बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की जीत को भारत के पूर्व विदेश सचिव हर्ष
वर्धन श्रृंगला ने 'अच्छी ख़बर' बताया है.
उन्होंने कहा कि कई मायनों में 'हम फिर वहीं आ गए हैं, जहां से चले थे'.
अमेरिका स्थित भारतीय एम्बेसी के मुताबिक़, हर्ष वर्धन श्रृंगला ने बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त के तौर पर भी काम किया है. वह साल 2016 से 2019 तक इस पद पर रहे.
इसके अलावा उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (महानिदेशक) के रूप में भी काम किया है, जहां वह बांग्लादेश मामलों के लिए ज़िम्मेदार थे.
वह 2020 से 2022 तक भारत के विदेश सचिव रहे.
बांग्लादेश चुनाव नतीजों पर हर्ष वर्धन श्रृंगला ने कहा,
"बीएनपी के प्रमुख तारिक़ रहमान ने
भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के अपने इरादे को लेकर कुछ सकारात्मक बयान दिए
हैं, जिससे कि उनके देश में अल्पसंख्यकों
की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और बांग्लादेश के सबसे नज़दीकी और सबसे बड़े पड़ोसी
के साथ सहयोग ऐसा हो जो दोनों पक्षों के लिए परस्पर लाभकारी हो. इसलिए यह सब अच्छी
ख़बर है."
पूर्व विदेश सचिव ने कहा कि
बांग्लादेश चुनाव के नतीजे इस बात के संकेत हैं कि वहां की जनता अपने देश को किस
दिशा में ले जाना चाहती है.
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, "इसका
मतलब यह नहीं है कि बांग्लादेश में सांप्रदायिकता, कट्टरपंथ और इस्लामीकरण बढ़ने की आशंका पूरी तरह ख़त्म हो गई
है."
बांग्लादेश आम चुनाव में बीएनपी को
पूर्ण बहुमत हासिल हो चुका है. अब भी मतगणना जारी है, जिससे कि बीएनपी की सीटें बढ़ने की उम्मीद है.
बीबीसी बांग्ला सेवा के मुताबिक़,
अब तक बीएनपी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 205
सीटों पर जीत हासिल हो चुकी है. वहीं, जमात-ए-इस्लामी
के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 74 सीटें जीती हैं.
हालांकि, बीएनपी ने 213 सीटें जीतने का दावा किया है.