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डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- 'हमें किसी की मदद की ज़रूरत नहीं'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अधिकतर नेटो सहयोगी ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होना चाहते. ट्रंप ने कहा, "हमें किसी की मदद की ज़रूरत नहीं है."

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह, रौनक भैड़ा

  1. अफ़ग़ानिस्तान के 'अस्पताल पर पाकिस्तानी हमले' पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

    भारत ने अफ़ग़ानिस्तान के काबुल में पाकिस्तान की ओर से 'अस्पताल में हुए हमले' की निंदा करते हुए उसे 'कायरतापूर्ण' और 'जनसंहार' बताया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसको लेकर एक बयान जारी किया है.

    बयान में कहा गया, "यह कायरतापूर्ण और अनैतिक हिंसक कृत्य है, जिसमें बड़ी संख्या में आम नागरिकों की जान गई है. जिस जगह को किसी भी स्थिति में सैन्य टारगेट नहीं माना जा सकता, उसे निशाना बनाया गया."

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, "पाकिस्तान अब इस जनसंहार को सैन्य अभियान के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है."

    इसके अलावा भारत ने इस हमले को 'अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता पर सीधा हमला' कहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की अपील की है.

    अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने राजधानी काबुल में "एक नशा मुक्ति अस्पताल पर हमले" किए हैं. इसमें "सैकड़ों लोग मारे गए" हैं.

    वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि उसकी सेना ने काबुल और नंगरहार में अफ़ग़ान तालिबान शासन के 'आतंकवाद को समर्थन देने वाले सैन्य ठिकानों' पर हमले किए हैं.

  2. काबुल में 'अस्पताल पर हुए हमले' को लेकर अफ़ग़ान क्रिकेटरों ने क्या कहा

    अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि काबुल में एक अस्पताल पर पाकिस्तानी सेना के हमले में सैकड़ों लोग मारे गए हैं.

    पाकिस्तान ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि उसकी सेना ने अफ़ग़ान तालिबान शासन के 'आतंकवाद को समर्थन देने वाले सैन्य ठिकानों' को निशाना बनाया है.

    इस हमले में सैकड़ों लोगों की मौत पर अफ़ग़ानिस्तान के क्रिकेटरों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

    अफ़ग़ान क्रिकेटर नवीन उल हक़ ने कहा, "इसराइली और पाकिस्तानी शासन के बीच कोई ख़ास अंतर ढूंढ पाना मुश्किल है."

    राशिद खान ने दुख जताते हुए कहा, "घरों, शिक्षा संस्थानों या चिकित्सा ढांचे को निशाना बनाना, चाहे जानबूझकर हो या ग़लती से, युद्ध अपराध है. इंसानी जान की ऐसी अनदेखी, ख़ासकर रमज़ान के पवित्र महीने में बेहद चिंताजनक है और इससे नफ़रत और विभाजन बढ़ेगा."

    मोहम्मद नबी ने कहा, "काबुल में आज रात एक अस्पताल में इलाज के लिए आए युवा पुरुषों की पाकिस्तानी सैन्य शासन की बमबारी में हत्या कर दी गई. मांएं अस्पताल के दरवाज़ों पर खड़ी अपने बेटों के नाम पुकारती रहीं. रमज़ान की 28वीं रात को उनकी ज़िंदगियां ख़त्म हो गईं."

    अज़मतुल्लाह उमरज़ई ने कहा, "पाकिस्तानी हवाई हमलों में निशाना बने एक अस्पताल से आसमान में आग की लपटें उठती दिखीं. रमज़ान के महीने में, रोज़ा खोलने के बाद बेगुनाह लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए."

  3. ईरान की ओर से यूएई पर लगातार हमले, किन जगहों को बनाया निशाना

    मध्य-पूर्व में जंग शुरू होने के बाद से ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर 1,900 से ज़्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं.

    वह यूएई के ट्रांसपोर्ट और तेल ठिकानों को निशाना बना रहा है.

    दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास सोमवार को "ड्रोन से जुड़ी घटना" के बाद आग लगने से कुछ समय के लिए उड़ानें रोक दी गई थीं. यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय यात्राओं का सबसे व्यस्त केंद्र माना जाता है.

    एक ड्रोन हमले के कारण फ़ुजैरा के अहम बंदरगाह पर भी आग लग गई. यह क्षेत्र के सबसे बड़े तेल भंडारण केंद्रों में से एक है.

    यूएई की राजधानी अबू धाबी के बाहरी इलाक़े में एक कार पर रॉकेट हमले में एक फ़लस्तीनी नागरिक की मौत हो गई. शहर के मीडिया ऑफ़िस ने यह जानकारी दी.

    ईरान के जवाबी हमले शुरू होने के बाद से दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कई बार हमले हुए हैं. इससे भारी देरी और संचालन में बाधाएं आई हैं. फ़रवरी के आख़िर में दुबई के एक लग्ज़री होटल पर भी हमला हुआ था.

    बीबीसी संवाददाता अज़ादेह मोशिरी ने सोमवार को बीबीसी ग्लोबल न्यूज़ पॉडकास्ट में कहा कि यूएई को लगता है कि उसे "बिना किसी वजह इस युद्ध में घसीटा गया है."

    उन्होंने कहा, "ईरान को लग सकता है कि इस तरह का दबाव यहां के नेताओं को अमेरिका पर युद्ध ख़त्म करने के लिए दबाव डालने पर मजबूर करेगा, लेकिन सच यह है कि यहां के अधिकारी बेहद नाराज़ हैं."

    मोशिरी ने कहा कि यूएई को "एक सुरक्षित और समृद्ध देश" बनने में लंबा समय लगा है, और अब जब "उसे लगातार कई झटके लग रहे हैं, तो लोग लंबे समय के असर को लेकर चिंतित हैं."

  4. अफ़ग़ानिस्तान पर हमले को लेकर पाकिस्तानी मंत्री ने क्या दावे किए

    पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने एक बयान जारी कर अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तानी हमलों की पुष्टि की है.

    हालांकि, उन्होंने यह कहा है कि ये हमले काबुल और नंगरहार में अफ़ग़ान तालिबान शासन के 'आतंकवाद को समर्थन देने वाले सैन्य ठिकानों' पर हुए हैं.

    बीबीसी पश्तो के मुताबिक़, अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने राजधानी काबुल में "एक नशा मुक्ति अस्पताल पर हमले" किए हैं. इसमें "सैकड़ों लोग मारे गए" हैं.

    अफ़ग़ानिस्तान तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फ़ितरत ने कहा है कि अब तक क़रीब '400 लोगों के मारे जाने' और लगभग 250 लोगों के घायल होने की सूचना है.

    पाकिस्तान के संघीय मंत्री तारड़ ने बताया कि उनकी सेना के हमले में काबुल में दो जगहों पर मौजूद तकनीकी सहायता से जुड़े इन्फ़्रास्ट्रक्चर और गोला-बारूद के ठिकाने को नष्ट कर दिया गया है.

    उन्होंने अपने बयान के साथ एक वीडियो भी जारी किया है.

    इसके अलावा तारड़ ने बताया, "नंगरहार में पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं ने अफ़ग़ान तालिबान शासन के आतंकवाद को समर्थन देने वाले चार सैन्य ठिकानों पर भी हमला किया, जहां संबंधित लॉजिस्टिक्स, गोला-बारूद और तकनीकी इन्फ़्रास्ट्रक्चर को नष्ट किया गया."

    उन्होंने कहा कि सभी हमले "सटीक तरीक़े से सिर्फ़ उन ढांचों पर किए गए हैं जिनका इस्तेमाल अफ़ग़ान तालिबान शासन अपने कई आतंकवादी नेटवर्क के समर्थन में कर रहा है."

  5. ईरान युद्ध: मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष में अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत

    अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि घायल हुए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर क़रीब 200 हो गई है. इनमें कम से कम 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है.

    मध्य-पूर्व में 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हुआ था. इसके बाद से अब तक तीन हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. यह अनुमान एक ईरानी समूह ने लगाया है.

    ईरान के बाहर से काम करने वाली ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज़ एजेंसी (एचआरएएनए) का कहना है कि कुल मौतों में 1,351 आम नागरिक और 1,126 सैन्य कर्मी शामिल हैं.

    लेबनान में अब तक 886 लोगों की मौत हुई है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, मरने वालों में 67 महिलाएं और 111 बच्चे शामिल हैं.

    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और ओमान ने भी युद्ध से जुड़ी मौतों को रिपोर्ट किया है.

  6. डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात टालने की बात क्यों कही, ओसमंड शिया, बिज़नेस रिपोर्टर

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह ईरान युद्ध की वजह से मार्च के आख़िर में होने वाली चीन यात्रा को क़रीब एक महीने के लिए टालने की योजना बना रहे हैं.

    उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, "हमने इसे क़रीब एक महीने के लिए टालने का अनुरोध किया है."

    ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान युद्ध की वजह से उनका मौजूद रहना ज़रूरी है.

    ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच यह मुलाक़ात अभी 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच तय है. इससे पहले दोनों नेताओं की आमने-सामने आख़िरी मुलाक़ात पिछले साल अक्तूबर में हुई थी.

    ईरान युद्ध ने ट्रंप की विदेश नीति से जुड़ी दूसरी प्राथमिकताओं को पीछे छोड़ दिया है. संघर्ष के तेज़ होने और वैश्विक तेल सप्लाई में रुकावट के कारण अमेरिका में तेल की क़ीमतें बढ़ने का ख़तरा पैदा हो गया है.

    बीबीसी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए वॉशिंगटन में चीनी दूतावास से संपर्क किया है.

  7. इराक़ के बग़दाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले

    समाचार एजेंसियों रॉयटर्स और एएफ़पी की रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इराक़ के बग़दाद में अमेरिकी दूतावास पर कई ड्रोन और रॉकेट हमले हुए हैं.

    इराक़ के सुरक्षा सूत्रों ने एएफ़पी को बताया कि "पिछले कुछ दिनों में यह सबसे बड़ा हमला था."

    हमले से लगभग छह घंटे पहले दूतावास ने इराक़ में मौजूद अमेरिकी नागरिकों के लिए नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया था.

    इसमें चेतावनी दी गई थी कि "ईरान से जुड़े आतंकवादी मिलिशिया बार-बार मध्य बग़दाद के इंटरनेशनल ज़ोन पर हमले कर चुके हैं."

    इससे पहले पिछले हफ़्ते भी बग़दाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला हुआ था.

  8. ईरान ने इसराइल पर दागी कई मिसाइलें, यूएई ने एयरस्पेस बंद किया

    इसराइली सेना का कहना है कि ईरान से दागी गई मिसाइलें उसके देश की ओर बढ़ रही हैं और लोगों से सुरक्षित ठिकानों में जाने की अपील की गई है.

    टेलीग्राम पर जारी आपात अलर्ट में कहा गया, "ख़तरे को रोकने के लिए डिफ़ेंस सिस्टम सक्रिय हैं."

    उधर, रॉयटर्स ने कहा है कि ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों के ख़तरे के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है.

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, यूएई का एयर डिफ़ेंस सिस्टम ईरान से आने वाली मिसाइल और ड्रोन ख़तरे का जवाब दे रहा है.

    रॉयटर्स के मुताबिक़, यूएई की सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि एविएशन अधिकारियों ने "असाधारण एहतियाती क़दम" के तौर पर देश के हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है.

  9. ईरान के साथ अमेरिका का युद्ध कब ख़त्म हो सकता है, डोनाल्ड ट्रंप ने बताया

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अमेरिका की जंग जल्द ही समाप्त होने वाली है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने यह बात कही है.

    ट्रंप से पूछा गया कि क्या इस हफ़्ते जंग ख़त्म हो सकती है, इस पर उन्होंने कहा, "हां, बिल्कुल."

    लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या वास्तव में इस हफ़्ते जंग ख़त्म हो जाएगी, तो उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा नहीं लगता, लेकिन यह जल्द होगा. ज़्यादा समय नहीं लगेगा."

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि ईरान की मिसाइल सप्लाई काफ़ी हद तक तबाह हो चुकी है और अब यह युद्ध से पहले के मुक़ाबले बहुत कम रह गई है.

    उन्होंने ब्रिटेन और नेटो सदस्य देशों के सहयोगियों की फिर आलोचना की. ट्रंप का कहना है कि ये देश युद्ध के दौरान अमेरिका का साथ देने में हिचकिचा रहे हैं.

    हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि कुछ देश होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा से जुड़ी अमेरिका की योजना में मदद के लिए आगे आ रहे हैं. ट्रंप ने इन देशों के नाम नहीं बताए, लेकिन कहा कि दक्षिण कोरिया, जापान और चीन जैसे देशों को भी अमेरिका की मदद करनी चाहिए.

  10. नमस्कार!

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