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इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने वॉर कैबिनेट को भंग क्यों किया?

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने छह सदस्यों वाली वॉर कैबिनेट को भंग कर दिया है.

सारांश

  • कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वायनाड सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी. राहुल गांधी रायबरेली सीट अपने पास रखेंगे.
  • सोमवार की सुबह दार्जिलिंग में एक मालगाड़ी कंचनजंघा एक्सप्रेस से टकरा गई. रेलवे के मुताबिक़ इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 50 लोग अस्पताल में हैं.
  • इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने छह सदस्यों वाली वॉर कैबिनेट को भंग कर दिया है.

लाइव कवरेज

  1. पन्नू मामले में अभियुक्त निखिल गुप्ता चेक रिपब्लिक से अमेरिका प्रत्यर्पित हुए

    खलिस्तान समर्थक नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साज़िश में शामिल होने का आरोप झेल रहे भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को चेक रिपब्लिक से अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स मे ये बात सामने आई है.

    52 साल के गुप्ता को पिछले साल अमेरिका की सरकार के अनुरोध पर चेक रिपब्लिक में गिरफ़्तार किया गया था. उम्मीद है कि उन्हें सोमवार को न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में पेश किया जाएगा.

    गुप्ता इस समय ब्रुकलिन के फ़ेडरल मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है, जहाँ उसे क़ैदी के रूप में लिस्ट किया गया है. सबसे पहले अमेरिकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट उसके प्रत्यर्पण की ख़बर दी थी.

    अख़बार ने लिखा था- गुप्ता,जिन्हें चेक रिपब्लिक में हिरासत में लिया गया था,उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया है, मामले से परिचित एक शख़्स ने नाम ना ज़ाहिर करने की शर्त पर ये जानकारी दी है. आम तौर पर प्रत्यर्पित किए गए अभियुक्तों को देश में आने के एक दिन के भीतर अदालत में पेश होना पड़ता है."

    प्रॉसिक्यूटर्स का आरोप है कि गुप्ता ने एक शख़्स को अमेरिका में रहने वाले खालिस्तनी नेता पन्नू को मारने के लिए सुपारी दी और 15000 डॉलर का एडवांस भी दिया. ये भी दावा किया गया कि इसमें भारत सरकार के एक अधिकारी शामिल थे.

  2. भारत ने यूक्रेन पीस समिट के साझा बयान से ख़ुद को अलग किया

    भारत ने स्विट्जरलैंड में आयोजित ‘समिट ऑन पीस इन यूक्रेन’ के साझा बयान से ख़ुद को अलग कर लिया है.

    16 जून को पीस समिट के आख़िरी दिन भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी (पश्चिम) पवन कपूर ने कहा कि भारत ऐसे ही प्रस्ताव पर सहमति जताएगा, जिसे दोनों ही पक्ष मानते हों, इसलिए भारत इस ‘अंतिम दस्तावेज़’ से ख़ुद को अलग कर रहा है.

    इसके साथ ही भारत उन सात देशों में शामिल हो गया, जिन्होंने दो दिन तक बर्गेनस्टॉक में चलने वाले इस समिट के बाद “साझे बयान” का समर्थन करने से इनकार कर दिया.

    समिट के बाद जारी साझे बयान में यूक्रेन की "क्षेत्रीय अखंडता" की सुरक्षा करने का आह्वान किया गया है. ये यूक्रेन के शांति फार्मूले और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रस्तावों पर आधारित है, जिस पर अब तक 80 से अधिक देशों ने हस्ताक्षर किए हैं.

    समिट के आखिरी दिन रविवार को विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) पवन कपूर ने भारत के रुख़ को स्पष्ट करते हुए कहा, “समिट में हमारी भागीदारी और सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ लगातार संपर्क का उद्देश्य संघर्ष के स्थायी समाधान के लिए आगे का रास्ता खोजने के लिहाज से कई विचारों और विकल्पों को समझना है. हमें लगता है कि केवल वो विकल्प जो दोनों पक्षों को स्वीकार्य हों,स्थायी शांति की ओर ले जा सकते हैं.”

    “इसे ध्यान में रखते हुए हमने ख़ुद को समिट की ओर से जारी किए जा रहे साझे बयान या किसी भी तरह के अन्य दस्तावेज से ख़ुद को अलग करने का फ़ैसला लिया है.”

  3. पीएम मोदी और पोप फ़्रांसिस की तस्वीर पर बीजेपी और कांग्रेस क्यों आए आमने-सामने

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 सम्मेलन के दौरान पोप फ्रांसिस से मुलाकात की थी. पोप दुनिया की सभी कैथलिक चर्च के प्रमुख होते हैं.

    इस मुलाक़ात का केरल कांग्रेस ने मज़ाक बनाया, जिस पर बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस की केरल यूनिट को ‘अर्बन नक्सल’ और ‘कट्टरपंथी इस्लामिस्ट’ चला रहे हैं.

    दरअसल, पोप फ्रांसिस से पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाक़ात वाली एक तस्वीर के साथ केरल कांग्रेस के एक्स हैंडल ने लिखा- “ आखिरकार, पोप को भगवान से मिलने का मौका मिल गया.”

    लोकसभा चुनावों के कैंपेन के दौरान पीएम मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा था, “मुझे लगता था कि जैविक रूप से मुझे जन्म दिया गया है लेकिन अपनी मां के जाने के बाद जब मैं सब कुछ जोड़ कर देखता हूं तो मैं कन्विंस हो चुका हूं कि मुझे परमात्मा ने भेजा है. ये ऊर्जा मुझे जैविक शरीर से नहीं मिली है.”

    केरल कांग्रेस की इस पोस्ट का विरोध करते हुए केरल बीजेपी के अध्यक्ष के. सुरेन्द्रन ने एक्स पर लिखा, "ऐसा लगता है कि इस हैंडल को कट्टरपंथी इस्लामिस्ट और अर्बन नक्सल चला रहे हैं. राष्ट्रवादी नेताओं के ख़िलाफ़ अपमानजनक पोस्ट तो किया जाता रहा है, अब ये पोप का भी मज़ाक बना रहे हैं. यह तो तय है कि केरल से आने वाले पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल को इस बात की जानकारी है. सवाल ये है कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी क्या इसका समर्थन कर रहे हैं?”

    पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए.के एंटनी के बेटे अनिल एंटनी जिन्होंने हाल ही में बीजेपी जॉइन की है, उन्होंने भी कांग्रेस से इस ट्वीट पर माफ़ी मांगने की बात कही है.

    उन्होंने लिखा, “ये दुखद और निंदनीय है कि केरल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और उनके बढ़ते वैश्विक कद के प्रति अपनी अंधी नफरत के कारण फ़ादर पोप फ्रांसिस का भी मजाक उड़ा दिया.”

  4. नमस्कार!

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