैन्य संघर्ष को लेकर ट्रंप बार-बार दावा करते रहे हैं कि उनकी दखल से दोनों देशों ने इस संघर्ष को ख़त्म किया.

    शहबाज़ शरीफ़ ने अज़रबैजान में विजय दिवस परेड में कहा, "ये राष्ट्रपति ट्रंप की साहसिक और निर्णायक लीडरशिप थी, जिसकी वजह से पाकिस्तान और भारत के बीच सीज़फ़ायर हो पाया, दक्षिण एशिया में शांति बहाल हुई, एक बड़ा युद्ध टला और लाखों लोगों की जानें बचीं."

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  3. अमेरिका में शटडाउन की वजह से दूसरे दिन भी 1,400 से ज़्यादा उड़ानें रद्द, कई उड़ानों में देरी

    अमेरिका में शटडाउन की वजह से एयरलाइंस को ट्रैफ़िक कम करने के निर्देश दिए गए. इसके बाद शनिवार को अमेरिका में 1,400 से ज़्यादा उड़ानें रद्द हो गईं.

    फ़्लाइट ट्रैकर फ़्लाइट अवेयर के मुताबिक़, रद्द के अलावा क़रीब 6 हज़ार उड़ानों में देरी भी हुई. ये संख्या शुक्रवार को देरी हुई 7 हज़ार उड़ानों से कम है.

    संघीय विमानन प्रशासन (एफ़एए) ने इस हफ़्ते घोषणा की थी कि वह देश के 40 सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स पर एयर ट्रैवल कैपेसिटी को 10 फ़ीसदी तक कम करेगा, क्योंकि एयर ट्रैफ़िक कंट्रोलर बिना वेतन काम कर रहे हैं.

    कंट्रोलर की कमी की वजह से उड़ानों पर काफी असर हुआ है. एयर ट्रैफ़िक कंट्रोलर या तो सिक लीव ले रहे हैं या फिर कहीं और काम कर रहे हैं.

    अमेरिकी सदन कांग्रेस में इस मुद्दे को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच अभी भी सहमति नहीं बन पा रही है और इसी साल एक अक्तूबर से शुरू हुआ शटडाउन जारी है.

  4. पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान की बातचीत नाकाम, तालिबान सरकार ने दी ये चेतावनी

    अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने तुर्की में बातचीत फेल होने के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया है और कहा कि इस्तांबुल वार्ता में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान की सुरक्षा की सारी ज़िम्मेदारी अफ़ग़ानिस्तान पर डालने की कोशिश की.

    अफ़ग़ान तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "इस्लामिक अमीरात के अच्छे इरादों और मध्यस्थों के सभी प्रयासों के बावजूद, पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के गैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार के कारण यह बातचीत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी."

    ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, "किसी को भी किसी अन्य देश के ख़िलाफ़ अफ़ग़ानिस्तान के क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, न ही किसी देश को अपने क्षेत्र से अफ़ग़ानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता, स्वतंत्रता और सुरक्षा के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने या समर्थन करने की अनुमति दी जाएगी."

    उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष ने बातचीत के दौरान अपने देश की सुरक्षा से संबंधित सभी ज़िम्मेदारियां अफ़ग़ान सरकार पर डालने की कोशिश की, जबकि अपनी ओर से उसने अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा या अपने देश की शांति के लिए कोई ज़िम्मेदारी स्वीकार करने की इच्छा नहीं दिखाई.

    ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, "पाकिस्तान के लोग अफ़ग़ान लोगों के भाई हैं. अफ़ग़ानिस्तान उनकी भलाई और शांति के लिए प्रार्थना करता है और अपनी ज़िम्मेदारियों और क्षमताओं के मुताबिक़ उनके साथ सहयोग करना जारी रखेगा."

    उन्होंने कहा कि अफ़ग़ान लोगों की रक्षा करना अफ़ग़ान तालिबान की क़ानूनी और राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी है. किसी भी तरह की आक्रामकता का पूरी ताक़त से जवाब दिया जाएगा.

  5. नमस्कार!

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