नोएडा में हुए श्रमिकों के प्रदर्शन पर राहुल गांधी ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश में नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में हुए प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रतिक्रिया आई है.
राहुल गांधी ने कहा कि नोएडा का मज़दूर 20,000 रुपये मांग रहा है, यह कोई लालच नहीं बल्कि उसका अधिकार है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आख़िरी चीख़ थी, जिसकी हर आवाज़ को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया."
उन्होंने लिखा, "नोएडा में काम करने वाले एक मज़दूर की 12,000 रुपये महीने की तनख़्वाह, 4,000-7,000 रुपये किराया. जब तक 300 रुपये की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक 500 रुपये सालाना किराया बढ़ा देता है."
"तनख़्वाह बढ़ने तक ये बेलगाम महंगाई ज़िंदगी का गला घोंट देती है, क़र्ज़ की गहराई में डुबा देती है, यही है विकसित भारत का सच. जो मज़दूर हर रोज़ 12-12 घंटे खड़े होकर काम करता है फिर भी बच्चों की स्कूल फ़ीस क़र्ज़ लेकर भरता है, क्या उसकी मांग ग़ैरवाजिब है? जो हर रोज़ उसका हक़ मार रहा है, वो विकास कर रहा है?"
राहुल गांधी ने लिखा, "मैं हर उस मज़दूर के साथ हूं, जो इस देश की रीढ़ है और जिसे इस सरकार ने बोझ समझ लिया है."
गौरतलब है कि सोमवार को नोएडा में श्रमिकों ने कुछ जगहों पर तोड़फोड़ और पत्थरबाज़ी की और कुछ वाहनों में आग लगा दी.
तोड़फोड़ और प्रदर्शन की घटनाएं नोएडा के फ़ेज़-2 और सेक्टर 60 के फ़ैक्ट्री इलाक़ों में हुई हैं.
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे.