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एशिया कप 2025: बांग्लादेश को 41 रन से हराकर फ़ाइनल में पहुंची टीम इंडिया

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के सुपर-4 के मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 41 रन से हराया. इस जीत के साथ ही भारत की टीम एशिया कप 2025 के फ़ाइनल में पहुंच गई.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह और अंशुल सिंह

  1. पटना में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक शुरू, इन मुद्दों पर होगी बात, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    बिहार की राजधानी पटना में देश की आज़ादी के बाद पहली बार कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की विस्तारित बैठक हो रही है.

    पटना स्थित कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में तक़रीबन सुबह 10 बजे यह मीटिंग शुरू हुई. यह सीडब्ल्यूसी की विस्तारित बैठक है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद हैं.

    इनके अलावा देशभर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य, सीएलपी और आमंत्रित सदस्य बैठक में हिस्सा ले रहे हैं, जिनकी संख्या 135 है. इससे पहले इसी साल अप्रैल में सीडब्ल्यूसी की बैठक अहमदाबाद में हुई थी.

    पटना में हो रही इस बैठक में पेपर लीक, बेरोजगारी, महिलाओं के प्रति हिंसा, किसानों की स्थिति, महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों पर बात होगी और प्रस्ताव पारित होगा.

    बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह बैठक अहम मानी जा रही है. माना जा रहा है कि इस बैठक में बिहार चुनाव में पार्टी की रणनीति पर भी विचार होगा.

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, "नीतीश-मोदी की सरकारें गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस क़दम नहीं उठा रही हैं. ये लोग वोट की राजनीति कर रहे हैं. हम लोग बिहार से सारे मुद्दों को उठाएगें, जिसकी गूंज पूरे देश में होगी. ये बैठक सिर्फ़ कांग्रेस की आंतरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बनेगी."

    इस बैठक में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी को भी शामिल होना था, लेकिन वे इसमें शामिल नहीं हुईं. आगामी 26 सितंबर को सदाकत आश्रम में ही महिला संवाद का आयोजन होना है, जिसमें प्रियंका गांधी के शामिल होने की संभावना है.

  2. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति यूएन में बोले -'ओम शांति ओम', नमो बुद्धाय से ख़त्म की स्पीच

    इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोओ सुबिअंतो ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के अंत में 'ओम शांति' का ज़िक्र किया. इसके बाद से भारत में उनकी चर्चा हो रही है.

    प्राबोओ ने कहा, "ओम शांति, शांति, शांति ओम". हालांकि, उन्होंने अरबी और हिब्रू में कुछ शब्द कहे. और अंत ओम बुद्धाय कहा.

    यह पहला मौक़ा नहीं है, जब प्राबोओ ने भारतीय भाषा या संस्कृति से जुड़ा कोई बयान दिया हो.

    इससे पहले वह कह चुके हैं कि उनका डीएनए भारतीय है. उस वक्त भी भारत में उनकी काफ़ी चर्चा थी.

    इसी साल जनवरी महीने में अपने भारत दौरे के दौरान उन्होंने कहा था, "मैं बताना चाहूंगा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उप-राष्ट्रपति जी... कुछ हफ़्ते पहले मैंने जेनेटिक सिक्वेंसिंग टेस्ट और डीएनए टेस्ट कराया था और उन्होंने मुझे बताया था कि मेरा भारतीय डीएनए है. हर कोई जानता है कि मैं जब भी भारतीय संगीत सुनता हूं तो मैं थिरकना शुरू कर देता हूं. यह ज़रूर उसी वजह से होगा."

    इसके अलावा प्रबोओ का एक वीडियो भी भारत में खूब वायरल रहा था, जिसमें वो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करते हुए दिखते हैं और ट्रंप उनके अंग्रेज़ी बोलने की तारीफ़ करते हैं.

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  3. ईरान के सर्वोच्च नेता ख़ामेनेई बोले- 'परमाणु हथियार बनाने का इरादा नहीं, लेकिन...'

    ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने कहा है कि ईरान का 'परमाणु हथियार बनाने का इरादा नहीं' है. लेकिन वह 'यूरेनियम का संवर्धन नहीं रोकेगा'.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, ईरानी रेडियो और टेलीविजन पर प्रसारित भाषण में ख़ामेनेई ने तीन बातों पर जोर दिया: ईरानी राष्ट्र की एकता, यूरेनियम संवर्धन और अमेरिका के साथ उसके संबंध.

    उन्होंने कहा, "अमेरिका के साथ बातचीत का कोई फायदा नहीं है, बल्कि इससे नुक़सान भी है."

    ख़ामेनेई ने कहा, "कोई भी देश धमकी मिलने के बाद बातचीत नहीं करेगा."

    ख़ामेनेई ने अमेरिका की ओर से ईरान के परमाणु उद्योग और संवर्धन को बंद करने से जुड़े बयानों का ज़िक्र करते हुए कहा कि ईरान के लोग ऐसी बात कहने वाले किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

    उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान के पास न तो परमाणु हथियार हैं और न ही वह भविष्य में उनका निर्माण करेगा.

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  4. श्रीलंका के ख़िलाफ़ चमके पाकिस्तानी गेंदबाज़, पर फैंस ने उठाए सवाल

    एशिया कप के सुपर-4 मुक़ाबले में पाकिस्तान ने श्रीलंका को पांच विकेट से हरा दिया है. इस जीत में पाकिस्तानी गेंदबाज़ों का अहम योगदान रहा.

    पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने 20 ओवरों में आठ विकेट खोकर 133 रनों का छोटा स्कोर खड़ा किया. पाकिस्तान ने 134 रन के लक्ष्य को 18 ओवर में हासिल कर लिया.

    पाकिस्तानी गेंदबाज़ों ने किफ़ायती गेंदबाज़ी करते हुए समय-समय पर विकेट झटके, जिसकी वजह से श्रीलंकाई टीम को संभलने का मौक़ा नहीं मिला.

    मैच में शाहीन अफ़रीदी ने चार ओवरों में 28 रन ख़र्च कर तीन विकेट झटके. उनके इस प्रदर्शन की तारीफ़ हो रही है, लेकिन पाकिस्तानी फ़ैंस सवाल उठा रहे हैं कि भारत के ख़िलाफ़ वह ऐसा प्रदर्शन क्यों नहीं कर पाते.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, सोशल मीडिया पर फैंस ने भारत-पाकिस्तान मैच का ज़िक्र कर सवाल किया, "मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि शाहीन शाह अफ़रीदी भारत के ख़िलाफ़ मैच में क्या करते हैं? वह आज मुझे बिल्कुल अलग गेंदबाज लगे."

    श्रीलंका के ख़िलाफ़ हुसैन तलत ने तीन ओवरों में 18 रन देकर दो विकेट लिए. उन्होंने अच्छी बल्लेबाज़ी करते हुए 32 रन भी बनाए. इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया.

    पाकिस्तान में उनके इस प्रदर्शन की तारीफ़ हो रही है. सोशल मीडिया पर फैंस कह रहे हैं कि भारत के ख़िलाफ़ भी उनसे गेंदबाज़ी कराई जानी थी.

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  5. किरण देसाई बुकर प्राइज़ के लिए शॉर्टलिस्ट, और कौन-से लेखक हैं दौड़ में

    बुकर प्राइज़ विजेता किरण देसाई को साल 2025 के बुकर प्राइज़ के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. यह साहित्य के सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों में से एक है.

    किरण देसाई को उनके उपन्यास 'द लोनलीनेस ऑफ़ सोनिया एंड सनी' के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. उनके उपन्यास को "एक गहन और व्यापक महाकाव्य" माना गया.

    उनके साथ पांच अन्य लेखक भी शॉर्टलिस्ट हुए हैं. इनमें तीन अमेरिकी, एक ब्रिटिश और एक हंगेरियन-ब्रिटिश लेखक हैं. मंगलवार को 150 से ज़्यादा प्रतियोगियों में से छह को फ़ाइनलिस्ट के तौर पर चुना गया है. विजेता का चुनाव नवंबर में होना है.

    53 साल की किरण देसाई का जन्म दिल्ली में हुआ था. उन्होंने 19 साल पहले 2006 में 'द इनहेरिटेंस ऑफ़ लॉस' के लिए बुकर प्राइज़ जीता था.

    अगर वह इस साल फिर जीतती हैं तो बुकर प्राइज़ के 56 साल के इतिहास में वह पांचवीं लेखक होंगी, जिन्हें दो बार बुकर सम्मान मिला है.

    इससे पहले इस साल लेखिका बानू मुश्ताक़ और अनुवादक दीपा भास्ती ने अपनी लघु-कथा 'हार्ट लैंप' के लिए इंटरनेशनल बुकर प्राइज़ जीता था.

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  6. यूक्रेन पर ट्रंप के ताज़ा बयान को ज़ेलेंस्की ने बताया 'बिग शिफ्ट', और क्या कहा?

    रूस-यूक्रेन मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख़ में बदलाव के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.

    ट्रंप के रवैये में 'बड़े बदलाव' को ज़ेलेंस्की ने सराहा है. संयुक्त राष्ट्र में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लगता है अमेरिका अब "जंग ख़त्म होने के बाद" यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी देने को तैयार है.

    जब उनसे पूछा गया कि यह गारंटी कैसी होगी, तो उन्होंने कहा, "मैं झूठ नहीं बोलना चाहता, हमारे पास कोई ठोस जानकारी नहीं है." हालांकि, ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन को और ज़्यादा हथियार, हवाई सुरक्षा और ड्रोन मिलने की संभावना का ज़िक्र किया.

    बाद में फ़ॉक्स न्यूज़ से बातचीत में ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की स्थिति को लेकर ट्रंप की ट्रुथ सोशल पर पोस्ट देखकर उन्हें आश्चर्य हुआ, लेकिन उन्होंने इसे एक "सकारात्मक संकेत" माना कि ट्रंप और अमेरिका "जंग के अंत तक यूक्रेन के साथ रहेंगे".

    ज़ेलेंस्की उस सोशल मीडिया पोस्ट के संदर्भ में बोल रहे थे, जिसमें ट्रंप ने कहा कि यूरोप और नेटो के समर्थन से और रूस की अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव की वजह से यूक्रेन "अपनी मूल सीमाएं वापस पा सकता है". इस पोस्ट में ट्रंप ने रूस को 'पेपर टाइगर' बताया है.

    ज़ेलेंस्की ने फ़ॉक्स न्यूज़ से कहा, "मेरा मानना है कि इस बात ने भी फ़र्क़ पड़ा है कि पुतिन ने राष्ट्रपति ट्रंप से कई बार झूठ बोला."

    इससे पहले मंगलवार को, संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण के बाद ट्रंप ने यह भी कहा कि नेटो देशों को उन रूसी विमानों को मार गिराना चाहिए जो उनके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करते हैं.

    हाल ही में ऐसी कई घटनाएं हुईं, जिनमें रूसी लड़ाकू विमानों और ड्रोन को नेटो देशों की हवाई सीमाओं में देखा गया.

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  7. ट्रंप बोले- रूस है 'पेपर टाइगर', यूक्रेन वापस ले सकता है अपनी खोई हुई ज़मीन

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को 'पेपर टाइगर' बताया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि यूक्रेन जंग में "अपनी खोई हुई ज़मीन वापस ले सकता है."

    ट्रंप के इस बयान को रूस-यूक्रेन जंग के मुद्दे पर उनके रुख़ में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

    सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि यूरोप और नेटो के समर्थन से और रूस की अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव की वजह से यूक्रेन "अपनी मूल सीमाएं वापस पा सकता है जहां से यह जंग शुरू हुई थी".

    ट्रंप ने कहा कि "यूक्रेन और रूस की सैन्य और आर्थिक स्थिति को पूरी तरह से जानने और समझने के बाद" उनकी सोच बदल गई है.

    उन्होंने रूस को "पेपर टाइगर" बताते हुए कहा, "पुतिन और रूस बड़ी आर्थिक समस्या में हैं और यह यूक्रेन के लिए कार्रवाई करने का समय है."

    उनका यह बयान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात के बाद आया, जो ट्रंप के मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के बाद हुई.

    ट्रंप बार-बार यह इच्छा जताते रहे हैं कि वह इस जंग को ख़त्म करना चाहते हैं. लेकिन पहले उन्होंने कहा था कि शायद सीज़फ़ायर या किसी समझौते तक पहुंचने के लिए यूक्रेन को अपने कुछ इलाक़े छोड़ने पड़ सकते हैं.

    हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की लगातार दोहराते रहे हैं कि यूक्रेन अपनी ज़मीन नहीं छोड़ेगा.

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  8. नमस्कार!

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