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लाइव, भारत ने श्रीलंका-इलेवन को 6 विकेट से हराया, यशस्वी और सिराज ने खेली शानदार पारी

भारत की ओर से यशस्वी जायसवाल ने 46 गेंदों पर 61 रन बनाए. वहीं, शुभमन गिल ने 44 और ऋषभ पंत ने 28 रन बनाए.

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े, अरशद मिसाल

  1. भारत ने श्रीलंका-इलेवन को 6 विकेट से हराया, यशस्वी और सिराज ने खेली शानदार पारी

    भारत ने कोलंबो में श्रीलंका-इलेवन के ख़िलाफ़ खेले गए अभ्यास टेस्ट मैच को 6 विकेट से जीत लिया है.

    श्रीलंका-इलेवन की टीम ने पहली पारी में 363 रन बनाए थे, जबकि भारत ने पहली पारी में 357 रन बनाए. वहीं श्रीलंका ने दूसरी पारी में 200 रन बनाए, जिसके बाद भारत को 207 रनों का लक्ष्य मिला था. भारत ने 4 विकेट के नुक़सान पर 214 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया.

    भारत ने तीन गेंद शेष रहते ही 44.3 ओवर में मैच जीत लिया था. हालांकि भारत ने पूरे 45 ओवर खेले.

    भारत की ओर से यशस्वी जायसवाल ने 46 गेंदों पर 61 रन बनाए. वहीं, शुभमन गिल ने 44 और ऋषभ पंत ने 28 रन बनाए.

    इसके अलावा मोहम्मद सिराज ने 15 गेंदों पर 32 रनों की तेज़ पारी खेली. सिराज ने अपनी पारी में 4 छक्के और 1 चौका लगाया.

  2. इसराइल ने ग़ज़ा को लेकर ट्रंप की 15 सूत्रीय योजना ख़ारिज की, नेतन्याहू ने क्या कहा?

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने ग़ज़ा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 15 सूत्रीय योजना को ख़ारिज कर दिया है.

    उन्होंने साफ़ कहा कि जब तक हमास को पूरी तरह और वास्तविक रूप से हथियार नहीं डाल देता, तब तक इसराइली सेना ग़ज़ा से पीछे नहीं हटेगी.

    रविवार को कैबिनेट बैठक में नेतन्याहू ने कहा, "इसराइल 15 सूत्रीय दस्तावेज़ को स्वीकार नहीं करता है."

    उन्होंने कहा कि "हमास के पूरी तरह हथियार डाल" देने तक इसराइली सेना की वापसी नहीं होगी और इसराइल अपने सैनिकों और नागरिकों के ख़िलाफ़ किसी भी ख़तरे को रोकता रहेगा.

    पिछले महीने ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस ने कहा था कि ग़ज़ा में हमास और दूसरे सशस्त्र संगठनों के "पूर्ण निरस्त्रीकरण" को लेकर समझौता हुआ है. हालांकि, हमास ने कहा था कि भारी हथियार सौंपने का फैसला इसराइल की ओर से सभी तरह के हमले रोकने और ग़ज़ा से अपनी सेना वापस बुलाने पर निर्भर करेगा.

    नेतन्याहू ने कहा कि हमास को पहले हथियार छोड़ने होंगे और यह प्रक्रिया केवल काग़ज़ों पर या दिखावे के लिए नहीं होनी चाहिए.

    उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है.

    उनके मुताबिक़, अमेरिका की ओर से कुछ सुझाव ऐसे हैं जिन्हें इसराइल स्वीकार कर सकता है, जबकि कुछ पर वह सहमत नहीं है.

    ट्रंप की ग़ज़ा शांति योजना में "हमास का निरस्त्रीकरण", इसराइली सेना की वापसी और ग़ज़ा के पुनर्निर्माण की योजना शामिल है. इसके लिए बोर्ड ऑफ़ पीस के गठन का भी प्रस्ताव है, जो समझौते को लागू कराने की निगरानी करेगा.

    नेतन्याहू के इस रुख़ से ट्रंप की ग़ज़ा शांति योजना को एक और झटका लगा है. इसराइल के दक्षिणपंथी सहयोगी भी इस योजना का विरोध कर रहे हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने भी मसौदे को स्वीकार करने से इनकार किया है.

  3. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई से की मुलाक़ात

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के तीसरे साल की शुरुआत में ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई से मुलाक़ात की है.

    ईरान के सर्वोच्च नेता की वेबसाइट ने इस मुलाक़ात की जानकारी दी है.

    बीबीसी फ़ारसी ने सरकारी रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि बैठक में देश की मौजूदा समस्याओं और लोगों की रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने पर चर्चा हुई. इसके अलावा युद्ध की मौजूदा स्थिति और आने वाले समय की चुनौतियों पर भी बातचीत हुई.

    बैठक में सैन्य क्षेत्र में हो रहे बदलाव, देश के वित्तीय और विदेशी मुद्रा संसाधनों को जुटाने, ख़र्चों के प्रबंधन और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई. इसके साथ ही दूसरे देशों के साथ आर्थिक संबंधों को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ.

    मोजतबा ख़ामेनेई को ईरान का तीसरा सर्वोच्च नेता चुने जाने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नज़र नहीं आए हैं. उनकी कोई नई तस्वीर या आवाज़ भी सार्वजनिक नहीं की गई है.

    इससे पहले राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने कहा था कि उन्होंने मोजतबा ख़ामेनेई से उनके सर्वोच्च नेता बनने के बाद मुलाक़ात की थी.

  4. मक्का समझौते पर इसहाक़ डार ने दी सफ़ाई, बोले- यह समझौता पूरी तरह रक्षात्मक

    पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते को लेकर उठ रहे सवालों पर सफ़ाई दी है.

    उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुआ यह समझौता किसी भी देश के ख़िलाफ़ नहीं है और इसका मकसद क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मज़बूत करना है.

    इसहाक़ डार के मुताबिक, "मक्का समझौते पर 7 अगस्त 2026 को मक्का मुकर्रमा में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने हस्ताक्षर किए. यह समझौता तीनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत और सहयोग का नतीजा है."

    समझौते के तहत तीनों देश इस बात पर सहमत हैं कि इनमें से किसी एक देश पर बाहरी सशस्त्र हमला होता है, तो इसे तीनों पर हमला माना जाएगा. यह प्रावधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार के अनुरूप है.

    डार ने स्पष्ट किया कि यह समझौता किसी मौजूदा द्विपक्षीय या बहुपक्षीय समझौते को ख़त्म नहीं करता है. उन्होंने कहा कि यह समझौता पूरी तरह रक्षात्मक है और इसका निशाना कोई देश नहीं है.

    उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र का कोई भी देश समझौते के मूल सिद्धांतों को मानने और मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए तैयार है, तो उसके लिए भी समझौते के दरवाजे़ खुले हैं.

  5. झारखंड में प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स पर क्या बोले हेमंत सोरेन?

    जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रतिक्रिया दी है.

    रविवार को उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे राज्य के युवाओं को न्याय मिलेगा.

    उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की कार्रवाई की वजह से ही युवाओं में ग़लत कामों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने और अपना हक मांगने का हौसला आया है.

    हेमंत सोरेन ने कहा, "हमने चोरी पकड़ ली है और नौजवानों को न्याय भी मिलेगा और जिन्होंने गड़बड़ी की है, उन्हें कठोर से कठोर दंड भी मिलेगा."

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले को राजनीतिक नज़रिए से देखने या किसी राजनीतिक संरक्षण की ज़रूरत नहीं है. सरकार का मक़सद युवाओं को उनका अधिकार और न्याय दिलाना है.

    मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ लोगों की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं बहुत बड़ी होती हैं और इन्हीं महत्वाकांक्षाओं की वजह से राजनीतिक दलों को युवा पीढ़ी को गुमराह करने का मौका मिल जाता है. मैं खास तौर पर युवाओं से कहना चाहूंगा कि उन्हें हमारे या किसी दूसरे राजनीतिक दल के संरक्षण की ज़रूरत नहीं है. यह आपका अधिकार है कि आपको आपका हक मिले और आपको न्याय मिले.”

    झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के ख़िलाफ़ चल रहे स्टूडेंट आंदोलन का रविवार को 16वां दिन है.

    सरकार और आंदोलनकारियों के बीच रविवार को फिर से बातचीत हो रही है. इससे पहले शनिवार को भी सरकार और स्टूडेंट संगठनों के बीच दिनभर बैठकों का दौर चला.

  6. राहुल गांधी ने स्टूडेंट्स के मुद्दे पर कहा- 'अमित शाह के मुंह से एक शब्द नहीं निकला'

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को स्टूडेंट्स की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार की निंदा की है.

    उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रयागराज में एक छात्र ने उनसे कहा, “अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा.”

    राहुल गांधी ने कहा, "छात्र ने कई साल तक तैयारी की, इसके लिए परिवार ने ज़मीन बेची और माता-पिता ने क़र्ज़ लिया, लेकिन इसके बावजूद उसे कुछ हासिल नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि यह छात्र की हार नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की हार है, जिसने उसकी मेहनत का उचित परिणाम नहीं दिया."

    राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह की भी निंदा की है.

    उन्होंने कहा, "घटना को 13 दिन हो चुके हैं, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह के मुंह से एक शब्द नहीं निकला. मोदी जी माफी मांगने की जगह क्षमा बाँट रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "अमित शाह जी, यह मत समझिए कि हम जवाबदेही मांगना बंद कर देंगे. राजधानी की सड़कों पर बच्चों पर लाठियां और पैलेट चले और आपने एक शब्द नहीं कहा. आज नहीं तो कल, इस जुर्म का जवाब आपको देना ही पड़ेगा."

    राहुल गांधी ने कहा कि स्टूडेंट्स देश की रोशनी हैं और वह उनके साथ पूरी मज़बूती से खड़े हैं.

  7. बारामती हवाई पट्टी के पास ट्रेनर विमान रनवे से फिसला

    महाराष्ट्र के पुणे ज़िले में बारामती हवाई पट्टी के पास रविवार को एक ट्रेनर विमान हादसे का शिकार हो गया.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया है कि यह विमान एक निजी कंपनी का है. फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है.

    न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक विमान वीटी-एसईएक्स में कैप्टन चिराग शशिकांत दोईफोडे और कैडेट अभिजीत जांद्रे सवार थे. दोनों विमान में प्रशिक्षण अभ्यास कर रहे थे.

    विमान में सर्किट और लैंडिंग इमरजेंसी अभ्यास कराया जा रहा था. इसी दौरान रनवे 29 पर उतरने के बाद विमान पूरी तरह रुक नहीं पाया. विमान रनवे के अंतिम हिस्से से आगे निकल गया और बाहर चला गया.

    पुणे ग्रामीण एसपी संदीप सिंह गिल ने कहा, “वीटी-एसएएक्स विमान एक प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान बारामती एयरफील्ड पर रनवे से बाहर निकल गया. विमान में कैप्टन चिराग शशिकांत दोईफोडे और कैडेट अभिजीत जांद्रे सवार थे. इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है."

    दरअसल, यह वही हवाई पट्टी है, जहां महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया था.

  8. अभी तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.

  9. जेएनयू ने उमर ख़ालिद की किताब पर चर्चा के कार्यक्रम की अनुमति रद्द की, जानिए क्या कहा

    दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) ने बताया है कि उसने उमर ख़ालिद की लिखी किताब पर रखे गए कार्यक्रम को दी गई पूर्व अनुमति को रद्द कर दिया है.

    जेएनयू ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में बताया, "जेएनयू एक लोकतांत्रिक और विकेंद्रीकृत (डीसेंट्रलाइज़्ड) संस्थान है. कार्यक्रम की अनुमति एसएसए के डीन ने दी थी, उन्होंने ही कार्यक्रम रद्द करने के लिए कार्रवाई भी की है."

    जेएनयू ने कहा, "10 अगस्त 2026 को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होने वाले कार्यक्रम के बारे में पूरी जानकारी नहीं दिए जाने के कारण एसएसए-1 सभागार की बुकिंग रद्द कर दी गई है. सभी संबंधित लोग कृपया इस पर ध्यान दें."

    इससे पहले जेएनयूएसयू (जेएनयू स्टूडेंट यूनियन) की ओर से यहां 'इंटरनेशनल डे ऑफ़ द वर्ल्ड्स इंडिजिनस पीपल्स' के मौक़े पर उमर ख़ालिद की पुस्तक पर विचार विमर्श का कार्यक्रम तय हुआ था.

    जेएनयूएसयू ने लोगों से अपील की थी कि वे 10 अगस्त को उमर ख़ालिद की पुस्तक ‘फ़्रैक्टर्ड कम्यूनिटीज़- आदिवासी हिस्ट्रीज़ एंड द पॉलिटिक्स ऑफ़ पावर’ पर परिचर्चा में शामिल हों.

    इस कार्यक्रम में प्रोफ़ेसर प्रभु महापात्र, प्रोफ़ेसर उमा चक्रवर्ती, शुद्धब्रत सेनगुप्ता, हर्ष मंदर और बनोज्योत्सना लाहिड़ी जैसे कई वक्ताओं को बोलना था.

    छात्र नेता और सामाजिक कार्यकर्ता उमर ख़ालिद सितंबर 2020 से ही जेल में बंद हैं.

    उन पर आरोप है कि उन्होंने फ़रवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा को भड़काया था. उनके ख़िलाफ़ दो एफ़आईआर दर्ज हैं.

  10. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- 'जेन ज़ी को गुमराह करने की कोशिश की गई', संजय सिंह ने दिया ये जवाब

    पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, ''जेन ज़ी हमारे बच्चे हैं. कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की.''

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ''उस समय मुझे कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं थी. भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं. पिछले दस साल में बीस करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं. उनकी अपनी आकांक्षाएं हैं और वे भारत को 'विश्व गुरु' बनाएंगे."

    धर्मेंद्र प्रधान के इस बयान पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है.

    संजय सिंह ने कहा, "मुझे एक चीज़ बताइए पेपर लीक हुआ है या नहीं हुआ है? 21 बच्चों ने अपनी जान दी है कि नहीं दी है. अगर ये दोनों बातें सच हैं तो उन्हें (जेन ज़ी) भटकाने की क्या बात है? पेपर लीक हुआ है, 21 बच्चों ने जान दी है भटकाने का सवाल क्या है?"

  11. पीएम मोदी और जेडी वेंस की बातचीत पर बोले पवन खेड़ा- 'देश को गुड नाइट कॉल से मतलब नहीं'

    पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच शनिवार रात फ़ोन पर हुई बातचीत पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने टिप्पणी की है.

    पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "मोदी जी, देश को इस बात से कोई मतलब नहीं है कि आप रात में किसके साथ 'गुड नाइट' कॉल करते हैं. हम जानना चाहते हैं कि क्या आपने अमेरिकी सीनेट से पारित 'लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026' पर चर्चा करने का साहस दिखाया?"

    "यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस ख़रीदने वाले भारत समेत अन्य देशों के आयात पर 100% तक टैरिफ़ लगाने की शक्ति देता है. भारत इसकी चपेट में आ सकता है. देश को बताइए कि क्या आपने भारत के हितों के लिए मजबूती से बात की?"

    इससे पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए बताया था कि उनसे शनिवार रात अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने फ़ोन पर बातचीत की.

    दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई, जब अमेरिकी सीनेट रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़े एक बिल को पारित कर चुका है.

    इस बिल में रूस से तेल और गैस ख़रीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का प्रावधान है. भारत भी ऐसे देशों में शामिल है.

  12. यूपी पुलिस का दावा- बुलंदशहर में नाबालिग के बलात्कार और हत्या के अभियुक्त की मुठभेड़ में मौत

    उत्तर प्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि बुलंदशहर में एक नाबालिग लड़की के बलात्कार और हत्या के अभियुक्त की मुठभेड़ में मौत हो गई है.

    बुलंदशहर के एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, "जानकारी के मुताबिक़ मृतक की पहचान मोनू के रूप में हुई है. वह फ़तेहपुर के जादवन गांव के चोला थाना इलाक़े का रहने वाला है."

    उन्होंने बताया, "मारे गए शख़्स पर 31 जुलाई की रात बुलंदशहर के ही वैर रेलवे स्टेशन परिसर में एक नाबालिग लड़की का बलात्कार कर उसकी हत्या करने का आरोप था. पुलिस इस मामले में उसकी तलाश कर रही थी."

    दिनेश कुमार सिंह के मुताबिक़ मोनू की गिरफ़्तारी पर 50 हज़ार रुपये का इनाम घोषित था. उसके ख़िलाफ़ गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, जीआरपी बरेली और अलीगढ़ में कई मामले दर्ज हैं.

    उन्होंने कहा, "थाना क्षेत्र गुलावटी के छपरावत के पास दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. पुलिस ने जांच के लिए उन्हें रुकने को कहा, लेकिन ख़ुद को घिरता देख उन्होंने पुलिस पर फ़ायरिंग कर दी."

    दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि इस गोलीबारी में एक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल घायल हुए, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं.

    उन्होंने कहा कि हालात को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में तुरंत जवाबी फायरिंग की और पुलिस की गोलीबारी में एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दूसरा भागने में सफल रहा.

    घायल शख़्स (मोनू) को इलाज के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया.

  13. ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने कहा- 'शहादत हमारा सपना, मरते दम तक डटे रहेंगे'

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि लोगों को मुश्किलों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा.

    ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, पेज़ेश्कियान ने कहा, "कुछ लोग उम्मीद करते हैं कि अमेरिका और यूरोप में महंगाई बढ़े. लेकिन हमारा देश, जो युद्ध लड़ रहा है वहां महंगाई न बढ़े. यह बात मेरी समझ में नहीं आती."

    उन्होंने कहा, "जब हम युद्ध में हैं, तो हमें चीजों की कमी का सामना करना पड़ेगा और हमें इसकी मुश्किलों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा."

    पेज़ेश्कियान ने कहा, "हम लड़ेंगे और जंग की मुश्किलों को भी स्वीकार करेंगे. रिवोल्युशनरी लीडर्स जो भी फ़ैसला करेंगे, हम अंत तक उसके साथ खड़े रहेंगे."

    उन्होंने कहा, "मुझे लड़ने से डर नहीं लगता. शहादत हमारा सबसे प्यारा सपना है और हम मरते दम तक मजबूती से खड़े रहेंगे."

    ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बग़र ज़ोलग़ाद्र ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका उनकी छह मांगें पूरी नहीं कर देता.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इन मांगों में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील, युद्ध में हुए नुक़सान की भरपाई, ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी फौरन हटाना, ईरान के ख़िलाफ़ धमकियों को रोकना और देश की जब्त संपत्तियों को मुक़्त करना शामिल है.

    माना जा रहा है कि इन शर्तों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच फ़ौरन कोई समझौता होने में मुश्किलें आ सकती हैं.

  14. कैंसर फैलने से जो बाइडन की तकलीफ़ बढ़ी, बेटे ने बीबीसी को बताया, शइमा खलील और पैडी ओकॉनल

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रोस्टेट कैंसर ने उनकी हड्डियों से आगे तक असर कर दिया है और वो काफ़ी तकलीफ़ में हैं. उनके बेटे हंटर बाइडन ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में यह जानकारी दी.

    हंटर बाइडन ने बीबीसी के 'न्यूज़नाइट' कार्यक्रम में कहा, "कैंसर उनकी हड्डियों और उससे आगे तक फैल गया है. यह काफ़ी तकलीफ़ देने वाला है और कई मायनों में बहुत कमजोर करने वाला है."

    जो बाइडन ने मई 2025 में, व्हाइट हाउस छोड़ने के क़रीब चार महीने बाद बताया था कि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर है. उस समय उन्होंने कहा था कि कैंसर उनकी हड्डियों तक फैल गया है.

    बाइडन ने साल 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जीता था. साल 2021 से 2025 तक राष्ट्रपति रहने के दौरान बाइडन की सेहत को लेकर सवाल उठते रहे. जो बाइडन फ़िलहाल 83 साल के हैं.

    इंटरव्यू के दौरान हंटर बाइडन कई बार भावुक हो गए, ख़ासकर जब उन्होंने अपने पिता की सेहत के बारे में बात की.

    उन्होंने कहा, "आज भी मेरे पिता हमारे परिवार के केंद्र में हैं. वह सबसे अच्छे पिता, सबसे अच्छे पति और सबसे अच्छे दादा हैं."

    हंटर बाइडन ने जून 2024 में हुई उस प्रेसिडेंशियल डिबेट पर भी बात की, जिसके बाद उनके पिता का दोबारा चुनाव लड़ने का अभियान आख़िरकार ख़त्म हो गया था.

    उन्होंने कहा कि उन्होंने कैलिफोर्निया स्थित अपने घर से यह डिबेट देखी थी और तुरंत महसूस कर लिया था कि कुछ गड़बड़ है.

    उन्होंने कहा, "मैं हैरान रह गया था. मुझे पता था कि कुछ गड़बड़ है."

  15. ईरान ने अमेरिका के सामने रखी 6 शर्तें, होर्मुज़ को लेकर कड़े रुख़ का संकेत

    ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बग़र ज़ोलग़ाद्र ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका उनकी छह मांगें पूरी नहीं कर देता.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, इन मांगों में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील, युद्ध में हुए नुक़सान की भरपाई, ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी फौरन हटाना, ईरान के ख़िलाफ़ धमकियों को रोकना और देश की जब्त संपत्तियों को मुक़्त करना शामिल है.

    विश्लेषकों के अनुसार, ज़ोलग़ाद्र ने काफ़ी हद तक ईरान की पिछली मांगों को दोहराया है, लेकिन यह बातचीत में होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान के कड़े रुख़ का संकेत है.

    ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब ईरान और ओमान ने होर्मुज़ से जहाज़ों के गुज़रने के लिए नई व्यवस्थाओं पर हालिया बातचीत को "सकारात्मक और रचनात्मक" बताया है.

    ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ओमान के साथ बातचीत अंतिम चरण में है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समझौते पर पहुंचने का मतलब होर्मुज़ स्ट्रेट का तुरंत खुलना नहीं है और इस जलमार्ग का फिर से खुलना "अन्य शर्तों के अधीन" है.

    इससे पहले समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत में प्रगति हुई है और अमेरिका को उम्मीद है कि जल्द ही एक समझौता हो जाएगा.

    अधिकारी के अनुसार, होर्मुज़ से कमर्शियल जहाज़ों के बिना रोक-टोक के गुज़रने की गारंटी देने वाले समझौते की घोषणा के बाद अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा लेगा.

  16. बिहार: सहरसा में सत्यनारायण पूजा के बाद 100 से ज़्यादा लोग पड़े बीमार, सिविल सर्जन ने ये बताया

    बिहार के सहरसा ज़िले में सरडीहा गांव में सत्यनारायण पूजा के बाद सौ से ज़्यादा लोग बीमार पड़ गए.

    सहरसा के सिविल सर्जन राज नारायण प्रसाद ने बताया, "लोगों को उल्टी, दस्त और बुखार हो गया. उनके इलाज के लिए सबडिविज़न अस्पताल के प्रभारी, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ़ के साथ पहुंचे. लोगों का इलाज हो रहा है और एक-दो बच्चों को ज़्यादा परेशानी हुई है तो उन्हें सदर अस्पताल ले गए हैं."

    उन्होंने बताया, "अलग-अलग घरों के लोग बीमार पड़े हैं तो पूरी गिनती नहीं हो पा रही है, लेकिन 100 से ज़्यादा लोग बीमार पड़े हैं. जांच के बाद ही पता चलेगा कि क्या हुआ था."

    स्थानीय ख़बरों के मुताबिक़, पूजा का प्रसाद खाने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई. हालांकि सिविल सर्जन ने फ़िलहाल इस घटना के पीछे फ़ुड पॉइज़निंग की पुष्टि नहीं की है.

  17. असदुद्दीन ओवैसी ने लगाए आरोप- आईआईटी के स्टूडेंट्स को पीएम मोदी के सामने सिर झुकाने को कहा गया

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आईआईटी दिल्ली के कार्यक्रम में पीएम मोदी की मौजूदगी के दौरान 'कुछ निर्देशों' को लेकर सवाल खड़े किए हैं.

    शनिवार को आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था.

    ओवैसी ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया, "मुझे अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ आईआईटी दिल्ली के स्टूडेंट्स से कहा गया कि जब वो पीएम से मिलेंगे तो उन्हें अपनी गर्दन कितनी झुकाकर रखनी है."

    ओवैसी ने आरोप लगाया, "मीडिया ने यह भी बताया है कि 'कहा गया कि जब वैदिक मंत्र पढ़े जाएंगे तो सबको खड़े होना पड़ेगा.' भारत के संविधान में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि सरकारी शिक्षा संस्थानों में किसी भी तरह से धार्मिक चीजों को न तो पढ़ाया जा सकता है और ने ऐसा कुछ किया जा सकता है."

    असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान लोगों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने को कहता है, लेकिन यह उसके विपरीत था.

    पीएम मोदी ने आईआईटी दिल्ली में अपने भाषण के दौरान बाबा बागेश्वर का भी ज़िक्र किया, जिसे लेकर अन्य लोग सवाल खड़े कर रहे हैं.

    पीएम मोदी ने कहा था, "...सारे स्टूडेंट्स इस कार्यक्रम में उपस्थित हैं, लेकिन मन के किसी कोने में कुछ और चल रहा होगा. मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा."

  18. कनाडा में धधकी जंगल की आग दोगुने इलाक़े में फैली, हज़ारों लोगों ने छोड़ा घर, ग्रेस एलिज़ा गुडविन

    पश्चिमी कनाडा के एक दूरदराज़ इलाक़े में तेजी से फैल रही जंगल की आग का दायरा दोगुना हो गया है. इसकी वजह से हज़ारों लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा.

    बीसी वाइल्डफ़ायर सर्विस के मुताबिक, बाल्ड रेंज की आग अब ब्रिटिश कोलंबिया के समरलैंड और ओकानागन-सिमिलकामीन ज़िलों में 95 वर्ग किलोमीटर से ज़्यादा इलाक़े में फैल चुकी है.

    ओकानागन-सिमिलकामीन के क्षेत्रीय ज़िले की इमरजेंसी सेवा के अधिकारी एरिक थॉम्पसन ने कहा कि आग के लिहाज से संवेदनशील इस इलाक़े में उन्होंने इतनी जल्दी और इतनी बड़ी आग पहले फैलती नहीं देखी.

    इस इलाक़े में स्थानीय समय के मुताबिक़ शनिवार सुबह तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था.

    क़रीब बारह हज़ार की आबादी वाले समरलैंड ज़िले में लोगों को घर खाली करने का आदेश दिया गया. अधिकारियों ने शनिवार सुबह बताया कि पूरे इलाक़े में बिजली भी चली गई.

    आसपास के ओकानागन, पीचलैंड और ओकानागन-सिमिलकामीन ज़िलों ने भी कुछ इलाक़ों में लोगों को घर खाली करने के आदेश जारी किए हैं.

    कुछ अन्य इलाक़ों में लोगों को घर खाली करने की संभावना को देखते हुए तैयार रहने की चेतावनी दी गई है.

  19. नमस्कार!

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