फ़र्रुख़ाबाद में दो लड़कियों के शव मिले, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

उत्तर प्रदेश के फ़र्रुख़ाबाद में एक आम के बग़ीचे में दो लड़कियों के शव मिलने के बाद राज्य में सियासत तेज़ हो गयी है.

सारांश

  • सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में बीआरएस नेता के कविता को दी ज़मानत
  • पीएम मोदी ने बाइडन के बाद अब पुतिन से की बात, बताया- यूक्रेन पर खास बात हुई
  • फ़र्रुख़ाबाद में दो लड़कियों के शव मिले, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
  • चंपाई सोरेन ने बीजेपी में शामिल होने के बारे में ख़ुद बताया, सोशल मीडिया पर उठाया घुसपैठ का मुद्दा
  • बीसीसीआई सचिव जय शाह आईसीसी के निर्विरोध चेयरमैन चुने गए

लाइव कवरेज

शिल्पा ठाकुर और दीपक मंडल

  1. मार्क ज़करबर्ग ने बाइडन प्रशासन पर कॉन्टेंट हटाने के लिए दबाव बनाने का लगाया आरोप

    मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग

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    इमेज कैप्शन, मार्क जुकरबर्ग ने बाइडन प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है

    मेटा के मालिक मार्क ज़करबर्ग ने कहा कि बाइडन प्रशासन ने कोविड से संबंधित पोस्ट को सेंसर (हटाने) करने का दबाव बनाया था. मेटा पेरेंट कंपनी है और फ़ेसबुक, वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम इनके हिस्सा हैं.

    मार्क ज़करबर्ग ने अमेरिकी सदन की न्यायिक समिति को एक पत्र लिखा है.

    उन्होंने कहा, "2021 में व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों ने महीनों तक बार-बार हम पर कोविड-19 संबंधित कॉन्टेंट को सेंसर करने का दबाव डाला. इसमें कटाक्ष और व्यंग्य से संबंधित कॉन्टेंट भी शामिल थे. जब हम इससे सहमत नहीं हुए तो हमारी टीमों के प्रति निराशा व्यक्त की गई."

    उन्होंने कहा कि ये हमारा फ़ैसला था कि कॉन्टेंट को हटाना है या नहीं. अपने फ़ैसलों के लिए हम ही ज़िम्मेदार हैं.

    मार्क ज़करबर्ग ने पत्र में कहा, "मेरा मानना है कि सरकार की तरफ़ से बनाया गया दबाव ग़लत था और मुझे अफ़सोस है कि हम इस पर अधिक मुखर नहीं थे. मुझे लगता है कि हमें किसी प्रशासन के दबाव में आकर अपने कॉन्टेंट के मानदंडों के साथ समझौता नहीं करना चाहिए था. ऐसा कुछ अगर फिर से होता है, तो हम पीछे हटने के लिए तैयार हैं."

    रिपब्लिकन पार्टी क्या बोली?

    रिपब्लिकन पार्टी की हाउस जूडिशरी ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है. इसमें मार्क जकरबर्ग के पत्र को शेयर किया गया.

    पोस्ट में लिखा है, "मार्क जकरबर्ग ने तीन बातें स्वीकार की हैं. पहली- बाइडन और हैरिस प्रशासन ने अमेरिकियों को सेंसर करने के लिए फेसबुक पर दबाव डाला. दूसरा- फ़ेसबुक ने अमेरिकियों को सेंसर किया. तीसरा- फेसबुक ने हंटर बाइडन की लैपटॉप कहानी को दबा दिया. ये फ्री स्पीच की बहुत बड़ी जीत है."

  2. पीएम मोदी यूक्रेन से निकले ही थे कि ज़ेलेंस्की ने जो कुछ कहा, उस पर हो रही है बहस

  3. जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव: नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस में सीट बँटवारे पर बनी ये सहमति

    नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस में हुआ सीट बंटवारा

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    इमेज कैप्शन, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस पार्टी ने की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस

    जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के बीच सीट बँटवारे पर सहमति बन गई है.

    नेशनल कॉन्फ्रेंस 51 और कांग्रेस 32 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. जबकि सीपीआईएम और पैंथर्स पार्टी के लिए एक-एक सीट गठबंधन की तरफ से छोड़ी गई है.

    पांच सीटों पर सहमति नहीं बन पाने के चलते यहां दोस्ताना मुक़ाबला होगा.

    नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र पर बातचीत के बाद आम सहमति बनी है.

    नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि दोनों पार्टी "एकता के सिद्धांतों को कायम रखने" के लिए आम सहमति पर पहुंचे हैं.

    कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल और सलमान खुर्शीद ने स्थानीय पार्टी नेताओं के साथ सोमवार को फ़ारूक़ अब्दुल्लाह के आवास पर कई घंटों तक बातचीत की थी.

    जम्मू-कश्मीर कांग्रेस प्रमुख तारिक हमीद कर्रा ने कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल और एनसी नेता फ़ारूक़ अब्दुल्लाह के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

    इसमें तारिक हमीद कर्रा ने कहा, "एनसी 51 सीटों और कांग्रेस 32 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. हमारे बीच पांच सीटों पर दोस्ताना मुक़ाबले के लिए सहमति बनी है. इन पांच सीटों पर दोनों पार्टियां अनुशासित तरीके से चुनाव लड़ेंगी. दो सीटें सीपीआई (एम) और पैंथर्स पार्टी के लिए छोड़ी गई हैं."

    वहीं के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, "बीजेपी जम्मू-कश्मीर की आत्मा को नष्ट कर रही है. हमारे इंडिया ब्लॉक का उद्देश्य उसे बचाना है. यही कारण है कि एनसी और कांग्रेस ऐसी सरकार बनाने के लिए साथ आए हैं जो जम्मू कश्मीर के लोगों के अनुकूल हो. हम सरकार बनाएंगे और जम्मू कश्मीर के लोगों को बचाएंगे."

  4. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, यूक्रेन दौरे पर हुई चर्चा

    भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन

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    इमेज कैप्शन, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन

    अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सोमवार को फोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन, बांग्लादेश समेत कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत हुई.

    पीएम मोदी ने ये जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी थी.

    वहीं इस बातचीत को लेकर व्हाइट हाउस की तरफ़ से भी बयान जारी किया गया है. साथ ही राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया.

    अपने बयान में व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की. उन्होंने प्रधानमंत्री की हालिया पोलैंड और यूक्रेन यात्रा और सितंबर में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा पर चर्चा की.

    बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति (जो बाइडन) ने पोलैंड और यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्राओं, जो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी और ऊर्जा क्षेत्र सहित यूक्रेन में शांति और मानवीय समर्थन के उनके संदेश के लिए भी प्रधानमंत्री (पीएम मोदी) की सराहना की है.

    वहीं राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है.

    उन्होंने लिखा, "मैंने प्रधानमंत्री मोदी की पोलैंड और यूक्रेन की हालिया यात्रा पर चर्चा करने के लिए उनसे बातचीत की और शांति के उनके संदेश और यूक्रेन के लिए जारी मानवीय समर्थन के लिए उनकी सराहना की."

    बाइडन ने अपनी पोस्ट में लिखा, "हमने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शांति और समृद्धि में योगदान देने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है."

    दोनों नेताओं की इस बातचीत को लेकर भारत और अमेरिका ने बयान जारी किए हैं. भारत ने अपने बयान में बांग्लादेश के मसले पर हुई बातचीत की जानकारी दी है. हालांकि अमेरिका की तरफ़ से जारी बयान में बांग्लादेश का कोई ज़िक्र नहीं है.

  5. शोले फ़िल्म के रहीम चाचा एके हंगल, जिन्होंने कराची में दर्ज़ियों की हड़ताल करवाई

  6. कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने विदेशी श्रमिकों को लेकर की अहम घोषणा

    जस्टिन ट्रूडो

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    इमेज कैप्शन, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो

    कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार देश में कम वेतन वाले लोगों और अस्थायी विदेशी श्रमिकों की संख्या को कम कर रही है.

    उन्होंने ये भी कहा कि अब कनाडा के व्यवसायों के लिए घरेलू कामगारों और युवाओं पर निवेश करने का समय आ गया है.

    जस्टिन ट्रूडो ने ये जानकारी एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए दी. उन्होंने कहा कि अब लेबर मार्केट बदल गया है.

    ट्रूडो ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "हम कनाडा में कम वेतन वाले, अस्थायी विदेशी श्रमिकों की संख्या कम कर रहे हैं. लेबर मार्केट बदल गया है. अब हमारे व्यवसायों के लिए कनाडाई श्रमिकों और युवाओं पर निवेश करने का समय आ गया है."

    ये क़दम ऐसे वक्त पर उठाया गया है, जब कनाडा बढ़ती आबादी की समस्या से जूझ रहा है. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस समस्या ने आवास और स्वास्थ्य सेवा जैसी सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव डाला है.

    फेडरल आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल कनाडा की जो आबादी बढ़ी, उसके पीछे का सबसे बड़ा कारण आप्रवासन था.

    ट्रूडो और उनकी सरकार की इस बात को लेकर आलोचना होती है कि वो देश में सेवाओं और आवास निर्माण जैसी सुविधाओं को बढ़ाए बिना आप्रवासन को बढ़ावा दे रहे हैं.

    वहीं कनाडा की बेरोज़गारी दर पिछले दो महीनों में बढ़कर 6.4 फीसदी हो गई है. इसका मतलब ये कि पूरे देश में अनुमानित 14 लाख लोग बेरोज़गार हैं.

  7. चंपाई सोरेन 30 अगस्त को बीजेपी में शामिल होंगे: हिमंत बिस्वा सरमा

    चंपाई सोरेन ने अमित शाह से मुलाकात की

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    इमेज कैप्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले चंपाई सोरेन

    असम के मुख्यमंत्री और झारखंड में बीजेपी के प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार देर रात ट्वीट कर बताया कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता चंपाई सोरेन 30 अगस्त को बीजेपी में शामिल होंगे.

    असम के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चंपाई सोरेन की मुलाक़ात की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है, "झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हमारे देश के प्रतिष्ठित आदिवासी नेता चंपाई सोरेन ने थोड़ी देर पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात की. वो 30 अगस्त को रांची में आधिकारिक तौर पर बीजेपी में शामिल होंगे."

    इस तस्वीर में ख़ुद हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद हैं.

    हिमंत बिस्वा सरमा ने इस पर पहले क्या कहा था?

    सोमवार को ही हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे लेकर एक बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि वो चाहते हैं कि चंपाई सोरेन बीजेपी में आएं और पार्टी को ताक़त दें.

    हिमंत ने कहा था, "मगर वो बड़े नेता हैं, उनके बारे में टिप्पणी करना मुझे ठीक नहीं लगता. अगर वो दिल्ली आए हैं, तो बात करने की कोशिश करूंगा."

    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था, "मैं तो चाहता हूं हेमंत सोरेन भी बीजेपी में आएं. बीजेपी का मतलब है राष्ट्रभक्ति. हम मिलकर काम करेंगे. झारखंड में घुसपैठियों को रोकने के लिए हम हेमंत सोरेन से बात करने के लिए भी तैयार हैं."

    उन्होंने कहा था, "हमें झारखंड को बचाना है. हमारे लिए देश प्रथम है. आज झारखंड के सामने घुसपैठियों की समस्या सबसे बड़ी है. हमारी पार्टी का यही मक़सद है कि जो चुनाव के समय वादे किए थे, उन्हें निभाएं और झारखंड को घुसपैठियों से मुक्त करें."

  8. नमस्कार

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